एक नई सोच, एक नई धारा

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रामनवमी भोग पर संकट: अखाड़ा समितियों को गैस सिलेंडर दिलाने के लिए केंद्रीय अध्यक्ष अरुण सिंह ने उपायुक्त से लगाई गुहार

जमशेदपुर: शहर में रामनवमी उत्सव की तैयारियाँ जोरों पर हैं, लेकिन इस बार अखाड़ा समितियों के सामने ‘महाप्रसाद’ (भोग) बनाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के अध्यक्ष अरुण सिंह ने जिला उपायुक्त (DC) अनन्य मित्तल से मुलाकात कर अखाड़ा समितियों को सुचारू रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

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एजेंसियां नहीं दे रहीं सिलेंडर, भोग वितरण में आ रही बाधा

​अरुण सिंह ने उपायुक्त को अवगत कराया कि रामनवमी के दौरान भक्तों के बीच भोग वितरण की पुरानी परंपरा है। लेकिन इस वर्ष गैस एजेंसियां अखाड़ा समितियों को पर्याप्त संख्या में सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। इसके कारण बड़े और छोटे दोनों स्तर के आयोजनों में भोग बनाने में भारी असुविधा हो रही है।

समिति की प्रमुख मांगें:

  • बड़े अखाड़ों के लिए: कम से कम 5 गैस सिलेंडर उचित मूल्य पर उपलब्ध कराए जाएं।
  • छोटे अखाड़ों के लिए: कम से कम 3 गैस सिलेंडर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

गणगौर महोत्सव और घाटों की सफाई पर भी चर्चा

​मुलाकात के दौरान अरुण सिंह ने 21 मार्च को होने वाले गणगौर महोत्सव के समापन को लेकर भी प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने मांग की कि साकची स्थित स्वर्णरेखा घाट पर मारवाड़ी समाज की महिलाओं की सुरक्षा, घाट की साफ-सफाई और लाइटिंग की समुचित व्यवस्था की जाए।

प्रशासनिक फाइलों को जल्द निपटाने की अपील

​केंद्रीय अध्यक्ष ने उपायुक्त से यह भी आग्रह किया कि विभिन्न अखाड़ा समितियों द्वारा JNAC (जमशेदपुर अक्षेस) और स्थानीय थानों में दी गई समस्याओं व आवेदनों का त्वरित निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि समय रहते समस्याओं का समाधान होने पर ही रामनवमी का सफल और भव्य आयोजन सुनिश्चित हो सकेगा।

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शिक्षा और अनुसंधान में नए अध्याय की शुरुआत: NIT जमशेदपुर और IIT रुड़की के बीच ऐतिहासिक समझौता (MoU)

रुड़की/जमशेदपुर: तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में झारखंड के प्रतिष्ठित संस्थान एनआईटी (NIT) जमशेदपुर ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने देश के अग्रणी संस्थान आईआईटी (IIT) रुड़की के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और शोध सहयोग को एक नई ऊँचाई पर ले जाने के उद्देश्य से किया गया है।

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निदेशकों ने किया समझौते पर हस्ताक्षर

​20 मार्च 2026 को रुड़की में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सुत्रधार और आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस ऐतिहासिक अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. सूरजित कुंडू और आईआईटी रुड़की के डॉ. साई रामुडु मेका भी उपस्थित रहे।

इन क्षेत्रों में होगा विशेष सहयोग:

​इस MoU के तहत दोनों संस्थान मिलकर निम्नलिखित क्षेत्रों में कार्य करेंगे:

  • संयुक्त शोध परियोजनाएं: जटिल तकनीकी समस्याओं पर दोनों संस्थानों के विशेषज्ञ मिलकर रिसर्च करेंगे।
  • पीएच.डी. मार्गदर्शन: छात्रों को दोनों संस्थानों के वरिष्ठ संकायों से संयुक्त रूप से मार्गदर्शन (Co-guidance) प्राप्त होगा।
  • छात्र एवं संकाय विनिमय: विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक-दूसरे के संस्थानों के संसाधनों और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा।
  • स्टार्टअप और नवाचार: स्टार्टअप इनक्यूबेशन और इनोवेशन केंद्रों के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा।

“जमीनी स्तर पर दिखेगा असर” — प्रो. गौतम सुत्रधार

​इस अवसर पर प्रो. सुत्रधार ने विश्वास दिलाया कि इस समझौते को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे वास्तविक रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, “एनआईटी जमशेदपुर के कई शिक्षक आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्र रहे हैं, जिससे हमारा शैक्षणिक रिश्ता पहले से ही मजबूत है। अब इस MoU के जरिए हम अनुसंधान पार्क और नवाचार केंद्रों का प्रभावी उपयोग कर छात्रों को सीधा लाभ पहुँचाएंगे।”

संस्थानों का दौरा और भविष्य की योजनाएं

​समझौते के बाद प्रो. सुत्रधार और डॉ. कुंडू ने आईआईटी रुड़की के टिंकरिंग लैब, डिजाइन एवं नवाचार केंद्र और CSIR–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) का दौरा किया। उन्होंने वहां की आधुनिक सुविधाओं का अवलोकन किया और भविष्य में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

​इस सहयोग से आने वाले समय में जमशेदपुर और झारखंड के छात्रों के लिए शोध और करियर के बेहतर अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।

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जमशेदपुर: नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के 8 प्रबंधन छात्रों का ‘डिलेवरी’ में चयन, शहर में ही मिली नियुक्ति

जमशेदपुर: शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके जमशेदपुर के प्रमुख शिक्षण संस्थान, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) के विद्यार्थियों ने एक बार फिर सफलता का परचम लहराया है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘डिलेवरी’ (Delhivery) ने यूनिवर्सिटी के प्रबंधन विभाग के 8 छात्रों का चयन ‘ऑपरेशंस एग्जीक्यूटिव’ के पद पर किया है।

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​यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित इस विशेष रिक्रूटमेंट ड्राइव में बी.बी.ए और एम.बी.ए के छात्रों ने अपनी प्रतिभा और पेशेवर कौशल का लोहा मनवाया। चयन प्रक्रिया के कड़े चरणों को पार करने के बाद, इन सभी 8 विद्यार्थियों को 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ष के पैकेज पर नियुक्त किया गया है।

स्थानीय स्तर पर रोजगार से छात्रों में हर्ष

​इस प्लेसमेंट की सबसे खास बात यह है कि चयनित सभी छात्रों की नियुक्ति जमशेदपुर में ही हुई है। अपने गृह नगर में ही कॉर्पोरेट करियर शुरू करने का अवसर मिलने से छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दी बधाई

​इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने कहा:

​”स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलना हमारे छात्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। दिल्लीवेरी जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में ऑपरेशंस जैसे मुख्य विभाग में चयन होना यह दर्शाता है कि हमारे छात्र उद्योग की बारीकियों को समझने में पूरी तरह सक्षम हैं।”

​वहीं, कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशंस एग्जीक्यूटिव’ के रूप में यह करियर की एक ठोस शुरुआत है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय प्रबंधन विभाग के शिक्षकों और प्लेसमेंट टीम के समर्पण को दिया।

​यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में अन्य विभागों के छात्र भी इसी तरह सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे और संस्थान का नाम रोशन करेंगे।

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श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन में गूंजा ‘जल ही जीवन है’ का नारा, जल योद्धा अकाली टुडू ने युवाओं को सिखाए संरक्षण के गुर

जमशेदपुर, 20 मार्च 2026: ‘विश्व जल दिवस’ के पूर्व संध्या पर श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के ‘इको क्लब’ द्वारा “जल संरक्षण जागरूकता” कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से भविष्य के शिक्षकों (विद्यार्थियों) को जल संकट की गंभीरता और जल संचयन की अनिवार्य आवश्यकता के प्रति जागरूक किया गया।

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जल योद्धा अकाली टुडू ने साझा किए अनुभव

​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जुमिद तिरला गवंटा ट्रस्ट की सचिव एवं झारखंड की प्रतिष्ठित ‘जल योद्धा चैंपियन’ श्रीमती अकाली टुडू उपस्थित थीं। उन्होंने अपने संबोधन में जल संरक्षण को केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य बताया।

​अकाली टुडू ने छात्रों के साथ दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले व्यावहारिक उपाय साझा किए, जिनमें शामिल हैं:

  • वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) की महत्ता।
  • ​प्राकृतिक जल स्रोतों और तालाबों की सुरक्षा।
  • ​घरेलू कार्यों में पानी की बर्बादी को न्यूनतम करना।

शपथ लेकर लिया जल-सुरक्षित भविष्य का संकल्प

​जागरूकता सत्र के दौरान कॉलेज के विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शपथ ग्रहण समारोह रहा, जहां सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण करने और समाज को इस दिशा में प्रेरित करने की प्रतिज्ञा ली।

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विद्यार्थियों में दिखा उत्साह

​कॉलेज के ‘इको क्लब’ के सदस्यों और अन्य विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रखेंगे ताकि एक जल-सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके। कार्यक्रम के सफल संचालन में मीडिया प्रभारी रचना रश्मि और कॉलेज प्रबंधन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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लिटिल फ्लावर स्कूल में 14 करोड़ की ‘भवन निधि’ पर घमासान: भाजपा नेता अंकित आनंद ने स्कूल गेट पर जलाया नोटिस

जमशेदपुर (टेल्को): शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ‘लिटिल फ्लावर स्कूल’ (LFS) में “भवन निधि” (Building Fund) के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली के प्रस्ताव ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस मामले में ‘शिक्षा सत्याग्रह’ के संस्थापक और भाजपा नेता अंकित आनंद ने मोर्चा खोलते हुए इसे अभिभावकों का आर्थिक शोषण करार दिया है।

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क्या है पूरा विवाद?

​मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रत्येक छात्र से ₹1000 प्रतिमाह और नए दाखिले (Admission) के समय ₹12,000 की अनिवार्य वसूली का नोटिस जारी किया गया है। अंकित आनंद का दावा है कि इस योजना के जरिए स्कूल प्रबंधन करीब 14 करोड़ रुपये वसूलने की तैयारी में है।

‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ का उल्लंघन

​अंकित आनंद ने जिला उपायुक्त (DC) अनन्य मित्तल (पूर्व में कर्ण सत्यार्थी के संदर्भ में भी चर्चा) और शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को ईमेल भेजकर इस वसूली को अवैध बताया है। उन्होंने तर्क दिया कि यह कदम ‘Right of Children to Free and Compulsory Education Act’ की धज्जियां उड़ाने जैसा है।

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विरोध का अनोखा तरीका: स्कूल गेट पर जलाया नोटिस

​शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे विरोध प्रदर्शन चरम पर पहुंच गया। अंकित आनंद ने स्कूल के मुख्य द्वार पर प्राचार्या सिस्टर हिल्डा डी’सूजा द्वारा जारी किए गए नोटिस की प्रति जलाकर अपना रोष प्रकट किया। उन्होंने इस आदेश को “तुगलकी फरमान” बताते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रशासन से मांग और चेतावनी

​भाजपा नेता ने जिला प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:

  • ​कथित ‘भवन निधि’ की वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए।
  • ​पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर प्राथमिकी (FIR) दर्ज हो।
  • ​अब तक अभिभावकों से वसूली गई राशि को तुरंत वापस किया जाए।

उपायुक्त का आश्वासन: मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, अंकित आनंद ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो वे न्यायिक प्रक्रिया और जनांदोलन दोनों स्तरों पर अपनी लड़ाई तेज करेंगे।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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बहरागोड़ा: स्वर्णरेखा नदी तट पर मिला “अमेरिकन मेड” शक्तिशाली बम, इलाके में हड़कंप; सेना से मांगी गई मदद

बहरागोड़ा/जमशेदपुर: झारखंड के बहरागोड़ा स्थित स्वर्णरेखा नदी तट पर एक बेहद शक्तिशाली और जिंदा बम मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह बम “अमेरिकन मेड” बताया जा रहा है, जिसकी पहचान AN-M-64 (500 LB) मॉडल के रूप में हुई है। बम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा है।

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क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, स्वर्णरेखा नदी के किनारे स्थानीय लोगों ने एक संदिग्ध धातु की वस्तु देखी, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और विशेषज्ञ टीम ने जब इसकी जांच की, तो पता चला कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के समय का या किसी पुराने सैन्य ऑपरेशन का एक शक्तिशाली बम है। 500 पाउंड (लगभग 227 किलो) वजन का यह बम काफी विनाशकारी क्षमता रखता है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, इलाका सील

​झारखंड पुलिस ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्वर्णरेखा नदी तट के आसपास के बड़े हिस्से को सील कर दिया है। आम लोगों के वहां जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।

निष्क्रिय करने के लिए सेना से संपर्क

​बम की अत्यधिक क्षमता और तकनीक को देखते हुए, झारखंड पुलिस के बम निरोधक दस्ते ने इसे स्थानीय स्तर पर निष्क्रिय करने के बजाय भारतीय सेना से विशेषज्ञ मदद मांगी है। सेना की ‘ऑर्डनेंस कोर’ या बम निरोधक टीम के जल्द ही बहरागोड़ा पहुंचने की संभावना है, जो इस ‘जिंदा’ बम को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर डिफ्यूज (निष्क्रिय) करेगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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हृदयविदारक: बेंगलुरु एयरपोर्ट पार्किंग में वाहन की चपेट में आने से मानगो के रोहित की मौत, घर की जिम्मेदारियों का था सहारा

जमशेदपुर/बेंगलुरु: जमशेदपुर के मानगो गुरुद्वारा रोड इलाके से एक बेहद दुखद खबर आई है। बेंगलुरु एयरपोर्ट की पार्किंग में काम करने वाले 26 वर्षीय युवक, रोहित शुक्ला उर्फ चंदन शुक्ला की एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

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कैसे हुआ हादसा?

​मिली जानकारी के अनुसार, रोहित बेंगलुरु एयरपोर्ट के बाहर पार्किंग स्थल पर कार्यरत थे। अपनी ड्यूटी के दौरान ही, वे पार्किंग एरिया में एक वाहन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि रोहित गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। कर्नाटक पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हादसे की सूचना मृतक के परिजनों को दी।

परिवार का बड़ा बेटा और मुख्य सहारा था रोहित

​रोहित के पिता पेशे से टेंपो चालक हैं और रोहित परिवार में दो भाइयों में सबसे बड़े थे। वे अपने घर की जिम्मेदारियों को संभालने वाले मुख्य सहारा थे। उनकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद, शोकाकुल परिजन तुरंत बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए और अब वे रोहित के पार्थिव शरीर को लेकर जमशेदपुर लौट रहे हैं।

क्षेत्र में शोक, पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह ने जताई संवेदना

​जैसे ही रोहित के निधन की खबर मानगो इलाके में फैली, पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। बड़ी संख्या में लोग मृतक के आवास पर पहुंच कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह भी मृतक के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने इस दुखद घड़ी में परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

​यह एक अत्यंत दुखद घटना है। एक युवा की इस तरह से अकाल मृत्यु पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। हम रोहित के परिवार के साथ हैं और उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति मिले, ऐसी प्रार्थना करते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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Income Tax Rules 2026: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे आयकर के नियम, HRA और कैपिटल गेन्स पर होगा सीधा असर

जमशेदपुर/नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ‘इनकम टैक्स रूल्स 2026’ को अधिसूचित कर दिया है। ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 (वित्त वर्ष 2026-27) से प्रभावी होंगे, जिनका असर जुलाई 2027 में भरे जाने वाले ITR पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता लाना और टैक्स चोरी पर लगाम लगाना है।

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प्रमुख बदलाव जो आपको प्रभावित करेंगे:

1. बड़े शहरों में रहने वालों को HRA में बड़ी राहत

सैलरीड क्लास के लिए अब हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के नियमों को और अधिक स्पष्ट किया गया है। अब देश के 8 प्रमुख शहरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु) में रहने वाले कर्मचारियों को उनके वेतन के 50% तक HRA छूट मिल सकेगी। अन्य शहरों के लिए यह सीमा 40% निर्धारित की गई है।

2. मकान मालिक से रिश्ता बताना हुआ अनिवार्य

टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार ने पारदर्शिता बढ़ा दी है। अब टैक्सपेयर्स को फॉर्म 124 में यह खुलासा करना होगा कि उनका मकान मालिक के साथ क्या संबंध है। हालांकि, HRA छूट की गणना अभी भी प्राप्त वास्तविक HRA, चुकाया गया किराया (सैलरी का 10%) और सैलरी के 40/50% में से जो भी कम हो, उसी आधार पर होगी।

3. स्टॉक मार्केट के लिए कड़े अनुपालन नियम

शेयर बाजार और डेरिवेटिव ट्रेडिंग (F&O) में लेनदेन करने वालों के लिए अब डेटा सुरक्षा और रिपोर्टिंग के नियम सख्त होंगे:

  • ​एक्सचेंजों के लिए ग्राहकों का PAN और यूनिक क्लाइंट आईडी कैप्चर करना अनिवार्य होगा।
  • ​सभी लेनदेन का ऑडिट ट्रेल अब 7 साल तक सुरक्षित रखना होगा।
  • ​हर महीने की 15 तारीख तक आयकर विभाग को मासिक विवरण जमा करना अनिवार्य होगा।

4. कैपिटल गेन्स और होल्डिंग पीरियड पर स्पष्टता

संपत्ति बेचने पर लगने वाले टैक्स (Capital Gains) की गणना के लिए ‘होल्डिंग पीरियड’ के नियम साफ किए गए हैं। यदि आपने बॉन्ड को शेयर में बदला है, तो समय की गणना मूल बॉन्ड खरीदने की तारीख से होगी। वहीं, IDS 2016 के तहत घोषित अचल संपत्ति के लिए होल्डिंग पीरियड रजिस्टर्ड डीड की तारीख से माना जाएगा।

विशेषज्ञ की राय: सरकार का यह कदम टैक्स सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा निवेश है। हालांकि, इससे टैक्सपेयर्स और कंपनियों के लिए कागजी कार्रवाई (कॉम्प्लायंस) का बोझ थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन इससे नियमों की उलझनें कम होंगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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डिजिटल महाप्रलय का खतरा: मिडिल ईस्ट की जंग में अब निशाने पर समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलें, भारत भी रडार पर

नई दिल्ली/जमशेदपुर। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में छिड़ी जंग अब सिर्फ मिसाइलों और तेल के कुओं तक सीमित नहीं रह गई है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने अब दुनिया की ‘डिजिटल लाइफलाइन’ पर संकट खड़ा कर दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, समुद्र के नीचे बिछी उन फाइबर ऑप्टिक केबलों पर हमले का खतरा बढ़ गया है, जिनके जरिए पूरी दुनिया का इंटरनेट और बैंकिंग सिस्टम चलता है।

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दो ‘डेथ जोन’ बने सबसे बड़ा खतरा

​इंटरनेट डेटा के इस महाजाल के लिए दो इलाके सबसे संवेदनशील और खतरे में हैं:

  1. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: यहाँ समुद्र की गहराई महज 200 फीट है, जिससे केबलों को नुकसान पहुँचाना आसान है।
  2. बाब अल-मंडेब (लाल सागर): यहाँ ईरान समर्थित हूथी विद्रोही लगातार जहाजों को निशाना बना रहे हैं।

भारत के लिए क्यों है चिंता की बात?

