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कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अपनाया है। चुनाव परिणामों के बाद अपनी पहली औपचारिक प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनावी नतीजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा:
”मेरे इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठता। हम चुनाव नहीं हारे हैं, बल्कि यह एक गहरी साजिश है। यह जनता का जनादेश नहीं, बल्कि ‘लूट’ है। लगभग 100 सीटों पर नतीजों में हेरफेर की गई है।”
ममता बनर्जी ने इस हार के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया और चुनावी प्रक्रिया के दौरान उनके कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया गया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे परंपरा के अनुसार अपना इस्तीफा सौंपने राजभवन जाएंगी, तो उनका दोटूक जवाब था:
”नैतिक रूप से जीत हमारी हुई है। मैं लोक भवन (राजभवन) नहीं जाऊंगी। रणनीति पर हमारे पार्टी के सदस्यों और यूनाइटेड (INDIA) गठबंधन के भीतर चर्चा की जाएगी।”
ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि पार्टी इन नतीजों के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने चुनाव के बाद हो रही हिंसा पर भी चिंता जताई और इसके लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया।
तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: शहर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नशे में धुत चार युवकों ने एक निजी कार्यालय में घुसकर जमकर हंगामा किया। आरोपियों ने न केवल वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की, बल्कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम के साथ भी बदसलूकी और धक्का-मुक्की की।
घटना सिदगोड़ा स्थित केनरा बैंक के समीप एक ब्लिंकिट डिलीवरी कार्यालय की है। बताया जा रहा है कि रात करीब 12 बजे दो बाइकों पर सवार होकर चार युवक वहां पहुंचे। दफ्तर में घुसते ही उन्होंने बिना किसी बात के गाली-गलौज शुरू कर दी। जब कर्मचारियों ने इसका विरोध किया, तो युवकों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे कार्यालय में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही सिदगोड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को देख आरोपी युवक शांत होने के बजाय और उग्र हो गए। नशे की हालत में धुत्त इन युवकों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। स्थिति बिगड़ती देख थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, जिसके बाद कड़ी मशक्कत कर चारों आरोपियों को दबोचा गया।
पुलिस ने चारों युवकों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि पूरी घटना का क्रम स्पष्ट हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
तीसरी धारा न्यूज
रामगढ़: एक ओर जहां क्षेत्र में डीजल की किल्लत से हाहाकार मचा है, वहीं दूसरी ओर डीजल चोरी का काला खेल भी धड़ल्ले से जारी है। ताज़ा मामला रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोइहारा गांव का है, जहां सीसीएल (CCL) की सुरक्षा टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध डीजल के एक बड़े कारोबार का पर्दाफाश किया है।
जानकारी के अनुसार, सीसीएल के क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी आशीष झा को सटीक सूचना मिली थी कि कोइहारा गांव के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सीसीएल क्षेत्र से प्रतिदिन भारी मात्रा में डीजल की चोरी की जा रही है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी की योजना बनाई गई।
सुरक्षा टीम ने जब कोइहारा गांव के एक संदिग्ध घर में दबिश दी, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से लगभग 600 लीटर अवैध डीजल बरामद किया गया। इसके साथ ही चोरी और भंडारण में इस्तेमाल होने वाले 30 खाली गैलन और पाइप भी जब्त किए गए हैं।
सीसीएल सुरक्षा विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के डीजल चोरों और अवैध धंधेबाजों में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा टीम की इस सक्रियता ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
“सरकारी संपत्ति की चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी ऐसे अवैध ठिकानों पर छापेमारी अभियान और तेज किया जाएगा।” > — सुरक्षा विभाग, सीसीएल
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
रांची: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बंगाल और असम के चुनाव परिणामों को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) को कठघरे में खड़ा किया है। रांची स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने चुनाव की निष्पक्षता पर कड़े प्रहार किए।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने बंगाल चुनाव की पूरी प्रक्रिया को ‘अवैध और असंवैधानिक’ करार दिया। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर संदेह जताते हुए निम्नलिखित प्रमुख आरोप लगाए:

असम विधानसभा चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए झामुमो महासचिव ने कहा कि वहां के नतीजे अप्रत्याशित नहीं हैं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
”असम में चुनाव से पहले परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया के जरिए जानबूझकर सीटों की जनसांख्यिकी को बदला गया। चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने के लिए यह कदम उठाया गया था, जिसका असर अब नतीजों में साफ दिख रहा है।”
झामुमो ने स्पष्ट किया कि जिस तरह से जनादेश को प्रभावित करने की कोशिश की गई है, उसने पूरे चुनाव की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी का मानना है कि विपक्ष को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है।
बंगाल और असम के इन घटनाक्रमों पर झामुमो की यह तीखी प्रतिक्रिया राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ सकती है।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज
रांची: झारखंड में मौसम के मिजाज ने अचानक तल्खी अख्तियार कर ली है। राजधानी रांची सहित राज्य के कई हिस्सों में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, खूंटी, रामगढ़, धनबाद और बोकारो जिलों में भारी तबाही की आशंका जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
मौसम केंद्र के अनुसार, इन आठ जिलों में तेज आंधी, ओलावृष्टि (Hailstorm) और वज्रपात (Lightning) के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में बादल छाए रहने और 40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिसके लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है:
सोमवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने रांची की बिजली व्यवस्था की कमर तोड़ दी। हटिया और नामकुम ग्रिड से जुड़े दर्जनों सब-स्टेशन ट्रिप कर गए, जिससे शहर का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब गया।
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने आम लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है:
झारखंड की इस बदलती मौसम परिस्थिति और अन्य स्थानीय खबरों के लिए तीसरी धारा न्यूज के साथ जुड़े रहें।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज
कोलकाता/मिदनापुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद तृणमूल कांग्रेस के किले को ढहाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। इस बड़ी राजनैतिक उथल-पुथल के बीच, खेल जगत से राजनीति में आए टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा ने एक बार फिर अपनी चमक बिखेरी है।
अशोक डिंडा ने पूर्वी मिदनापुर जिले की मोयना विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार जीत हासिल कर यह साबित कर दिया है कि वह अब एक परिपक्व राजनेता बन चुके हैं।
बीजेपी के भरोसे पर खरे उतरते हुए अशोक डिंडा ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी टीएमसी उम्मीदवार चंदन मंडल को लगभग 15,000 वोटों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी।
गौरतलब है कि 2021 के पिछले विधानसभा चुनाव में डिंडा की जीत का अंतर काफी कम था, जहां उन्होंने टीएमसी के संग्राम कुमार दोलाई को महज 1260 वोटों से हराया था। इस बार की बड़ी जीत उनके बढ़ते प्रभाव और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को दर्शाती है।
बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि खेल जगत के उनके अनुभव और लगातार दूसरी जीत के इनाम के तौर पर उन्हें नई सरकार में खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। युवाओं और खिलाड़ियों के बीच डिंडा की छवि एक प्रेरणा के रूप में रही है, जिसका लाभ पार्टी उठाना चाहेगी।
मैदान पर अपनी रफ्तार और उछाल के लिए मशहूर अशोक डिंडा का क्रिकेट करियर शानदार रहा है:
राजनीति के गलियारों में अब यह चर्चा आम है कि जिस तरह डिंडा ने क्रिकेट की पिच पर बल्लेबाजों को अपनी गेंदों से छकाया, उसी तरह उन्होंने राजनीतिक पिच पर भी विरोधियों को चारों खाने चित कर दिया है।
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नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देश की सियासत में उबाल आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इन परिणामों पर गंभीर सवाल उठाते हुए भाजपा पर ‘चुनाव चोरी’ का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग की मदद से जनादेश को लूटा है।
सोमवार रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सुर में सुर मिलाया। उन्होंने लिखा:
“असम और बंगाल ऐसे साफ मामले हैं, जहां भाजपा ने चुनाव आयोग के सहयोग से चुनाव चुराया है। हम ममता जी से सहमत हैं कि बंगाल में 100 से अधिक सीटें चुराई गई हैं।”
राहुल गांधी ने आगे तंज कसते हुए कहा कि चुनाव चोरी का यह पैटर्न नया नहीं है। उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और 2024 के लोकसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए इसे ‘संस्थाओं की चोरी’ करार दिया।
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी भाजपा की जीत को ‘अनैतिक’ करार दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मिलीभगत से केंद्रीय बलों का गलत इस्तेमाल किया गया और चुनाव आयोग की गतिविधियां पूरी तरह अवैध थीं।
सोमवार को घोषित परिणामों ने बंगाल की सत्ता का पूरा समीकरण ही बदल दिया है:
एक तरफ जहां राहुल गांधी ने बंगाल-असम के नतीजों को नकारा, वहीं दूसरी ओर उन्होंने तमिलनाडु में राजनीति के नए सितारे थलपति विजय की पार्टी (TVK) के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। विजय की पार्टी ने तमिलनाडु की 234 में से 107 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया है। राहुल गांधी ने विजय से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी और इसे युवाओं की आवाज की जीत बताया।
अन्य राज्यों की बात करें तो केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 140 में से 63 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत की है, जबकि CPI(M) को केवल 26 सीटें मिलीं।
चुनाव परिणामों के बाद अब विपक्षी दल एकजुट होकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता और केंद्रीय बलों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में राजनैतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज
गुवाहाटी/रांची: असम विधानसभा चुनाव के परिणामों ने पूर्वोत्तर की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने असम के चुनावी रण में अपनी पहली ही एंट्री से सभी को चौंका दिया है। बिना किसी बड़े गठबंधन और सीमित संसाधनों के बावजूद पार्टी ने कई सीटों पर प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी राजनैतिक जड़ें जमाने के संकेत दे दिए हैं।
झामुमो ने असम की 16 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। परिणामों के विश्लेषण से पता चलता है कि पार्टी ने केवल उपस्थिति दर्ज नहीं कराई, बल्कि जीत-हार के समीकरणों को भी प्रभावित किया:

इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा:
”इतने कम समय और सीमित संसाधनों के बीच असम की जनता ने जो विश्वास दिखाया है, वह हमारे लिए हौसला बढ़ाने वाला है। यह केवल एक चुनावी प्रयास नहीं, बल्कि आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों के अस्तित्व, पहचान और अधिकारों की लड़ाई है। यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।”
असम में झामुमो की सफलता के पीछे स्थानीय और सामाजिक मुद्दों को प्रमुख माना जा रहा है। पार्टी ने मुख्य रूप से इन विषयों को उठाया:
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिना गठबंधन के चुनाव लड़कर झामुमो ने अपनी स्वतंत्र ताकत का अहसास कराया है। इस प्रदर्शन ने पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी पार्टी के विस्तार के लिए नए दरवाजे खोल दिए हैं। आने वाले समय में मजबूत संगठन और रणनीति के साथ झामुमो असम की राजनीति में एक ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ सकती है।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज
सरायकेला: राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्रसव के दौरान हुई विनिता नामक महिला और उनके नवजात शिशु की मौत के मामले को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। उपायुक्त (DC) नितीश कुमार सिंह ने इस दुखद घटना पर संज्ञान लेते हुए तत्काल एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
उपायुक्त द्वारा गठित इस विशेष जांच टीम में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है:
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त नितीश कुमार सिंह स्वयं जांच कमेटी के साथ राजनगर सीएचसी पहुंचे। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और घटना के समय की परिस्थितियों की जानकारी ली।
डीसी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा:
”अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच की जाए। प्रसव के दौरान हुई प्रक्रिया और इलाज के हर तथ्य का सूक्ष्म परीक्षण करें। स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिले के आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में किसी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है, वहीं प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी है।
रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों और नतीजों ने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 124 सीटों पर जीत और कई अन्य पर बढ़त के साथ पूर्ण बहुमत की ओर कदम बढ़ा चुकी है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर बंगाल की सत्ता का ताज किसके सिर सजेगा?
बीजेपी की रणनीति हमेशा से ‘सरप्राइज’ देने वाली रही है, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह के ‘बंगाली सीएम’ वाले वादे ने स्थानीय नेताओं की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। आइए नजर डालते हैं उन चेहरों पर जो मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे हैं:
ममता बनर्जी को नंदीग्राम में धूल चटाने वाले शुभेंदु अधिकारी इस पद के सबसे स्वाभाविक दावेदार माने जा रहे हैं। उनका सांगठनिक कौशल और जमीनी पकड़ बेजोड़ है। हालांकि, विरोधियों द्वारा नारदा स्टिंग जैसे पुराने मुद्दों को उछाले जाने की चुनौती उनके सामने हो सकती है।
बंगाल में बीजेपी को फर्श से अर्श तक ले जाने का श्रेय काफी हद तक दिलीप घोष को जाता है। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता और आक्रामक भाषण शैली उन्हें एक मजबूत विकल्प बनाती है।
मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य को पार्टी के भीतर एक ‘सबको साथ लेकर चलने वाले’ नेता के रूप में देखा जाता है। उनकी साफ-सुथरी छवि और बौद्धिक क्षमता उन्हें आलाकमान की पसंद बना सकती है।
फैशन की दुनिया से राजनीति में आईं अग्निमित्रा पॉल ने अपनी बेबाकी से खास पहचान बनाई है। चूंकि बीजेपी ने महिला सुरक्षा को चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था, इसलिए अग्निमित्रा को सीएम बनाकर पार्टी एक बड़ा संदेश दे सकती है।
पूर्व राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली न केवल बंगाल बल्कि देश भर में एक जाना-पहचाना नाम हैं। महिला मोर्चा की अध्यक्ष के तौर पर उनके पास जमीनी काम का लंबा अनुभव है, जो उन्हें इस दौड़ में बनाए रखता है।
क्या होगा बीजेपी का ‘प्लान बी’?
इतिहास गवाह है कि बीजेपी कई बार स्थापित नामों के बजाय किसी नए और चौंकाने वाले चेहरे को कमान सौंप देती है। पार्टी का लक्ष्य एक ऐसे ‘ताकतवर मुख्यमंत्री’ को चुनना है जो अगले पांच सालों तक बंगाल में बीजेपी की जड़ों को और गहरा कर सके।
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रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज