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जमशेदपुर / आदित्यपुर: आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन में ‘रिसर्च एंड डेवलपमेंट कमिटी’ के तत्वाधान में आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राध्यापकों के भीतर शोध कौशल को विकसित करना और उन्हें आधुनिक शैक्षणिक तकनीकों से अवगत कराना था।
पांच दिनों तक चले इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य विषय “सिस्टमेटिक वे ऑफ रिसर्च पेपर राइटिंग” रखा गया था। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों में शोध के महत्वपूर्ण आयामों पर विशेषज्ञों ने प्रकाश डाला:

इस एफडीपी में रिसोर्स पर्सन और एक्सपर्ट के रूप में डॉ. मृत्युंजय महतो, डॉ. प्रीति साहू, डॉ. शैलेश सारंगी, डॉ. रजनीश और डॉ. सूर्याप्रताप सिंह ने शिरकत की। सभी विशेषज्ञों ने शोध आधारित विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक पक्षों पर कॉलेज के प्राध्यापकों को प्रशिक्षित किया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मौसमी महतो ने कहा कि वर्तमान समय में शोध आधारित पेशेवर विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “शिक्षा के क्षेत्र में शोध का महत्व लगातार बढ़ रहा है। नवाचार से ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव है, और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही देश के समग्र विकास की पहली और अनिवार्य शर्त है।”
इस अवसर पर श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के सभी सहायक प्राध्यापक और शिक्षाविद मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन मीडिया प्रभारी रचना रश्मि के समन्वय में किया गया।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़
आदित्यपुर: नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NSMCH), आदित्यपुर के शैक्षणिक सेल और मनोरोग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को “मेड-माइंड बैलेंस 2026” सिंपोजियम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल की पढ़ाई के दौरान छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और चिंता (Anxiety) जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा करना और उनके समाधान खोजना था।
संस्थान के अध्यक्ष श्री मदन मोहन सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस संगोष्ठी में उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है। उन्होंने कहा, “शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने की दौड़ में हमें छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संस्थान एक ऐसा वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जहाँ छात्र बिना किसी दबाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।”
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के मनोरोग विभाग प्रमुख प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार साहू ने मेडिकल छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का पाठ्यक्रम बेहद कठिन होता है, जिससे छात्रों में तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। डॉ. साहू ने छात्रों को सिखाया कि कैसे तनाव के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय रहते पेशेवर मदद लेनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने इस पहल की सराहना की। उपस्थित लोगों ने माना कि एक कुशल चिकित्सक बनने के लिए मानसिक रूप से सुदृढ़ होना अनिवार्य है। इस सिंपोजियम ने मेडिकल छात्रों के लिए एक सहायक प्रणाली (Support System) विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
चक्रधरपुर: तमिलनाडु के नमक्कल अन्नागुर स्थित ‘आलिया मिल्स प्राइवेट लिमिटेड’ में बंधक बनाकर रखे गए झारखंड के करीब 60 मजदूर शनिवार को किसी तरह अपनी जान बचाकर चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचे। एर्नाकुलम-टाटा एक्सप्रेस से पहुंचे इन मजदूरों की आपबीती सुनकर हर कोई दंग रह गया। मजदूरों ने न केवल मिल मालिकों पर शोषण का आरोप लगाया, बल्कि झारखंड सरकार के दावों की भी पोल खोल दी।
मजदूरों ने बताया कि ओडिशा के एजेंट चंदन और सुशील ने उन्हें बेहतर वेतन और सुविधाओं का लालच देकर तमिलनाडु भेजा था। वहां पहुंचने पर स्थिति बिल्कुल उलट थी। जब मजदूरों ने खराब खाने और कम वेतन का विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें मिल के अंदर बंधक बना लिया गया। बिना मजदूरी दिए ही उनसे जबरन काम कराया जा रहा था।
हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया (X) पर पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) और माइग्रेशन सेल को इन मजदूरों की मदद करने का निर्देश दिया था। 23 अप्रैल को प्रशासन ने दावा किया था कि सभी को सुरक्षित और ससम्मान वापस लाया जा रहा है।
मजदूरों ने बताया कि रास्ते भर रेलवे के पेंट्रीकार मैनेजर और TTE ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया। हद तो तब हो गई जब वे चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचे। वहां भी TTE ने उन्हें घेर लिया और पैसों की मांग करने लगे, जबकि मजदूर पहले ही जुर्माना दे चुके थे। घंटों तक उन्हें रोककर रखा गया, जिसे बाद में स्थानीय पत्रकारों के हस्तक्षेप के बाद छोड़ा गया।
मजदूरों की जेब में एक रुपया भी नहीं बचा था कि वे कुछ खा सकें। भूखे-प्यासे और डरे हुए इन मजदूरों ने बताया कि एजेंटों ने उन्हें चक्रधरपुर पहुंचने पर ‘अंजाम भुगतने’ की धमकी भी दी है।
इस घटना ने एक बार फिर झारखंड सरकार के उन वादों पर सवालिया निशान लगा दिया है, जिसमें प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और राज्य में ही रोजगार देने की बात कही जाती है। फिलहाल सभी मजदूर अपने घर जाने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन उनके चेहरे पर खौफ और सरकार के प्रति नाराजगी साफ झलक रही है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: भारतीय संस्कृति में पूजनीय गौ माता के संरक्षण और सम्मान के लिए अब राष्ट्रव्यापी आंदोलन की नींव रखी जा रही है। इसी कड़ी में जमशेदपुर में “गौ सम्मान अभियान” का शंखनाद किया गया है। आगामी 27 अप्रैल को शहर के हजारों गौ भक्त धालभूम अनुमंडल कार्यालय पर एकत्रित होकर केंद्र सरकार के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।
शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में अभियान के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आंदोलन के दो मुख्य उद्देश्य हैं:
यह अभियान केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है। आयोजकों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में गौ भक्त अपने-अपने अनुमंडल कार्यालयों में एक साथ जुटेंगे। इसका उद्देश्य सरकार को यह संदेश देना है कि सनातन परंपरा और भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा मानी जाने वाली गौ माता की सुरक्षा अब पूरे देश की प्राथमिकता है।
27 अप्रैल को धालभूम अनुमंडल कार्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय गौ भक्त शामिल होंगे। प्रेस वार्ता में कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्तमान में गौवंश के प्रति बढ़ते अत्याचार चिंता का विषय हैं, जिसका समाधान केवल सामाजिक एकजुटता और कड़े कानूनों से ही संभव है।
जनजागरण पर जोर:
अभियान का लक्ष्य केवल ज्ञापन सौंपना ही नहीं, बल्कि आम जनमानस में गौ सेवा और संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है। इसके लिए शहर में जनसंपर्क अभियान और सभाएं आयोजित की जाएंगी।
आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे 27 अप्रैल को भारी संख्या में पहुंचकर इस अभियान को सफल बनाएं और गौ रक्षा के संकल्प को मजबूती दें।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
रांची: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने राजधानी रांची की सड़कों पर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। हाथों में कांग्रेस और झामुमो विरोधी तख्तियां लिए हजारों की संख्या में महिलाओं ने मोरहाबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक ‘आक्रोश मार्च’ निकाला।
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि जहां मंच पर केवल राज्य भर की महिला नेत्रियां ही आसीन थीं, वहीं राज्य के तमाम दिग्गज नेता मंच के नीचे कार्यकर्ताओं के साथ बैठे नजर आए। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ और पूर्व अध्यक्ष पीएम सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं ने नीचे बैठकर महिला वक्ताओं का संबोधन सुना।
मंच से पद्मश्री छुटकी महतो और जमुना टुडू ने भी महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने के सवाल पर कांग्रेस गठबंधन को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों में कांग्रेस ने रोड़ा अटकाया है।

कड़ी धूप के बावजूद रांची के अलावा अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष स्वयं घूम-घूमकर कार्यकर्ताओं का हालचाल लेते और उनके लिए सत्तू-शरबत की व्यवस्था देखते नजर आए। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन अब मंडल स्तर तक जाएगा ताकि कांग्रेस गठबंधन को बेनकाब किया जा सके।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
पानीहाटी (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान पानीहाटी की जनसभा में एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला जिसने न केवल वहां मौजूद भीड़, बल्कि सोशल मीडिया पर भी देश-दुनिया के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मंच पर पहुंचे, तो उनके बगल की सीट पर बैठी एक महिला को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
मंच पर प्रधानमंत्री के बगल में बैठी यह महिला कोई और नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर देने वाले आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर केस की पीड़िता की मां रतना देबनाथ थीं। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें पानीहाटी विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। रतना देबनाथ राजनीति से दूर रही हैं, लेकिन अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई और बंगाल की अन्य बेटियों की सुरक्षा के संकल्प के साथ वह चुनावी मैदान में उतरी हैं।
जैसे ही पीएम मोदी मंच पर आए, उन्होंने रतना देबनाथ का हालचाल पूछा। इस दौरान जब प्रधानमंत्री ने उनके माथे पर हाथ फेरा, तो वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं और मंच पर ही फफक-फफक कर रोने लगीं। पीएम मोदी काफी देर तक हाथ जोड़कर उन्हें ढांढस बंधाते रहे। इस मार्मिक दृश्य ने यह स्पष्ट कर दिया कि बेटी को खोने का दर्द आज भी कितना गहरा है।
रतना देबनाथ का कहना है कि वह विधानसभा में बैठकर राज्य के लिए ऐसे सख्त कानून बनवाना चाहती हैं ताकि भविष्य में किसी और ‘लाडो’ के साथ ऐसा जघन्य अपराध न हो। चुनाव के इस दूसरे चरण में पानीहाटी सीट अब पूरे देश की नजरों का केंद्र बन गई है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: बागबेड़ा कॉलोनी में पिछले एक सप्ताह से जारी बिजली की भारी कटौती और अनियमित आपूर्ति को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने विद्युत कार्यपालक अभियंता आनंद कौशिक से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा।
शिकायत सुनने के बाद कार्यपालक अभियंता आनंद कौशिक ने स्वीकार किया कि पिछले तीन दिनों से कुछ तकनीकी कारणों से आपूर्ति बाधित हुई थी। उन्होंने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए घोषणा की कि:
इस दौरान सुनील गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सुधार नहीं हुआ, तो स्थानीय निवासी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के नवनियुक्त उपायुक्त श्री राजीव रंजन से आज प्रमुख समाजसेवी करनदीप सिंह ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान करनदीप सिंह ने उपायुक्त को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया और जिले के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
मुलाकात के दौरान करनदीप सिंह ने उपायुक्त का ध्यान क्षेत्र की कई ज्वलंत समस्याओं की ओर आकर्षित किया। वार्ता का मुख्य केंद्र जेम्को कालीमाटी विद्यालय की जर्जर स्थिति और छात्रों को होने वाली असुविधाएं रहीं। समाजसेवी ने विद्यालय की बुनियादी ढांचागत समस्याओं को मजबूती से उपायुक्त के समक्ष रखा।
समाजसेवी के अनुरोध पर उपायुक्त राजीव रंजन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि:
उपायुक्त की इस सकारात्मक पहल और त्वरित प्रतिक्रिया पर करनदीप सिंह ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के इस रुख से छात्रों को जल्द ही एक बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा। इस मुलाकात के बाद क्षेत्र के लोगों में विद्यालय की स्थिति सुधरने की नई उम्मीद जगी है।
तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: मानगो के डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल के पास शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस ने जान जोखिम में डालकर बस की छत पर सफर कर रहे मजदूरों को नीचे उतारा। क्षमता से अधिक सवारी और छत पर बैठे दर्जनों लोगों को देखकर एमजीएम थाना प्रभारी ने तत्परता दिखाते हुए बस को रुकवाया और एक बड़ा हादसा होने से टाल दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, एक निजी बस डिमना चौक से मजदूरों को लेकर पटमदा की ओर जा रही थी। बस के अंदर पैर रखने की जगह नहीं थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में मजदूर बस की छत पर चढ़ गए थे। जैसे ही बस एमजीएम अस्पताल के पास पहुंची, गश्त कर रहे थाना प्रभारी की नजर इस खतरनाक दृश्य पर पड़ी। उन्होंने तुरंत बस को रुकवाकर छत पर बैठे यात्रियों को नीचे उतरने का निर्देश दिया।
थाना प्रभारी ने मौके पर ही मजदूरों और बस चालक को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि “इस तरह जान जोखिम में डालकर यात्रा करना मौत को दावत देने जैसा है।” पुलिस ने लापरवाही को देखते हुए बस के कागजात की सघन जांच की और आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए। चालक को चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर वाहन को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ के दौरान बस चालक ने अपनी सफाई में तर्क दिया कि डिमना चौक से पटमदा तक का किराया केवल 20 रुपये है। उसने दावा किया कि सवारियों का दबाव इतना अधिक था कि मना करने के बावजूद मजदूर जबरन छत पर बैठ गए थे। हालांकि, पुलिस ने इस तर्क को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी चालक और संचालक की होती है।
घटना के कुछ देर बाद पुलिस ने सख्त चेतावनी देकर बस को रवाना किया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मानगो और पटमदा मार्ग पर ओवरलोडिंग और छतों पर सवारी बैठाने वाले वाहनों पर अब विशेष नजर रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस मालिकों पर भारी जुर्माना लगाने और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क
जमशेदपुर: बागबेड़ा-कीताडीह क्षेत्र की जिला पार्षद डॉ. कविता परमार ने शनिवार को पूर्वी सिंहभूम के नए उपायुक्त (DC) राजीव रंजन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी और क्षेत्र की गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
मुलाकात के दौरान डॉ. परमार ने बागबेड़ा और कीताडीह क्षेत्र की जनसुविधाओं, विशेषकर साफ-सफाई और जलापूर्ति योजनाओं पर सकारात्मक चर्चा की।
उपायुक्त राजीव रंजन ने समस्याओं की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उप विकास आयुक्त (DDC) नागेन्द्र पासवान को इन पर संज्ञान लेने का निर्देश दिया। इसके साथ ही डीसी ने बाजार समिति से वार्ता कर सब्जी बाजार की गंदगी की समस्या के स्थाई समाधान का आश्वासन दिया।
डॉ. कविता परमार ने उप विकास आयुक्त से भी मिलकर सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन के सक्रिय सहयोग से जल्द ही बागबेड़ा-कीताडीह की जनता को इन मूलभूत समस्याओं से निजात मिलेगी।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क