​भारत का अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट कनेक्शन इन्हीं समुद्री रास्तों पर टिका है। हॉर्मुज और लाल सागर के रास्ते AEAE-1, फाल्कन, गल्फ ब्रिज इंटरनेशनल और टाटा टीजीएन गल्फ जैसी प्रमुख केबलें गुजरती हैं। अगर इन केबलों को नुकसान पहुँचता है, तो भारत में इंटरनेट की गति और कनेक्टिविटी पूरी तरह चरमरा सकती है।

क्या-क्या हो सकता है ठप?

​विशेषज्ञों के अनुसार, इन केबलों पर हमले का मतलब सिर्फ स्लो इंटरनेट नहीं, बल्कि एक ‘डिजिटल ब्लैकआउट’ होगा:

  • बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट: अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन और यूपीआई (UPI) सेवाओं पर असर पड़ेगा।
  • AI और डेटा सेंटर्स: गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजॉन के बड़े डेटा सेंटर इन्हीं केबलों से जुड़े हैं।
  • ऑनलाइन कामकाज: वीडियो कॉल, ईमेल और क्लाउड सेवाएं पूरी तरह बाधित हो सकती हैं।
  • वैश्विक अर्थव्यवस्था: पूरी दुनिया की डिजिटल इकोनॉमी इन समुद्री केबलों पर टिकी है।

समुद्र के नीचे बिछी है ‘सुरंगें’

​दावा किया जा रहा है कि हॉर्मुज के इलाके में समुद्र के अंदर संदिग्ध गतिविधियां बढ़ गई हैं। लाल सागर में 17 और हॉर्मुज में 3 बड़ी केबलें मौजूद हैं, जो एशिया, यूरोप और अफ्रीका को जोड़ती हैं। अगर यहाँ कोई बड़ा विस्फोट या तोड़फोड़ होती है, तो उसे ठीक करने में हफ्तों लग सकते हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को खरबों डॉलर का नुकसान होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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ईरान-इजरायल जंग की तपिश: दिल्ली में ₹2 महंगा हुआ प्रीमियम पेट्रोल, कच्चे तेल के दाम में भारी उछाल

नई दिल्ली/जमशेदपुर। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों का असर अब भारतीय तेल बाजार में भी दिखने लगा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल (Premium Petrol) के दामों में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है।

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दिल्ली में ₹113 के पार पहुंची कीमत

​तेल कंपनियों द्वारा की गई इस बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल की नई दरें इस प्रकार हैं:

  • नया रेट: 113.77 रुपये प्रति लीटर
  • पुराना रेट: 111.68 रुपये प्रति लीटर
  • साधारण पेट्रोल: राहत की बात यह है कि फिलहाल साधारण पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये पर स्थिर बनी हुई है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

​तेल कंपनियों के अनुसार, इस मूल्य वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से दो अंतरराष्ट्रीय कारण हैं:

  1. होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में तनाव: ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
  2. ग्लोबल क्रूड में उछाल: शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि भारतीय क्रूड बास्केट (Indian Crude Basket) भी 114 डॉलर के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

महंगाई का दोहरा झटका

​जानकारों का मानना है कि प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि तो केवल शुरुआत है। यदि खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति और बिगड़ती है, तो आने वाले दिनों में साधारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। पिछले कुछ दिनों में रसोई गैस (LPG) की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने पहले ही मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है।

नोट: यह खबर अभी अपडेट की जा रही है। नवीनतम जानकारी के लिए बने रहें ‘तीसरी धारा न्यूज’ के साथ।

ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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