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जमशेदपुर: लौहनगरी के शास्त्री नगर (ब्लॉक नंबर 4) स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर में रविवार, 19 अप्रैल 2026 को ‘परशुराम परिवार, जमशेदपुर’ द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। संध्या 6:00 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्ध जनों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री रविंद्र नाथ चौबे उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती विनीता मिश्रा तथा सम्मानित अतिथि के रूप में डॉ. अजय कुमार चौबे और श्री उपेंद्र कुमार पांडे ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और समाज को एकजुट रहने तथा नैतिक मूल्यों को अपनाने का मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम के दौरान भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम जी के जीवन और उनके सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में श्री राजीव कुमार पांडे ने उपस्थित सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर/पोटका: नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल (NSPS) की विभिन्न शाखाओं— पोखारी, हल्दीपोखर और राखामाइंस के विद्यार्थियों ने कक्षा 10वीं की परीक्षा में अपनी मेधा का परचम लहराया है। इस वर्ष स्कूल की तीनों शाखाओं का सामूहिक परीक्षा परिणाम 92% रहा। विद्यार्थियों की इस शानदार सफलता से न केवल स्कूल प्रबंधन, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों में भी खुशी की लहर है।
1. हल्दीपोखर शाखा:
हल्दीपोखर शाखा में विजय दीक्षित ने 94.6% अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त कर स्कूल का नाम रोशन किया है।
2. पोखारी शाखा:
पोखारी शाखा में दीपा प्रमाणिक ने 92.80% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया है।
3. राखामाइंस शाखा:
राखामाइंस शाखा से अंजलि तिवारी ने 92.60% अंक पाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर स्कूल के सचिव श्री मदन मोहन सिंह ने सभी सफल विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। श्री सिंह ने स्कूल के सभी शिक्षकों की भी सराहना की, जिन्होंने शैक्षणिक सत्र के दौरान बच्चों को बेहतर तैयारी कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये छात्र भविष्य में भी इसी तरह सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 23 वर्षीय होनहार युवक ने आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के कारण मौत को गले लगा लिया।
जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामनगर रोड नंबर 7 में रहने वाले बीटेक छात्र अंकित शर्मा ने गुरुवार शाम फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना के समय जब अंकित ने काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला, तो उसकी बहन ने खिड़की से झांककर देखा, जहाँ अंकित फंदे पर लटका हुआ था। आनन-फानन में पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़कर उसे टीएमएच (TMH) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शुक्रवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों के अनुसार, अंकित का परिवार पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है; उसकी मां की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनका इलाज रांची में चल रहा है।
मृतक की बहन ने बताया कि अंकित पिछले कुछ समय से शेयर मार्केट में निवेश कर रहा था। इस दौरान वह लगभग 4 से 5 लाख रुपये हार चुका था। भारी आर्थिक नुकसान के कारण वह गहरे तनाव (Depression) में था, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
कदमा थाना पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आर्थिक नुकसान के अलावा भी कोई अन्य कारण था। फिलहाल, पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है।
शेयर बाजार या किसी भी निवेश में जोखिम शामिल होता है। आर्थिक नुकसान जीवन से बड़ा नहीं है। यदि आप या आपके आसपास कोई तनाव में है, तो कृपया उनसे बात करें और विशेषज्ञों की मदद लें।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
नासिक/मुंबई: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक कार्यालय में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के सनसनीखेज मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहली तीखी प्रतिक्रिया आई है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को “बेहद चिंताजनक” बताते हुए साफ किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और इसकी जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जाएगी।
मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि सरकार इस मामले की जड़ तक जाएगी। उन्होंने कहा:
”हम इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेंगे। किसी को भी राजनीतिक या अन्य सुरक्षा नहीं मिलेगी। हमने केंद्रीय एजेंसियों से इस मामले की बारीकी से जांच करने का आग्रह किया है क्योंकि हमें आशंका है कि यह किसी बड़े संगठित मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है।”
नासिक पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए सात पुरुष आरोपी एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे और महिला कर्मचारियों को निशाना बना रहे थे। पुलिस ने अब तक इस मामले में रजा रफीक मेमन और शफी बिखान शेख सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने खुलासा किया कि गिरफ्तार की गई यूनिट की ऑपरेशन और एचआर प्रमुख ने पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने से रोका था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। अब तक 8 महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई है। उनके मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
पुलिस द्वारा पहचाने गए मुख्य आरोपी पुरुषों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख शामिल हैं।
यह मामला अब केवल एक कॉर्पोरेट विवाद न रहकर राष्ट्रीय सुरक्षा और संगठित अपराध के नजरिए से देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद जांच में और तेजी आने की उम्मीद है।
तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट
सरायकेला: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में गुरुवार शाम कुदरत का कहर देखने को मिला। सरायकेला थाना क्षेत्र के रुगड़ी साही गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक घटना के वक्त अपने घर के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 5:00 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज गर्जना के साथ बारिश होने लगी। गांव निवासी श्याम हेम्ब्रम अपने घर के अंदर बैठकर मोबाइल चला रहा था। इसी दौरान खिड़की के रास्ते आसमानी बिजली सीधे उस पर आ गिरी। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि श्याम का पूरा शरीर काला पड़ गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद बदहवास परिजन तुरंत श्याम को सरायकेला सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के जवाब मिलने के बाद परिजन शव को लेकर वापस गांव लौट गए। इस हृदयविदारक घटना के बाद से श्याम के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक श्याम हेम्ब्रम एक मेहनती युवक था। वह मजदूरी करने के साथ-साथ ट्रैक्टर भी चलाता था और अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उठा रहा था। उसकी अचानक मौत से पूरे रुगड़ी साही गांव में मातम पसरा हुआ है।
मौसम विभाग और विशेषज्ञों ने बार-बार चेतावनी दी है कि खराब मौसम या बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइल फोन का उपयोग जोखिम भरा हो सकता है।
तीसरी धारा न्यूज के लिए सरायकेला से ब्यूरो रिपोर्ट
नोएडा/गौतमबुद्ध नगर: दिल्ली से सटे नोएडा में 13 अप्रैल को हुई भीषण हिंसा के मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड आदित्य आनंद है, जो NIT जमशेदपुर का पूर्व छात्र है और मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला है। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
पुलिस जांच के अनुसार, यह हिंसा कोई तात्कालिक घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। आदित्य आनंद ने नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में 31 मार्च और 1 अप्रैल को रेकी की थी। इसके बाद मजदूरों को संगठित करने के नाम पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए। इन ग्रुप्स में शामिल होने के लिए QR कोड का इस्तेमाल किया गया, ताकि तेजी से और गुप्त तरीके से भीड़ जुटाई जा सके। इन्ही ग्रुप्स के जरिए भड़काऊ संदेश फैलाकर भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया गया।
इस मामले में सबसे गंभीर खुलासा अंतरराष्ट्रीय साजिश को लेकर हुआ है। जांच एजेंसियों को पता चला है कि हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वाले कई अकाउंट्स के IP एड्रेस और VPN (Virtual Private Network) पाकिस्तान से जुड़े थे। इन अकाउंट्स के जरिए फर्जी खबरें फैलाई गईं कि हिंसा में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं, ताकि तनाव और बढ़ाया जा सके।
नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं:
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विवरण |
जानकारी |
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मुख्य आरोपी |
आदित्य आनंद (पूर्व छात्र, NIT जमशेदपुर) |
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निवासी |
हजारीबाग, झारखंड |
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साजिश का तरीका |
रेकी, व्हाट्सएप ग्रुप और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट |
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विदेशी लिंक |
पाकिस्तान से जुड़े आईपी एड्रेस मिले |
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वर्तमान स्थिति |
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें गठित |
पुलिस का कहना है कि आरोपी पिछले कई वर्षों से देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह के आंदोलनों को हिंसक मोड़ देने में सक्रिय रहा है। अब इस मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से की जा रही है ताकि विदेशी ताकतों और स्थानीय साजिशकर्ताओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट
रजरप्पा (रामगढ़): प्रसिद्ध शक्तिपीठ रजरप्पा मंदिर परिसर में गुरुवार को जिला प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया। झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रशासन ने मंदिर प्रक्षेत्र में अवैध रूप से संचालित 254 दुकानों को जेसीबी और बुलडोजर की मदद से हटा दिया। सुबह 10 बजे से शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही, जिससे पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया।
मंदिर परिसर में बढ़ती अव्यवस्था और अनियोजित दुकानों को लेकर उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इसी के आलोक में कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था। कार्रवाई का नेतृत्व एसडीओ अनुराग तिवारी और डीएसपी मुख्यालय चंदन वत्स ने किया। उनके साथ 13 दंडाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि कुछ दुकानदारों ने विरोध की कोशिश की, लेकिन प्रशासनिक मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली।
इस कार्रवाई के दो पहलू सामने आए हैं:
दुकानदार अरूप कुमार पंडा ने बताया कि उच्च न्यायालय में पुनर्वास को लेकर याचिका दायर की गई है। उन्होंने कहा:
”उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि एक महीने के भीतर दुकानदारों का पुनर्वास किया जाए, लेकिन उससे पहले जमीन खाली करना अनिवार्य था। फिलहाल 39 दुकानदारों ने याचिका दी है, जल्द ही सभी 254 दुकानदारों के लिए न्याय की गुहार लगाई जाएगी।”
इस वृहद अभियान में एलआरडीसी दीप्ति प्रियंका कुजूर सहित चितरपुर, मांडू, दुलमी, गोला, रामगढ़, पतरातू के अंचलाधिकारी (CO) और रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मुस्तैद रहे।
प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इन विस्थापित दुकानदारों को व्यवस्थित रूप से दोबारा बसाना और मंदिर प्रक्षेत्र को एक आधुनिक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।
तीसरी धारा न्यूज के लिए रजरप्पा से ब्यूरो रिपोर्ट
