एक नई सोच, एक नई धारा

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से दिनेश कुमार ने की शिष्टाचार मुलाकात

जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संप्रति पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी से दिनेश कुमार ने सौजन्य भेंट किया। गुरुवार को रांची स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में श्री मरांडी संग हुए भेंट वार्ता को दिनेश कुमार ने शिष्टाचार भेंट बताया। उन्होंने नवीन दायित्व के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट करते हुए अभिनंदन किया। प्रदेश अध्यक्ष ने दिनेश कुमार से बीते दिनों उनके घर पर हुए हमले एवं कार में आपराधिक तत्वों द्वारा कारित आगजनी कांड के संदर्भ में भी जानकारी लिया और पुलिसिया एक्शन के बारे में जाना।

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अबतक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को भी चिंताजनक बताया। श्री मरांडी ने दिनेश कुमार को पार्टी हित में पूरी क्षमता और ऊर्जा से लग्नशील होने को कहा। इस दौरान दिनेश कुमार संग भाजयुमो के पूर्व जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष अमरजीत सिंह राजा, अशोक सामंता, तेजेंद्र सिंह जॉनी, अमित मिश्रा, धनेश्वर सिंह, ओंकार सिंह, बिनोद गुप्ता, रोशन सिंह, बंटी सिंह मौजूद रहें।

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बारिश की उम्मीद में झारखंड के किसान, अगले 15 दिन खेती के लिए काफी अहम, वैकल्पिक खेती की तैयारी में जुटा कृषि विभाग

झारखंड में कम बारिश की वजह से किसान के साथ कृषि विभाग के अधिकारी भी परेशान हैं. अगले 15 दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खेती नहीं हो पाएगी. ऐसे में सभी बारिश की उम्मीदें लगाए हुए हैं.

रांची: झारखंड के 24 में से 23 जिलों में सामान्य से कम हुई मानसूनी बारिश ने राज्य के अन्नदाताओं के साथ-साथ कृषि विभाग के अधिकारियों के चेहरे पर भी परेशानी ला दी है. देर से आये मानसून और झारखंड के साथ बारिश की बेरुखी ने राज्य में खेती-बाड़ी की स्थिति को बिगाड़ दिया है. अब राज्य के किसान और कृषि विभाग को उम्मीद है कि IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 15 दिनों तक राज्य में अच्छी वर्षा हो और हालात सुधरें.

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पिछले वर्ष की तरह बनते जा रहे हैं हालात: कृषि निदेशालय के उप निदेशक मुकेश सिन्हा ने कहा कि अभी राज्य में वर्षा और खेती की स्थिति अच्छी नहीं है. उन्होंने कहा कि कल तक राज्य में 434 मिमी की जगह 236 मिमी वर्षा हुई है. मानसून ने राज्य में देर से दस्तक दी थी. 19 जून को मानसूनी हवाएं राज्य में पहुंची थी. वहीं 22-23 जून को पूरे राज्य में इसका स्प्रेड हो गया था. बावजूद इसके जून महीने में काफी कम वर्षा हुई. उप निदेशक ने कहा कि जून के जैसे ही जुलाई महीने में भी सामान्य से लगभग 46% कम वर्षा हुई है.

IMD के पूर्वानुमान पर कृषि निदेशालय की नजर: कृषि उपनिदेशक ने बताया कि मौसम केंद्र,रांची ने 28 जुलाई से अच्छी वर्षा होने की संभावना जताई है. IMD के पूर्वानुमान पर राज्य के किसानों के साथ-साथ कृषि विभाग की भी उम्मीदें टिकी हैं. कृषि उप निदेशक ने बताया कि राज्य के किसान 15 अगस्त तक धान की रोपनी करते हैं. ऐसे में अगर अगले 10-15 दिन अच्छी वर्षा हो गयी तो स्थिति में सुधार होने की संभावना है.

वैकल्पिक खेती की तैयारी भी कर रहा है विभाग: वर्ष 2022 में राज्य के 22 जिलों के 226 प्रखंडो में सुखाड़ था. कमोबेश वही स्थिति राज्य में इस वर्ष भी बनती दिख रही है. ऐसे में कृषि निदेशालय ने सभी जिले के जिला कृषि पदाधिकारियों को वैकल्पिक खेती का विकल्प तैयार रखने को कहा है. बारिश सामान्य से काफी कम होने की स्थिति में जहां आत्मा के सहयोग से किसानों को संगोष्ठी के माध्यम से धान की सीधी बुआई की जानकारी देने को कहा गया है. वहीं धान की जगह अन्य फसल जैसे मक्का, रागी, दलहन, तिलहन की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

राज्य में सिर्फ 13-14% धान आच्छादन: राज्य में सामान्य से कम वर्षा की वजह से खेतों में धान की रोपनी के लायक पानी नहीं है. ऐसे में अभी तक 02 लाख 30 हजार हेक्टेयर (13%) में ही धान का आच्छादन हुआ है. वहीं मक्का, दलहन, तिलहन और अन्य फसलों को मिलाकर कुल मिलाकर 05 लाख 50 हजार हेक्टेयर(20%) का आच्छादन हुआ है. राज्य में कुल खेती लगभग 28 लाख हेक्टेयर में होती है, उसमें 18 लाख हेक्टेयर में धान की फसल लगाई जाती है. खराब मौसम की वजह से इस वर्ष खेती की स्थिति बेहद खराब है.

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खुलते ही अच्छे-अच्छे निपट जाएंगे; राजस्थान में ‘लाल डायरी’ पर बोले पीएम मोदी; चुनाव पर भी कही बड़ी बात

सीकर में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने हाल ही में कांग्रेस के ही विधायक राजेंद्र गुढ़ा की ओर से सामने लाए गए लाल डायरी पर भी गहलोत सरकार को घेरा।

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पीएम मोदी ने कहा कि लाल डायरी के खुलने से अच्छे-अच्छे नेता निपट जाएंगे और इसकी वजह से बड़े से बड़े नेताओं की बोलती बंद है। पीएम मोदी ने विधानसभा चुनाव में लाल डायरी को बड़ा मुद्दा बनाने की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह कांग्रेस का डिब्बा गोल कर देगी। पीएम ने राजस्थान की कानून व्यवस्था को लेकर भी गहलोत सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बहन बेटियों पर अत्याचार, नहीं सहेगा राजस्थान।

पीएम मोदी ने लाल डायरी का जिक्र करते हुए कहा, ‘कांग्रेस ने लूट की दुकान चला रखी है। कांग्रेस का मतलब ही है लूट की दुकान, झूठ का बाजार। लूट की इस दुकान का ताजा प्रोडक्ट है राजस्थान की लाल डायरी। आपने लाल डायरी के बारे में सुना है ना। कहते हैं इस लाल डायरी में कांग्रेस सरकार के काले कारनामे दर्ज हैं। लोग कह रहे हैं कि लाल डायरी के पन्ने खुले तो अच्छे अच्छे निपट जाएंगे। कांग्रेस के बड़े से बड़े नेताओं की लाल डायरी का नाम सुनते ही बोलती बंद हो रही है। ये लोग भले ही मुंह पर ताला लगा लें लेकिन यह लाल डायरी चुनाव में पूरी कांग्रेस का डिब्बा गोल करने जा रही है।’

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राजस्थान को कांग्रेस से ज्यादा पैसा बीजेपी सरकार ने दिया
पीएम मोदी ने कहा आंकड़े पेश करते हुए कहा कि राजस्थान को कांग्रेस की केंद्र सरकार ने जितना पैसा दिया उससे कहीं अधिक 9 साल में उनकी सरकार ने दिया है। पीएम मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस की सरकार थी तो राजस्थान को 10 साल में एक लाख करोड़ दिए। भाजपा सरकार ने 9 साल में 4 लाख करोड़ से ज्यादा दिए हैं। कहां एक लाख करोड़ और कहां 4 लाख करोड़। जब कांग्रेस की सरकार थी तो 10 साल में राजस्थान को सेंट्रल ग्रांट के तौर पर 50 हजार करोड़ दिए गए। हमारी सरकार ने इस मद में डेढ़ लाख करोड़ से ज्यादा दिए। लेकिन जब से यहां कांग्रेस की सरकार बनी है तब से यहां विकास के काम में सिर्फ रोड़े अटकाने का काम चल रहा है।’

क्या है लाल डायरी
हाल ही में गहलोत कैबिनेट से हटाए गए नेता राजेंद्र गुढ़ा ने एक लाल डायरी दिखाकर राजस्थान की राजनीति में भूचाल ला दिया है। गुढ़ा ने दावा किया कि इस लाल डायरी में गहलोत सरकार के काले कारनामे दर्ज हैं। गुढ़ा ने यह भी कहा है कि इसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त की जानकारी दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी धर्मेंद्र राठौर के घर यह लाल डायरी रखी थी। लेकिन ईडी की छापेमारी से पहले गहलोत ने उन्हें इसे वहां से लाने को कहा था। मणिपुर मुद्दे पर अपनी ही सरकार को गिरेबां में झांकने की नसीहत देने वाले गुढ़ा को गहलोत सरकार ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद वह लाल डायरी लेकर सामने आ गए।

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किसानों को बड़ी सौगात, पीएम मोदी ने किसान सम्मान योजना की 14वीं किस्त जारी की

देश के करोड़ों किसानों के लिए आज का दिन खास है. किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की जिस 14वीं किस्त का इंतजार था, वो आज जारी हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के सीकर में आज एक सरकारी कार्यक्रम में किसानों के लिए लाभकारी इस स्कीम के तहत ये किस्त जारी की.

डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के जरिए देश के 8.5 करोड़ किसानों के खाते में 2000 रुपये सीधा उनके खाते में पहुंच गए हैं. इस 14वीं किस्त के जरिए किसानों को 17,000 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए गए हैं.

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PM मोदी ने कई और विकास कार्यों की रखी आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीकर में एक सरकारी कार्यक्रम में कई विकास कार्यों की आधारशिला भी रखी है. इसमें मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के अलावा उन्होंने 1.25 लाख किसान समृद्धि केंद्रों का भी उद्घाटन किया है. पीएम मोदी ने कहा कि आज की किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त को जोड़ दें तो अब तक 2.60 लाख करोड़ से भी ज्यादा रुपये किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजे गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश में किसानों की मुश्किलों को हल करने के लिए 1.25 लाख किसान समृद्धि केंद्रों को समर्पित किया जा रहा है. इनके जरिए खेती से जुड़ी हर जानकारी, हर योजना की सूचना, उसे लाभ आदि के जरिए बताया जाएगा. आज देश के करोड़ों किसानों को करीब 18,000 करोड़ रुपये की राशि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत दी गई है जो सीधा उनके खाते में आ रही है.

स्वास्थ्य मंत्री और कृषि मंत्री ने भी किया कार्यक्रम को संबोधित

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में 7 नए मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन भी किया. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के राजस्थान और गुजरात के दौरे पर हैं. आज राजस्थान के कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद वो गुजरात के लिए रवाना होंगे.

गुजरात में पीएम मोदी के इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का शेड्यूल निर्धारित है-

पीएम मोदी दोपहर 3.15 बजे राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मुआयना करेंगे.

शाम 4.15 बजे राजकोट में रेस कोर्स ग्राउंड में कई विकास कार्यों का उद्धाटन करेंगे.

28 जुलाई को गांधीनगर में महात्मा मंदिर में सुबह 10.30 बजे सेमीकॉन इंडिया 2023 का उद्घाटन करेंगे.

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हेडमास्टर और शिक्षक की पिटाई से छात्र की टूटी हड्डी, उपायुक्त ने दिए जांच के आदेश

पलामू: प्रिंसिपल और शिक्षक की पिटाई से छठी क्लास के एक छात्र के सीने की हड्डी टूट गई है। मामला तरहसी प्रखंड का है। घटना 24 जुलाई की है। इसकी जानकारी मंगलवार 25 जुलाई को हुई। छात्र को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उसे मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया। उसके बाद मामले का खुलासा हो पाया।

ये है पूरा मामला

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छात्र पर घड़ी की चोरी का आरोप लगा था। इसी को लेकर प्रिंसिपल और शिक्षक ने उसकी पिटाई कर दी। बताया जाता है कि छात्र तरहसी के सेलारी का रहने वाला है। तरहसी प्रखंड के ही सेलारी हाई स्कूल में वह छठी क्लास में पढ़ता है। सोमवार (24 जुलाई) को वह स्कूल गया था। इसी दौरान शिक्षक निरंजन कुमार की घड़ी गायब हो गई। घड़ी चोरी का आरोप छात्र पर लगा। बताया जाता है इसी वजह से शिक्षक ने छात्र की पिटाई की। इसी क्रम में स्कूल के प्रिंसिपल भी वहां पहुंच गए। जानकारी के अनुसार फिर शिक्षक और प्रिंसिपल ने मिलकर छात्र की पिटाई की। पिटाई से छात्र के शरीर में कई जगह चोट के निशान बन गए हैं। जबकि उसके सीने की हड्डी टूट गई है।

परिजनों की शिकायत के बाद पलामू डीसी ए दोड्डे ने पूरे मामले की जानकारी ली। उसके बाद इसमें जांच के निर्देश दिए। डीसी ने जांच के बाद आरोपी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। परिजनों ने छात्र को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया था, जहां से डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए एमएमसीएच रेफर कर दिया था। तरहसी थाना प्रभारी ने घटना की पुष्टि की है। थाना प्रभारी ने बताया कि शिक्षकों ने छात्र की पिटाई की है। अभी तक लिखित रूप से आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने के बाद पुलिस मामले में कार्रवाई करेगी।

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हिंदू पक्ष को मिली बड़ी राहत, ज्ञानवापी परिसर का ASI सर्वे रहेगा जारी, इलाहाबाद HC ने दिया आदेश.

ज्ञानवापी मामलें में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने एएसआई (ASI) सर्वे को जारी का आदेश जारी किया है। साथ ही ढांचे को बिना कोई नुकसान हानि पहुंचाए आगामी 31 जुलाई तक काम पूरा करने की बात कही है।

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हाईकोर्ट के इस फैसले से हिंदू पक्ष को बड़ी राहत मिली है। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के एएसआई सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट की रोक का आदेश आज शाम 5 बजे तक प्रभावी था।

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झारखंड निकाय चुनाव इस साल भी संभव नहीं! ट्रिपल टेस्ट के लिए आयोग गठन का इंतजार; यहां फंसा है पेंच

झारखंड में नगर निकाय चुनाव लंबा खिंचता जा रहा है। 2020 और 2022 में होने वाला चुनाव 2023 में भी संभव नहीं दिखाई दे रहा है। क्योंकि निकाय चुनाव के पहले ओबीसी आरक्षण का निर्धारण अब कानूनी और संवैधानिक बाध्यता है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद से राज्य सरकार को ट्रिपल टेस्ट कराना होगा। इसके बाद ही ओबीसी का आरक्षण निर्धारण संभव है। ट्रिपल टेस्ट कराने की जिम्मेवारी एक स्वतंत्र आयोग को दी जायेगी। हालांकि राज्य सरकार ने झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को ही यह जिम्मेवारी सौंपने का फैसला लिया है, लेकिन पिछड़ा वर्ग आयोग ही अभी गठित नहीं हुआ है। इसके अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) लोकनाथ महतो के निधन के बाद से आयोग में अध्यक्ष का पद खाली है।

आयोग गठन के बाद ही ट्रिपल टेस्ट संभव
आयोग गठन के बाद ही ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया आरंभ होगी। आयोग के गठन के बाद से राज्यभर में ओबीसी के जातिगत आंकड़े निकालने में काफी वक्त लगेगा। कई चरणों में ये आंकड़े निकाले जाते हैं। आंकड़े निकालने के बाद हर चुनाव क्षेत्र में नए सिरे से परिसीमन किया जाएगा। इसमें अनुसूचित क्षेत्र और गैर अनुसूचित क्षेत्र का भी ध्यान रखना होगा। इन सभी प्रक्रियाओं में काफी वक्त लगेगा।

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आरक्षण निर्धारिण का भी है अलग-अलग पैमाना
संवैधानिक व्यवस्था और नगर निकाय चुनाव नियमावली के अनुसार गैर अनुसूचित क्षेत्रों में एसटी, एससी व ओबीसी को 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण की सीमा नहीं बढ़ाई जा सकती है। वहीं अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति को 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण की सीमा बढ़ाई जा सकती है, पर अनुसूचित जाति व ओबीसी को 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण सीमा नहीं बढ़ सकेगी। आंकड़े इकह्वा करने और चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन करने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनावों की घोषणा कर सकेगा।

झारखंड में नगर निकाय का स्वरुप ऐसा है
नगर निगम रांची, हजारीबाग, मेदिनीनगर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर व मानगो।

नगर परिषद गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो व मिहिजाम।

नगर पंचायत वंशीधरनगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला व चाकुलिया।

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श्रावणी मेले में पूजा स्थलों पर बिक रहे हैं मिलावटी पेड़े और प्रसाद, फूड टेस्टिंग की जांच में हुआ खुलासा

झारखंड में देवघर, दुमका, रांची और खूंटी में श्रावणी मेले में मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाले पेड़े और प्रसाद मिल रहे हैं. राज्य फूड सेफ्टी विभाग ने अपनी जांच में इसका खुलासा किया है.

रांची: सावन के महीने में बड़ी संख्या में शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर और दुमका के बासुकीनाथ के दरबार में पहुंचते हैं. बाबा के दरबार में जलाभिषेक करने पहुंचने वाले शिव भक्त प्रसाद के रूप में सबसे ज्यादा पेड़ा की खरीददारी करते हैं. लेकिन इस पेड़ा और बाकि अन्य प्रसादों में मिलावट की जा रही है. दरअसल, श्रावणी मेले के दौरान देवघर, दुमका, खूंटी, रांची के पहाड़ी मंदिर और अन्य तीर्थस्थलों पर बिकने वाले प्रसादों की फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने जब जांच की पेड़ा खराब गुणवत्ता वाले मिले.

आर्टिफिशियल खोवा, पाम ऑयल और स्टार्च की मिलावट: रांची स्थित स्टेट फूड टेस्टिंग लैब के हेड और फूड विश्लेषक चतुर्भुज मीणा ने ईटीवी भारत को बताया कि देवघर और दुमका में इन दिनों श्रावणी मेले को लेकर पेड़ों की खपत काफी बढ़ जाती है. मांग बढ़ने पर दुकानदार पेड़ों की कीमत तो बढ़ाते ही हैं.

जांच में यह बात भी सामने आई है कि FSSAI के प्रावधानों का उल्लंघन कर कई तरह की मिलावट भी करते हैं. चतुर्भुज मीणा ने बताया कि आर्टिफिशियल खोवा, शुद्ध देसी घी की जगह पाम आयल का इस्तेमाल हो रहा है. साथ ही पेड़ा का वजन बढ़ाने के लिए बड़ी मात्रा में बाहर से स्टार्च मिलाया जा रहा है. इसकी वजह से खरीददारों के स्वास्थ्य खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. वहीं उनके जेब को भी चूना लगता है.

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मौके पर ही बर्बाद किये जा रहे हैं मिलावटी पेड़े: राज्य के खाद्य विश्लेषक चतुर्भुज मीणा ने बताया कि श्रावणी मेले के दौरान लगातार फूड सेफ्टी विभाग की टीम मेले में बिक रही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच कर रही है. उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में सैंपल को मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब में जांच करने पर उसमें तरह-तरह के मिलावट की पुष्टि हुई है. उन्होंने कहा कि मौके पर मिलावट या खराब गुणवत्ता वाले मिठाईयां और पेड़ा को नष्ट कर दिया जा रहा है, जबकि बड़े दुकानदारों को अर्थदंड भी लगाया गया है.

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कई लोग 100 की जगह 110 का पेट्रोल लेते हैं… क्या सही में इससे ज्यादा पेट्रोल आता है?

सबसे पहले तो आपको बताते हैं कि लोग ऐसा क्यों करते हैं. दरअसल, पेट्रोल पंप पर 100, 200, 500, 1000 जैसे अमाउंट की एंट्री के लिए वन बटन सिस्टम होता है. यानी जिस अमाउंट में ज्यादा पेट्रोल बिकता है, उसके कोड सेट रखे जाते हैं.

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इससे होता क्या है कि अगर कोई 200 रुपये का पेट्रोल मांगता है तो सिर्फ एक कोड का एक ही बटन दबाना होता है और 200 नहीं लिखना पड़ता है. ऐसे में 4 बटन की जगह एक ही बटन दबाना होता है और काम हो जाता है .लेकिन, लोगों का मानना है कि जब पेट्रोल पंप वाले ये कोड सेट करते हैं तो उसमें बेईमानी कर लेते हैं और अपने हिसाब से लिमिट तय करते हैं. लोगों को इस शॉर्टकट की पर विश्वास नहीं होता है और ऐसे में लोग अपना अलग अमाउंट बताते हैं.इस वजह से लोग जब 100 का पेट्रोल डलवाना हो तो 105 या 110 रुपये का पेट्रोल डलवाते हैं या फिर 200 का चाहिए तो 194, 199, 205 जैसे अमाउंट का पेट्रोल डलवाते हैं ताकि पेट्रोल पंप कर्मचारी को मैनुअली अमाउंट भरना पड़े, जिससे वो बेईमानी नहीं कर पाए.

क्या इससे फायदा होता है? लोग भले ही इस ट्रिक से पेट्रोल भरवाकर खुश होते हैं, लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं है कि इससे सही में फायदा होता है और शॉर्टकट बटन से पेट्रोल लेने पर कम पेट्रोल आता है. अगर आपको पेट्रोल पंप पर शक है तो इसकी सत्यता आप सरकारी रुप से मान्यता प्राप्त लीटर मेजरमेंट मग के जरिए पेट्रोल पंप की जांच करवा सकते हैं. इसके जरिए ही आप पता लगा सकते हैं कि पेट्रोल पंप ने जितना पेट्रोल मांगा है, उतना ही दिया है.

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विश्व का एकमात्र शिवलिंग, जहां सरसों और तिल के तेल से होता है भगवान का अभिषेक

क्या आपने सुना है कि किसी शिवलिंग का अभिषेक पूजन सरसो और तिल के तेल से भी किया जाता है. यदि नहीं तो धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित श्री हनुमंतेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन जरूर कीजिए, क्योंकि यहां विश्व का एकमात्र ऐसा शिवलिंग है, जहां पर भगवान की शिवलिंग प्रतिमा पर सरसो और तिल का तेल चढ़ाकर भगवान का अभिषेक पूजन किया जाता है.

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मंदिर के पुजारी पंडित केदार मोड़ ने बताया कि गढ़कालिका से कालभैरव मार्ग पर जाने वाले ओखलेश्वर घाट पर श्री हनुमंतेश्वर महादेव का अति प्राचीन मंदिर विद्यमान है, जो कि 84 महादेव में 79वें स्थान पर आता है. पुजारी पंडित केदार मोड़ ने बताया कि यहां विश्व का एकमात्र ऐसा शिवलिंग है, जहां सरसों का तेल भगवान को अर्पित कर उनका अभिषेक पूजन किया जाता है और उन्हें तिल के बने पकवानों का ही भोग लगाया जाता है.

यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जो कि 24 घंटे खुला रहता है. मंदिर में कहीं भी ताला नहीं लगाया जाता है. पुजारी ने बताया कि वैसे तो श्री हनुमंतेश्वर महादेव की महिमा अत्यंत निराली है, जिनके दर्शन करने मात्र से ही सर्वमनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं, लेकिन मंगलवार और शनिवार को मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.

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शिव के साथ विराजमान हैं पंचमुखी हनुमान

मंदिर में भगवान शिव की अत्यंत चमत्कारी प्रतिमा के साथ ही पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा भी अत्यंत मनोहारी है. इन प्रतिमाओं के साथ ही मंदिर में भगवान श्री गणेश, कार्तिक जी और माता पार्वती के साथ ही नंदी जी भी विराजमान हैं. मंदिर में वैसे तो वर्षभर ही अनेको उत्सव मनाए जाते हैं, लेकिन हनुमान अष्टमी, हनुमान जयंती, शिव नवरात्रि के नौ दिन और श्रावण मास में भगवान का महारुद्राभिषेक विशेष रूप से किया जाता है.

पवन देव ने दिया था श्री हनुमत्केश्वर नाम

वैसे तो इस मंदिर की कई कहानियां प्रचलित हैं, लेकिन बताया जाता है कि लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान श्रीराम से मिलने के लिए जब हनुमान जी उपहार स्वरूप एक शिवलिंग साथ ले जा रहे थे, तभी उन्होंने कुछ समय महाकाल वन में रुककर शिवलिंग की पूजा की थी. इस पूजन-अर्चन के बाद भगवान सदैव यहीं विराजमान हो गए थे, क्योंकि इन्हें हनुमान जी साथ लेकर आए थे. इसीलिए इस मंदिर का नाम श्री हनुमंतेश्वर महादेव पड़ गया.मंदिर में पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा आज भी विराजमान है, जबकि इस मंदिर की कथा में यह भी बताया जाता है कि हनुमान जी के बाल्यावस्था में जब वे भगवान सूर्य को गेंद समझकर पकड़ने के लिए गए थे. उसी समय भगवान इंद्र ने उन पर वज्राघात कर दिया था. हनुमान जी को महाकाल वन में विराजमान शिवलिंग का पूजन अर्चन करने से ही चेतन्यता प्राप्त हुई थी. पवन देव ने तभी से इस शिवलिंग का नाम श्री हनुमंतेश्वर महादेव रखा और यही कारण है कि इसी नाम से यह विख्यात भी हुआ.

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