एक नई सोच, एक नई धारा

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ऐतिहासिक गिरावट: पहली बार 93 के पार पहुंचा डॉलर, रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर; बढ़ सकती है महंगाई

मुंबई/जमशेदपुर। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुक्रवार का दिन करेंसी मार्केट से झटके वाली खबर लेकर आया। घरेलू शेयर बाजारों (सेंसेक्स और निफ्टी) में तेजी के बावजूद, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर गिर गया है। इतिहास में पहली बार रुपया 93 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है।

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बाजार का ताजा आंकड़ा

​इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज के मुताबिक, रुपया डॉलर के मुकाबले 92.92 पर खुला और देखते ही देखते 93.08 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को यह 92.89 पर बंद हुआ था। गुरुवार को गुड़ी पड़वा के कारण बाजार बंद थे, लेकिन शुक्रवार को खुलते ही गिरावट का नया रिकॉर्ड बन गया।

क्यों टूट रहा है रुपया?

​विशेषज्ञों और ट्रेजरी हेड अनिल कुमार भंसाली के अनुसार, इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  1. विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने मार्च महीने में अब तक स्थानीय शेयरों से 8 अरब डॉलर से ज्यादा की निकासी की है, जो जनवरी 2025 के बाद सबसे बड़ी बिकवाली है।
  2. कच्चे तेल में उछाल: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और सप्लाई चेन की चिंताओं ने स्थानीय मुद्रा पर दबाव बनाया है।
  3. डॉलर इंडेक्स की मजबूती: छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती मापने वाला इंडेक्स 0.17 प्रतिशत बढ़कर 100.25 पर पहुंच गया है।

आपकी जेब पर क्या होगा असर?

​रुपये की इस गिरावट का सीधा मतलब है कि भारत के लिए आयात (Import) महंगा हो जाएगा, जिससे ‘इंपोर्टेड महंगाई’ बढ़ेगी:

  • पेट्रोल-डीजल: कच्चा तेल महंगा होने से घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं।
  • विदेशी पढ़ाई और यात्रा: विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों का खर्च बढ़ेगा और फॉरेन ट्रिप महंगी हो जाएगी।
  • इलेक्ट्रॉनिक सामान: मोबाइल, लैपटॉप और अन्य विदेशी कलपुर्जे महंगे होने की संभावना है।

RBI पर टिकी नजरें

​बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ही डॉलर बेचकर रुपये को और अधिक गिरने से बचा सकता है। हालांकि, ऊर्जा की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी भारत की आर्थिक वृद्धि (GDP) को प्रभावित कर सकती है और महंगाई दर को बढ़ा सकती है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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बड़ी खबर: केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी, व्हाट्सएप पर भेजा ‘किलिंग शेड्यूल’

नई दिल्ली / ब्यूरो। मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। सनसनीखेज बात यह है कि धमकी देने वाले शख्स के पास मंत्री का वह गोपनीय आधिकारिक शेड्यूल भी मौजूद है, जो केवल जिला प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों के पास होता है।

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PA के फोन पर आया मौत का संदेश

​जानकारी के अनुसार, यह धमकी जयंत चौधरी के निजी सहायक (PA) विश्वेंद्र शाह को फोन कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए दी गई है। आरोपी ने अपनी पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी “इस्माइल” के रूप में बताई है।

​विश्वेंद्र शाह ने बताया कि जब मंत्री जी संसद के लिए निकले थे, तब लगातार तीन-चार कॉल आए। फोन उठाने पर दूसरी तरफ से सीधे गोली मारने की धमकी दी गई। आरोपी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए व्हाट्सएप पर एक फोटो देखने को कहा।

गोपनीय शेड्यूल लीक होने से सुरक्षा एजेंसियां हैरान

​मामला तब और गंभीर हो गया जब व्हाट्सएप पर आए फोटो में जयंत चौधरी के आगरा दौरे का आधिकारिक शेड्यूल पाया गया।

  • सुरक्षा में चूक: यह शेड्यूल केवल संबंधित जिले के आला अधिकारियों के पास होता है।
  • सीधी धमकी: शेड्यूल के साथ भेजी गई फोटो में स्पष्ट रूप से ‘गोली मारने’ की बात लिखी गई थी।
  • बंगाल कनेक्शन: बताया जा रहा है कि जयंत चौधरी हाल ही में बंगाल दौरे पर गए थे, जिसके बाद यह धमकी भरा कॉल आया है।

दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच तेज

​इस गंभीर मामले की शिकायत दिल्ली के तुगलक रोड थाने में दर्ज कराई गई है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस करना शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ‘इस्माइल’ की गिरफ्तारी के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस से भी संपर्क साधा जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गहरी बड़ी साजिश है।

​केंद्रीय मंत्री को मिली इस धमकी के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और अलर्ट जारी कर दिया गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का ‘अनोखा’ विरोध: नाली की गैस से चाय और पकौड़े बनाने का किया प्रयास

जमशेदपुर। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और किल्लत के खिलाफ पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र की मोदी सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। साकची स्थित ‘प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर’ के समक्ष जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया।

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नाली के पाइप से गैस निकालने का ‘सत्यापन’

​प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाली में पाइप लगाकर गैस निकालने और उससे चूल्हा जलाकर चाय-पकौड़े बनाने का प्रतीकात्मक प्रयास किया। जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि नाली की गैस से चूल्हा जल सकता है। आज जब गैस के दाम आसमान छू रहे हैं और आम जनता किल्लत से जूझ रही है, तो हमने उनके इसी ‘फॉर्मूले’ को आजमाने की कोशिश की, जो पूरी तरह मिथ्या साबित हुई।”

सरकार की नीतियों को बताया ‘छलावा’

​संबोधन के दौरान जिला अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि:

  • नोटबंदी: काला धन पकड़ने का दावा विफल रहा।
  • कोरोना काल: ताली और थाली बजवाकर जनता को गुमराह किया गया।
  • विदेशी नीति: सरकार हर मोर्चे पर विफल नजर आ रही है।

​सिंह ने आगे कहा कि देश की जनता ने तीन बार पूर्ण समर्थन देकर सरकार बनवाई, लेकिन बदले में उन्हें केवल महंगाई और छल मिला है। अब समय आ गया है कि जनता सजग हो और इस कुव्यवस्था से निजात पाए।

दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

​इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से प्रदेश महामंत्री विजय खान, कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह, केके शुक्ला, जसवंत सिंह जस्सी, और कार्यालय प्रभारी संजय सिंह आजाद सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

​महिलाओं की भागीदारी भी प्रमुख रही, जिसमें नलिनी सिन्हा, सुनीता ओझा, चंद्रावती पाल और अन्य ने बढ़ती रसोई गैस की कीमतों पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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NIT जमशेदपुर के छात्र तेजावत मनोज कुमार ने रचा इतिहास: GATE 2026 में हासिल की ऑल इंडिया रैंक-1

जमशेदपुर। लौहनगरी स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। संस्थान के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र तेजावत मनोज कुमार ने गेट (GATE) 2026 की परीक्षा में पूरे देश में प्रथम स्थान (AIR 1) प्राप्त कर संस्थान और शहर का नाम रोशन किया है।

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100 में से 92 अंक और परफेक्ट स्कोर

​इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) पेपर में शामिल हुए मनोज कुमार (रोल नंबर: 2021UGEE095) ने अपनी मेधा का परिचय देते हुए 100 में से 92 अंक अर्जित किए हैं। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने 1000 का अधिकतम GATE स्कोर प्राप्त किया, जो इंजीनियरिंग की इस कठिनतम परीक्षा में एक दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है।

निदेशक ने दी बधाई: संस्थान के लिए गर्व का क्षण

​एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सुत्रधार ने छात्र की इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा, “यह असाधारण उपलब्धि पूरे संस्थान के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। श्री मनोज कुमार की मेहनत और समर्पण एनआईटी जमशेदपुर की उच्च स्तरीय शिक्षा और वातावरण को दर्शाता है। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करता हूँ।”

छात्रों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

​मनोज कुमार की इस सफलता ने न केवल एनआईटी जमशेदपुर के छात्रों, बल्कि देश भर के इंजीनियरिंग परीक्षार्थियों के लिए प्रेरणा का एक नया मानक स्थापित किया है। संस्थान के शिक्षकों और सहपाठियों ने भी मनोज को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी है।

​यह उपलब्धि दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और कठोर परिश्रम से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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मजदूर मशीन नहीं इंसान हैं: 8 घंटे के कार्य पर पूर्ण वेतन के ऐतिहासिक फैसले का सुमन कारूवा ने किया स्वागत

सरायकेला-खरसावां। श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले का मानवाधिकार सहायता संघ (अंतर्राष्ट्रीय) ने पुरजोर समर्थन किया है। सरायकेला-खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने इस निर्णय को श्रम जगत में एक नई क्रांति करार दिया है।

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क्या है फैसला?

​सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशानुसार, अब सभी फैक्ट्रियों और संस्थानों में कार्यरत मजदूरों को 12 से 16 घंटे तक काम कराने के बजाय, मानक 8 घंटे के कार्य दिवस के आधार पर ही पूरा वेतन देना अनिवार्य होगा। यह फैसला उन मजदूरों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिन्हें लंबे समय तक काम करने के बावजूद उचित पारिश्रमिक के लिए संघर्ष करना पड़ता था।

“मजदूर मशीन नहीं, इंसान हैं”

​इस फैसले का स्वागत करते हुए श्रीमती सुमन कारूवा ने कहा, “मजदूर कोई निर्जीव मशीन नहीं, बल्कि एक हाड़-मांस का इंसान है। उसे भी आराम और अपने परिवार के साथ समय बिताने का अधिकार है। 12-16 घंटे काम लेना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट के इस आदेश से मजदूरों के शोषण पर लगाम लगेगी और उनकी कार्यक्षमता के साथ-साथ जीवन स्तर में भी सुधार होगा।”

8 घंटे के कार्य दिवस का गौरवशाली इतिहास

​श्रीमती कारूवा ने इस दौरान श्रमिक अधिकारों के इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:

  • 1817: रॉबर्ट ओवेन ने सबसे पहले इस विचार को जन्म दिया था।
  • 1886 (अमेरिका): मजदूर संघों ने 8 घंटे की शिफ्ट के लिए जोरदार आंदोलन किया, जिसके परिणामस्वरूप 1 मई को ‘मजदूर दिवस’ के रूप में पहचान मिली।
  • 1914: हेनरी फोर्ड ने अपनी कंपनी में पहली बार इसे प्रभावी रूप से लागू किया था।
  • भारत: ‘द फैक्ट्री एक्ट’ के तहत कानूनी रूप से 8 घंटे की शिफ्ट निर्धारित है, जिसे अब सर्वोच्च न्यायालय ने और भी मजबूती प्रदान की है।

श्रमिकों में खुशी की लहर

​जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में इस फैसले और श्रीमती कारूवा के समर्थन के बाद मजदूरों के बीच सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। मानवाधिकार सहायता संघ ने स्पष्ट किया है कि वे जमीनी स्तर पर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी संस्थान में मजदूरों का आर्थिक या शारीरिक शोषण न हो।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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टाटा मोटर्स में ऐतिहासिक वेतन समझौता: कर्मचारियों और परिजनों में उत्साह की लहर, यूनियन नेतृत्व का जताया आभार

जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज):

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टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन द्वारा मजदूरों के हित में किए गए ऐतिहासिक वेज रिवीजन (वेतन समझौता) के बाद कर्मचारियों और उनके परिवारों में जश्न का माहौल है। इस समझौते को मजदूर एकता और बेहतर प्रबंधन-यूनियन समन्वय की जीत के रूप में देखा जा रहा है।

नेतृत्व पर अटूट विश्वास का परिणाम

​आज पूरे शहर और कंपनी परिसर में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आर.के. सिंह के प्रति कर्मचारियों ने अपना प्यार और अटूट विश्वास प्रकट किया। कर्मचारियों का कहना है कि यूनियन नेतृत्व ने उनकी मांगों को मजबूती से प्रबंधन के समक्ष रखा, जिसका सुखद परिणाम आज सबके सामने है।

कमेटी मेंबर संजीव रंजन ने दी बधाई

​कांग्रेस नेता सह कमेटी मेंबर संजीव रंजन ने इस समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एक-एक कमेटी मेंबर और कर्मचारी साथियों की उम्मीदों को पूरा करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा:

​”आज टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन का हर कर्मचारी और उनका परिवार हर्षोत्साहित है। अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आर.के. सिंह के कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को प्रबंधन के साथ मिलकर पूरा किया गया है। हम समस्त मजदूर साथियों की ओर से यूनियन नेतृत्व और प्रबंधन का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।”

मजदूर हित में बड़ा कदम

​इस नए समझौते से न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि टाटा मोटर्स में औद्योगिक शांति और बेहतर कार्य संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। शहर के विभिन्न हिस्सों में कर्मचारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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SNS इंडस्ट्रीज के मजदूर की मौत के बाद विधायक पूर्णिमा दास साहू की बड़ी पहल, परिजनों को मिलेगा 13 लाख मुआवजा और बेटे को नौकरी

जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज):

टाटा स्टील के अंतर्गत कार्यरत वेंडर कंपनी SNS इंडस्ट्रीज में कार्यरत एक ठेका मजदूर की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने और फिर अस्पताल में मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। इस दुखद घटना के बाद बर्मामाइंस के भक्तिनगर निवासी मृतक मजदूर सत्य नारायण निषाद के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए जमशेदपुर पूर्व की विधायक श्रीमती पूर्णिमा दास साहू ने कड़ा रुख अपनाया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

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घटना का विवरण

​जानकारी के अनुसार, विगत मंगलवार को सत्य नारायण निषाद ‘बी’ शिफ्ट की ड्यूटी समाप्त कर कंपनी गेट से आउट पंच करके बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान वे अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। कंपनी के सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तत्काल टी.एम.एच (TMH) पहुँचाया, लेकिन दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

विधायक की त्वरित कार्रवाई और प्रबंधन से वार्ता

​घटना की सूचना मिलते ही विधायक पूर्णिमा दास साहू ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल SNS इंडस्ट्रीज के प्रबंधन से टेलीफोनिक वार्ता की और स्पष्ट शब्दों में मांग रखी कि मृतक के परिजनों को सम्मानजनक मुआवजा, आर्थिक सहयोग और भविष्य की सुरक्षा प्रदान की जाए।

बैठक में हुआ बड़ा फैसला: मुआवजा और नौकरी पर बनी सहमति

​विधायक के निर्देशन में आज भक्तिनगर, बर्मामाइंस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में SNS इंडस्ट्रीज प्रबंधन के प्रतिनिधि, मृतक के परिजन, बस्तीवासी, पूर्व जिला अध्यक्ष रामबाबू तिवारी, और मंडल अध्यक्ष रितेश झा उपस्थित रहे।

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बैठक के मुख्य निर्णय:

  • 13 लाख रुपये की कुल सहायता राशि मृतक के परिजनों को प्रदान की जाएगी।
  • ​दाह संस्कार और श्राद्धकर्म के लिए तत्काल आर्थिक सहयोग दिया गया।
  • ​मृतक के पुत्र को SNS इंडस्ट्रीज में स्थायी नौकरी देने पर प्रबंधन ने सहमति जताई है।

क्षेत्र में विधायक की सराहना

​मजदूर की असामयिक मृत्यु से बस्ती में शोक की लहर थी, लेकिन विधायक की सक्रियता से पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय मिलने पर बस्तीवासियों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय नेताओं ने कहा कि विधायक के हस्तक्षेप के कारण ही प्रबंधन इतनी जल्दी सम्मानजनक मुआवजे के लिए तैयार हुआ।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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बैंकिंग अभ्यर्थियों के लिए चेतावनी: परीक्षा पास करना ही काफी नहीं, अब ‘सिबिल स्कोर’ बिगाड़ सकता है आपका खेल

जमशेदपुर/नई दिल्ली:

अगर आप सरकारी बैंक में अधिकारी या क्लर्क बनने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अब बैंकों में नौकरी पाने के लिए केवल लिखित परीक्षा और इंटरव्यू पास करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) भी साफ-सुथरा होना अनिवार्य है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि खराब वित्तीय रिकॉर्ड के कारण उम्मीदवारों की नियुक्तियां रद्द की जा रही हैं।

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20 उम्मीदवारों के ऑफर लेटर हुए रद्द

​हाल ही में राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने चौंकाने वाली जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 20 उम्मीदवारों की नियुक्ति सिर्फ इसलिए रोक दी गई या उनके ऑफर लेटर वापस ले लिए गए, क्योंकि उनकी क्रेडिट हिस्ट्री खराब थी। हालांकि, यह संख्या कुल चयनित उम्मीदवारों का महज 0.02% है, लेकिन यह बैंकों के सख्त होते नियमों का स्पष्ट संकेत है।

क्यों जरूरी है बैंक के लिए आपका सिबिल स्कोर?

​वित्त मंत्रालय के अनुसार, बैंकों का मानना है कि जिन कर्मचारियों को जनता के पैसे की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, उनका खुद का वित्तीय व्यवहार जिम्मेदार होना चाहिए।

  • नैतिक जिम्मेदारी: यदि कोई व्यक्ति अपनी ईएमआई (EMI) या क्रेडिट कार्ड बिल भरने में लापरवाह है, तो उसे बैंकिंग जैसे संवेदनशील क्षेत्र में जोखिम माना जा सकता है।
  • अनुशासन: अच्छा क्रेडिट स्कोर उम्मीदवार के वित्तीय अनुशासन और ईमानदारी को दर्शाता है।

IBPS के नए नियम: मुख्य बातें

​बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) के माध्यम से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए अब निम्नलिखित शर्तें लागू होंगी:

  1. जॉइनिंग के समय अनिवार्य: चयन के बाद जॉइनिंग के वक्त उम्मीदवार को एक हेल्दी क्रेडिट रिपोर्ट पेश करनी होगी।
  2. कट-ऑफ स्कोर: हर बैंक अपनी नीति के अनुसार न्यूनतम स्कोर तय करता है, लेकिन सामान्यतः 650 या उससे अधिक के स्कोर को मानक माना जाता है।
  3. किसे मिलेगी छूट: यह नियम उन युवाओं पर लागू नहीं होगा जिनका कोई बैंक खाता नहीं है या जिन्होंने कभी कोई लोन नहीं लिया है (यानी जिनकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री ही नहीं है)।

भविष्य की तैयारी: यूटिलिटी बिल भी होंगे शामिल!

​विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में क्रेडिट स्कोर का दायरा और बढ़ सकता है। अब केवल बैंक लोन ही नहीं, बल्कि समय पर बिजली, पानी और मोबाइल बिलों के भुगतान को भी क्रेडिट स्कोर से जोड़ने की तैयारी चल रही है।

सावधानी ही बचाव है:

यदि आपने कोई छोटा लोन या क्रेडिट कार्ड लिया है, तो उसकी किस्तों का भुगतान समय पर करें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही वर्षों की मेहनत और बैंक में नौकरी पाने के सपने को तोड़ सकती है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: भारत में LPG संकट के बीच गुरुग्राम में खुला उत्तर भारत का पहला ‘गैस ATM’

गुरुग्राम/जशेदपुर: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध की भीषण आग अब भारतीय रसोई तक पहुंच गई है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है, जिसका सीधा असर भारत की गैस आपूर्ति पर पड़ा है। लेकिन इस संकट के बीच गुरुग्राम से एक राहत भरी खबर सामने आई है।

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सप्लाई चेन टूटी, बढ़ी किल्लत

​भारत अपनी जरूरत की लगभग 60% LPG विदेशों से आयात करता है। युद्ध के कारण शिपमेंट्स में देरी हो रही है और पैनिक बुकिंग की वजह से गैस की भारी किल्लत पैदा हो गई है। इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए BPCL ने गुरुग्राम के सोहना (सेक्टर 22) में उत्तर भारत का पहला ऑटोमैटिक LPG ATM शुरू किया है।

अब नहीं चलेगी गैस एजेंसियों की मनमानी

​सप्लाई क्राइसिस के इस दौर में उपभोक्ताओं को अक्सर गैस एजेंसियों की लेटलतीफी और मनमानी का सामना करना पड़ता है। यह ATM उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है जो बुकिंग के बाद लंबे इंतजार से परेशान हैं। अब ग्राहक बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे मशीन से सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।

कैसे काम करता है यह ‘गैस ATM’?

​संकट के समय में यह मशीन बिना किसी देरी के 3 आसान स्टेप्स में काम करती है:

  1. वेरिफिकेशन: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन करें।
  2. डिजिटल पेमेंट: मशीन पर दिए गए QR कोड को स्कैन कर भुगतान करें।
  3. तुरंत डिलीवरी: पेमेंट सफल होते ही भरा हुआ सिलेंडर आपके सामने होगा।

भारी और पुराने सिलेंडरों से मिलेगी मुक्ति

​इस ATM के जरिए आधुनिक कंपोजिट सिलेंडर दिए जा रहे हैं, जो पुराने लोहे के सिलेंडरों के मुकाबले कहीं अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हैं:

  • हल्का वजन: 30 किलो के भारी सिलेंडरों के बजाय ये मात्र 15 किलो के हैं।
  • पारदर्शी डिजाइन: आप बाहर से ही देख सकते हैं कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है, जिससे चोरी या कम गैस मिलने का डर खत्म हो जाता है।
  • जंग मुक्त और सुरक्षित: ये सिलेंडर जंग नहीं खाते और इनके फटने का खतरा भी शून्य है।

24 घंटे सेवा: रात में गैस खत्म होने का डर खत्म

​युद्ध के कारण मचे पैनिक के बीच सबसे बड़ी राहत इसकी 24×7 उपलब्धता है। यदि रात के समय भी आपकी गैस खत्म हो जाए, तो आपको एजेंसी खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मशीन में स्टॉक कम होते ही यह सीधे संबंधित एजेंसी को अलर्ट भेजती है, जिससे रिफिलिंग की प्रक्रिया भी तेज रहती है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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शेयर बाजार में ‘ब्लैक थर्सडे’: 5 मिनट में स्वाहा हुए 8 लाख करोड़, ईरान-अमेरिका तनाव से दलाल स्ट्रीट पर भूचाल

जमशेदपुर/मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन किसी डरावने सपने से कम नहीं रहा। सुबह बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर ऐसी सुनामी आई कि महज 5 मिनट के भीतर निवेशकों की गाढ़ी कमाई के 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए। वैश्विक स्तर पर गहराते भू-राजनीतिक तनाव ने घरेलू बाजार की कमर तोड़ दी है।

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कच्चे तेल की ‘आग’ में झुलसा बाजार

​बाजार में इस कोहराम की मुख्य वजह ईरान और अमेरिका के बीच अचानक बढ़ा तनाव है। इस खींचतान के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड $112 प्रति बैरल के खतरनाक स्तर को पार कर गया है। तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक निवेशकों में दहशत पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर भारतीय सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिला।

सेंसेक्स 1800 अंक टूटा, निफ्टी में भी हाहाकार

​गिरावट के आंकड़े बाजार की बदहाली की पूरी कहानी बयां कर रहे हैं:

  • BSE Sensex: करीब 1800 अंकों (2.35%) की भारी गिरावट के साथ 74,869 के स्तर पर आ गिरा।
  • Nifty 50: 532 अंक (2.23%) टूटकर 23,238 के स्तर पर संघर्ष कर रहा है।

​कल तक बाजार में जो रौनक दिख रही थी, आज उस पर पूरी तरह पानी फिर गया है। बुधवार को सेंसेक्स 633 अंकों की छलांग लगाकर बंद हुआ था, लेकिन आज की गिरावट ने पिछले सारे लाभ को धो डाला है।

बैंकिंग और इंफ्रा सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित

​आज बाजार में हर तरफ लाल निशान का बोलबाला है। सेंसेक्स के सभी 30 दिग्गज शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा मार बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर पड़ी है:

  • HDFC Bank, Axis Bank और Larsen & Toubro (L&T) जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर औंधे मुंह गिरे हैं।
  • ​बाजार में ट्रेड हो रहे 2006 शेयरों में से 1390 शेयर भारी गिरावट का शिकार हुए हैं।
  • ​जहाँ केवल 469 शेयर ही हरे निशान में टिक पाए, वहीं 40 शेयर अपने एक साल के निचले स्तर (52-week low) पर पहुंच गए हैं।
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