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जमशेदपुर: शहर में पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए शुक्रवार को जमशेदपुर पुलिस बेहद सख्त और बदले हुए अंदाज में नजर आई। पुलिस ने साकची थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जुबिली पार्क के समीप फुटपाथी दुकानों के पास एक बड़ा और औचक (सरप्राइज) चेकिंग अभियान चलाया। भारी संख्या में अचानक पहुंचे पुलिस बल और अधिकारियों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया, जिससे वहां मौजूद लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
अभियान के दौरान पुलिस बल ने वहां मौजूद फुटपाथी दुकानदारों, खरीदारी कर रहे ग्राहकों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान संदिग्ध दिखने वाले कई लोगों को रोककर उनके बैग, वाहनों और अन्य सामानों की सघन जांच की गई। अचानक हुई इस बड़ी कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोग कुछ देर के लिए असमंजस में पड़ गए कि आखिर माजरा क्या है।
हालांकि, इस औचक जांच अभियान को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन विश्वस्त सूत्रों और प्रशासनिक हलकों के अनुसार, शहर में हाल के दिनों में बढ़ी आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने, असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा करने और संदिग्ध अपराधियों की धरपकड़ के उद्देश्य से यह विशेष घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण इलाके में कुछ समय के लिए तनाव और भारी हलचल का माहौल देखा गया। दूसरी ओर, शहर के जागरूक नागरिकों ने पुलिस के इस सख्त रुख की सराहना की है। लोगों का कहना है कि शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने और आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए ऐसे औचक अभियान बेहद जरूरी हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज।
जमशेदपुर।
झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित होने वाली बी.एड./एम.एड./बी.पी.एड./एम.पी.एड. संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा-2026 को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। आगामी 31 मई (रविवार) को जिला मुख्यालय के 7 निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर इस परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और पूरी तरह कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए उपायुक्त (डीसी) श्री राजीव रंजन के निर्देश पर समाहरणालय सभागार में एक उच्चस्तरीय ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।
बैठक में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, एसडीएम धालभूम, सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी ने संयुक्त रूप से प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और केन्द्राधीक्षकों को सुरक्षा और नियमों को लेकर कड़े दिशा-निर्देश दिए।
यह प्रवेश परीक्षा 31 मई 2026 को पूर्वाह्न 10:30 बजे से अपराह्न 12:30 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा केंद्रों पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष परीक्षा संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। इसके तहत पर्याप्त संख्या में पुलिस बल के साथ:
सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को 31 मई की सुबह 07:00 बजे से ही अपने-अपने निर्धारित केंद्रों पर मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया है। वहीं, सभी स्टैटिक दण्डाधिकारियों को परीक्षा शुरू होने से ढाई घंटे पहले, यानी सुबह 08:00 बजे तक हर हाल में केंद्र पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया है।
प्रशासन ने कदाचार पर शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई है। परीक्षा केंद्र के भीतर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कड़े नियम लागू किए गए हैं:

प्रशासनिक अधिकारियों ने केन्द्राधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि परीक्षा अवधि के दौरान यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कदाचार की संभावना दिखती है, तो उस पर तुरंत त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जिला प्रशासन का दावा है कि अभ्यर्थियों की सहूलियत और शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
रिपोर्टर: विशेष संवाददाता, तीसरी धारा न्यूज
स्थान: जमशेदपुर
जमशेदपुर।
समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण बैठक जमशेदपुर के सांसद श्री विद्युत वरण महतो की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले के तमाम विधायक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी विकास योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। सांसद ने कड़े लहजे में कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में मानवाधिकार और व्यावहारिक दृष्टिकोण को लेकर जनप्रतिनिधियों ने यातायात पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वाहन जांच के दौरान यातायात पुलिस पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाए।
गर्मी के मौसम को देखते हुए विद्युत विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं को हर महीने नियमित मीटर रीडिंग और सही बिलिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही खराब ट्रांसफार्मर को तुरंत बदलने के लिए क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया ताकि जनता को परेशानी न हो।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जर्जर और अनुपयोगी स्कूली भवनों को एक सप्ताह के भीतर ध्वस्त करने की कार्रवाई का आदेश दिया गया। साथ ही स्कूलों में शिक्षकों की सही प्रतिनियुक्ति, बाउंड्री वॉल निर्माण और बेंच-डेस्क की कमी को जल्द दूर करने को कहा गया। इसके अलावा, आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों की सूची स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने की बात कही गई।
शहरी क्षेत्रों में सरकारी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर बैठक में चिंता जताई गई।
बैठक में जन वितरण प्रणाली (PDS) के दुकानदारों द्वारा समय पर दुकान न खोलने और राशन की कालाबाजारी का मामला भी गूंजा, जिस पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, मानगो स्थित जे.पी. सेतु बस स्टैंड में पेयजल, शौचालय और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर नाराजगी जताते हुए उप नगर आयुक्त (JNAC) को यात्रियों की सुविधा के लिए तुरंत कदम उठाने को कहा गया।
उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि जिले में किसी भी विकास योजना के शिलान्यास या उद्घाटन कार्यक्रम में माननीय सांसद, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करना तथा शिलापट्ट पर उनका नाम अनिवार्य रूप से अंकित करना होगा। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के रैयतों को मुआवजा भुगतान में देरी और धान अधिप्राप्ति के तहत किसानों के लंबित भुगतान को भी जल्द से जल्द क्लियर करने का आदेश दिया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से:
रिपोर्टर: विशेष संवाददाता, तीसरी धारा न्यूज
स्थान: जमशेदपुर
जमशेदपुर।
देश में बढ़ती बेरोजगारी और आर्थिक नीतियों को लेकर सामाजिक चिंतक सह अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। जमशेदपुर में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नौजवानों का भविष्य चौपट कर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अब देश के बेरोजगार मित्रों के लिए स्थिति यह हो गई है कि मोदी मेलोडी खाओ और रोजगार भूल जाओ।”
अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने अपने पूंजीपति मित्रों का करीब 20 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया है। इस फैसले ने देश को एक तरह के आर्थिक आपातकाल में धकेल दिया है। उन्होंने आशंका जताई कि गलत आर्थिक नीतियों के कारण आने वाले समय में देश में त्राहिमाम मचने जैसी स्थिति पैदा होने वाली है।
बैंकों के साथ धोखाधड़ी कर विदेश भागने वालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश के बैंकों में घपला करने वाले बड़े-बड़े आरोपी आज इंग्लैंड में जाकर ऐश की जिंदगी जी रहे हैं, जिससे देश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हुई है। उन्होंने आरोप लगाया:
”मोदी सरकार खुद भ्रष्टाचार में डूबी हुई है, यही वजह है कि आज तक भारत सरकार ने इंग्लैंड सरकार के समक्ष इन भगोड़ों को वापस लाने का मुद्दा मजबूती से नहीं उठाया।”
सुधीर कुमार पप्पू ने प्रधानमंत्री के विदेश दौरों की आलोचना करते हुए कहा कि पीएम खुद लगातार विदेश का दौरा कर रहे हैं और देश का पैसा बाहर लुटा रहे हैं, जबकि देशवासियों को सिर्फ नसीहतें दी जा रही हैं। विदेश दौरों से देश की गरिमा तार-तार हो रही है।
उन्होंने दावा किया कि आज देश का माहौल पूरी तरह बदल चुका है। वर्तमान में मात्र 10 प्रतिशत लोग ही मोदी को पसंद करते हैं, जबकि 90 प्रतिशत जनता उन्हें सत्ता से हटाने के पक्ष में है। देश के मौजूदा हालातों को देखकर साफ लगता है कि इस सरकार का पतन अब बेहद करीब है।
रिपोर्टर: विशेष संवाददाता, तीसरी धारा न्यूज
स्थान: जमशेदपुर
जमशेदपुर।
जुगसलाई थाना क्षेत्र से एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आ रही है। शुक्रवार दोपहर को क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध गणगौर मिष्ठान की फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते फैक्ट्री से उठने वाला काला धुआं और तेज लपटें आसमान की तरफ उठने लगीं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के दुकानदारों व स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर के समय फैक्ट्री परिसर से अचानक धुएं का भारी गुबार निकलता देखा गया। शुरुआत में लोगों को लगा कि कोई मामूली तकनीकी खराबी या सामान्य धुआं है, लेकिन मात्र कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्ट्री के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोग सूझबूझ खो बैठे और तुरंत घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। दमकल कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आग को रिहायशी इलाके और आसपास की दुकानों में फैलने से रोकने के लिए चारों तरफ से पानी की बौछारें शुरू कीं। समाचार लिखे जाने तक दमकल कर्मियों द्वारा आग पर पूरी तरह काबू पाने का प्रयास युद्ध स्तर पर जारी था।
प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक, इस भीषण आगजनी में फैक्ट्री के अंदर रखा भारी मात्रा में सामान और मशीनें जलकर खाक हो गई हैं, जिससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, नुकसान के वास्तविक आंकड़ों का आकलन आग पूरी तरह बुझने और ठंडी होने के बाद ही किया जा सकेगा।
आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी के कारण हुआ हो सकता है, लेकिन अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि घटना की पूरी जांच के बाद ही आग लगने के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
रिपोर्टर: विशेष संवाददाता, तीसरी धारा न्यूज
स्थान: जमशेदपुर
जमशेदपुर: मानगो थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा रोड में एक बार फिर आपसी विवाद में हिंसक झड़प और धमकी का मामला सामने आया है। गुरुद्वारा रोड (हो. नं.-105) निवासी हरजित सिंह ने सुखबीर सिंह उर्फ लाडी, स्वर्णजीत सिंह उर्फ बीरू और उनके भाइयों पर मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित ने मानगो थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित हरजित सिंह के अनुसार, करीब छह महीने पहले उन्होंने अपनी ट्रॉली सुखबीर सिंह उर्फ लाडी को एकरारनामा (एग्रीमेंट) के तहत किराए पर चलाने के लिए दी थी। लाडी द्वारा लगातार किराया बकाया रखने और मांगने पर भी भुगतान न करने के कारण दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
शिकायत के मुताबिक, दिनांक 21 मई 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे सुखबीर सिंह लाडी ने हरजित को फोन कर किराया ले जाने के बहाने मानगो गुरुद्वारा रोड के चांदनी चौक पर बुलाया। जब हरजित वहां पहुंचे, तो लाडी अपने अन्य तीन साथियों के साथ एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में वहां मौजूद था।
पैसे मांगने पर लात-घूंसों से हमला
हरजित का आरोप है कि वहां पहुंचते ही आरोपियों ने कहा, “यह रोज-रोज रुपया मांग कर परेशान करता है, इसका हिसाब-किताब आज यहीं कर देते हैं।” इसके बाद चारों लोगों ने उन पर लात-घूंसों से अचानक हमला कर दिया। दोपहर का समय होने के कारण सड़क सुनसान थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने उनके साथ जमकर मारपीट की। इस हमले में हरजित सिंह की आंख में गंभीर चोट आई है।
पीड़ित का बयान: “सुखबीर सिंह लाडी के साथियों ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और सुखबीर सिंह लाड़ी मुझे मारने लगे। वे कह रहे थे कि आज इसका किस्सा ही खत्म कर देते हैं। जब कुछ स्थानीय लोगों को आते देखा, तो वे यह धमकी देते हुए भाग गए कि दोबारा ट्रॉली का पैसा मांगा तो जिंदा नहीं छोड़ेंगे।”
सामाजिक स्तर पर समझौता रहा विफल, दोबारा मिली धमकी
घटना के बाद समाज के लोगों ने मामले को सामाजिक स्तर पर सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। उल्टा 25 मई 2026 की शाम को सुखबीर सिंह लाडी ने दोबारा हरजित के मोबाइल पर फोन कर धमकी दी कि “इधर-उधर भागदौड़ कर रहे हो, तुम्हें अपने प्राणों का मोह नहीं है? जहां शिकायत करनी है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लिखित आवेदन पत्र पर हाथ से लिखी गई अतिरिक्त शिकायत के अनुसार, आरोपियों (लाडी और उसके भाई स्वर्णजीत सिंह ) द्वारा हरजीत सिंह के भाई तलविंदर सिंह को भी लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित का आरोप है कि पिछले 4-5 दिनों से लगातार मानगो थाने का चक्कर लगाने के बावजूद अब तक पुलिस द्वारा इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है।
