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समुंद्र मंथन के चौदह रत्नों में से एक कल्पतरु पेड़! जीवनी शक्ति के साथ कीडनी-लीवर जैसे गंभीर बीमारियों में लाभदायक

कल्पतरु पेड़ वातावरण में जीवनी शक्ति का संचार करता है. यह कई गंभार बीमारियों को जड़ से खत्म करने में फायदेमंद है. अपने इसी गुण के कारण इसके संरक्षण की आवश्यकता समाज में बढ़ गई है.

रांची: आपने पीपल, नीम, बरगद पेड़ों के बारे में सुना ही होगा. आज आपका परिचय एक ऐसे पेड़ से कराते है जो दुर्लभ है. नाम है कल्पतरु. जी हां इसकी चर्चा हमारे धर्म ग्रंथों में भी की जाती रही है. इतना ही नहीं समुंद्र मंथन के दौरन निकले चौदह रत्नों में से एक था कल्पतरु पेड़. यह वातावरण में जीवनी शक्ति तो उपलब्ध कराता ही है. साथ में यह कई बीमारियों को दूर करने में भी फायदेमंद है. अपने इन्हीं गुणों के कारण इसके संरक्षण की जरूरत महसूस होने लगी है. अफसोस कि पूरे रांची में इसके केवल तीन पेड़ ही शेष है. रांची के डोरंडा क्षेत्र और रिंग रोड में लगे हुए हैं.

कल्पतरु पेड़ के ये हैं लाभ: कल्पतरु पेड़ लोगों को भरपुर ऑक्सीजन तो देता ही है. वातावरण को शुद्ध रखने में भी मदद करता है. इस पेड़ के चारों ओर दूर-दूर तक वायरस या कीटाणु नहीं भटकते. इस पेड़ को जहां लगाया जाता है, यह नुकसानदायक वायरस को नष्ट कर देता है. उस एरिया के आस-पास कीड़े-मकोड़े भी नहीं रहते. इसी कारण इस पेड़ की डिमांड बढ़ गई है. साथ ही इसको संरक्षित करना महत्वपूर्ण हो गया है.

कीडनी की बीमारी में फायदेमंद: 

कल्पतरु का पेड़ बड़े-बड़े बीमारियों को नष्ट करने में भी उपयोगीहै. इसकी पत्तियां और छाल को आयुर्वेद के रूप में प्रयोग किया जाता है. यह कई गंभीर बीमारियों को जड़ मूल से खत्म करने में सहायक होता है. रांची के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ संजय ने बताया कि कल्पतरु का पेड़ पाइल्स, भगंदर, कीडनी, लीवर, फेफड़े जैसे खतरनाक बीमारियों को ठीक करने में सहायक है. इसके अलावा ये कफ, बाबासीर, पाचन, पेट से जुड़ी समस्या आदि में भी लाभदायक है. डॉ संजय ने कहा कि एलोपैथ में लीवर के लिए प्रत्यारोपण ही एक विकल्प हैं. कल्पतरु की मदद से लीवर और कीडनी की बीमारी को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है.

संरक्षण के लिए हो रहे ये प्रयास: 

पेड़ के संरक्षण के लिए रांची वन विभाग लोगों में जागरूकता फैला रहा है. विभिन्न प्रकार के बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. फॉरेस्ट डिवीजन ने कई होर्डिंग लगा दी है जिसमें लिखा है- मैं कल्पतरु हूं, कृपया मेरी रक्षा करें. आम लोगों से कल्पतरु के संरक्षण के लिए आए दिन अपील की जाती रही है. कल्पतरु तीन पेड़ जो डोरंडा एरिया में बचे है उनमें फेंसिंग कर दिया गया है. ताकि जानवर या इंसान इसे नुकसान नहीं पहुंचा सके. रांची वन विभाग के श्रीकांत वर्मा ने बताया कि कल्पतरु बहुत ही दुर्लभ प्रजाति का पेड़ है. इसके औषधीय व पर्यावरणीय गुण को ध्यान में रखते हुए इसके संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है.

ऐसे हो रहे है नए पौध के प्रयास: 

रांची वन विभाग के श्रीकांत वर्मा नेकहा कि कल्पतरु के नए पौधें उगाने के भी प्रयास किये जा रहे हैं. इसे लेकर रिर्सच नर्सरी में इसके 300 से 400 पौधे को उगाये जाने को लेकर जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि इस पेड़ को उगाने में काफी मेहनत लगती हैं. यदि 100 छोटे छोटे पेड़ लगाए जाते हैं, उनमें से मात्र 5 से 10 पेड़ सफल हो पाते हैं. अगर यह प्रयास सफल रहा तो पूरे झारखंड को इसका लाभ मिलेगा. वातावरण को शुद्ध और प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी.

250 सौ साल होती कल्पतरु की आयु: 

वन विभाग के अधिकारी श्रीकांत वर्मा बताते हैं कि कल्पतरु की आयु दो से ढाई सौ साल होती है. यह पेड़ रांची के डोरंडा क्षेत्र और रिंग रोड में लगे है. श्रीकांत वर्मा बताते हैं कि यह पेड़ मूल रूप से अफ्रीकी देशों में पैदा होता है. कई सौ वर्ष पहले व्यापारियों ने रांची में कल्पतरु कापेड़ लगाया था. उस समय भारत के व्यापारी अफ्रीकी देश आया जाया करते थे.

‘मुस्लिमों को कुछ नहीं देती BJP, लेकिन आपने मुझे गलत साबित किया’: PM मोदी से बोले पद्म श्री अहमद कादरी

पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित शाह रशीद अहमद क़ादरी ने बुधवार को पुरस्कार प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस शासन के दौरान मुझे यह (पद्म श्री) नहीं मिला.

मुझे लगा कि भाजपा सरकार मुझे यह सम्मान नहीं देगी, लेकिन आपने मेरा ख्याल रखकर मुझे गलत साबित कर दिया.’

राष्ट्रपति ने इस वर्ष के गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 106 पद्म पुरस्कार दिए जाने को मंजूरी दी थी. बुधवार को कुल 53 पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिनमें तीन पद्म विभूषण, पांच पद्म भूषण और 45 पद्म श्री शामिल रहे. अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों को 22 मार्च को पद्म पुरस्कार दिए गए थे.

उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने इस पुरस्कार को पाने के लिए 10 साल तक कोशिश की. जब बीजेपी सरकार आई तो मैंने सोचा था कि मुझे यह पुरस्कार नहीं मिलेगा क्योंकि बीजेपी कभी भी मुसलमानों को कुछ नहीं देती है, लेकिन पीएम मोदी ने मुझे इस पुरस्कार के लिए चुनकर गलत साबित कर दिया.’

इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को दिग्गज समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव और मशहूर चिकित्सक दिलीप महालनाबिस को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया. लेखक सुधा मूर्ति, भौतिक विज्ञानी दीपक धर, उपन्यासकार एस.एल. भैरप्पा और वैदिक विद्वान त्रिदंडी चिन्ना जे. स्वामीजी को भी यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. दीपक धर सांख्यिकीय भौतिकी में अपने लंबे शोध करियर के लिए जाने जाते हैं.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत सम्मान दिया गया. वह भारत के रक्षा मंत्री और लंबे समय तक सांसद भी रहे थे. वहीं, 1971 के बांग्लादेश युद्ध शरणार्थी शिविरों में सेवा करने के लिए अमेरिका से लौटे महालनाबिस को मरणोपरांत सम्मान दिया गया. उन्हें ‘ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन’ (ओआरएस) पर किए गए कार्य के लिए वैश्विक स्तर पर पहचान मिली थी.

अखिलेश यादव के बेटे एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि महालनाबिस का पुरस्कार उनके भतीजे ने प्राप्त किया. फिल्म ‘आरआरआर’ के गीत ‘नाटू नाटू’ के लिए भारत का पहला ऑस्कर जीतने वाले संगीत निर्देशक एम.एम. कीरावानी और बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन को पद्मश्री दिया गया. समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत अन्य अतिथि उपस्थित थे.

जमशेदपुर : 696 लाभुकों को लॉटरी के माध्यम से आवंटित किए गए प्रधानमंत्री आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बिरसानगर में बन रहे आवासों का आवंटन बुधवार को लॉटरी के माध्यम से किया गया. 9532 आवास में तीसरे चरण में 696 लाभुकों को किफायती आवास आवंटित किए गए हैं

हालांकि आवास का निर्माण अभी चल रहा है. आवंटन के संबंध में जानकारी देते हुए जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक-3 अन्तर्गत बिरसानगर में जी+8 भवन का निर्माण कराया जा रहा है. जिसमें 32 ब्लॉक में कुल 9592 आवासों का निर्माण किया जाना है. तीसरे चरण में 696 सक्षम लाभार्थियों को लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटित किए गए.

इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से रैंडमाइजेशन के माध्यम से लॉटरी निकाली गई. उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिको को भूतल में 65 तथा समान्य वर्ग के 631 लाभुकों को प्रथम से छठा तल्ला में आवास आवंटित हुआ. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सांसद प्रतिनिधि जमशेदपुर पूर्वी के विधायक, प्रतिनिधि, डीआरडीए निदेशक सौरभ सिंहा , एडीसी, एडीएम, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी, जेएनएसी के नगर प्रबंधक, प्रधानमंत्री आवास (शहरी) के विशेषज्ञ समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.

सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी की हुई बैठक, बच्चों के खाते पोस्ट ऑफिस में खोलने हेतु दिए निर्देश

टाटा वर्कर्स यूनियन हाई स्कूल के सभाकक्ष में सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी, एमआईएस को ऑर्डिनेटर की बैठक आहूत की गई। बैठक में सभी बच्चों का खाता पोस्ट ऑफिस में खोलने हेतु निर्देश दिए गए। इस बैठक में पोस्ट ऑफिस के सीनियर पदाधिकारी उपस्थित थे जिन्होंने खाता खोलने से संबंधित पूरी प्रक्रिया एवं फॉर्म का वितरण किया । साथ ही 2023 -24 में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई जिसमें 100% बच्चों का खाता खोलना, आधार में रजिस्ट्रेशन का कार्य पूर्ण करना, ज्ञान सेतु कार्यक्रम चलाना, सभी विद्यालय के लाइब्रेरी में सड़क सुरक्षा संबंधित पुस्तिका रखना, ई विद्या वाहिनी में सीआरपी, बीआरपी का प्रतिदिन मॉनिटरिंग प्रतिवेदन अपलोड करना इत्यादि विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित हुए।

विधानसभा की आंतरिक संसाधन एवं केन्द्रीय सहायता समिति की हुई बैठक, विभागीय योजनाओं को ससमय पूर्णता के दिए निर्देश

झारखंड विधानसभा की आंतरिक संसाधन एवं केन्द्रीय सहायता समिति ने समापति माननीय विधायक श्री इरफान अंसारी की अध्यक्षता में परिसदन में जिले के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। समिति सदस्य के रूप में माननीय विधायक श्री सोनाराम सिंकू बैठक में मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, राजस्व संग्रहण की स्थिति व विकास योजनाओं की समीक्षा तथा केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में प्रगति की समीक्षा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए । सभापति श्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को गति देने तथा सभी जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचे इस दिशा में कृतसंकल्पित है । उन्होने गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले में किसी प्रकार से पेयजल की समस्या उत्पन्न नहीं हो इसपर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विभागीय पदाधिकारी ने बताया कि उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले में विशेष टीम गठित कर खराब पड़े चापाकल, जलमीनार के मरम्मती का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। प्रखंडवार टीम गठित की गई है जो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पेयजल स्रोत के मरम्मती का कार्य करती है। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम एक्टिव है, वहीं पंचायत प्रतिनिधियों से भी खराब पड़े चापाकल, जलमीनार का फीडबैक लिया जा रहा । प्रदूषण बोर्ड के पदाधिकारी से जिले में संचालित उद्योगों के प्रदूषण सर्टिफिकेट, नदियों के पानी की क्वालिटी की जानकारी ली गई। विभिन्न विभागों में आंतरिक संसाधन से प्राप्त राजस्व की समीक्षा की गई। माननीय सभापति ने कहा कि विकास कार्यों के सफल क्रियान्वयन में सरकार को प्राप्त होने वाले राजस्व की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में गत वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए राजस्व संग्रह की समीक्षा समिति द्वारा की गई। सभी विभागों से रिपोर्ट प्राप्त किया गया है, जिसका अध्ययन करने के बाद समिति द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिए जाएंगे ताकि राज्य में विकास कार्य और तेज गति से क्रियान्वित हो । समिति ने योजनाओं को ससमय पूर्ण करने पर बल दिया । पेयजल, सड़क निर्माण व विकास से जुड़ी अन्य योजनाएं जो 2 वर्ष या इससे पहले स्वीकृत हुईं लेकिन अबतक पूर्ण नहीं हो पाई हैं इसपर संबंधित विभागीय पदाधिकारियों से कारण पूछा गया तथा जल्द से जल्द पूर्ण करने का निदेश दिया गया । बैठक में निदेशक डीआरडीए श्री सौरभ सिन्हा, निदेशक एनईपी श्रीमती ज्योत्सना सिंह, अपर उपायुक्त श्री जयदीप तिग्गा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री राजीव रजंन, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर श्री दीपू कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री दिनेश रंजन समेत अन्य सभी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

कुड़मी समाज का रेल चक्का जाम आंदोलन शुरू, आरपीएफ ने संभाला मोर्चा, अब तक लगभग 48 ट्रेनें रद्द

पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर ग्रामीण के खेमाशुली में बुधवार की सुबह से कुड़मी समाज का रेल चक्का जाम आंदोलन शुरू हो गया I इसके चलते रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्ग दोनों जाम हो गए।

जानकारी के अनुसार, अब तक दक्षिण पूर्व रेलवे की 48 ट्रेनों के रद्द होने की सूचना है।

कुड़मी समाज की अनुसूचित जनजाति में शामिल होने की मांग

कुड़मी समाज अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलनरत है। कुर्मी समुदाय के सदस्यों का दावा है कि उन्हें 1931 तक अनुसूचित जनजाति के रूप में पंजीकृत किया गया था, लेकिन देश आजाद होने के बाद कुछ अज्ञात कारणों से उन्‍हें एसटी सूची से बाहर रखा गया। उनका कहना है कि वे ओबीसी सूची में शामिल हैं, जबकि एसटी समुदाय की सुविधाओं के पात्र हैं।

बंंगाल व झारंखड में कुर्मी के वोट हैं बेहद अहम

एक आंकड़े में तो इस बात तक का खुलासा हुआ है कि बंगाल में लगभग 50 लाख कुर्मी हैं। जंगलमहल के चार जिलों में कम से कम 35 विधानसभा सीटों पर इनके वोट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यानि इन सीटों पर इस समुदाय के लोगों के वोट से उम्‍मीदवारों की हार-जीत-हार तय होती है। कुर्मी संगठनों के दावे के मुताबिक, झारखंड में उनकी आबादी 25 प्रतिशत है।

आंदोलन की भनक लगते ही रेलवे ने कई ट्रेनों को किया रद्द

समाज ने इससे पहले दिन राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने की कोशिश की थी। अब कुड़मी समाज के प्रतिनिधियों ने खेमाशुली में रेल ट्रैक पर उतर कर रेलवे परिचालन सेवा को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। इस आंदोलन की पूर्व में भनक लगते ही रेलवे ने इस डिवीजन से चलने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

आरपीएफ व पुलिस बल ने संभाला मोर्चा

खेमाशुली में कुड़मी समाज के आंदोलन के मद्देनजर रेलवे ने भी बड़े स्तर पर तैयारी की है। रेलवे के द्वारा काफी संख्या में आरपीएफ के जवानों को खेमाशुली में प्रतिनियुक्त किया गया। वहीं विधि व्यवस्था के लिए राज्य पुलिस बल भी अलर्ट पर हैं। इस कुड़मी आंदोलन पर रेलवे व जिला प्रशासन की कड़ी नजर हैं।

टेल्को गुरुद्वारा के चुनाव में सर्वसम्मति से बलविंदर सिंह बने नए प्रधान, गुरशरण सिंह महासचिव

जमशेदपुर : जमशेदपुर के गुरुद्वारों में इन दिनों चुनावी माहौल बना हुआ है। 2023 की अप्रैल से पूर्व नई कमेटियों की घोषणा की जा रही है। पिछले दिनों मानगो गुरुद्वारा में भगवान सिंह को तीसरी बार प्रधान चुना गया था, जिसका विरोध भी हुआ था। इसी क्रम में बुधवार को टेल्को गुरुद्वारा का चुनाव कराया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से बलविंदर सिंह को नया प्रधान चुना गया। वहीं गुरशरण सिंह को महासचिव की सेवा सौंपी गई। नए प्रधान का कार्यकाल 2023 से 2026 तक के लिए तीन साल का होगा। शांतिपूर्ण ढंग से लॉटरी के द्वारा हुई चुनावी प्रक्रिया को लोग सराह रहे हैं। इधर, चुनाव प्रक्रिया शुरू करने से पूर्व प्रधान गुरमीत सिंह तोते ने अपनी कमेटी भंग की। उसके बाद प्रधान पद के लिए बलविंदर सिंह और गुरशरण सिंह के नाम सामने आये। तब लॉटरी के माध्यम से नया प्रधान चुना गया। ग्रंथी कश्मीर सिंह ने लॉटरी निकाली, जिसमें बलविंदर सिंह का नाम सामने आया। उसके बाद उन्हें प्रधान चुन लिया गया। दूसरे दावेदार को महासचिव बनाया गया। इस दौरान काफी संख्या में संगत, सिख स्त्री सत्संग सभा, नौजवान सभा और कमेटी के पदाधिकारी मौजूद थे। बता दें की पूर्व प्रधान गुरमीत सिंह तोते ने प्रधान पद के दो कार्यकाल में अच्छी सेवा निभाई है। इन छह सालों में विवाद उनसे कोसों दूर रहें। नए प्रधान बलविंदर सिंह अकाली दल जमशेदपुर के रामकिशन सिंह के बड़े पुत्र हैं। वह तोते की कमेटी में भी जॉइन्ट सेक्रेटरी के पद पर थे। रामकिशन सिंह भी इससे पूर्व छह सालों तक गुरुद्वारा के प्रधान रह चुके हैं।

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ये थे मौजूद

चुनावी प्रक्रिया के दौरान टेल्को गुरुद्वारा में पूर्व प्रधान तोते के अलावा रामकिशन सिंह, सुखदेव सिंह खालसा, अजीत सिंह, कुलदीप सिंह, कुलवंत सिंह, राजेंद्र सिंह, बलकार सिंह, सुखदेव सिंह ग्रेवाल, हीरा सिंह, निरंजन सिंह, जगजीत सिंह, मनरूप सिंह, जसरूप सिंह, स्त्री सभा की अमृता कौर, कुलविंदर कौर, रानी कौर, नौजवान सभा के प्रधान मनिंदर सिंह, कुलविंदर सिंह काके आदि उपस्थित थे।

अभी जेल में ही रहेंगे मनीष सिसोदिया, ED केस में कोर्ट ने 17 अप्रैल तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत

दिल्ली सरकार कीआबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत अवधि समाप्त होने पर आज बुधवार को ईडी की टीम ने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया।

ताजा मामले में कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 17 अप्रैल, 2023 तक बढ़ा दी है।

इससे पहले 22 मार्च को अदालत ने रिमांड की अवधि समाप्त होने पर सिसोदिया को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सिसोदिया इसके साथ ही सीबीआई मामले में भी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

सिसोदिया के वकील ने कोर्ट में दी थी ये दलीलें-

  • सिसोदिया की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता विवेक जैन ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। जहां तक रिश्वत लेने का मामला है तो सिसोदिया व उनके परिवार के किसी सदस्य के खाते में कोई पैसा नहीं आया है। यह नीति कई विभागों के साथ उपराज्यपाल के पास और हर स्तर पर मंजूर हुई।
  • विवेक जैन ने कहा कि न तो कोई आरोप है और न ही ऐसा साक्ष्य है कि सिसोदिया ने रुपये लिए हैं। इतना ही नहीं नीति के लागू होने के बाद सरकार को बीते दस सालों में सबसे ज्यादा राजस्व मिला।
  • विवेक जैन ने कहा कि ऐसी कोई सामग्री नहीं पेश गई कि मनी लांड्रिंग अपराध करने में विजय नायर सिसोदिया के प्रतिनिधि थे। ऐसा भी नहीं है कि सिसोदिया ने किसी को बोला है कि ये नियम छोड़ दें या इसे लाइसेंस दे दें।
  • विवेक जैन ने कहा कि अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मैंने कैबिनेट फाइल से छेड़छाड़ की, लेकिन ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि इस तरह का नोट कैबिनेट के पास गया था।
  • वहीं, ईडी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने कहा कि हम कुछ नए साक्ष्य जुटा रहे हैं, जोकि हवाला ऑपरेटर से जुड़ा है। ऐसे में हमें जिरह पेश करने के लिए 10 या 11 अप्रैल तक का समय चाहिए। ईडी की अपील स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सुनवाई 12 अप्रैल के लिए स्थगित कर दी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले, 3 अप्रैल को सीबीआई से जुड़े मामले में मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत को 17 अप्रैल तक बढ़ा दिया। 31 मार्च को अदालत ने इसी मामले में सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

वहीं, बीते शुक्रवार को सीबीआई के मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार करते हुए राउज एवेन्यू की विशेष सीबीआई अदालत ने कहा कि पूरे मामले में आपराधिक साजिश रचने का सिसोदिया को प्रथम दृष्टया सूत्रधार माना जा सकता है।

गौरतलब है कि आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने 26 फरवरी को आठ घंटे की लंबी पूछताछ के बाद सिसोदिया को गिरफ्तार किया था और अदालत ने उन्हें छह मार्च को न्यायिक हिरासत में जेल में भेज दिया था। ईडी के मनी लांड्रिंग मामले में भी न्यायिक हिरासत में हैं।

गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती को लेकर राज्य सरकारों को जारी किया एडवाइजरी

गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती की तैयारी को लेकर सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत राज्य सरकारों को कानून व्यवस्था बनाए रखने, त्योहार का शांतिपूर्ण पालन करने और समाज में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाले किसी भी कारक की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

दरअसल, रामनवमी पर बिहार और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हिंसा के बाद से केंद्र सरकार पहले से ही अलर्ट मोड पर है। इसलिए पहले ही सभी राज्यों को त्योहार के दौरान कड़ी निगरानी के निर्देश दे दिए गए हैं। इस बार केंद्र किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं करेगी।
रामनवमी पर शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब तक थमने का नाम नहीं ले रही है। इसका सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल के हुगली में देखने को मिला। अब भी पश्चिम बंगाल और बिहार के शहरों में हिंसा की आग रह-रहकर दोबारा भड़क रही है।

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उधर कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी हनुमान जयंती को लेकर बुधवार (5 अप्रैल) को आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार से कहा कि आप केंद्र सरकार से फोर्स मांगिए। अगर राज्य में पुलिस बल पर्याप्त नहीं है तो आप पैरामिलिट्री फोर्स की मदद ले सकते हैं। आखिरकार हम अपने नागरिकों की सुरक्षा चाहते हैं।

वहीं, दिल्ली में भी हनुमान जयंती से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी में फ्लैग मार्च किया। पुलिस ने 6 अप्रैल को हनुमान जयंती पर जहांगीरपुरी इलाके में जुलूस निकालने के लिए विश्व हिंदू परिषद और एक अन्य समूह को अनुमति देने से मना कर दिया।

झामुमो विधायक ने अपनी ही पार्टी पर साधा निशाना, कहा ‘भटक गए हैं हेमंत सोरेन..’

झारखंड : लगातार पांच बार बोरियो विधानसभा से चुनाव जीतते आ रहे विधायक लोबिन हेम्ब्रम अपने बेबाक रवैये और बयानबाजियों से कारण चर्चा में बने रहते हैं। कई बार वे अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा लिए गए फैसलों के खिलाफ होते हैं और उनके खिलाफ मीडिया में खुलकर बयानबाजी करते हैं। हेम्ब्रम का ऐसा ही एक बयान इस वक्त सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें वे सीएम हेमंत सोरेन के रास्ते से भटकने की बातें कहते नजर आ रहे हैं।

‘आदिवासियों को गुमराह कर रहे सोरेन’

हेम्ब्रम ने खुलकर कहा है कि, ‘सीएम सोरेन उनके नेता नहीं, बल्कि नेता सिर्फ एक है जो गुरुजी शिबू सोरेन है। उनका मानना है कि गुरुजी ने जो मार्ग बताया वही सही है। मगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उस मार्ग से भटक चुके हैं। गुरुजी शुरू से आदिवासियों के लिए लड़ते आए हैं, इसलिए आदिवासी उनको अपना नेता मानते हैं। मगर हेमंत सोरेन आदिवासी को गुमराह कर रहे हैं। खुद को आदिवासी का चेहरा बताते हैं, मगर फायदा बाहरियों को दिलाने का काम करते हैं।’ उन्होंने खुलकर कहा है कि, ‘वे सदन के नेता हो सकते हैं, मगर वे हेमंत को अपना नेता नहीं मानते हैं।’

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झामुमो तलाश रहा लोबिन का विकल्प?

दरअसल, 2024 का चुनाव अब निकट आ चुका है और सभी राजनीतिक पार्टियां जनता को लुभाने में लग चुकी हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए लोबिन स्पीड ब्रेकर का काम कर रहे हैं। इधर लोबिन ने झारखंड बचाव मोर्चा के गठन कर लिया है। उन्होंने इसके गठन के पीछे झारखंड में हो रही जल, जंगल, जमीन की लूट बताया है। हालांकि बनाए गय मोर्चा को अभी राजनीतिक रूप नहीं दिया गया है। मगर विशेषज्ञों की मानें तो अगर लोबिन का झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ ऐसे ही नोक झोंक चलती रही तो हो सकता है लोबिन 2024 के लिए इस मोर्चा को राजनीतिक दल में तब्दील कर दे। हालांकि ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि जेएमएम ने भी लोबिन के बगावत को भांपते हुए उनका विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है।

कार्रवाई हुई तो भाजपा ज्वाइन करेंगे लोबिन?

लगातार झामुमों के साथ बगावत करते लोबिन पर अब भाजपा मेहरबान होती दिख रही है। भाजपा के कई बड़े नेता अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोबिन का समर्थन करते देखे जा सकते हैं। लोबिन ने सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ जो भाषण दिए हैं उस क्लिप को भाजपा सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री और सरकार को घेरने में लग गई है। कहा ये भी जाने लगा है कि कहीं झामुमो द्वारा लोबिन पर कार्रवाई की गई तो लोबिन कहीं भाजपा में शामिल होकर संस्थान के लिए भाजपा का चेहरा न बन जाएं। हालांकि लोबिन हेम्ब्रम को आदिवासियों का साथ और भरोसा हमेशा मिलता रहा है। अगर ऐसी परिस्थिति बन भी जाती है तो निर्दलीय वे चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।

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