मोकामा/बरौनी: बिहार में उत्तर और दक्षिण बिहार की जीवनरेखा कहे जाने वाले मोकामा के राजेंद्र सेतु को अब एक नया साथी मिलने जा रहा है। राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहा नया डबल ट्रैक रेल पुल अब अपने अंतिम चरण में है। उम्मीद जताई जा रही है कि मई या जून 2026 तक इस पुल पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह शुरू हो जाएगा।
110 किमी की रफ्तार और घंटों की बचत
मोकामा-बरौनी रेलखंड पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। अब तक पुराने राजेंद्र सेतु पर अत्यधिक दबाव के कारण ट्रेनों को घंटों आउटर पर खड़ा रहना पड़ता था।
- लागत: करीब 1700 करोड़ रुपये।
- लंबाई: मुख्य पुल 1.86 किलोमीटर (एप्रोच रोड सहित कुल 14 किमी)।
- रफ्तार: पुल चालू होते ही ट्रेनों की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच जाएगी।
निर्माण कार्य: पटरियां तैयार, बिजली का काम अंतिम चरण में
प्रोजेक्ट का सिविल स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है और पटरियां बिछाई जा चुकी हैं। वर्तमान में सुरक्षा की दृष्टि से पटरियों का बारीक निरीक्षण किया जा रहा है। पुल पर बिजली के पोल लगाए जा चुके हैं और हाई-टेंशन तारों को बिछाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
अगला कदम: बिजली का काम पूरा होते ही कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा फाइनल निरीक्षण किया जाएगा। उनकी हरी झंडी मिलते ही जून 2026 तक इस रूट पर ट्रेनों की सीटियां गूंजने लगेंगी।
व्यापार और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई ऊंचाई
इस डबल रेल लाइन के शुरू होने से न केवल एक्सप्रेस ट्रेनों का सफर आसान होगा, बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम होने से बिहार के व्यापारिक रूट को भी नई गति मिलेगी। यात्रियों को अब ट्रेनों की ‘कछुआ चाल’ और घंटों के इंतजार से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
गंगा पर बना यह आधुनिक पुल न केवल बिहार की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा, बल्कि राज्य के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज











