जमशेदपुर : जमशेदपुर निवासी मार्शल आर्ट (मुआय थाई) एशियन चैंपियन गुरप्रीत सिंह अंगराज को टुइलाडूंगरी गुरुद्वारा कलगीधर साहिब में उसकी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। रविवार को गुरुद्वारा साहिब में गुरप्रीत सिंह अंगराज को सरोपा और गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया।
टुइलाडूंगरी गुरुद्वारा कलगीधर साहिब के प्रधान सुखराज सिंह, महासचिव परमजीत सिंह, वरीय उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह बग्गे के अलावा हरदीप सिंह, रणजीत सिंह व दर्शन सिंह ने चैंपियन खिलाड़ी गुरप्रीत सिंह अंगराज का सम्मान किया और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की।
गौरतलब है कि गुरप्रीत सिंह उर्फ़ अंगराज पहले सिख मार्शल आर्ट (मुआय थाई) खिलाड़ी हैं जिन्होंने यह कारनामा कर दिखाया है। जमशेदपुर, झारखंड के रहने वाले गुरप्रीत सिंह उर्फ़ अंगराज ने 21 से 23 जुलाई से दिल्ली के इंटरनेशनल त्यागराज स्टेडियम में आयोजित एशियन मुआय थाई चैम्पियनशिप के फाइनलस में अपने प्रतिद्वंदी को 15 सेकंड में नॉकआउट कर एशिया के ख़िताब को अपने नाम किया था। वे एशिया के पहले सिख एशियन मुआय थाई चैंपियन बन गए हैं। एशियन मुआय थाई चैंपियनशिप में कज़ाख़िस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, फ़िलीपींस, पाक़िस्तान, भारत , वियतनाम, म्यांमार, इंडोनेशियाई आदि देशों में भी भाग लिया।
अंगराज टुइलाडूंगरी टाटा कम्युनिटी सेंटर में एके एमएमए अकैडमी के नाम से सभी उम्र के बच्चो और बड़ो को मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स एमएमए और मुआय थाई की ट्रेनिंग भी देते है। इस जीत का श्रेय वे अपने गुरू कुलदीप सिंह अपने माता-पिता और टाटा स्टील फाउंडेशन को देते है और आने वाले 6 महीनों में वे थाईलैण्ड जा कर प्रोफेशनल मुआय थाई चैंपियनशिप में भी भाग लेंगे।
सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी द्वारा आयोजित मेगा स्वास्थ्य जांच सह रक्तदान शिविर में जमशेदपुर के संगत ने खुले मन से अवसर का लाभ उठाया। रविवार सीजीपीसी कार्यालय में आयोजित शिविर में 106 नेत्र जांच, 78 रक्त जांच और 117 लोगों ने रक्तदान किया। इस अवसर पर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयु राय और कोल्हान के रिटायर्ड पूर्व आयुक्त विजय सिंह ने शिविर में पहुंचकर रक्तदाताओं का मनोबल बढ़ाया।
सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने सर्वप्रथम रक्तदान कर रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया उनके बाद सीजीपीसी के अन्य सदस्यों ने भी रक्तदान किया। मेगा शिविर में उमड़ी भीड़ में 106 लोगों ने अपने नेत्रों की जांच करवायी जबकि 78 लोगों ने रक्त जांच तथा 117 यूनिट रक्त इकठ्ठा किया गया। रक्तदान करने आये लोगों को सम्मानित भी किया गया। रक्तदान शिविर सिख इतिहास ने महान शहीद भाई मनी सिंह की शहादत को समर्पित किया गया।
जरूरतमंद का जीवन बचाने वाला सबसे बड़ा दान है, रक्तदान: भगवान सिंह
