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ईरान-अमेरिका युद्ध में बड़ा मोड़: क्या मॉस्को में छिपे हैं ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई? ट्रंप ने कहा- ‘शायद मर चुके हैं’

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अंतरराष्ट्रीय डेस्क: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी भीषण तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है। दावा किया जा रहा है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई को गुप्त तरीके से रूस (रूस) ले जाया गया है। अगर इस खबर में सच्चाई है, तो यह युद्ध की दिशा बदलने वाला सबसे बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

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पुतिन के ‘मिशन मॉस्को’ का हिस्सा बने मोजतबा?

​कुवैती अखबार अल जरीदा की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामनेई फिलहाल ईरान में नहीं हैं। रिपोर्ट का दावा है कि:

  • गुप्त अभियान: गुरुवार को एक रूसी सैन्य विमान के जरिए मोजतबा को तेहरान से निकालकर मॉस्को पहुंचाया गया।
  • सफल सर्जरी: उन्हें राष्ट्रपति पुतिन के आधिकारिक आवास (क्रेमलिन) में मौजूद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी एक सफल सर्जरी हुई है।
  • सुरक्षा का डर: तेहरान में लगातार हो रही बमबारी और इजराइली खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ द्वारा लोकेशन लीक होने के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया। कहा जा रहा है कि खुद पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन को यह प्रस्ताव दिया था।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: “क्या वह जिंदा भी हैं?”

​ईरान के सुप्रीम लीडर की स्थिति पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी घी डालने का काम किया है। एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा:

“मुझे नहीं पता कि मोजतबा जिंदा भी हैं या नहीं। मैंने सुना है कि शायद वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। किसी ने उन्हें देखा नहीं है। अगर वह जिंदा हैं, तो उन्हें आत्मसमर्पण कर देना चाहिए।”

​ट्रंप के इस बयान ने उन अटकलों को हवा दे दी है कि हालिया हमलों में मोजतबा गंभीर रूप से घायल हुए थे।

ईरान का इनकार, रूस की खामोशी

​ईरान की सरकारी मीडिया लगातार इन खबरों का खंडन कर रही है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम लीडर पूरी तरह सुरक्षित हैं और देश के भीतर से ही कामकाज संभाल रहे हैं। वहीं, रूस ने भी आधिकारिक तौर पर मोजतबा के मॉस्को में होने की पुष्टि नहीं की है।

युद्ध पर क्या होगा असर?

​रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मोजतबा रूस की शरण में हैं, तो इसका मतलब है कि ईरान और रूस के सैन्य संबंध अब एक नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। यह अमेरिका और इजराइल के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है, क्योंकि रूस का सुरक्षा कवच भेदना उनके लिए नामुमकिन जैसा होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़