मुजफ्फरपुर/पटना: बिहार की राजनीति में खरमास के बाद बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि नीतीश कुमार के बाद प्रदेश की कमान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसी नेता को सौंपी जा सकती है, जिसमें डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। इस बीच, पूर्व सांसद आनंद मोहन ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
“किसके भाग्य की पर्ची निकलेगी, इंतजार कीजिए”
गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को मुजफ्फरपुर पहुंचे आनंद मोहन ने मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी की कार्यप्रणाली पर चुटकी ली। जब उनसे पूछा गया कि वे अगला मुख्यमंत्री किसे देखना चाहते हैं, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हमारे या आपके चाहने से कुछ नहीं होगा। सब जानते हैं कि बीजेपी में मुख्यमंत्री के लिए पर्ची निकलती है। अब किसके भाग्य की पर्ची निकलती है, इसका इंतजार कीजिए।”
नीतीश कुमार और 2030 के वादे पर उठाए सवाल
आनंद मोहन ने एनडीए के पुराने वादों की याद दिलाते हुए पूछा कि आखिर ऐसी कौन सी आफत आ गई कि नेतृत्व परिवर्तन की नौबत आ रही है? उन्होंने कहा, “चुनाव में नारा दिया गया था कि 2025 से 2030 तक फिर से नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे। जनता से किए गए इस वादे को पूरा किया जाना चाहिए।”
बीजेपी को बड़े नुकसान की चेतावनी
पूर्व सांसद ने आगाह किया कि यदि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाता है, तो भविष्य में इसका सबसे बड़ा खामियाजा बीजेपी को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने इसके पीछे का गणित समझाते हुए कहा:
- वोट बैंक का समीकरण: पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वोट बैंक मूल रूप से नीतीश कुमार का है, जो उनके माध्यम से बीजेपी को मिलता रहा है।
- गठबंधन पर असर: अगर यह फैसला दबाव में लिया गया है, तो जेडीयू के साथ-साथ बीजेपी को भी अपने आधार वोट खोने का डर रहेगा।
हत्याकांड मामले में SSP से की मुलाकात
राजनीतिक बयानों के अलावा आनंद मोहन मुजफ्फरपुर के अहियापुर में हुए चर्चित प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड के सिलसिले में एसएसपी से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
बिहार की सियासत में ‘पर्ची’ वाले इस बयान के बाद अब सबकी नजरें खरमास खत्म होने और बीजेपी के अगले कदम पर टिकी हैं।
तीसरी धारा न्यूज डेस्क











