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नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) पर चल रही ऐतिहासिक बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 16 अप्रैल को लोकसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री का यह भाषण न केवल महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना, बल्कि उन्होंने ‘राजनीतिक श्रेय’ (Credit) की राजनीति पर भी विराम लगाने का प्रयास किया।
विपक्ष द्वारा बिल का श्रेय लेने की कोशिशों पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अगर बात सिर्फ क्रेडिट की है, तो आप ले लीजिए। यहाँ बैठा कोई भी व्यक्ति अपनी फोटो छपवा सकता है, मैं क्रेडिट देने के लिए आपको ब्लैंक चेक देने को तैयार हूँ।” उन्होंने यहाँ तक कहा कि सरकार विज्ञापनों में विपक्ष की फोटो लगाने में भी संकोच नहीं करेगी, क्योंकि लक्ष्य राष्ट्रहित है, राजनीति नहीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सदन के सभी दलों से इस बिल को सर्वसम्मति से पारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब कोई निर्णय सर्वसम्मति से होता है, तो उसका प्रभाव और ताकत कई गुना बढ़ जाती है।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने जहाँ सदन में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया, वहीं विपक्षी दल अब भी इसके लागू होने की समयसीमा और परिसीमन की शर्तों पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क
जमशेदपुर (जेम्को): जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जेम्को स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालीमाटी में 15 दिवसीय ‘जल पखवाड़ा’ (16 से 30 अप्रैल 2026) का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एक स्वर में जल बचाने की सामूहिक शपथ ली।
अभियान के पहले दिन स्कूली बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। आकर्षक पोस्टरों और पेंटिंग के माध्यम से विद्यार्थियों ने ‘बूंद-बूंद पानी सहेजने’ की महत्ता को दर्शाया। बच्चों के बीच इस अभियान को लेकर खासा उत्साह देखा गया, जहां उन्होंने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं पानी बचाएंगे, बल्कि समाज को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री धनंजय श्रीवास्तव ने बच्चों को संबोधित करते हुए जल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
”जल ही जीवन का आधार है। आज हम जिस पानी को व्यर्थ कर रहे हैं, वह हमारे आने वाले कल के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है। हमें अपनी आदतों में बदलाव लाकर पानी की बर्बादी रोकनी होगी।”
प्रधानाध्यापक ने बताया कि यह अभियान 30 अप्रैल तक निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान समुदाय को जागरूक करने के लिए कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है, जिनमें शामिल हैं:
इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सदस्य कंचन कुमारी, करनदीप सिंह, एंजेलिना टीगा, राकेश कुमार, रितु सिंह, सरिता समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। विद्यालय का यह साझा प्रयास ‘हमारा झारखंड, हमारा भविष्य’ के संदेश को धरातल पर उतारने की एक सराहनीय पहल है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में प्रजनन अधिकारों और मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कोमा जैसी स्थिति में अस्पताल में भर्ती एक सेना के जवान की पत्नी को IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में पति की पहले दी गई सहमति को ही वैध माना जाएगा।
जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने यह फैसला जवान की पत्नी द्वारा दायर याचिका पर सुनाया। याचिकाकर्ता के अनुसार:

कोर्ट ने अपने 13 अप्रैल के फैसले में असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) विनियमन अधिनियम की व्याख्या करते हुए कई अहम बातें कहीं:
फैसले के दौरान अदालत ने आध्यात्मिक और दार्शनिक पहलू को भी छुआ। भागवत पुराण का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा:
”एक जीवित प्राणी को दैव (भाग्य) की देखरेख में शरीर प्राप्त होता है। किसी को माता-पिता बनने का सौभाग्य मिलेगा या नहीं, यह अंततः नियति ही तय करती है, इंसान नहीं।”
अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे IVF प्रक्रिया को उसके तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं और पति के जेनेटिक मटीरियल को सुरक्षित रखें। यह फैसला उन परिवारों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है जो कानूनी पेचीदगियों के कारण अपने प्रजनन अधिकारों से वंचित रह जाते हैं।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर हुआ हमला
मिली जानकारी के अनुसार, आमिर हमजा पर यह हमला लाहौर में एक स्थानीय न्यूज चैनल के दफ्तर के ठीक बाहर हुआ। घात लगाए बैठे हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। सूत्रों का दावा है कि हमजा को कई गोलियां लगी हैं और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन या पाकिस्तानी अधिकारियों ने अभी तक उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
कौन है आमिर हमजा?
आमिर हमजा केवल एक आतंकी कमांडर ही नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा का वैचारिक चेहरा भी रहा है।
भारत के खिलाफ साजिशों में रहा शामिल
आमिर हमजा का नाम भारत में हुए कई आतंकी हमलों की साजिशों से जुड़ा रहा है। वह अफगान मुजाहिदीन का अनुभवी कमांडर रहा है और उसने भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई जहरीली किताबें भी लिखी हैं। लंबे समय से वह भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था।
पाकिस्तान में बढ़ता ‘अनजान’ हमलावरों का खौफ
पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के भीतर भारत विरोधी आतंकियों की रहस्यमयी मौतों और हमलों का सिलसिला बढ़ा है। आमिर हमजा पर हुआ यह हमला इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। पाकिस्तानी हुक्मरान और सुरक्षा एजेंसियां इस घटना पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे वहां के आतंकी हलकों में भारी डर का माहौल है।
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जमशेदपुर | संवाददाता विश्व हिंदू परिषद (VHP) जमशेदपुर महानगर द्वारा बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। महानगर अध्यक्ष अजय गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई और संगठन को सशक्त बनाने के लिए मातृशक्ति व दुर्गा वाहिनी के विस्तार पर चर्चा की गई।


रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क, जमशेदपुर
बेंगलुरु: मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सामने आई है। यहाँ के राजराजेश्वरी नगर (RR Nagar) इलाके में एक 42 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी 72 वर्षीय बुजुर्ग माँ को घर की चौथी मंजिल से नीचे फेंक कर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी बेटा अपनी माँ की लंबी बीमारी और सेवा-टहल से तंग आ चुका था।
मृतक महिला की पहचान सावित्रम्मा (72) के रूप में हुई है। सावित्रम्मा पिछले करीब 4-5 वर्षों से लकवे (Paralysis) की बीमारी से जूझ रही थीं और पूरी तरह बिस्तर पर निर्भर थीं। आरोपी बेटे की पहचान वेंकटेश के रूप में हुई है, जिसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह परिवार बीईएमएल (BEML) लेआउट स्थित एक चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर रहता था। वेंकटेश शादीशुदा है और अपनी पत्नी व माँ के साथ इसी फ्लैट में रहता था।
घटना के दिन, वेंकटेश अपनी लाचार माँ को सहारा देकर या किसी बहाने से दूसरी मंजिल से सीधे चौथी मंजिल की छत पर ले गया। वहाँ पहुँचते ही उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपनी माँ को नीचे धक्का दे दिया। जमीन पर गिरते ही सावित्रम्मा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
जिस वक्त यह घटना हुई, वहाँ से गुजर रहे कुछ लोगों ने महिला को ऊंचाई से गिरते देखा। तत्काल स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाओं के सही क्रम का पता लगाया जा सके।
तीसरी धारा न्यूज डेस्क
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नासिक: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की बीपीओ यूनिट से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस की 40 दिनों की सघन और गुप्त जांच के बाद एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जहां कॉर्पोरेट की आड़ में महिला कर्मचारियों का शोषण और जबरन धर्मांतरण का खेल चल रहा था। इस मामले में अब तक 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और एचआर मैनेजर निदा खान समेत कई टीम लीडर्स को गिरफ्तार किया गया है।
इस पूरे प्रकरण में निदा खान की भूमिका सबसे चौंकाने वाली रही है। वह नासिक यूनिट में प्रबंधकीय एचआर पद पर तैनात थीं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह आंतरिक शिकायत निवारण समिति (ICC) की सदस्य भी थीं।
उनकी जिम्मेदारी कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और POSH (यौन उत्पीड़न निवारण) अधिनियम को लागू करना था। जांच के अनुसार, निदा खान ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए पीड़ितों की शिकायतों को दबाया और आरोपियों को संरक्षण दिया।
पुलिस जांच और पीड़ितों के बयानों से मिली जानकारी के अनुसार, यह शोषण एक संगठित तरीके से किया जा रहा था:
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ितों ने लगभग 78 ईमेल और चैट के जरिए निदा खान तक अपनी आपबीती पहुंचाई थी। आरोप है कि निदा खान ने इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों से कहा कि “कॉर्पोरेट जगत में यह सब आम है।” ### अब तक की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए निदा खान सहित छह टीम लीडर्स को गिरफ्तार कर लिया है। निदा खान, जो सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं, ने कथित तौर पर जनवरी 2026 में कंपनी छोड़ दी थी, लेकिन जांच की आंच उन तक पहुंच गई।
यह मामला कॉर्पोरेट इंडिया में महिलाओं की सुरक्षा और आंतरिक शिकायत समितियों (ICC) की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस इस सिंडिकेट के अन्य संभावित कनेक्शनों की तलाश कर रही है।
नई दिल्ली/तिरुपति: आधुनिक तकनीक के इस दौर में जहाँ एक ओर अपराध बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर युवा तकनीक का इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश की मोहन बाबू यूनिवर्सिटी के छात्र जी श्रीनिवास रेड्डी ने एक ऐसा अनूठा QR कोड विकसित किया है, जो सफर के दौरान महिलाओं और आम यात्रियों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ का काम करेगा।
अक्सर ऑटो या टैक्सी में सफर करते समय यात्री, विशेषकर महिलाएँ, असुरक्षित महसूस करती हैं। श्रीनिवास द्वारा तैयार किया गया यह खास QR कोड वाहन में ड्राइवर की सीट के पीछे लगाया जाएगा।
इस नवाचार को जमीन पर उतारने में पुलिस अधिकारियों का भी बड़ा योगदान रहा है। श्रीनिवास ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में उन्हें डीसीपी शेख शरीना बेगम का मार्गदर्शन मिला। इस तकनीक को आईपीएस अधिकारी एस. वी. राजशेखर बाबू द्वारा लॉन्च किया गया, जो छात्र की इस उपलब्धि पर पुलिस के भरोसे को दर्शाता है।
यह तकनीक उन हजारों लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जो रोजाना लोकल ट्रांसपोर्ट का उपयोग करते हैं। ड्राइवर का व्यवहार संदिग्ध लगने या रास्ता भटकने जैसी स्थितियों में यह QR कोड एक बटन दबाने जैसा आसान और प्रभावी समाधान है। श्रीनिवास रेड्डी का यह प्रयास इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे किताबी ज्ञान को असल दुनिया की समस्याओं को सुलझाने में लगाया जा सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
सीनी/सरायकेला | सीनी स्थित अंबेडकर नगर स्वर्णपुर में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत अंबेडकर नगर स्वर्णपुर में बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद युवाओं और समर्थकों द्वारा एक भव्य बाइक रैली निकाली गई। यह रैली सीनी बाजार का परिभ्रमण करते हुए सीनी मोड़ पहुंची, जहां भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।
प्रमुख उपस्थित अतिथि:
संध्या काल में बाबा साहेब के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। इस दौरान स्थानीय और बाल कलाकारों ने एक से बढ़कर एक संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवनी पर प्रकाश डाला और दलित, शोषित व वंचित समाज के उत्थान के लिए शिक्षा को अनिवार्य बताया। जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी सरदार ने बाबा साहेब के मूल मंत्र “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी अपना अधिकार प्राप्त कर सकता है।
देर रात तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में वक्ताओं ने बारी-बारी से अपने विचार रखे और बाबा साहेब के संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान जय भीम और बाबा साहेब अमर रहे के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर | स्थानीय नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय (NSU) के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा संविधान शिल्पी डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 13 और 14 अप्रैल 2026 को दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह ब्लॉक स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच सामाजिक समावेशन, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति चेतना जागृत करना था।
कार्यक्रम के पहले दिन (13 अप्रैल) विद्यार्थियों की सृजनात्मकता और तार्किक क्षमता को निखारने के लिए वाद-विवाद एवं पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।

14 अप्रैल को मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वावलंबी झारखंड माइक्रोवेलफेयर डेवलपमेंट सेंटर के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा दिया गया समानता और न्याय का संदेश केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जीवन में आत्मसात करना जरूरी है।
कुलसचिव नागेंद्र सिंह और प्रशासनिक अधिष्ठाता प्रो. नाजिम खान ने भी वर्तमान समय में बाबा साहेब के कार्य पद्धतियों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों, विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजग करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर