झारखंड : चतरा में तीन अप्रैल को पुलिस मुठभेड़ में पांच माओवादियों के मारे जाने के विरोध में झारखंड के पलामू और आसपास के क्षेत्रों में नक्सलियों द्वारा आहूत दो दिवसीय बंद के पहले दिन शुक्रवार को पलामू जिले के तीन थाना क्षेत्रों में आम जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि, अन्य क्षेत्र बंद से प्रभावित नहीं हुए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के नौडीहा में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पांच माओवादियों के विरोध में राज्य के पश्चिमी जिलों में चरमपंथियों के प्रतिबंधित संगठन ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी’ (माओवादी) ने 14 एवं 15 अप्रैल को बंद का आह्वान किया है।
छत्तरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसपीडीओ) अजय कुमार ने ‘पीटीआई/भाषा’ से बातचीत में कहा कि माओवादियों के इस बंद का हरिहरगंज, पीपरा और नौडीहा थाना क्षेत्र में जबरदस्त असर देखने को मिला क्योंकि इन क्षेत्रों में सड़कों पर वाहन नहीं चल रहे और दूकानें एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे। पुलिस चौकसी के बीच आम जीवन को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। अबतक किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
दूसरी तरफ लेस्लीगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसपीडीओ) आलोक कुमार टूट्टी ने बताया कि चतरा जिले से सटे पलामू जिले के मनातू, तरहसी, पिपराटांड़ और पांकी थाना क्षेत्रों में पुलिस सतर्क है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गश्त तेज कर दिया गया है। टूट्टी ने बताया कि बंद का इस पुलिस अनुमंडल में विशेष प्रभाव अभी तक नहीं दिखा है। माओवादियों के इस बंद की जानकारी बिहार के गया जिले के भदवर थाना क्षेत्र के नंदई और रोशनगंज थाना क्षेत्र के बालासोत के बिजली के ट्रांसफर में हस्तलिखित पोस्टर के माध्यम से हुई थी। जिसमें झारखंड के पश्चिमी भाग तथा बिहार के कुछ हिस्सों में बंद की बात कही गयी थी।
सिख कौम द्वारा की जाने वाली सेवाओं से जुड़कर भाग्यशाली महसूस कर रहा हूँः षाडंगी
जन कल्याण कार्यों को बल मिलेगा एम्बुलेंस सेः भगवान सिंह
पूर्व विधायक व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने बैसाखी सह खालसा सृजन दिवस पर जमशेदपुर में सिखों की सिरमौर संस्था सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को जनकल्याण कार्य हेतु एम्बुलेंस भेंट की। शुक्रवार को सीजीपीसी कार्यालय में पहुंचकर कुणाल सारंगी ने एम्बुलेंस की चाबी सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह को सौंपी। झारखंड प्रदेश गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान सरदार शैलेन्द्र सिंह, सीजीपीसी के संरक्षक गुरदीप सिंह पप्पू, साकची गुरुद्वारा के प्रधान निशान सिंह, सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह, सलाहकार गुरचरण सिंह बिल्ला, परविंदर सिंह सोहल, गुरशरण सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नु, सुखविंदर सिंह राजू, दलजीत सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू गणमान्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे जबकि आगाज़ संस्था के हरविंदर सिंह, इन्दरजीत सिंह, सत्प्रीत सिंह, हरविंदर सिंह, संतोक सिंह, अमनजोत सिंह, धवल सेठ व सूर्या राव भी इस पुनीत कार्य के गवाह बने।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए कुणाल षाडंगी ने कहा कि सिख कौम अपनी सेवा भाव के लिए जानी जाती है और उनके इस सेवा भावना से जुड़कर उन्हें बहुत ख़ुशी हो रही है।उन्होंने कहा वे अपने आप को बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। कुणाल षाडंगी ने आगे भी अपना सहयोग जारी रखने की बात भी कही। भगवान सिंह ने कुणाल षाडंगी द्वारा दी हुई एम्बुलेंस के लिए उनका धन्यवाद ज्ञापन किया और सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस से जन कल्याण कार्यों में बल मिलेगा और ज़रूरतमंद लाभान्वित होंगे। मंच का संचालन सरदार शैलेंद्र सिंह ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन महासचिव अमरजीत सिंह ने किया।
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा शुक्रवार को जमशेदपुर के सेंट्रल जेल पहुंचे। यहां पर वे सीधे अभय सिंह से मिलने के लिये जेल में गये और मुलाकात भी की। इस बीच उनके बेहद करीबी नेता भी साथ में थे, लेकिन भीतर जाने की किसी को अनुमति नहीं थी। अर्जुन मुंडा के सेंट्रल जेल में जाकर अभय सिंह से मिलने का मामला पूरी तरह से चर्चा का विषय बना हुआ है।
अर्जुन मुंडा सेंट्रल जेल में करीब 20 मिनट तक रहे और अभय सिंह से घटना की जुबानी सुनी। इस बीच अभय सिंह ने पूरी कहानी बतायी और कहा कि कदमा की घटना के दिन वे उस तरफ नहीं गये थे। उन्हें तो सोची-समझी साजिश के तहत फंसाने का काम किया गया है। इस बीच अर्जुन मुंडा ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जायेगी। अर्जुन मुंडा के साथ जेल के भीतर भाजपा नेता आदित्यपुर के शैलेंद्र सिंह और जिला परिषद पूर्वी सिंहभूम की चेयरमैन बारी मुर्मू भी मौजूद थी।
जमशेदपुर में एक बार फिर से कोरोना संक्रमित के मामले बढ़ने लगे हैं. शहर में 5 कोरोना संक्रमित मरीज पाए जाने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है. लंबे समय बाद पांच कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है. देश में एक बार फिर से कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, जिसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से ऑनलाइन बैठक कर कई सुझाव दिए हैं. ऑक्सीजन के साथ-साथ सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने को कहा है. इधर, राज्य सरकार ने भी सभी जिलों के उपायुक्त को आवश्यक दिशा निर्देश दिया है.
अस्पतालों को अलर्ट रहने का निर्देश:
झारखंड में रांची के बाद जमशेदपुर में 5 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाये जाने के बाद सिविल सर्जन ने सभी अस्पतालों को अलर्ट रहने को कहा है. कोरोना पॉजिटिव पाये गए मरीजों में 3 महिला और दो पुरुष हैं. जिसमें छोटा गोविंदपुर की रहने वाली 42 वर्षीय महिला, पोटका की 22 वर्षीय युवती, मानगो की 34 वर्षीय महिला के अलावा टेल्को का रहने वाला 23 वर्षीय युवक और जुगसलाई का 46 वर्षीय पुरुष शामिल है. इनमें दो संक्रमित मरीज सदर अस्पताल और तीन अन्य अस्पताल में हैं.
सर्दी, खांसी या बुखार होने पर तुरंत करें डॉक्टर से संपर्क:
जिले के सिविल सर्जन डॉक्टर जुझार मांझी ने बताया कि शहर में लगातार कोरोना की जांच की जा रही है. बुधवार के दिन जांच के दौरान पांच कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, सभी सुरक्षित हैं. उन्होंने लोगों सलाह देते हुए कहा कि सर्दी, खांसी या बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच करवाएं, घबराने की जरूरत नहीं है. साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की है कि सतर्कता बरतें और तबीयत खराब होने पर नजदीकी अस्पताल में जाकर जांच करवाएं.
जमशेदपुर में अधिवक्ता चंदन चौबे की गिरफ्तारी का विरोध लातेहार बार एसोसिएशन पहुंच गया है. इसको लेकर लातेहार जिला अधिवक्ता संघ ने कचहरी परिसर में संयुक्त बैठक आयोजित कर गिरफ्तारी का पुरजोर विरोध किया है.साथ ही गिरफ्तारी को लेकर आंदोलन का प्रारूप तैयार किया गया.
मामले पर अधिवक्ता लाल अरविंद नाथ शाहदेव ने कहा कि पूरे मामले पर जमशेदपुर पुलिस संदेह के घेरे में है. उन्होंने कहा कि कानूनी प्रावधान के तहत किसी अभियुक्त को गिरफ्तार करने से पूर्व कानूनन नोटिस दिया जाता है. इसके बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया आरंभ होती है. उन्होंने कहा कि अधिवक्ता चंदन चौबे को पुलिस द्वारा कानून का पालन नहीं किया गया और जबरन हथकड़ी पहनायी गई. जो कानून नहीं बल्कि गैरकानूनी है. कहा कि यह सांकेतिक आंदोलन का आगाज है. यदि दोषी पुलिस कर्मी के विरूद्ध अविलंब कार्रवाई नहीं होती है तो लातेहार बार एसोसिएशन सड़क से सदन तक प्रशासन के खिलाफ आवाज उठायेगा और न्याय तक हम सभी चंदन चौबे जी के साथ रहेंगे.
मौके पर अधिवक्ता संघ के जिला सचिव वृंद् कुमार,नवीन कुमार गुप्ता,संतोष रंजन,राजु रंजन पाण्डेय,विवेक गुप्ता,रमन महतो,अनिल कुमार ठाकुर सहित सभी अधिवक्ता शामिल थे.
आजसू ने गुरुवार को राज्यभर में न्याय मार्च निकाला. इस मौके पर आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने राजधानी रांची के बापू वाटिका से समाहरणालय तक पैदल मार्च निकाला. इस दौरान वह सरकार के खिलाफ जमकर बरसे.
रांची: हेमंत सरकार के खिलाफ इन दिनों विपक्षी दल सड़कों पर उतरने में जुटे हैं. भारतीय जनता पार्टी के सचिवालय घेराव के बाद गुरुवार को आजसू ने राज्य सरकार के खिलाफ सभी जिला मुख्यालयों पर न्याय मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. राजधानी रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों में आजसू कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और सरकार विरोधी नारे लगाए. राजधानी रांची में न्याय मार्च का नेतृत्व आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने किया.
रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के समीप जमा हुए आजसू कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित कर न्याय मार्च की शुरुआत की. मोरहाबादी बापू वाटिका से आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता समाहरणालय पहुंचे. इस दौरान सरकार के नियोजन नीति, राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आजसू सुप्रीमो ने हेमंत सरकार पर जमकर निशाना साधा. सुदेश महतो ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है, उन्हीं अधिकारियों की तैनाती की जाती है जो इस तरह के कारनामों में माहिर माने जाते हैं. ऐसे में राज्य की जनता अब जान चुकी है कि यह सरकार जो वादा करके आई थी उसे पूरा करने में विफल रही है. इसलिए आने वाले समय में जनता इनके काले कारनामों के लिए जरुर सबक सिखाएगी.
सामाजिक न्याय महीना मना रही आजसू:
भ्रष्टाचार नियोजन नीति सहित सात मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए सड़कों पर उतरी आजसू पार्टी ने अप्रैल महीने को सामाजिक न्याय महीना घोषित कर रखा है, जिसके तहत सभी जिला मुख्यालयों पर न्याय मार्च निकालकर सरकार के विरोध में उलगुलान की शुरुआत की है. न्याय मार्च की शुरुआत करते हुए आजसू नेता देवशरण भगत ने कहा कि महागठबंधन सरकार ने अपने 3 वर्षों के कार्यकाल में झारखंड की भावना, उम्मीद और जनादेश के साथ जो विश्वासघात किया है उससे जनता उब चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार ने युवा किसान, मजदूर, गरीब, बुजुर्ग सभी को ठगने का काम किया है. 3 साल में कोई वैकेंसी नहीं, परीक्षा नहीं, ऐसे में नियुक्तियां और बहाली पूरी तरह से ठप रही. जबकि खुद मुख्यमंत्री ने पब्लिक डोमेन में वादा किया था कि सत्ता में आते ही पहले साल 5 लाख नौकरियां देंगे.
न्याय मार्च के दौरान आजसू प्रमुख सुदेश महतो के संबोधन के बाद जिला प्रशासन को पार्टी की ओर से एक ज्ञापन भी सौंपा गया. न्याय मार्च में बड़ी संख्या में आजसू के महिला कार्यकर्ता एवं युवा कार्यकर्ता शामिल थे जो सरकार विरोधी नारे लगाते देखे गए. इन सबके बीच समाहरणालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस वालों की तैनाती की गई थी.
रांची के अलावा बोकारो में भी आजसू ने प्रदर्शन किया:
बोकारो जिला मुख्यालय में चंदनकियारी की ओर से पूर्व मंत्री उमाकांत रजक और गोमिया से विधायक लंबोदर महतो के अलावा बोकारो जिले के पार्टी अध्यक्ष सचिन महतो ने न्याय मार्च निकाला. सभी लोग अलग-अलग गुटों में उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की इस दौरान नेताओं ने चुनाव पूर्व जेएमएम के मेनिफेस्टो में किए गए स्थानीय नीति ओबीसी आरक्षण नियोजन नीति को लागू करने की मांग की गई.
गोड्डा में प्रदर्शन:
गोड्डा में राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में आजसू द्वारा रैली निकाली गई जो गोड्डा कॉलेज से चलकर समाहरणालय तक गयी. आजसू द्वारा प्रस्तावित सामाजिक न्याय रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी थी. इस मौके पर केंद्रीय कार्यसमिति आजसू सदस्य दीपक मंडल ने कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में विफल रही है. अभ्यर्थियों की उम्र समाप्त हो रही है, ऐसे में सरकार को उम्र में छूट के साथ ही वेकैंसी देने को जरूरत है. वहीं आजसू जिला अध्यक्ष सुरेश महतो ने कहा कि झारखंड सरकार को स्थानीय नीति लागू हर बेरोजगार युवा को नौकरी देनी चाहिए अन्यथा आजसू सरकार की गलत नीतियों का लगातार विरोध करती रहेगी.
जमशेदपुर में प्रदर्शन:
जमशेदपुर में भी झारखंड सरकार की नीतियों के खिलाफ आजसू द्वारा सामाजिक न्याय मार्च निकाली गई. पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस के नेतृत्व में निकलने वाली पैदल मार्च में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए. राज्य के पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि झारखंड सरकार अपने वादे को निभाने में विफल रही है. सरकार आम जनता और युवाओं को ठगने का काम कर रही है.
गुरूवार को बिष्टुपुर स्थित श्रीकृष्णा पब्लिक स्कूल के तीन बच्चे तपती गर्मी में गश खाकर गिर गए. वहीं जुगसलाई का एक बच्चा दोपहर में स्कूल से छुट्टी होने के बाद मोटरसायिकल से घर जाने के दौरान गिरकर जख्मी हो गया. बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से छोटे बच्चों को सुबह 11 बजे तक कक्षा करवाने की मांग की. गुरूवार को जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है. मौसम विभाग की माने तो अप्रैल में गर्मी पुराने रिकार्ड तोड़ सकती है. 41 से 43 डिग्री सेल्सियस तापमान जा सकता है. आने वाले कुछ दिनों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है.
गर्मी का कहर शुरू होते ही इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में ग्राहकों की भीड़ शुरु हो गई है. एयरकंडिशन, कूलर एवं पंखा की खरीददारी के लिए ग्राहकों की भीड़ दुकानों में देखी जा रही है. वहीं खीरा, ककड़ी, तरबूज, सत्तू एवं अन्य तरल खाद्य पदार्थों की बिक्री भी बढ़ गई है. मौसम विभाग ने 14 से 20 अप्रैल के बीच 37 से 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का अनुमान जताया है. जिसमें जमशेदपुर, डासलटेनगंज एवं रांची का तापमान 40-43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. दूसरे सप्ताह (21 से 27ल अप्रैल) में 36-41 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का अनुमान है.
जमशेदपुर के कदमा जीपी स्लोप स्थित लौंगिया अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 1-ए में गुरुवार सुबह ईडी की टीम छापेमारी करने पहुंची थी. यह फ्लैट रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन की है.
उक्त फ्लैट में छवि रंजन के माता-पिता रहते थे. फिलहाल यह फ्लैट खाली पड़ा था. इधर 12 घंटे की छापेमारी के बाद शाम 6.10 बजे ईडी की टीम वापस लौट गई. इस दौरान टीम को कई अहम दस्तावेज मिले हैं. जिसमें जमीन से जुड़े कागजात भी शामिल होने की आशंका है. छापेमारी टीम में एक महिला समेत छह लोग शामिल थे.
आईएएस अधिकारी छवि रंजन को जिन मामलों को लेकर ईडी संदेह के दायरे में रखकर छापेमारी कर रही है. इसमें रांची के करम टोली में सेना की 4.55 एकड़ जमीन को गलत तरीके से बेचने, कई जमीनों की रजिस्ट्री, उसका म्यूटेशन भी गलत तरीके से कराने का मामला शामिल हैं. इस मामले के संज्ञान में आने के बाद रांची नगर निगम की ओर से बरियातू थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. वहीं रांची नगर निगम के कर संग्रहकर्ता दिलीप शर्मा ने जालसाजी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि प्रदीप फर्जी दस्तावेज दिखाकर दो-दो होल्डिंग ले लिया था. आयुक्त की जांच में सेना के कब्जे वाली जमीन का असली रैयत जयंत करनाड मिले थे.
जमशेदपुर : हाल ही में जमशेदपुर के कदमा शास्त्रीनगर में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक घटना के बाद जमशेदपुर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया फेसबुक एवमं व्हाट्सएप ग्रुप पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है. इस क्रम में बुधवार को तकनीकी माध्यम से पुलिस क़ो जानकारी मिली कि जमशेदपुर के कुछ लोगों के द्वारा एक हिंदुत्व नाम से व्हाट्सएप ग्रुप क्रिएट कर चैटिंग के माध्यम से किसी खास समुदाय/वर्ग के लोगों के धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने की योजना बनाई जा रही थी, जिसमें पुलिस ने तीन को गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने इसका पता तकनीकी साक्ष्य से की है. इस दौरान हिंदुत्व ग्रुप के ग्रुप एडमिन धतकीडीह हरिजन बस्ती का सुब्रतो मुखी सहित धार्मिक उन्माद फैलाने वाले दो अन्य व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. वहीं अन्य दो सदस्यों में धतकीडीह का ही ऋषभ मुखी (19) और कदमा निवासी अंकित मुखी (20) से भी पूछताछ की गयी. इस सभी ने धार्मिक उन्माद फैलाने में अपनी संलिप्तता की बात को स्वीकार किया है. इसके पश्चात उन सभी के पास से उपरोक्त व्हाट्सएप ग्रुप से सम्बंधित मोबाइल फोन को जब्त कर उनकी गिरफ्तारी पश्चात न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जायेंगा.
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं प्राय: मजदूरी का काम और खेती सब्जी बाड़ी को ही आय का महत्वपूर्ण साधन समझती रही हैं। वर्षो से श्रम और पारम्परिक पशुपालन आय का स्त्रोत रहा है किंतु पहली बार अब वे मशरुम उत्पादन कर अच्छा आय अर्जित करने लगी हैं । डुमरिया प्रखंड के खैरबनी पंचायत अंतर्गत खैरबनी गांव की दस महिलाओं ने सामूहकि रुप से मशरुम की खेती एक 30×30 की जमीन पर पुआल-बॉस की घर बनाकर करना शुरू किया जो उनके लिए आय का अच्छा स्रोत साबित हुआ है।
जे.टी.डी.एस से मिला तकनीकी प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहयोग
झारखंड ट्राईबल डेवलपमेंट सोसाइटी (JTDS) द्वारा वर्ष 2016 में गांव के महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की पहल की गई। थोपे बाहा महिला समिति के नाम से एक स्वयं सहायता समूह बनाकर प्रारंभ में दस हजार रू. का बीज पूंजी तथा संचालन से जुड़ी कई प्रशिक्षण JTDS के द्वारा दिया गया । मशरुम उत्पादन हेतु खैरबनी गांव की 42 अनुसूचित जनजाति की महिला को प्रशिक्षण के साथ ही प्रत्येक महिला को 40-40 बैग जिसमें पुआल, मशरुम बीज, कीटनाशक दवा, प्लास्टिक, स्प्रेयर तथा सभी 42 महिलाओं के बीच 2 मशरुम ड्रायर मशीन तथा 2 पुआल कटर वितरित किया गया ।
थोपे बाहा महिला समिति से ही जुड़ी गांव की 10 महिलाओं सोनामुनी हासदा, आरसू हेम्ब्रम, पावेट हेम्ब्रम, पोको मुर्मू, गेरथो मार्डी, पानोमुनी मार्डी, बती हेम्ब्रम आदि ने समूह में व्यवसायिक रूप से मशरुम उत्पादन शुरू कर सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी हैं। इस वर्ष अब तक 386 किलो मशरुम का उत्पादन उन्होने किया है जिसमें 264 किलो का स्वयं घरेलू खपत के बाद कुल 133 किलो मशरुम की बिक्री कर लगभग 16,000 रु. की उन्हें आमदनी हुई। JTDS के डीपीएम रुसतम अंसारी ने बताया कि मशरूम उत्पादन महिलाओं के आर्थिकपार्जन की दिशा में पहला प्रयास है जो सफल होता दिख रहा है। खास बात यह है कि महिला अब इसे गांव के हाट में भी बेच पा रही है। कुछ कच्चा और सुखा मशरुम एंजेसी को बेची जा रही है। आने वालों वर्षों में यह ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापकता पा लेगा।