रांची: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आयोजित ‘प्रथम खेलो इंडिया जनजातीय खेल-2026’ में झारखंड के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर लौटे खिलाड़ियों ने शुक्रवार को रांची स्थित ‘लोक भवन’ में प्रदेश के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार भेंट की।
मुलाकात के दौरान झारखंड राज्य मलखम्ब एसोसिएशन के महासचिव डॉ. अजय झा ने राज्यपाल को खिलाड़ियों की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि झारखंड के खिलाड़ियों ने बालक और बालिका, दोनों वर्गों में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया, जिसके बदौलत राज्य ने ओवरऑल रैंकिंग में कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल किया है।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर की और सभी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:
”झारखंड के लोगों में खेलों के प्रति स्वाभाविक और गहरी अभिरुचि है। हमारे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और अनुशासन के दम पर राष्ट्रीय पटल पर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं, जो वास्तव में सराहनीय है।”
राज्यपाल ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास, समर्पण और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह जीत झारखंड के खेल जगत के लिए एक नई ऊर्जा लेकर आई है, जो जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
तीसरी धारा न्यूज के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट
पटना: बिहार की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर एक बड़ा बयान दिया। अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले तेज प्रताप ने न केवल सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने को अपनी ‘भविष्यवाणी’ की जीत बताया, बल्कि शैक्षणिक योग्यता और ‘सिलेक्टेड मुख्यमंत्री’ जैसे सवालों पर उनका बचाव भी किया।
मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने कानून-व्यवस्था पर चिंता तो जताई, लेकिन मुख्यमंत्री को समय देने की बात भी कही। उन्होंने कहा:
”बिहार का लॉ एंड ऑर्डर चरमराया हुआ है, यह सब जानते हैं। लेकिन सम्राट चौधरी को कल ही (15 अप्रैल) नई जिम्मेदारी मिली है। हम लोग एक-दो महीने इंतजार करेंगे कि वे सरकार कैसे चलाते हैं।”
तेज प्रताप ने आगे दावा किया कि उन्होंने पहले ही कह दिया था कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि पहली भविष्यवाणी सच हो गई है और अगली भविष्यवाणी वे एक महीने बाद करेंगे।
जब पत्रकारों ने उन्हें याद दिलाया कि उनके भाई तेजस्वी यादव सम्राट चौधरी को ‘इलेक्टेड’ नहीं बल्कि ‘सिलेक्टेड’ मुख्यमंत्री कह रहे हैं, तो तेज प्रताप का जवाब चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा, “अब वे इलेक्टेड हैं या सिलेक्टेड, इससे क्या फर्क पड़ता है? मुख्यमंत्री के पद पर तो वे हैं ही।”
वहीं, सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता (सातवीं फेल होने के दावों) पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि अगर डिग्रियां गिनाने बैठेंगे तो बहुत सारे मंत्री और विधायक इस श्रेणी में आ जाएंगे।
बयानों की गरमागरम बहस के बीच गुरुवार (16 अप्रैल) को तेज प्रताप यादव के आवास पर भावुक नजारा भी देखने को मिला। तेज प्रताप के जन्मदिन के अवसर पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव खुद उनके घर पहुंचे। लालू यादव ने बेटे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया और वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। परिवार के अन्य सदस्यों और समर्थकों ने भी उन्हें जन्मदिन की ढेरों बधाई दी।
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घटना |
विवरण |
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मुख्य बयान |
सम्राट चौधरी का सिलेक्टेड/इलेक्टेड विवाद पर बचाव। |
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दावा |
मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी सच होने का दावा। |
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अवधि |
सरकार के कामकाज को परखने के लिए 2 महीने का समय दिया। |
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खास पल |
पिता लालू यादव ने जन्मदिन पर आवास जाकर दिया आशीर्वाद। |
तीसरी धारा न्यूज के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट
नई दिल्ली: भारतीय संसदीय इतिहास में गुरुवार की रात एक मील का पत्थर साबित हुई। महिला आरक्षण, संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर लोकसभा में देर रात 1:20 बजे तक मैराथन चर्चा चली। इस दौरान सदन में महिला सांसदों की सक्रिय भागीदारी और जज्बे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनकी जमकर सराहना की।
शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक प्रेरक पोस्ट के जरिए देश की महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। पीएम ने लिखा:
”हमारी नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान है। देश की माताएं-बहनें और बेटियां अपनी अटूट संकल्पशक्ति, निष्ठा और सेवाभाव से आज हर क्षेत्र में भारतवर्ष का गौरव बढ़ा रही हैं।”
प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में देवी शक्ति की स्तुति करते हुए संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जिसमें जगत की रक्षा करने वाली मां अंबिका को नमन किया गया है।
सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन ऐतिहासिक विधेयक पेश किए हैं:
विपक्ष का रुख: कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का तर्क है कि महिला आरक्षण को परिसीमन की शर्त से मुक्त रखा जाना चाहिए ताकि इसे 2029 के चुनावों से ही लागू किया जा सके। विपक्ष ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की हिस्सेदारी को लेकर भी चिंता जताई है।
वोटिंग का समय: शुक्रवार को इन विधेयकों पर चर्चा पूरी होने के बाद शाम 4:00 बजे मत विभाजन (Voting) होगा। देश की नजरें आज संसद के निचले सदन पर टिकी हैं, जहां महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी जानी है।
तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट