जमशेदपुर शहर में धूमधाम से ईद का पर्व मनाया गया जहां 1 महीने के रोजा पावन महीना का समापन होने के बाद आज इन लोगों ने मनाया जहां सुबह-सुबह जमशेदपुर शहर के तमाम मस्जिदों में ईद का नमाज पढ़ा गया जिसके बाद सभी ने ईद की एक दूसरे को बधाई दी,
तो वही लोगों ने एक दूसरे से गले मिला कर भाईचारा का संदेश दिया इतना ही नहीं क्या बच्चे क्या बड़े सभी लोग ईद के पर्व में सुबह मस्जिद में नमाज पढ़ा और उसके बाद एक दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दी वही ईद पर्व को लेकर शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, वही मुस्लिम भाइयों ने कहा कि 1 महीने का रोजा का समापन होने के बाद आज हम ईद मनाते हैं जहां ईद पर्व की सभी को बधाई देते हैं साथ ही साथ आज हमारे घरों में सेवई खाने हमारे तमाम धर्म के लोग आते हैं और हम उनके साथ सेवई खाकर ईद पर्व धूमधाम से मनाते हैं शहर शांत रहे और हम सब धर्म के लोग एक होकर शांति का संदेश देते हैं ।
शास्त्रों में ऐसा वर्णित है कि इसी तिथि पर द्वापर युग की समाप्ति हुई थी. सतयुग, त्रेता और द्वापर तीनो युगों में भगवान विष्णु ने अवतार लिया. अक्षय तृतीय के दिन भगवान विष्णु की उनकी पत्नी लक्ष्मी के साथ पूजा की जाती है. सभी देवी देवताओं की पूजा के अलग- अलग नियम हैं. अगर आपको इन नियमों की जानकारी होगी तो आपके द्वारा की जाने वाली पूजा और भी अधिक फलदायी होगी. इन छोटे मगर महत्त्वपूर्ण नियमों के बारे में जानें.
किसी भी पूजा की शुरुआत गणेश पूजा के साथ होती हैं. गणेश भगवान को कभी भी तुलसी अर्पित न करें. इसके पीछे की कथा ये है कि तुलसी के कारण एक बार भगवान गणेश के तप में विघ्न पड़ा था. इस कारण वह देवी तुलसी से नाराज हो गए थे. इसलिए आज भी उनकी पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता. अपने घर के मंदिर में एक साथ गणेश जी की तीन मूर्तियां ना रखें. इसे बहुत ही अशुभ माना जाता है.
भगवान विष्णु की पूजा के समय ध्यान रखें कि उनको अक्षत यानि चावल का टीका ना लगाएं . अगर आप लगाना भी चाहते हैं तो चावल को हल्दी या चन्दन में मिलाकर पीला कर लें. पीला रंग भगवान विंष्णु को बहुत पसंद है. माता लक्ष्मी को कुमकुम मिलाकर अक्षत का टीका लगा सकते हैं.
भगवान विष्णु को शंख अति प्रिय है. शंख को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है. इसलिए पूजा घर में एक से ज्यादा शंख ना रखें. पूजा के समय शंख को पूरा आदर दें और इसको खाली जमीन पर ना रखें.
पूजा में बैठने से पहले अपना आसन तैयार कर लें. बिना आसन के पूजा करने पर पूजा अधूरी मानी जाती है. पूजा के समय हमारे पैर सीधे धरती को ना छुएं. इसलिए पूरा और स्वच्छ आसन बिछाकर ही भगवान विष्णु की पूजा की शुरुआत करें.
भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती अवश्य गाएं और दोनों हाथों से आरती करें. एक हाथ से कभी भी आरती नहीं लेनी चाहिए.
भगवान सत्यनारायण की पूजा में पंचामृत अवश्य बनाएं. किन्तु पंचामृत कभी भी एक हाथ से नहीं लेना चाहिए. पंचामृत की एक भी बूंद धरती पर नहीं गिरनी चाहिए. पंचामृत पीने के बाद हाथों को अपनी आंखों मलें.
ध्यान रखें कि पूजा के दौरान दरवाजे पर जूते चप्पल ना फैले हों. दरवाजे पर स्वच्छता हो इस बात का विशेष ध्यान रखें. माता लक्ष्मी फटे-पुराने वस्त्रों और टूटे जूते चपल्लों को घर में रखने से रुष्ट हो जाती है.
परिवार में सूतक हो तो लक्ष्मी पूजा के लिए चौकी ना लगाएं. महिलाओं को मासिक धर्म चल रहा हो तो उन्हें भी अक्षय तृतीय की पूजा नहीं करनी चाहिए.
सूडान में सेना और अर्धसैनिक बल के बीच चल रहे गृहयुद्ध के चलते वहां हालात बद से बदतर हैं। ऐसे में वहां फंसे भारतीयों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिक्र जताई है और वहां से उनकी जल्द से जल्द निकासी के लिए संबंधित अधिकारियों को कहा है। इसके लिए पीएम मोदी ने शुक्रवार को हाई लेवल मीटिंग बुलाई।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर कहा है कि पीएम मोदी ने सूडान में सतर्क रहने, घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी करने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया। पीएम ने सूडान से भारतीयों के लिए आकस्मिक निकासी योजना तैयार करने और उनमें सुरक्षा के हिसाब से तेजी से बदलाव करने और विकल्पों की व्यवहार्यता पर चलने का निर्देश दिया।
बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, वायु सेना और नौ सेना के प्रमुख, विदेश और रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के अलावा वरिष्ठ राजनयिक शामिल हुए। जयशंकर वर्तमान के गुयाना के दौरे पर हैं। बता दें कि सूडान में 3000 से अधिक भारतीय इस समय फंसे हैं। राजधानी खार्तूम में संघर्ष की वजह से इनकी निकासी में मुश्किलें आ रही हैं।
सूडान में हुई एक भारतीय की मौत
हाई लेवल मीटिंग में सूडान में 3,000 से अधिक भारतीयों की सुरक्षा पर ध्यान देने के साथ पीएम को इस मामले में जमीनी हालात की पहली रिपोर्ट भी दी गई। सूडान की राजधानी खार्तूम सहित देश के अन्य हिस्सों में हुई हिंसा में एक भारतीय समेत 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। भारत ने गुरुवार को कहा था कि सूडान में स्थिति बहुत तनावपूर्ण है और वह भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब एवं मिस्र सहित विभिन्न देशों के साथ करीबी समन्वय कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने नयी दिल्ली में कहा था, चार-पांच दिन बाद भी संघर्ष कम नहीं हुआ है, लड़ाई जारी है और स्थिति तनावपूर्ण है। ऐसे में हम भारतीयों से आग्रह करते हैं कि वे जहां हैं, वहीं रहें और बाहर न निकलें। उन्होंने कहा था, हम सूडान के घटनाक्रम पर बेहद करीबी नजर रख रहे हैं।
सूडान में भारतीय दूतावास औपचारिक, अनौपचारिक माध्यम से भारतीय समुदाय के साथ सम्पर्क में है। यह संघर्ष देश के सैन्य नेतृत्व के भीतर ताकत के संघर्ष का सीधा परिणाम है। देश में सूडान की नियमित सेना और रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आएसएफ) नामक अर्द्धसैन्य बल के बीच टकराव के कारण यह हिंसा हुई है।
जमशेदपुर से सटे सरायकेला खरसावां गम्हरिया थाना अंतर्गत जिलिंगगोड़ा डैम में डूबने से बर्मामाइंस कैरेज कॉलोनी निवासी बी बंशी (18) की मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर गम्हारिया पुलिस मौके पर पहुंची और दो घंटे की मेहनत के बाद स्थानीय गोताखोरों की मदद से बंशी के शव को नदी से बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेजा गया है। मिली जानकारी अनुसार बंशी अपने दोस्तों के साथ डैम में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया। उसके साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया पर उसे नही बचा पाए।
जमशेदपुर में बढ़ती गर्मी को लेकर प्रशासन ने स्कूल के समय में बदलाव किया है। इसके मद्देनजर नो एंट्री के समय में भी बदलाव किया गया है। पूर्व में शहर में बड़े वाहन सुबह 11:00 बजे से 1:00 बजे तक प्रवेश करते थे जबकि दोपहर 3:00 बजे से 5:00 बजे तक शहर से निकासी करते थे। वर्तमान में शहर में बड़े वाहन दोपहर 1:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक प्रवेश कर सकते है वहीं दोपहर 3:30 से शाम 5:00 बजे तक शहर से निकासी का समय तय किया गया है।
ईद को लेकर यातायात नियमों में बदलाव
जिला प्रशासन ने ईद को लेकर शहर में यातायात नियमों में बदलाव किया है। 22 अप्रैल को ईद के दिन सुबह 5:00 बजे से देर रात 12:00 बजे तक शहर में भारी वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी। हालांकि इस दौरान बसों का परिचालन होता रहेगा।
समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में उपायुक्त श्रीमती विजया जाधव ने जिले के सभी स्कील ट्रेनिंग पार्टनर्स के साथ बैठक कर सेंटर की गतिविधियों को समझा । निदेशक डीआरडीए श्री सौरभ सिन्हा, जिला कौशल पदाधिकारी बम बैजू बैठक में मौजूद रहे। ट्रेनिंग सेंटर के बैच कैसे बन रहे, क्षमता के मुताबिक बच्चे आ रहे हैं या नहीं, पिछले एक वर्ष में प्लेसमेंट में क्या उपलब्धि है इसको जाना। उपायुक्त ने बैठक में मौजूद 15 ट्रेनिंग पार्टनर्स से बारी बारी से उनके क्रियाकलापों को समझा तथा सभी सेंटर द्वारा पिछले 1 वर्ष में औसत 50 फीसदी ही बच्चों का प्लेसमेंट किए जाने पर निराशा जाहिर की। उन्होने कहा प्रत्येक बैच में 4 % एससी, 46% एसटी बच्चों का होना अनिवार्य है। ट्रेनिंग सेंटर्स को बाजार की मांग के अनरूप ट्रेड बदलने की आवश्यकता है । मार्केट का क्या डिमांड है, ट्रेनिंग पार्टनर्स पहले इसे समझें। वैसे प्लेसमेंट का कोई मतलब नहीं रह जाता जहां बच्चे 4-5 महीने की नौकरी के बाद वापस अपने घर में बैठ जा रहे हैं।
शासन-प्रशासन के संसाधनों का सदुपयोग करें, बच्चें और उनके अभिभावकों की काउंसिंलिग पर फोकस करें
राज्य सरकार शिक्षित बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए तथा उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए काफी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है जिसमें स्कील ट्रेनिग पार्टनर्स की भी महती भूमिका है… ये बातें उपायुक्त ने कही। उन्होने कहा कि तीन चीजों आई.ई.सी(ट्रेड का प्रचार-प्रसार), काउंसिलिंग और प्लेसमेंट पर फोकस करें । बच्चों या उनके अभिभावकों की काउंसिंलिग में कोई समस्या आ रही हो तो शासन-प्रशासन के संसाधनों का सदुपयोग करें। माननीय विधायक गण के प्रतिनिधि, जिला परिषद सदस्य, पंचायत जनप्रतिनिधि हों या पीडीएस डीलर, जेएसएलपीएस की महिला समूह इन सभी के साथ बैठक करें, ट्रेड की जानकारी दें। पीडीएस दुकान या महिला एस.एच.जी के बैठक स्थल में पोस्टर चिपकायें, हैंडबिल या अन्य आकर्षक तरीकों से प्रचार प्रसार करें।
उपायुक्त ने कहा कि जितने भी बच्चे ट्रेनिंग पा चुके हैं उसकी लिस्ट जिला प्रशासन को भी दें, उनके नियोजन को लेकर जिला में स्थित कंपनियों से बात की जाएगी। शॉर्ट हैंड, लीगल राईटिंग, ऑफिस नोट, जेनरल सेक्रेटेरियल एसिस्टेंस, स्पोकेन इंग्लिश, रेफ्रिजरेटर मरम्मती, वॉशिंग सेंटर, प्लंबिंग, एसी रेपयर, कुकिंग, शेफ, बैक ऑफिस, सेल्समैन, एप डेवलपर, पेंटिंग, एनिमेशन जैसे ट्रॅड को भी शामिल करें। उन्होने कहा कि कोरोना काल के बाद ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में बड़ी बूम देखी जा रही है, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग, सिर्विसिंग का ट्रेड शुरू करायें। रिलेक्सेशन इंड्रस्ट्री(मशाज थेरेपिसेट) हो या बैग इंडस्ट्री इससे जुड़ी ट्रेनिंग बच्चों को दें। स्कूल बैग, हैंड बैग आदि तथा पैकेजिंग इडस्ट्री से जुड़ी ट्रेड पर ध्यान दें, प्लेसमेंट की संभावना बढ़ेगी। इस क्षेत्र के बच्चों में स्पोकन इंग्लिश एक समस्या है, 3-4 महीने का स्पोकन इंग्लिश ट्रेनिंग शुरू करें।
उपायुक्त ने कहा कि प्लेसमेंट के लिए जमशेदपुर के आसपास वैसे जगहों को प्राथमिता में रखें जहां से बच्चे एक रात में बस की यात्रा से घर पहुंच सकते हैं। इससे लंबे समय तक नौकरी में टिके रहने की संभावना बढ़ेगी। लड़कियों या लड़कों का किस ट्रेड में ज्यादा मन लगता है इसे देखें, जेंडर स्पेसिफिक ट्रेड होना चाहिए ।
शहर के अद्ध शहरी इलाका करनडीह का बिजली ऑफिस शुक्रवार को विभागीय लापरवाही के कारण जलने से बच गया। इस दौरान बड़ा हादसा हो सकता था। गनिमत है कि सूचना मिलते ही दमकल पहुंच गया और आग पर समय रहते काबू पा लिया। आग ट्रासफारमर के खराब पड़े तेल में लगी थी। तेल के बगल से ही बिजली की तार गयी है और तार में शार्ट-सर्किट से आग लगी थी। करनडीह के बिजली ऑफिस के गड्ढ़े में दिन के 3 बजे आग लगी थी। गड्ढ़े को देखकर ऐसा नहीं लगता है कि वह ट्रांसफारमर का खराब तेल होगा। देखने पर वहां का नजारा तालाब जैसा प्रतीत होता है। आगलगी की घटना के बाद यह आग बुझनेवाली नहीं थी। जिस तरह से धनबाद में कोयले की खान में दशकों से आग लगी हुई है ठीक उसी तरह की स्थिति यहां पर भी उत्पन्न होने वाली थी।
विभाग को कोस रहे हैं स्थानीय लोग
जहां पर आग लगी है उसकी जवाबदेही बिजली विभाग का कौन अधिकारी लेगा। यहां पर दशकों से ट्रांसफारमर का खराब तेल बहाया जाता है। इस तेल के कारण ही आस-पास के चापाकलों से भी तेल की महक आती है। चापाकल के पानी का उपयोग लोग स्नान करने और बरतन धोने के लिये भी नहीं करते हैं। आखिर इसके लिये कौन जिम्मेवार है। लोग इस बिंदु पर ही बातें कर रहे हैं। करनडीह बिजली ऑफिस के पास आग लगने से पूरे इलाके की ही बिजली गिल कर दी गयी है। अगर बिजली विभाग के कर्मचारी सूज-बूझ से काम नहीं लेते तब पूरी की पूरी बिजली ऑफिस ही आग के चपेट में आ सकता था।
पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां के जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड के रूप में श्रीमती जैस्मिका बासके ने पदभार ग्रहण किया । निवर्तमान जिला विकास प्रबंधक श्री सिद्धार्थ शंकर, का पदस्थापन नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय राँची में हुआ है। श्री शंकर ने नए डीडीएम को बेहद सक्षम पदाधिकारी बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में नाबार्ड के विभिन्न नई योजनाओं को विस्तार और तीव्रता मिलेगी।
साकची थाना अंतर्गत कालीमाटी रोड स्थित सागर होटल के रसोई घर में शुक्रवार देर शाम अचानक आग लग गई। होटल परिसर से धुआं निकलता देख आस-पास के लोगों में अफरा-तफरी मचने लगी। प्रबंधन ने आनन-फानन में होटल के अंदर मौजूद लोगों को किसी तरह बाहर निकाला और इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना पाकर प्रभारी एएसपी सिटी सुमित अग्रवाल मौके पर पहुंचे। इधर, दमकल की दो वाहन भी मौके पर पहुंची और सीढ़ी के माध्यम से दमकल कर्मी किचेन वाले कमरे में पहुंचे और आग को बुझाने का काम कर रहें हैं। इस बीच होटल के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ भी जुटी हुई है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
शायद आपको इस बात का अंदाज़ा हो कि आपकी चुप्पी शायद ही कभी इतनी प्रभावी रही हो जितनी आज है। हमसे ज्यादा तिलमिलाए हुए आपके ही समर्थक हैं, जो चाहकर भी असमंजस में है और कई दशक के सबसे बड़े हिन्दू एकत्रीकरण का हिस्सा नहीं बन पा रहें।
आपकी घृणित राजनीति तो जगजाहिर है। मात्र एक मंडल अध्यक्ष के पद पर होने के बावजूद आपको जिन पश्चिमी विधानसभा जमशेदपुर के विधायक ने प्रखर हिंदूवादी नेता का टिकट काट कर आपको भाजपा का टिकट दिलवाया, अपने उन्हीं का टिकट काट दिया 2005 में। उनकी राजनीतिक पारी को ही समाप्त कर रख दिया। आपके विश्वासघात का ऐसा असर उनपर पड़ा कि चुनाव के कुछ महीनों के भीतर उनकी हृदयगति रुकने के कारण मृत्यु हो गयी।
जमशेदपुर के सबसे प्रखर युवा नेता जब टिकट की दौड़ में शामिल हुए और लगभग टिकट फाइनल हुआ तब आडवाणी जी के आदेश पर भी पार्टी का उत्थान न देखकर व्यक्तिगत दुश्मनी निभाते हुए अपने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष होने का फायदा उठाकर आपने युवा नेता का टिकट काट बिहार से एक नेता को इम्पोर्ट किया और उन्हें जमशेदपुर की राजनीति का हिस्सा बना गए। साथ ही पार्टी हित में कार्यरत, पर आपके हितों के विरोध में कार्य करने वाले 57 नेताओं को अपने पार्टी से निष्काषित कर, कारण बताओ नोटिस थमा दिया।
आपको 5 साल मुख्यमंत्री रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पहला और इकलौता मुख्यमंत्री जिसे पूरे 5 साल तक राज्य की काया पलटने का मौका मिला। अपने मौके को ऐसे भुनाया की कंबल तो कंबल, बच्चों के टॉफ़ी को भी घोटाला कर चूस गए। अर्जुन को बनवास में भेज शकुनि बन भाजपा का ऐसा हाल किया कि भाजपा वहां भी हार गई जहां पिछले 40 सालों से झंडा बुलंद था।
कोल्हान साफ – झारखंड हाफ।
2019 के चुनाव में अपने एक बार फिर अपने ही द्वारा इम्पोर्टेड नेता को जो आपके भ्रष्ट एवम दोगली नीति का पुरजोर विरोधी हो चुका था उसे बाहर का रास्ता दिखाने का कुटिल प्रयास किया। ऐसा प्रयास की भाजपा को ही कमज़ोर करने के लिए उसे हटाकर पश्चिमी से एक ऐसा डमी उम्मीदवार खड़ा किया गया जिसे शायद 45 साल से नीचे का 10% आबादी भी न जानता हो। हुआ वही जो आप चाहते थे, डमी हार गए।
वहीं जनता आपकी और अस्वस्थ्य मंत्री के गठजोड़ को जान चुकी थी। पर समय ने करवट ली। आपको कभी आपके ही लाये हुए प्यादे न चाणक्य की भांति लपेट कर पटक दिया। 2005 में आपके द्वारा निष्काषित नेताओं ने फिर से पार्टी में वापसी तब की जब आप अपनी ज़मीन तलाश रहे थे। आप के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया, आपको सम्मान दिया। पर आप भी आदिल खान निकले, चले शिवाजी को धोखे से खंजर घोपने।
जो भी हो, आज आपकी वजह से, सिर्फ और सिर्फ आपकी वजह से हिन्दू एकजुट नहीं हो पा रहा है। सालों के विरोध के बाद कई युवा एक साथ हिंदूवादी भाजपा के झंडे तले एक होकर कार्य कर रहे थे। आपकी घृणित राजनीति ने दूध में नींबू निचोड़ दिया।
आज आपको हम बेताल दिख रहे हैं और आप आम जनता को जयचंद। आपके होनहार समर्थक लॉलीपाप चूस कर बैठे हैं। आपके समर्थन में एक शब्द नहीं निकल रहा। यही है आपका आईना। हो सकता है ये लड़ाई भी आप जीत जाएं, पर इस राजनीति के महाभारत में जब आपकी जंघा टूटी होगी और आप मृत्यु के लिए बिलबिला रहे होंगे। तब गंगाजल डालने वाले शायद सब अपने अपने घोसलों की तरफ बढ़ चुके होंगे। खैर, आपकी घृणित राजनीति आपको मुबारक। इस धर्मयुद्ध में दुर्योधन दुशाशन की आवश्यकता भी नहीं है।