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जमशेदपुर: जमशेदपुर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) के न्यायालय ने एक गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सात आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लिया है। माननीय न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 17 जून 2026 तय करते हुए सभी अभियुक्तों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है।
यह पूरा मामला सोनारी नया लाइन की रहने वाली चंपा देवी की पैतृक संपत्ति पर जबरन कब्जा करने, फर्जी दस्तावेज बनाने और जातिसूचक गाली-गलौज व मारपीट से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता चंपा देवी के अनुसार, अभियुक्त बिल्डर शैलेश जैन उर्फ शेरू, दर्शन जैन, बसंत अग्रवाल, योगेश सडेरा, दयाल सिंह, दीपक नाग एवं ललित कुमार सिन्हा ने मिलकर उनकी पैतृक संपत्ति को निशाना बनाया।

पीड़ित परिवार ने इस घिनौने कृत्य के खिलाफ सबसे पहले प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगाई थी। चंपा देवी द्वारा दिनांक 26 फरवरी 2025 को सोनारी थाना में लिखित आवेदन देने के साथ-साथ माननीय उपायुक्त (DC), वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और अनुसूचित जनजाति आयोग को भी लिखित शिकायत भेजी गई थी। परंतु, लंबे समय तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने के कारण अंततः पीड़िता ने 26 मार्च 2025 को न्यायालय में शिकायत वाद (Complaint Case) दाखिल की।
न्यायालय के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू एवं बबिता जैन ने पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण गवाह (साक्षी) और दस्तावेजी सबूत अदालत के सामने प्रस्तुत किए।
अदालत का फैसला: अधिवक्ताओं की दलीलों और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला सही पाते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ संज्ञान (Cognizance) ले लिया है। अब इस मामले के सभी 7 अभियुक्तों को 17 जून 2026 को न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
तीसरी धारा न्यूज रिपोर्ट
जमशेदपुर: गोलमुरी थाना क्षेत्र के नामदा बस्ती में हुई सनसनीखेज गोलीबारी मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। वारदात के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी विक्की गिल उर्फ कुंडी को पुलिस ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता (न्यू टाउन) से दबोच लिया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस टीम आरोपी को जमशेदपुर ला रही है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अमन शेखर समेत कई अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। पुलिसिया पूछताछ में मिले अहम सुरागों के आधार पर घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों को अलग-अलग रखकर गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस कांड के पीछे की पूरी कड़ियाँ जोड़ी जा सकें।
गौरतलब है कि बीते 26 मई की रात नामदा बस्ती में एक घर के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। इस दुस्साहस के कुछ ही देर बाद अपराधियों ने एक स्थानीय कारोबारी के घर को भी निशाना बनाया। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि गोलीबारी करने के बाद आरोपियों ने कारोबारी से संपर्क कर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत राज्य छोड़कर पश्चिम बंगाल भाग गए थे। पुलिस को चकमा देने के लिए वे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे।
पुलिस का बयान: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
तीसरी धारा न्यूज रिपोर्ट
जमशेदपुर: शहर के उलीडीह ओपी क्षेत्र में रविवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब आदिवासी क्लब के पास झाड़ियों से एक 24 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान शकोंसाई रोड नंबर-2 निवासी विकास सिंह के रूप में की गई है। शरीर और सिर पर चोट के गहरे निशान मिलने से इलाके में हत्या की आशंका जताई जा रही है।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, विकास सिंह शनिवार रात को उलीडीह में अपने भगिने (भांजे) से मिलने गया था। वहां से मुलाकात करने के बाद वह अपने घर लौटने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं पहुंचा। रविवार सुबह उलीडीह की ही एक युवती ने विकास के परिजनों को फोन कर झाड़ियों में शव पड़े होने की सूचना दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
स्थानीय लोगों द्वारा उलीडीह ओपी को सूचना दिए जाने के बाद पुलिस और मृतक के परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में विकास के सिर पर किसी धारदार हथियार से वार किए जाने की बात सामने आई है, साथ ही उसके शरीर पर भी चोट के कई निशान मिले हैं।
मृतक के भाई ने पुलिस को दिए बयान में इलाके में सक्रिय कुछ नशेड़ियों पर हत्या का सीधा संदेह व्यक्त किया है। परिजनों का आरोप है कि आपसी विवाद या लूटपाट के इरादे से इस वारदात को अंजाम दिया गया हो सकता है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उलीडीह ओपी पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक साक्ष्यों के साथ-साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क, जमशेदपुर।
जमशेदपुर: युवाओं और समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इसमें आधुनिक तकनीक के समन्वय को लेकर जमशेदपुर के पोखारी स्थित नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय (NSU) में एक बड़ा आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल द्वारा ‘नेशनल एसोसिएशन ऑफ मेंटल हेल्थ एंड अलाइड हेल्थ फाउंडेशन’ के सहयोग से दो दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय कार्यशाला “माइंडटेक: रीइमेजिनिंग मेंटल हेल्थ थ्रू रिसर्च, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी” का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, शोध और नवाचार (इन्नोवेशन) की भूमिका पर विस्तृत चर्चा करना था, जिसमें देश भर के 100 से अधिक शोधार्थियों, शिक्षकों और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
दो दिवसीय सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने कई समकालीन और महत्वपूर्ण विषयों पर अपने व्याख्यान दिए। इसमें मुख्य रूप से:

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदनमोहन सिंह द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा:
”वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर वैश्विक विषय बन चुका है और युवाओं के बीच इस पर जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों और शोधार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ‘माइंडटेक’ जैसी कार्यशालाएं नई सोच और अनुसंधान को बढ़ावा देती हैं।”
वहीं, कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने कहा कि आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा आधारित रिसर्च के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाया जा सकता है।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे की असिस्टेंट प्रोफेसर लेफ्टिनेंट कर्नल प्रेरणा दीक्षित तथा IIIT रांची के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जयदीप पति उपस्थित रहे।
इस सफल आयोजन के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोईज़ अशरफ, आईक्यूएसी (IQAC) निदेशक डॉ. श्रद्धा वर्मा, डीन रिसर्च डॉ. ईशिता घोष, डीन एकेडमिक अभिनव कुमार, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. राकेश कुमार सहित कई संकाय सदस्य, अधिकारी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क, जमशेदपुर।
जमशेदपुर: चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में देश की पहली और अनूठी प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) की मिसाल पेश करने वाला जमशेदपुर का मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC) आगामी 1 जून को एक नया इतिहास रचने जा रहा है। बारीडीह स्थित कॉलेज परिसर में संस्थान का पहला दीक्षांत समारोह बेहद भव्य पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है।
मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE), जो कि एक उत्कृष्ट संस्थान (Deemed-to-be-University) है, उसकी घटक इकाई के रूप में कार्यरत MTMC का यह आयोजन न केवल इस संस्थान बल्कि पूरे पूर्वी भारत की स्वास्थ्य सेवा शिक्षा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
1 जून को सुबह 11:30 बजे से शुरू होने वाले इस भव्य समारोह में कॉलेज के पहले MBBS बैच (शैक्षणिक सत्र 2020-21) के कुल 133 युवा चिकित्सकों को उनकी मेडिकल डिग्री प्रदान की जाएगी। डिग्री हासिल करने के साथ ही ये युवा डॉक्टर्स देश और समाज की स्वास्थ्य सेवा के लिए अपने पेशेवर सफर की शुरुआत करेंगे।
इस ऐतिहासिक और गौरवशाली अवसर पर झारखंड के माननीय राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और दीक्षांत भाषण देंगे।
उनके साथ ही समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में:
इस उत्सव में MAHE और टाटा स्टील का शीर्ष नेतृत्व, MTMC गवर्निंग काउंसिल के सदस्य, चिकित्सा शिक्षक, स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञ और देश भर से आए विद्यार्थियों के अभिभावक भी मौजूद रहकर इन युवा डॉक्टरों का उत्साहवर्धन करेंगे।
तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क, जमशेदपुर।
जमशेदपुर / ब्यूरो रिपोर्ट:
इलाके में आपसी रंजिश और दबंगों का हौसला इस कदर बढ़ चुका है कि वे अब कानून को भी ठेंगा दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला सुरेन्द्र सिंह और दलजीत सिंह के बीच चल रहे पुराने विवाद से जुड़ा है, जिसमें अब पीड़ित परिवार पर जानलेवा हमले और सरेआम धमकियों का दौर शुरू हो गया है। डरे-सहमे पीड़ित परिवार ने अब प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत 13 अप्रैल 2021 को हुई थी, जब सुरेन्द्र सिंह और दलजीत सिंह के बीच हिंसक झड़प हुई थी। उस दौरान सुरेन्द्र सिंह की शिकायत पर स्थानीय थाने में मामला दर्ज किया गया था। इस कार्रवाई के बाद आरोपी दलजीत सिंह को जेल हुई थी और बाकी आरोपी संदीप सिंह उर्फ जंगू, सतपाल सिंह उर्फ पाला और बलजीत सिंह फरार थे। सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में शामिल इनका एक अन्य साथी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए नाम और पता बदलकर देश छोड़कर विदेश भाग चुका है।
समझौते का दबाव और चचेरे भाई पर हमला
जेल से बाहर आने के बाद आरोपी दलजीत सिंह लगातार सुरेन्द्र सिंह पर केस में ‘कॉम्प्रोमाइज’ (समझौता) करने का दबाव बना रहा था। बात न मानने पर अंजाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं। इसी बीच, दबंगई की हद पार करते हुए दलजीत सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर सुरेन्द्र सिंह के चचेरे भाई पर जानलेवा हमला कर दिया।
तनाव को खत्म करने की कोशिश भी रही नाकाम
चचेरे भाई पर हुए हमले के बाद, मामले को आगे न बढ़ाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों की बैठक हुई। दलजीत सिंह ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए मौखिक रूप से माफी भी मांगी, जिसके बाद मामले को रफा-दफा कर दिया गया। लेकिन यह माफी महज एक दिखावा साबित हुई।
शाम होते ही फिर मिली धमकी, काली स्कॉर्पियो का खौफ
हैरान करने वाली बात यह है कि समझौते के कुछ ही घंटों बाद, उसी दिन शाम को दलजीत सिंह ने फिर से फोन कर सुरेन्द्र सिंह को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। आरोपी ने फोन पर कहा, “तुमको मार कर अपाहिज कर देंगे।”
पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी दलजीत सिंह और उसके साथी एक काले रंग की स्कॉर्पियो (जिसके शीशों पर चारों तरफ काली फिल्म लगी हुई है) से इलाके में घूम रहे हैं और उनकी रेकी कर रहे हैं।
पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल
चूंकि पूर्व में भी सुरेन्द्र सिंह के ऊपर जानलेवा हमला हो चुका है और अभी 21/05/2026 को सुरेन्द्र सिंह के भाई हरजीत सिंह के ऊपर जानलेवा हमला हुआ, इसलिए इस नई धमकी के बाद से पूरा परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है। पीड़ित को आशंका है कि ये अपराधी किसी भी वक्त उन पर या उनके परिवार पर फिर से जानलेवा हमला कर सकते हैं।
पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
इस मामले पर पुलिस का पक्ष आते ही खबर को अपडेट किया जाएगा। लगातार खबरों के लिए बने रहिए तीसरी धारा न्यूज के साथ।
जमशेदपुर: मानगो के चेपापुल क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार सड़क किनारे स्थित मैरेज हॉल में जा घुसी। इस जोरदार टक्कर में मैरेज हॉल की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि कार को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, कार पारडीह की ओर से मानगो की तरफ आ रही थी। जैसे ही कार चेपापुल के समीप पहुंची, चालक अचानक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार सीधे सड़क किनारे बने मैरेज हॉल की दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह गया।
हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई और कुछ देर के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय नागरिकों ने तत्काल इसकी सूचना मानगो पुलिस को दी।

इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से चेपापुल और उसके आसपास के मुख्य मार्गों पर वाहनों की तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की मांग की है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है: “इस रूट पर गाड़ियां काफी तेज रफ्तार में चलती हैं। अगर समय रहते गति सीमा तय करने और सख्त कदम उठाने जैसे उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।”
तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: बागबेड़ा थाना क्षेत्र स्थित बड़ौदा घाट के पास शनिवार सुबह खरकई नदी से एक अज्ञात किशोर का शव बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की उम्र करीब 16 वर्ष बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ लोग रोजाना की तरह खरकई नदी में स्नान करने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर नदी के पानी में तैर रहे एक किशोर पर पड़ी। लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उसे पानी से बाहर निकाला और नदी किनारे लाकर उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया।
स्थानीय लोगों का कहना है: “जब किशोर को नदी से बाहर निकाला गया, तब उसकी सांसें चल रही थीं। आसपास मौजूद लोगों ने उसे प्राथमिक उपचार देने और बचाने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया।”
घटना की जानकारी मिलते ही बागबेड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है। किशोर कहां का रहने वाला था और किन परिस्थितियों में वह नदी तक पहुंचा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
अज्ञात किशोर की पहचान न होने और घटना की परिस्थितियां संदिग्ध होने के कारण फिलहाल यह पूरा मामला रहस्य बना हुआ है।
तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर / सरायकेला: मुखी समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता, प्रखर समाजसेवी और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व सहायक प्रबंधक दिलीप महानंद (60 वर्ष) का हृदयघात (हार्ट अटैक) के कारण असामयिक निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से संपूर्ण मुखी समाज और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वे अपने पीछे एक समृद्ध सामाजिक और शैक्षणिक विरासत छोड़ गए हैं। उनके निधन पर समाज के विभिन्न संगठनों और गणमान्य लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
दिलीप महानंद के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए केन्द्रीय मुखी समाज के अध्यक्ष श्रीहरि मुखी ने कहा कि समाज ने आज एक अत्यंत जुझारू, कर्मठ और मिलनसार नेता खो दिया है। इस अपूरणीय क्षति से पूरा समाज मर्माहत है।
वहीं, मानवाधिकार सहायता संघ (सरायकेला-खरसावां) के वरिष्ठ संघ मित्र रंजन कारूवा ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “समाज ने एक ऐसा जागरूक और जुझारू कार्यकर्ता खोया है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। उनकी कमी हम सभी को हमेशा खलेगी।”
दिलीप महानंद का पूरा जीवन समाज के उत्थान और विशेषकर शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। कारूवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरुचरण मुखी ने उनके योगदान को याद करते हुए बताया कि दिलीप सर अपने जीवनकाल में समाज के वंचित और गरीब बच्चों को निःशुल्क (फ्री) शिक्षा प्रदान करते थे। इसके साथ ही ‘श्रमिक विद्यापीठ’ के माध्यम से युवाओं को शैक्षणिक रूप से मजबूत करने और उनके कौशल विकास (Skill Development) करवाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
केन्द्रीय युवा मुखी समाज के पूर्व अध्यक्ष बुद्धदेव कारूवा ने कहा, “दिलीप सर पूरे समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने स्वयं कड़े संघर्षों का सामना करते हुए शिक्षा को विशेष महत्व दिया और इसी के बल पर वे एसबीआई में सहायक प्रबंधक के पद तक पहुंचे। उन्होंने हमेशा युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।”
दिलीप महानंद के अंतिम दर्शन और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में समाज के गणमान्य लोग और स्थानीय नागरिक एकत्रित हुए। इस दौरान मुख्य रूप से केन्द्रीय अध्यक्ष श्रीहरि मुखी, संतोष बेहरा, राजू बेहरा, आनंद मुखी, रंजन कारूवा, बुद्धदेव कारूवा, सुग्रीव मुखी, नरेश मुखी, राकेश मुखी, चैतन्य मुखी, राजन मुखी, लखींद्र कारूवा, राजू मुखी सहित मुखी समाज के सैकड़ों लोग उपस्थित थे और सभी ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी।
तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: साकची थाना क्षेत्र के साकची मार्केट के पास करीब 10-12 अज्ञात अपराधियों द्वारा एक युवक को घेरकर बेरहमी से मारपीट करने और उसे जबरन गाड़ी में अगवा करने के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने इस संबंध में साकची थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है।
मूल रूप से बेगूसराय (बिहार) के रहने वाले और वर्तमान में सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के विद्यापति नगर (गांधी रोड) निवासी निमेष कुमार (35 वर्ष) ने बताया कि वे RSPL घड़ी पाउडर कंपनी में सेल्समैन के पद पर कार्यरत हैं। 26 मई 2026 की रात करीब 9 बजे वे अपने परिवार के साथ साकची मार्केट आए थे। वापसी के दौरान उन्होंने साकची मार्केट के गेट नंबर 5 के सामने से एक ऑटो बुक किया। ऑटो में बैठने के बाद निमेष का मोबाइल फोन गाड़ी की सीट पर ही छूट गया।
अगले दिन 27 मई को सुबह करीब 10 बजे जब वे वापस अपने मोबाइल की तलाश में साकची आए, तो उन्होंने ऑटो ड्राइवर से संपर्क किया। ड्राइवर ने बताया कि मोबाइल फोन ‘रंजीत’ नाम के व्यक्ति के पास है।
पीड़ित के अनुसार, जब वे शाम करीब 7:30 बजे अपना काम खत्म कर दोबारा साकची मार्केट के पास पहुंचे और ऑटो ड्राइवर से बात कर रहे थे, तभी अचानक 10-12 अज्ञात लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी।
निमेष ने अपनी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन 2-3 लड़कों ने उन्हें पीछे से दबोच लिया और घसीटते हुए सफेद रंग की स्विफ्ट गाड़ी (नंबर: JH05CQ 0753) में जबरन बिठाने लगे। जब पीड़ित ने गाड़ी में बैठने का विरोध किया, तो आरोपियों ने उनकी और अधिक पिटाई कर दी।
मारपीट के दौरान कुछ स्थानीय पब्लिक ने भी बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी लगातार हमला करते रहे। इसी बीच साकची थाना की पेट्रोलिंग गाड़ी वहां पहुंच गई। पुलिस की गाड़ी को देखकर आरोपी मौके से भाग खड़े हुए, जिससे पीड़ित की जान बच सकी। पुलिस ने मौके से एक आरोपी लड़के को हिरासत में लिया है।
शिकायतकर्ता निमेष कुमार का कहना है कि उनका कार्यक्षेत्र चांडिल, सरायकेला, चाईबासा, चक्रधरपुर (CKP), जमशेदपुर और घाटशिला है। उन्होंने रंजीत नामक व्यक्ति को बेहद खतरनाक बताते हुए आशंका जताई है कि उन पर भविष्य में भी जानलेवा हमला हो सकता है। पीड़ित ने थाना प्रभारी से उचित कानूनी कार्रवाई और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।
तीसरी धारा न्यूज