भगवान सिंह ने अपने कथन में कहा कि किसी भी जरूरतमंद की जान बचाने वाला सबसे बड़ा दान है रक्तदान। उन्होंने कहा कि इस मेगा हेल्थ कैंप से उन्हें काफी मार्गदर्शन मिला है और वे इस तरह के और लोकोपकारी कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार कर रहें हैं। कमिटी के चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह का कहना है था कि सिख समाज के अलावा अन्य समुदाय के लोगों ने भी रक्तदान में भाग लेकर उत्साह दिखाते हुए जो शिविर को सफल बनाया है उनका वे तह-ए-दिल से धन्यवाद करते हैं। शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ निशा चौधरी, डॉ स्तुति केडिया, डॉ मीनल खिरिया सुगन्धि, डॉ सौरव बनर्जी एवं डॉ रोहित कुमार झा प्रमुखरूप से सबके स्वास्थ्य जांच के लिए उपस्थित थे जबकि रक्त जांच के लिए मौसमी सवाई टीम के साथ मुस्तैद थीं। राघव कुमार के नेतृत्व में एमजीएम अस्पताल की मेडिकल टीम आयी थी। सरदार भगवान सिंह ने सभी डॉक्टरों को सम्मानित तथा स्वास्थ्य जांच और रक्तदान के लिए आये लोगों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन किया। भगवान सिंह ने सभी डॉक्टरों को सम्मानित तथा स्वास्थ्य जांच और रक्तदान के लिए आये लोगों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन किया।
मेगा हेल्थ कैंप को सफल बनाने में प्रधान भगवान सिंह केअलावा चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, संरक्षक गुरदीप सिंह पप्पू, वरीय उपाध्यक्ष चंचल सिंह, महासचिव अमरजीत सिंह-गुरचरण सिंह बिल्ला, अकाली दल के सुखदेव सिंह, रविंदर सिंह, रविंदरपाल सिंह, अमृतपाल सिंह, हरजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह, हरजिंदर सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू, मुख्य सलाहकार सुजीत सिंह खुशीपुर, परविंदर सिंह सोहल, कुलविंदर सिंह पन्नू, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, जगजीत सिंह गांधी, रविंदर सिंह, लखविंदर सिंह, सुंदरनगर हरिशरण सिंह, कुलविंदर सिंह, कुलदीप सिंह बघे, अमरजीत सिंह गांधी, अजब सिंह, महेंद्रपाल सिंह, बलदेव सिंह, अमरीक सिंह, इकबाल सिंह, सरबजीत सिंह ग्रेवाल, हरदीप सिंह दीपी, दमनप्रीत सिंह, अमरिक सिंह, सुखवंत सिंह सुखु, जसवंत सिंह जस्सू, सुरेंद्र सिंह शिंदे, परमजीत सिंह रोशन, रघुवीर सिंह, बलवंत सिंह कुलविंदर सिंह, बलबीर सिंह, जगतार सिंह नागी, सुखविंदर सिंह, गुरपाल सिंह, सेंट्रल स्त्री सत्संग सभा की प्रधान रविंदर कौर, चेयरमैन कमलजीत कौर, सुखजीत कौर, सुखजीत कौर, संरक्षक दलबीर कौर, वरीय उपाध्यक्ष परविंदर कौर, महासचिव सुखवंत कौर, बलविंदर कौर, आशा कौर, जसवीर कौर, परविंदर कौर, स्वर्ण कौर, बलजीत कौर ने उल्लेखनीय भूमिका निभायी।
जमशेदपुर : हिंदू जागरण मंच के जिला अध्यक्ष बलबीर मंडल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि हेमंत सरकार एक आंख में काजल और एक आंख में सुरमा लगाकर काम कर रही है. श्री मंडल ने कहा कि जहां एक तरफ हिंदुओं के पर्व त्योहार में गाना डीजे पर पाबंदी है वहीं दूसरी तरफ मुहर्रम जैसे त्योहार में किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है आखिर ऐसा क्यों.
सरकार एक तरफ जहां हिंदुओं के पर्व त्योहार पर पाबंदी लगाती है वही दूसरे तरफ मुहर्रम जैसे त्योहार में छूट देकर हिंदुओं के मान सम्मान को ठेस पहुंचा रही है जिसका हम कड़ी शब्दो मे पुरजोर निंदा करते हैं. श्री मंडल ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा की झारखंड सरकार इस तरह की ओछी राजनीति करके हिंदू समाज में एक अलग मैसेज दे रही है. आने वाले चुनाव में हिंदू समाज इस सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।
जमशेदपुर : जमशेदपुर भारत रत्न जेआरडी टाटा की आज 119वीं जयंती के अवसर टाटा समूह की ओर से इस मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गए हैं. इसी कड़ी में जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में एयर मॉडलिंग शो का आयोजन किया गया. इस मौके पर जेआरडी टाटा को सोनारी हवाई अड्डे समेत विभिन्न स्थानों पर स्टील टाटा और अन्य समूह कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा श्रद्धांजलि दी गयी. वहीं विभिन्न खेलकूद, क्विंज प्रतियोगिता, एरो मॉडलिंग शो और वॉकथॉन का आयोजन किया गया. वहीं जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में एयरो मॉडलिंग शो का आयोजन किया गया. इसमें बहुप्रतीक्षित शो में प्लेन नाइट्रो इंजन, टरबाइन इंजन से लेकर इलेक्ट्रिक इंजन तक विभिन्न आकार और प्रकार के लगभग 12 मॉडल विमानों की प्रदर्शनी की गयी.
वहीं इन मॉडलों को प्रदर्शित करने और उड़ाने के लिए जमशेदपुर और कोलकाता की टीम को आमंत्रण किया गया था. इस शो में 400 बच्चों ने हिस्सा लिया. इसमें विमानों और अन्य मॉडलों का स्टैटिक डिस्प्ले भी किया गया. शो के दौरान फन क्यूब, स्लो स्टिक और ट्विन इलेक्ट्रिक जैसे विमान भी उड़ाए गए. जे वहीं सुबह जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक वॉकथॉन का भी आयोजन किया गया, जिसमें जमशेदपुर के नागरिकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. वहीं विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया. पुरस्कृत होने वाले सदस्यों में पुरुष में टेल्को के रामलखन दास, राजस्थान के मुकेश कुमार, जमशेदपुर के संजीव को पुरस्कृत किया गया. वहीं महिलाओं में मानगो की पूजा कुमारी, सिदगोड़ा की लिप्सा, आदित्यपुर की सुप्रिया बेसरा विजेता बने. वहीं बच्चों की कैंटेगरी में काव्यांश श्रीवास्तव, हर्षमिल दक्ष और सात्विक कुमार विजेता रहे. कार्यक्रम में एवरेस्ट पर्वतारोही अस्मिता दोरजी, पूर्व भारतीय एथलेटिक कोच संतोष वर्गीस, मुकुल विनायक चौधरी, चीफ स्पोर्ट्स टाटा स्टील और हेमंत गुप्ता हेड स्पोर्ट्स ऑफ टाटा स्टील उपस्थित थे.
जमशेदपुर : उम्र छोटी, केवल 12 वर्ष लेकिन सोच किसी परिपक्व बुजुर्ग जैसी, यहाँ बात कर रहें हैं नन्हे मनजोत सिंह की जिसने शनिवार को अपने जन्मदिन के मौके पर जेब खर्च के जमा किये सारे पैसे शिक्षा विकास हेतु ‘सिख विजडम’ के लिए सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह को साकची स्थित कार्यालय में भेंट स्वरुप दे दिए। केरला समाजम मॉडल स्कूल के 12 वर्षीय छात्र मनजोत सिंह ने “सिख विजडम” के लिए गुल्लक में जमा किये कुल ग्यारह हजार सात सौ पैंतीस रूपए नकद देकर समाज के लिए एक उदहारण पेश किया। 29 जुलाई को अपने जन्मदिन वाले दिन को मनजोत सिंह ने यादगार पल बनाते हुए सिख समाज के अन्य सभी को प्रेरित किया।
सीजीपीसी कार्यालय में प्रधान भगवान सिंह ने भी मनजोत सिंह का स्वागत एक सेलिब्रिटी की तरह किया। भगवान सिंह के कहा समाज के अन्य लोगों को इस बच्चे से प्रेरणा लेनी चाहिए। मनीफिट के सोखी कॉलोनी निवासी सरदार गुरपाल सिंह टिक्कू और दविंदर कौर के पुत्र मनजोत सिंह के कहना है कि समाज सेवा करने में उसे ख़ुशी मिलती है और आगे भी वह समाज सेवा करता रहेगा।
सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह-गुरचरण सिंह बिल्ला, उपाध्यक्ष चंचल सिंह, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, हरजिंदर सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू, जगतार सिंह नागी, कुलविंदर सिंह पन्नू, सुरेंदर सिंह छिंदे, सुरजीत सिंह, अमरजीत सिंह भामरा व त्रिलोचन सिंह तोची ने भी मनजोत सिंह की जमकर तारीफ की।
रिफ्यूजी कॉलोनी गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान एवं खालसा क्लब के ट्रस्टी सरदार हरमिंदर सिंह मिंदी को पत्नी शोक हुआ है। 60 वर्षीय पत्नी हरजीत कौर स्वीटी का शनिवार तड़के साढ़े तीन बजे गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में हो गया। किडनी रोग से ग्रसित उनका इलाज पिछले एक महीने से चल रहा था। पार्थिव देह को पंजाब होशियारपुर के तपोवन साहेब तनोली हरखोवाल स्थित डेरा ले जाया जा रहा है। रविवार की सुबह वहां अंतिम संस्कार होगा।
प्रधान हरविंदर सिंह एवं उनके भतीजे राजू ने बताया कि परिजन पंजाब होशियारपुर पहुंच रहे हैं। हरजीत कौर के निधन पर भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, खालसा क्लब ट्रस्टी सरदार संता सिंह, प्रधान भगवान सिंह रूबी, महासचिव नरेंद्र सिंह, तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब प्रबंधन कमेटी के महासचिव सरदार इंदरजीत सिंह, सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह, संरक्षक गुरमीत सिंह तोते, संरक्षक शैलेंद्र सिंह, बीर खालसा दल के अध्यक्ष रविंदर सिंह रिंकू, गुरु नानक सेवा दल के प्रधान हरविंदर सिंह मंटू, सीजीपीसी के पूर्व कैशियर अजीत सिंह गंभीर, बारीडीह कमेटी के प्रधान कुलविंदर सिंह, टीनप्लेट कमेटी के प्रधान सुरजीत सिंह खुशीपुर, सोनारी के प्रधान तारा सिंह, जेम्को के प्रधान जगदीश सिंह जग्गा ने शोक जताते हुए अरदास की है कि वाहेगुरु उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे और परिवार को दुख सहने की शक्ति दे।
पबजी जितना ज्यादा पॉपुलर है, इसके साइड इफेक्ट भी उतने ही हैं. यह गेम बच्चों के शारीरिक-मानसिक विकास पर बुरा असर डाल रहा है. एक बच्चे ने पबजी गेम खेलते-खेलते अपने हाथ की नस और हाथ की तीन उंगलियां काट लीं.
मामला उत्तर प्रदेश के बरेली का है. लहुलूहान हालत में देख परिजन बच्चे को तत्काल अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है.
घटना बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र की है. बच्चा पांचवी कक्षा का स्टूडेंट है. उसका नाम अर्जुन है. परिजन जब सो जाते थे, तब उनका मोबाइल लेकर बच्चा पूरी रात पबजी पर गेम खेलता रहता था. परिजनों के मुताबिक, अर्जुन को पबजी गेम का इतना शौक था कि जब उनके घर में कोई रिश्तेदार आता था तो वह सबसे पहले उनका मोबाइल लेकर अपने कमरे में चला जाता था. गेम खेलना उसे इतना अच्छा लगता कि वह अपना सुध-बुध खो बैठता था.
बच्चा अस्पताल में भर्ती
बताया जा रहा है कि परिजन बच्चे को जख्मी हाल में पास के अस्पताल में इलाज के लिए ले गए. लेकिन, वहां के डॉक्टरों ने देखा कि बच्चे का खून अधिक बह गया है तो उसे दूसरे अस्पताल में जाने के लिए कह दिया. अब बच्चे को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
रिश्तेदारों से मोबाइल मांगता था
परिजनों के मुताबिक, अर्जुन रिश्तेदारों से मोबाइल मांगता था और मोबाइल मिलने पर तुरंत ही अपने कमरे में जाकर पब्जी गेम खेलने लगता था. उसे पबजी गेम के सामने कुछ भी अच्छा नहीं लगता था. वह गेम में बिल्कुल ही लीन रहता था. हालांकि, इस मामले में परिजनों ने पुलिस से कोई शिकायत नहीं की है.
यह कोई नया मामला नहीं है. पिछले साल लखनऊ में पबजी वीडियो गेम की लत का शिकार एक 16 साल के बच्चे ने अपनी मां की गोली मारकर हत्या कर दी थी. बच्चे ने मां की हत्या इसलिए की, क्योंकि उसने बच्चे को पबजी गेम खेलने से रोका था. ऐसा ही मामला राजस्थान के नागौर में भी सामने आया था. यहां एक किशोर ने पबजी की लत के कारण अपने चचेरे भाई की गला दबाकर जान ले ली थी.
जल जीवन मिशन के तहत पिछले 5 वर्षों में झारखंड को भारत सरकार के द्वारा 10865 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गयी है, जिसमें राज्य सरकार सिर्फ 3065 करोड़ रुपए का उपयोग कर पायी है.
वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए जल जीवन मिशन कार्य को पूर्ण करने के लिए भारत सरकार ने झारखंड के लिए 4722 करोड़ की राशि आवंटित की है, परंतु इस वित्तीय वर्ष के लगभग 4 माह बीत जाने के बाद भी सरकार के द्वारा अभी तक इससे कोई राशि की निकासी नहीं की गयी है. इस आशय की जानकारी केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री विशेश्वर टुडू ने रांची के सांसद संजय सेठ के सवाल पर लोकसभा में दी.
जल जीवन मिशन को लेकर संजय सेठ ने पूछा था सवाल
लोकसभा सत्र के दौरान रांची के सांसद संजय सेठ ने यह सवाल पूछा था कि केंद्र सरकार के द्वारा झारखंड के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं. कितनी राशि उपलब्ध करायी गयी है. इसके अलावा सांसद ने झारखंड में विभिन्न कारणों से प्रदूषित हुए बड़े जल निकायों और जलाशय की सफाई के संबंध में भी जानकारी मांगी थी.
जनता के बीच भ्रम नहीं फैलाए राज्य सरकार
जल जीवन मिशन के लिए केंद्र सरकार ने 10 हजार करोड़ दिए, लेकिन सिर्फ 3 हजार करोड़ खर्च हुए. चालू वित्तीय वर्ष में केंद्र से 4722 करोड़ मिले हैं, लेकिन अब तक राज्य ने राशि ही नहीं निकाली. रांची से बीजेपी के सांसद संजय सेठ के सवाल पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने जवाब दिया. सांसद संजय सेठ ने कहा कि राज्य सरकार ईमानदारी से काम करे और जनता के बीच भ्रम फैलाना बंद करे.
राशि का उपयोग नहीं कर पा रही सरकार
इसी जानकारी के आलोक में केंद्रीय मंत्री ने सदन में यह जवाब दिया है. केंद्रीय मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2019 में 267 करोड़, 2020-21 में 572 करोड़ 2021-22 में 2479 करोड़, 2022-23 में 2825 करोड़ और 2024 में 4722 करोड़ की राशि आवंटित की गयी है. इसकी तुलना में राज्य सरकार इन राशियों का उपयोग नहीं कर पा रही है.
चालू वित्तीय वर्ष में दी गयी राशि की निकासी तक नहीं की गयी
वर्ष 2019 में झारखंड सरकार ने 291 करोड़ रुपए का उपयोग किया, जबकि 2020-21 में 143 करोड़ रुपए का उपयोग हुआ, वही 2021-22 में 512 करोड़ रुपए का उपयोग हुआ, जबकि 2022-23 में 2119 करोड़ रुपए का उपयोग हुआ. चालू वित्तीय वर्ष में जारी की गई राशि में से किसी भी राशि की निकासी अब तक नहीं की गयी है.
23 लाख घरों में नल जल से हो रही आपूर्ति
केंद्रीय मंत्री ने सांसद संजय सेठ को यह भी बताया कि राज्य सरकार के द्वारा जो रिपोर्ट उपलब्ध करायी गयी है, उसके अनुसार झारखंड में पूर्व में 20.50 लाख ग्रामीण घरों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध करा दिया गया है. वहीं जुलाई 2023 तक राज्य में 61.28 लाख ग्रामीण घरों में से 23 लाख घरों में नल जल से आपूर्ति होने की सूचना दी गयी है.
झारखंड में कोई जलाशय प्रदूषित नहीं
राज्य सरकार के हवाले से ही लोकसभा में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राज्य में पड़ने वाले बड़े जल निकायों जलाशयों को प्रदूषण मुक्त करने व साफ सफाई करने की जिम्मेदारी राज्य का विषय है. राज्य सरकार ने सूचित किया है कि वर्तमान में झारखंड में कोई जलाशय प्रदूषित नहीं है. इसके अलावा भारत सरकार जल निकायों के पुनरुद्धार को लेकर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार को मदद करती है. भारत सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जल शक्ति अभियान, अमृत जलापूर्ति योजना, जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से झारखंड सहित सभी राज्यों को मदद करती रही है.
महज 30% राशि खर्च, केंद्रीय योजनाओं को फेल करने में लगी है सरकार
इस जवाब के बाद सांसद संजय सेठ ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है. सांसद ने कहा कि भारत सरकार ने जितनी राशि राज्य सरकार को प्रदान की है, राज्य सरकार उस राशि का महज 30% खर्च कर पायी है. यह आंकड़ा बताता है कि राज्य सरकार जानबूझकर भारत सरकार की योजनाओं को राज्य में फेल करना चाह रही है ताकि केंद्र सरकार के ऊपर इसका ठीकरा फोड़ा जा सके. इसके अलावा राज्य सरकार ने यह भ्रम फैलाने का काम किया है कि झारखंड का कोई जलाशय प्रदूषित नहीं है, जबकि मीडिया माध्यमों में यह खबर बराबर आती रही है कि झारखंड में बड़े पैमाने पर जलाशय प्रदूषित हो चुके हैं. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि जब केंद्र सरकार दोनों हाथ खोल कर राज्य की प्रगति और विकास के लिए पैसे दे रही है तो राज्य सरकार को भी पूरी ईमानदारी के साथ इसका उपयोग करना चाहिए.
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दिवंगत माकपा नेता सुभाष मुंडा के परिवार से मिलकर उनका ढांढ़स बंधाया. बता दें कि बीते 26 जुलाई को अपराधियों ने माकपा नेता की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास दिवंगत माकपा नेता सुभाष मुंडा के घर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने परिवार के लोगों से मिलकर उनका ढांढ़स बंधाया. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की बात कही. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था लचर हो गई है, अपराधियों के अंदर कानून का भय खत्म हो गया है. आए दिन ऐसे वारदातों की सूचना राज्य भर से मिलते रहती है. बीजेपी नेता रघुवर दास के साथ हटिया विधायक नवीन जायसवाल समेत कई लोग भी मौजूद थे.
सदन में बीजेपी का प्रदर्शन: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बीजेपी विधायकों ने सुभाष मुंडा की हत्या के विरोध में बीते 28 जुलाई को विधानसभा परिसर में धरना दिया था. साथ ही इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी. विधायक अमर कुमार बाउरी ने कहा था कि सरेआम माकपा नेता की हत्या, हेमंत सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोलती है. उन्होंने कहा कि घटना के बाद राज्य के आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. वहीं मांडू विधायक जयप्रकाश भाई पटेल ने कहा कि राज्य की विधि व्यवस्था लगातार गिर रही है. इसके बावजूद भी सरकार इसे लेकर संवेदनशील नजर नहीं आती है.
माकपा कार्यालय में मर्डर: बता दें कि बीते 26 जुलाई को दिवंगत माकपा नेता सुभाष मुंडा अपने भाई और तीन कार्यकर्ताओं के साथ माकपा कार्यालय में बैठे थे. तभी दो बाइक पर सवार तीन अपराधी वहां आ धमके. जिसमें दो ने गमछा लपेटा हुआ था. अपराधियों ने ऑफिस में घुसकर करीब रात के पौने आठ बजे ताबड़तोड़ सुभाष मुंडा पर फायरिंग कर दी. लगभग 10-12 राउंड फायरिंग करने के बाद तीनों अपराधी बाइक पर सवार होकर घटनास्थल से फरार हो गए थे. आनन-फानन में सुभाष को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
राज्य के पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापक) की पहली आकलन परीक्षा 30 जुलाई को होगी. इसकी तैयारी झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने पूरी कर ली है. राज्य में सभी जिलों में 81 परीक्षा केंद्र अंगीभूत और बीएड कॉलेज में बनाये गये हैं.
इसमें लगभग 43 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे. परीक्षा में कक्षा एक से पांच में लगभग 36 हजार और छह से आठ में लगभग सात हजार शिक्षक शामिल होंगे.
सफल होने पर शिक्षकों का मानदेय 10% तक बढ़ेगा. जो शिक्षक परीक्षा में सफल नहीं होंगे, उन्हें परीक्षा पास करने के लिए तीन और अवसर दिये जायेंगे. शिक्षकों के लिए कुल चार आकलन परीक्षा होगी. शिक्षक अगर परीक्षा में शामिल नहीं होते हैं, तो उनका एक अवसर समाप्त माना जायेगा. परीक्षा में सफल नहीं होने पर भी शिक्षकों की सेवा बनी रहेगी, लेकिन उनके मानदेय में बढ़ोतरी नहीं होगी.
150 अंकों की होगी परीक्षा
पारा शिक्षकों की आकलन परीक्षा 150 अंकों की होगी. कक्षा एक से पांच और छह से आठ के लिए अलग-अलग परीक्षा होगी़ छह से आठ में विज्ञान, सामाजिक विज्ञान व भाषा के लिए अलग-अलग परीक्षा होगी. सामाजिक विज्ञान के लिए कुल सात विषयों की परीक्षा होगी, इनमें से किसी तीन विषय की परीक्षा देनी होगी.
विज्ञान शिक्षकों के लिए गणित की परीक्षा देना अनिवार्य
कक्षा छह से आठ में विज्ञान शिक्षकों के लिए कुल छह विषय का विकल्प दिया गया है. इसमें गणित की परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है, जबकि भौतिकी, रसायन, वनस्पति शास्त्र व प्राणी शास्त्र विषय में से किसी दो विषय की परीक्षा देनी होगी.
भाषा में अंग्रेजी की परीक्षा अनिवार्य
भाषा की परीक्षा में अंग्रेजी की परीक्षा देना अनिवार्य है. हिंदी, संस्कृत, बंगला व उड़ीया में से किसी दो विषय का चयन करना होगा. कक्षा एक से पांच व छह से आठ, दोनों में जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा अलग से ली जायेगी.
ढाई घंटे की होगी परीक्षा : परीक्षा ढाई घंटे की होगी औरओएमआर शीट पर ली जायेगी. ओएमआर शीट का सैंपल भी जैक ने वेबसाइट पर जारी कर दिया है.