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रजरप्पा मंदिर प्रक्षेत्र में चला प्रशासन का ‘बुलडोजर’: 254 दुकानें जमींदोज, इतिहास में पहली बार हुई इतनी बड़ी कार्रवाई

रजरप्पा (रामगढ़): प्रसिद्ध शक्तिपीठ रजरप्पा मंदिर परिसर में गुरुवार को जिला प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया। झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रशासन ने मंदिर प्रक्षेत्र में अवैध रूप से संचालित 254 दुकानों को जेसीबी और बुलडोजर की मदद से हटा दिया। सुबह 10 बजे से शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही, जिससे पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया।n7087840961776416094056ffd4e05b721b9c3dcc9d2f77afabfb0da6a2744e0118840822a0656e25a0bb28

न्यायालय के आदेश पर प्रशासन की सख्ती

​मंदिर परिसर में बढ़ती अव्यवस्था और अनियोजित दुकानों को लेकर उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इसी के आलोक में कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था। कार्रवाई का नेतृत्व एसडीओ अनुराग तिवारी और डीएसपी मुख्यालय चंदन वत्स ने किया। उनके साथ 13 दंडाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि कुछ दुकानदारों ने विरोध की कोशिश की, लेकिन प्रशासनिक मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

कहीं खुशी, कहीं गम: श्रद्धालुओं को मिली जगह, दुकानदारों के छिने आशियाने

​इस कार्रवाई के दो पहलू सामने आए हैं:

  • सुविधा और सौंदर्य: अतिक्रमण हटने से मंदिर की सड़कें दोगुनी चौड़ी हो गई हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने इस कदम का स्वागत किया है। प्रशासन का कहना है कि यह पुनर्विकास योजना का हिस्सा है, जिससे भविष्य में पार्किंग, पेयजल और सुरक्षा जैसी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
  • रोजी-रोटी का संकट: दूसरी तरफ, दशकों से दुकान चला रहे परिवारों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई दुकानदार अपने टूटते आशियाने को देख भावुक हो उठे। रजरप्पा मंदिर परिसर सर्वांगीण विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष कुलदीप साव ने कहा कि वे न्यायालय का सम्मान करते हैं, लेकिन प्रशासन को उजाड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए थी।

पुनर्वास की उम्मीद: क्या कहते हैं प्रभावित पक्ष?

​दुकानदार अरूप कुमार पंडा ने बताया कि उच्च न्यायालय में पुनर्वास को लेकर याचिका दायर की गई है। उन्होंने कहा:

​”उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि एक महीने के भीतर दुकानदारों का पुनर्वास किया जाए, लेकिन उससे पहले जमीन खाली करना अनिवार्य था। फिलहाल 39 दुकानदारों ने याचिका दी है, जल्द ही सभी 254 दुकानदारों के लिए न्याय की गुहार लगाई जाएगी।”

 

प्रशासनिक टीम में ये रहे शामिल

​इस वृहद अभियान में एलआरडीसी दीप्ति प्रियंका कुजूर सहित चितरपुर, मांडू, दुलमी, गोला, रामगढ़, पतरातू के अंचलाधिकारी (CO) और रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मुस्तैद रहे।

​प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इन विस्थापित दुकानदारों को व्यवस्थित रूप से दोबारा बसाना और मंदिर प्रक्षेत्र को एक आधुनिक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए रजरप्पा से ब्यूरो रिपोर्ट

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