एक नई सोच, एक नई धारा

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तीसरी धारा न्यूज़: आदित्यपुर में कल सजेगा ‘रोजगार का मेला’, 10 कंपनियां 1312 पदों पर करेंगी सीधी भर्ती

आदित्यपुर/सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर सामने आया है। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में कल, यानी 13 मार्च को जिला नियोजनालय आदित्यपुर द्वारा एक दिवसीय विशाल भर्ती कैंप का आयोजन किया जा रहा है।

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कहाँ और कब होगा आयोजन?

​यह भर्ती कैंप आदित्यपुर स्थित दुर्गा पूजा मैदान में आयोजित किया जाएगा। कैंप की शुरुआत पूर्वाह्न 10:00 बजे से होगी। इस मेले के माध्यम से कुल 1312 पदों पर युवाओं का चयन किया जाएगा।

इन प्रमुख कंपनियों में मिलेगी नौकरी

​रोजगार मेले में कुल 10 प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। प्रमुख रिक्तियां इस प्रकार हैं:

  • मेटलमैने ऑटो लिमिटेड: 600 पद
  • स्विगी (Swiggy): 200 पद
  • टैलेंटनेक्सा सर्विस: 200 पद
  • पैंथर सिक्योरिटी सर्विस: 150 पद
  • GD टेक सर्विस: 70 पद
  • डेल्टा सिक्योरिटी व NTTF TVS चेन्नई: 50-50 पद
  • सुदिसा फाउंड्री व अन्य: 62 पद

कौन कर सकता है आवेदन?

​इस कैंप में 8वीं पास से लेकर डिप्लोमा और बीटेक धारक अभ्यर्थी भी भाग ले सकते हैं। उम्मीदवारों के पास झारखंड के किसी भी नियोजनालय का वैध निबंधन (Registration) होना अनिवार्य है। जिन युवाओं ने अब तक निबंधन नहीं कराया है, वे www.jharniyojan.jharkhand.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं।

साथ लाना न भूलें ये दस्तावेज

​जिला नियोजन पदाधिकारी ने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज जरूर लाएं:

  1. ​सभी मूल प्रमाण पत्र एवं उनकी एक छायाप्रति (Photocopy)।
  2. ​बायोडाटा (Resume)।
  3. ​पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।
  4. ​नियोजनालय का मूल निबंधन कार्ड।

तीसरी धारा न्यूज़ सभी स्थानीय युवाओं से अपील करता है कि इस अवसर का लाभ उठाएं और समय पर दुर्गा पूजा मैदान, आदित्यपुर पहुंचें।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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तीसरी धारा न्यूज़: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बेटियों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, जमशेदपुर में सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कैंप का भव्य समापन

जमशेदपुर: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर ‘सेल्फ डिफेंस एसोसिएशन ऑफ झारखंड’ और ‘झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और युवतियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना था।

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मुख्य अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह

​कार्यक्रम के समापन समारोह में ‘सेवा ही लक्ष्य’ संस्था (युवा शक्ति) के अध्यक्ष बिकास कुमार डे एवं संस्थापक पीयूष ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। अतिथियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।

“आत्मरक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता”

​समारोह को संबोधित करते हुए ‘सेवा ही लक्ष्य’ के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने कहा, “आज के समय में महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) सीखना और उसके प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है। यह न केवल उन्हें सुरक्षित बनाता है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास भी पैदा करता है ताकि वे समाज में बिना किसी डर के आगे बढ़ सकें।”

​संस्था के अध्यक्ष बिकास कुमार डे ने भी प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कैंप हर बस्ती और हर स्कूल में आयोजित होने चाहिए ताकि हमारी बेटियां खुद अपनी सुरक्षा करने में सक्षम हों।

बेटियों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

​समापन के अवसर पर ट्रेनिंग कैंप में शामिल युवतियों ने मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षकों ने बताया कि कैंप के दौरान छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों से बचने और हमलावर को धूल चटाने के खास पैंतरे सिखाए गए हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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तीसरी धारा न्यूज़: बिहार की सियासत में ‘नीतीश युग’ के अंत की आहट! सम्राट के कंधे पर हाथ और राज्यसभा की राह—क्या है भाजपा का ‘सरप्राइज’ प्लान?

पटना/डेस्क: बिहार की राजनीति इस वक्त एक बड़े ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली (राज्यसभा) जाने की चर्चाओं के बीच एक तस्वीर ने पूरे प्रदेश के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। मधेपुरा से आई इस तस्वीर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हाथ उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कंधे पर है, जिसे सत्ता के हस्तांतरण के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

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तस्वीर के मायने: क्या सम्राट होंगे अगले ‘सरताज’?

​मधेपुरा की जनसभा में नीतीश कुमार द्वारा सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखना और सम्राट का हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन करना, भाजपा समर्थकों के बीच उत्साह भर गया है। हालांकि, भाजपा की कार्यशैली हमेशा ‘सरप्राइज’ देने वाली रही है। चाहे मध्य प्रदेश हो या छत्तीसगढ़, भाजपा ने हमेशा अंतिम समय में चौंकाने वाले नाम सामने रखे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय या विजय सिन्हा में से कोई चेहरा सामने आएगा, या फिर दिल्ली से कोई नया नाम ‘पर्ची’ के जरिए मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचेगा।

16 मार्च को राज्यसभा चुनाव: गणित हुआ दिलचस्प

​बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। मैदान में 6 उम्मीदवार होने के कारण मुकाबला काफी रोचक हो गया है।

  • मैदान में दिग्गज: नीतीश कुमार, नितिन नवीन (भाजपा), रामनाथ ठाकुर, शिवेश राम और अमरेंद्र धारी सिंह (RJD)।
  • फंसी है 5वीं सीट: असली मुकाबला उपेंद्र कुशवाहा और राजद के एडी सिंह के बीच है। जीत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। वर्तमान गणित के हिसाब से कुशवाहा को 3 और एडी सिंह को 6 वोटों की कमी खल रही है।

अगली सरकार भी नीतीश की मर्जी से?

​केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद भी बिहार की अगली सरकार उनकी मर्जी और मार्गदर्शन में ही चलेगी। ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान सीमांचल में घूम रहे सम्राट चौधरी भी बार-बार दोहरा रहे हैं कि एनडीए सरकार नीतीश के नेतृत्व में काम करती रहेगी, लेकिन भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है, इसका फैसला 16 मार्च के बाद ही होगा।

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तीसरी धारा न्यूज़: झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव—मतदाताओं की सुविधा के लिए सुधीर कुमार पप्पू की बड़ी पहल, खुलेगा ‘हेल्प डेस्क’

जमशेदपुर: झारखंड राज्य बार काउंसिल के बहुप्रतीक्षित चुनाव को निष्पक्ष और सुगम बनाने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। मतदाताओं को होने वाली किसी भी प्रकार की असुविधा को दूर करने के लिए वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

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न्याय सदन के पास मिलेगी हर जानकारी

​आगामी 12 मार्च 2026 को मतदान के दिन, न्याय सदन के समीप एक विशेष ‘हेल्प डेस्क’ स्थापित किया जाएगा। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से मतदाता अधिवक्ताओं को मतदाता सूची में उनके क्रम संख्या (Serial Number) और मतदान से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारियां तुरंत उपलब्ध कराई जाएंगी।

निष्पक्ष चुनाव के लिए सख्त निर्देश

​चुनाव की शुचिता बनाए रखने के लिए वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू और अधिवक्ता पंकज कुमार सिन्हा द्वारा जताई गई आपत्तियों पर चुनाव प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सह चुनाव प्रभारी, अधिवक्ता रथिन दास ने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया है कि:

  • नो-गो ज़ोन: बार भवन के पहले तल पर स्थित मतदान केंद्र के भीतर चुनाव समिति से जुड़ा कोई भी सदस्य प्रवेश नहीं करेगा।
  • अध्यक्ष की घोषणा: निष्पक्षता के मानक तय करते हुए अध्यक्ष ने स्वयं भी मतदान केंद्र के भीतर न जाने का निर्णय लिया है।
  • निगरानी: मतदान प्रक्रिया की निगरानी केवल बार काउंसिल द्वारा अधिकृत चार ऑब्जर्वर (पर्यवेक्षक) ही करेंगे।

​इस पहल का उद्देश्य अधिवक्ताओं के बीच विश्वास जगाना और मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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तीसरी धारा न्यूज़: रसोई गैस को लेकर देशभर में हाहाकार, इंडेन का बुकिंग सिस्टम हुआ क्रैश; जानें क्या है असली वजह

नई दिल्ली/जमशेदपुर: देश के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। पिछले कुछ दिनों से देशभर में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की बुकिंग और सप्लाई को लेकर भारी अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। आलम यह है कि लोग गैस एजेंसियों के गोदामों के बाहर लंबी कतारों में लगने को मजबूर हैं।

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क्यों ठप पड़ा है बुकिंग सिस्टम?

​इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के लोकप्रिय ब्रांड इंडेन के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, अचानक कॉल ट्रैफिक बढ़ने की वजह से रिफिल बुकिंग सिस्टम पूरी तरह क्रैश हो गया है। सामान्य दिनों के मुकाबले बुकिंग के लिए आने वाली कॉल्स की संख्या 8 से 10 गुना तक बढ़ गई है, जिससे सिस्टम बार-बार रिस्पॉन्स देना बंद कर रहा है।

सप्लाई में 50% की भारी कमी

​संकट सिर्फ बुकिंग तक सीमित नहीं है। जमीनी स्तर पर पड़ताल करने पर पता चला है कि मांग में जहाँ 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, वहीं पीछे से होने वाली सप्लाई में 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वेंडर इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम ठप होने के कारण होम डिलीवरी में भारी देरी हो रही है, जिससे लोग खुद सिलेंडर ढोने को मजबूर हैं।

सरकार और कंपनी के कदम

तीसरी धारा न्यूज़ को मिली जानकारी के अनुसार, इस संकट से निपटने के लिए इंडेन ने अपने सिस्टम की क्षमता बढ़ाना शुरू कर दिया है। बुकिंग प्रक्रिया को तेज करने के लिए IVRS (फोन पर मिलने वाले निर्देश) की अवधि कम कर दी गई है।

बुकिंग से पहले ध्यान दें: 25 दिन का नया नियम

​सरकार ने घरेलू सिलेंडर की रिफिल बुकिंग का वेटिंग पीरियड अब 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। तकनीकी पाबंदी न होने के कारण लाखों उपभोक्ता 25 दिन पूरे होने से पहले ही कॉल कर रहे हैं, जिससे सर्वर पर बोझ और बढ़ गया है।

सावधानी की अपील: उपभोक्ता कृपया अपनी पिछली बुकिंग के 25 दिन पूरे होने के बाद ही दोबारा प्रयास करें, ताकि सिस्टम पर दबाव कम हो सके और जरूरतमंदों को समय पर गैस मिल सके।

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ट्रंप प्रशासन का बड़ा प्रहार: भारत समेत 16 देशों के खिलाफ ‘सेक्शन 301’ जांच शुरू, फिर बढ़ सकते हैं आयात शुल्क

वाशिंगटन/नई दिल्ली: वैश्विक व्यापार जगत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भारत सहित दुनिया की 16 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के खिलाफ एक नई और व्यापक जांच शुरू करने का ऐलान किया है। ‘व्यापार अधिनियम 1974’ की धारा 301 (Section 301) के तहत शुरू की गई इस जांच का सीधा असर आने वाले समय में इन देशों से अमेरिका निर्यात होने वाले उत्पादों पर पड़ सकता है।

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क्या है ‘सेक्शन 301’ और क्यों हो रही है जांच?

​अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर के अनुसार, यह जांच मुख्य रूप से ‘अतिरिक्त उत्पादन क्षमता’ (Excess Capacity) को लेकर है। अमेरिका का आरोप है कि भारत, चीन और जापान जैसे देशों ने अपनी घरेलू मांग से कहीं अधिक उत्पादन क्षमता विकसित कर ली है, जो बाजार के संकेतों से मेल नहीं खाती।

​अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ये देश सब्सिडी और सरकारी नीतियों के जरिए अनुचित लाभ ले रहे हैं और अपना अतिरिक्त माल अमेरिकी बाजार में डंप कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी घरेलू उद्योगों और वहां के रोजगार को नुकसान हो रहा है।

जांच के दायरे में कौन-कौन से देश?

​इस नई लिस्ट में एशिया और यूरोप के दिग्गज व्यापारिक साझेदार शामिल हैं:

  • एशिया: भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, कंबोडिया और बांग्लादेश।
  • यूरोप: यूरोपीय संघ (EU), स्विट्जरलैंड और नॉर्वे।
  • उत्तर अमेरिका: मैक्सिको। (नोट: दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े भागीदार ‘कनाडा’ को इस लिस्ट से बाहर रखा गया है।)

भारत के लिए नई चुनौती: ‘ऐतिहासिक समझौते’ पर संकट?

​यह जांच भारत के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि अभी पिछले महीने (फरवरी 2026) ही भारत और अमेरिका के बीच एक ‘ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौता’ हुआ था।

  • ​इस समझौते के तहत, अमेरिका ने भारतीय सामानों पर प्रभावी टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया था।
  • ​यह राहत तब मिली थी जब भारत ने रूस से तेल खरीद कम करने और अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
  • ​इससे पहले, अगस्त 2025 में रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त दंडात्मक टैरिफ लगाया गया था।

​विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई जांच के परिणाम स्वरूप इस साल गर्मियों तक भारत पर फिर से नए आयात कर (Import Taxes) लग सकते हैं, जिससे हालिया समझौते से मिली राहत खत्म हो सकती है।

ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य: ‘अमेरिका फर्स्ट’

​ट्रंप प्रशासन का यह कदम उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे का हिस्सा है, जिसके तहत वे अमेरिकी औद्योगिक आधार को मजबूत करना और सप्लाई चेन को वापस देश के भीतर लाना चाहते हैं।

निष्कर्ष: यदि इस जांच के बाद अमेरिका नए प्रतिबंध या टैरिफ लगाता है, तो इसका असर न केवल भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन भी पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। आने वाले कुछ महीने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत: होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय टैंकरों को मिला ‘सेफ पैसेज’

नई दिल्ली/तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव और युद्ध के हालातों के बीच भारत के लिए एक बहुत बड़ी क राहत भरी खबर आई है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास आराघची के बीच हुई उच्च-स्तरीय कूटनीतिक बातचीत का बड़ा असर देखने को मिला है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर भारतीय झंडाधारी (India-flagged) टैंकरों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है।

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दो भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी

​कूटनीतिक सहमति बनते ही दो भारतीय टैंकर ‘Pushpak’ और ‘Parimal’ को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजरते हुए देखा गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका, यूरोप और इजरायल से जुड़े जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा लगातार बना हुआ है।

रणनीतिक हथियार बना ‘होर्मुज’

​ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस जलमार्ग को एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। ईरान के कड़े रुख के अनुसार, वह अमेरिका और उसके सहयोगियों के हितों वाले तेल को यहां से गुजरने नहीं देगा। ईरान के हालिया बयान, “हम एक भी लीटर तेल अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए गुजरने नहीं देंगे,” ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मचा दी है।

भारत के लिए क्यों है यह खास?

  1. ऊर्जा सुरक्षा: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर काफी निर्भर है। सुरक्षित मार्ग मिलने से तेल आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
  2. मजबूत कूटनीति: जहां दुनिया के शक्तिशाली देश इस क्षेत्र में संघर्ष का सामना कर रहे हैं, वहीं भारत ने बातचीत के जरिए अपने हितों की रक्षा की है।
  3. वैश्विक प्रभाव: यह समझौता वैश्विक स्तर पर भारत और ईरान के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और भारत की ‘तटस्थ एवं प्रभावी’ विदेश नीति को दर्शाता है।

निष्कर्ष: युद्ध और नाकेबंदी के इस दौर में भारत की यह सफलता साबित करती है कि कठिन से कठिन वैश्विक संकटों का समाधान भी प्रभावी कूटनीति से निकाला जा सकता है।

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज, अमित शाह ने विपक्ष को घेरा

नई दिल्ली: भारतीय संसदीय इतिहास के एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को निचले सदन में ध्वनि मत से खारिज हो गया। दो दिनों तक चली तीखी बहस और पक्ष-विपक्ष की भारी नारेबाजी के बाद, ओम बिरला सदन के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।

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सत्ता पक्ष का बचाव: “सदन मार्केटप्लेस नहीं, नियमों से चलता है”

​प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पीकर की भूमिका का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अध्यक्ष सदन के ‘न्यूट्रल कस्टोडियन’ (तटस्थ संरक्षक) हैं।

​अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा:

​”लोकसभा की कार्यवाही आपसी भरोसे और स्थापित नियमों के आधार पर चलती है। यह कोई बाजार (Marketplace) नहीं है। सदस्यों को नियमों और प्रक्रियाओं के भीतर रहकर ही अपनी बात रखनी चाहिए। स्पीकर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं।”

विपक्ष के गंभीर आरोप: “चेयर बनी सत्ता पक्ष के ‘अत्याचार’ का प्रतीक”

​कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव के समर्थन में विपक्षी सांसदों ने स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगाया। आरजेडी सांसद अभय कुमार सिन्हा ने सदन में कहा कि आज चेयर लोकतंत्र की आजादी के बजाय सत्ता पक्ष के दबाव का प्रतीक बन गई है। उन्होंने 140 सांसदों के निलंबन की घटना को “लोकतंत्र का काला दिन” करार दिया।

​वहीँ, जेएमएम सांसद विजय कुमार हंसदक और एनसीपी (एसपी) सांसद बजंरग मनोहर सोनवाने ने भी अपनी बात रखी:

  • भाषणों में रुकावट: विपक्ष ने आरोप लगाया कि जब वे बोलते हैं तो उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं या कैमरा दूसरी दिशा में घुमा दिया जाता है।
  • टेबल फैन का उदाहरण: सांसद सोनवाने ने चुटीले अंदाज में कहा, “चेयर एक टेबल फैन की तरह व्यवहार करती है जो सिर्फ दाईं ओर (सत्ता पक्ष) ठंडी हवा देती है और बाईं ओर देखते ही ‘नहीं-नहीं’ की रट लगा दी जाती है।”

लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई

​विपक्षी नेताओं ने स्वीकार किया कि उन्हें संख्या बल के कारण प्रस्ताव के गिरने का आभास था, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य संसद के भीतर सिमटते लोकतांत्रिक अधिकारों और विपक्ष की आवाज को दबाए जाने के मुद्दे को देश के सामने रखना था।

​अंततः, सदन में वोटिंग के दौरान ध्वनि मत से प्रस्ताव गिर गया और ओम बिरला के नेतृत्व पर सदन ने एक बार फिर मुहर लगा दी।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़

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झारखंड विधानसभा: रामनवमी पर डीजे बैन को लेकर भारी हंगामा, ‘सनातनी’ स्वाभिमान पर भिड़े पक्ष-विपक्ष

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज सदन का माहौल उस वक्त गरमा गया, जब रामनवमी के जुलूसों में डीजे बजाने पर लगी रोक का मुद्दा उठा। विपक्षी दल भाजपा ने इस फैसले को हिंदुओं की आस्था पर प्रहार बताते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया, जिसके चलते कार्यवाही बाधित हुई।

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विपक्ष का तीखा हमला: “हिंदुओं को टारगेट करना बंद करे सरकार”

​सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि रामनवमी जैसे महापर्व पर डीजे और संगीत पर पाबंदी लगाना सीधे तौर पर एक समुदाय विशेष की भावनाओं को आहत करना है।

​जायसवाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा:

​”धार्मिक आयोजनों पर इस तरह की पाबंदी स्वीकार्य नहीं है। सरकार हिंदुओं को टारगेट करना बंद करे। यदि सनातनी समाज सड़कों पर उतरा, तो सरकार को संभालना मुश्किल हो जाएगा।”

सत्ता पक्ष का पलटवार: “विकास के मुद्दों से ध्यान भटका रहा विपक्ष”

​भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए सत्तारूढ़ दल के विधायकों ने इसे कानून-व्यवस्था का मामला बताया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश आर्थिक चुनौतियों और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों से जूझ रहा है, तब विपक्ष केवल हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रहा है।

​उन्होंने सदन में स्पष्ट किया कि प्रशासन के निर्णय सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं और विपक्ष का काम केवल धार्मिक भावनाओं को भड़काना रह गया है।

हंगामे की भेंट चढ़ी कार्यवाही

​सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक इतनी बढ़ गई कि भाजपा विधायक वेल (आसन के सामने) तक पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। शोर-शराबे और बढ़ते तनाव को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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फुकेट एयरपोर्ट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान का नोज गियर टूटा, बाल-बाल बचे 133 यात्री

फुकेट/नई दिल्ली: थाईलैंड के फुकेट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार दोपहर एक बड़ा विमान हादसा टल गया। एयर इंडिया एक्सप्रेस की हैदराबाद से आई फ्लाइट (बोइंग 737 MAX 8) लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। विमान का ‘नोज लैंडिंग गियर’ टूटने और पहिया अलग होने के कारण रनवे को आपातकालीन स्थिति में बंद करना पड़ा।

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क्या है पूरी घटना?

​जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस का बोइंग 737 MAX 8 विमान बुधवार दोपहर जैसे ही फुकेट एयरपोर्ट के रनवे पर उतरा, लैंडिंग इतनी जोरदार थी कि विमान के अगले हिस्से का पहिया (नोज व्हील) टूटकर अलग हो गया। इस झटके से नोज लैंडिंग गियर को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

​विमान में उस समय 133 यात्री सवार थे। गनीमत यह रही कि इस गंभीर तकनीकी खराबी के बावजूद विमान पलटने या आग लगने जैसी स्थिति से बच गया और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

इमरजेंसी प्रोटोकॉल और राहत कार्य

​घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिया। एयर इंडिया एक्सप्रेस के क्रू मेंबर्स ने तत्परता दिखाते हुए सभी 133 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। एयरलाइन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि क्रू ने सभी स्टैंडर्ड सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन किया और किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है।

विमानन सेवाओं पर असर

​इस हादसे के कारण फुकेट इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर विमान फंस गया, जिसे हटाने के लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। रनवे बंद होने की वजह से कई अन्य अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ा है। खबर लिखे जाने तक विमान रनवे पर ही मौजूद था।

जांच के घेरे में बोइंग 737 MAX 8

​चूंकि यह हादसा एक भारतीय एयरलाइंस के साथ हुआ है, इसलिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस मामले की विस्तृत जांच कर सकता है। गौरतलब है कि बोइंग 737 MAX 8 विमान पहले भी तकनीकी कारणों से दुनिया भर में चर्चा और जांच के दायरे में रहे हैं, ऐसे में फुकेट की यह घटना सुरक्षा मानकों पर दोबारा सवाल खड़े कर सकती है।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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