पीड़ित हरजित सिंह ने मानगो थाना प्रभारी से जान-माल की रक्षा करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है।
जमशेदपुर / डेस्क:
भारतीय सेवा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संस्था के संस्थापक श्री राहुल भद्रा के निवास स्थान पर संपन्न हुई। इस बैठक में ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवाशक्ति) संस्था के संस्थापक श्री पीयूष ठाकुर अपने सहयोगियों और पूरी टीम के साथ विशेष रूप से शामिल हुए। आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और समाज हित के कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से इस बैठक का आयोजन किया गया था।
बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय सेवा समिति के संस्थापक श्री राहुल भद्रा ने युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि “जहाँ युवाओं की ऊर्जा और सहभागिता होती है, वहाँ समाज का कल्याण निश्चित है।” बैठक के दौरान श्री राहुल भद्रा ने युवाशक्ति के संस्थापक श्री पीयूष ठाकुर एवं अध्यक्ष बिकाश डे जी को भगवा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और उनका आभार जताया।
युवाशक्ति के संस्थापक श्री पीयूष ठाकुर ने बैठक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए युवाओं को एकजुट होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा:
”जो भी संगठन या व्यक्ति समाज की भलाई के लिए काम करेगा, यह युवा पीढ़ी हमेशा उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और आगे भी रहेगी। युवाशक्ति एवं अन्य सहयोग दल बहुत आसानी से भारतीय सेवा समिति के साथ जुड़कर जनहित के कार्यों को आगे बढ़ा सकते हैं।”
वर्तमान में दोनों ही संस्थाएं मिलकर आगामी कार्यक्रमों को बड़े स्तर पर आयोजित करने और उन्हें सफल बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई हैं।
इस महत्वपूर्ण और रणनीतिक बैठक में दोनों संगठनों के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो
जमशेदपुर: जनता की आवाज और निष्पक्ष पत्रकारिता के मंच ‘तीसरी धारा न्यूज’ की खबर का शासन-प्रशासन पर एक बार फिर बेहद दमदार असर देखने को मिला है। बीपीएल कोटे की विसंगतियों को लेकर दिखाई गई खबर पर संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक महकमे में बड़ी हलचल हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय उपायुक्त (डीसी) महोदय ने त्वरित कदम उठाया और शिक्षा विभाग के सचिव के साथ सभागार में एक उच्च स्तरीय आपात बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में खबर के सभी पहलुओं पर गहन मंथन किया गया, जिसके तुरंत बाद शिक्षा विभाग के सचिव ने एक बड़ा और कड़ा निर्णय लिया है।
तीसरी धारा न्यूज का संकल्प: हम केवल खबर दिखाते ही नहीं, बल्कि उसे अंजाम तक भी पहुंचाते हैं। आम और जरूरतमंद बच्चों के हक के लिए उठाई गई हमारी आवाज को सही मंच देने और त्वरित कार्रवाई करने के लिए ‘तीसरी धारा न्यूज’ उपायुक्त महोदय एवं शिक्षा विभाग के सचिव के इस फैसले की सराहना करता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज।
जमशेदपुर/छोटा गोविंदपुर:
पूर्वी सिंहभूम जिले के अंतर्गत छोटा गोविंदपुर दक्षिण मध्य पंचायत में प्रस्तावित ओपन जिम का निर्माण कार्य शिलान्यास के करीब डेढ़ साल (18 महीने) बीत जाने के बाद भी अधर में लटका हुआ है। प्रतिभा केंद्र मैदान में बनने वाले इस ओपन जिम को लेकर स्थानीय युवाओं में शुरुआत में काफी उत्साह देखा गया था, लेकिन लंबे समय तक काम शुरू न होने के कारण अब ग्रामीणों और युवाओं में प्रशासन व विभागीय उदासीनता को लेकर भारी निराशा और नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में ओपन जिम बनने से युवाओं और बुजुर्गों को सुबह-शाम व्यायाम की बेहतर सुविधा मिलती, लेकिन डेढ़ साल से योजना सिर्फ शिलान्यास पट्ट (शिलापट्ट) तक ही सीमित रह गई है।
जानकारी के अनुसार, प्रतिभा केंद्र मैदान में इस ओपन जिम निर्माण योजना का शिलान्यास 7 नवंबर 2024 को धूमधाम से किया गया था। इस योजना के शिलान्यास पट्ट पर क्षेत्र के कई बड़े जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित हैं, जिनमें:
यह योजना झारखंड सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत की गई थी। नियमों के विपरीत, इस शिलान्यास पट्ट पर योजना की कुल लागत, कार्य प्रारंभ होने और कार्य समाप्ति की निर्धारित तिथि जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जो विभागीय पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।
इस मामले को लेकर जब स्थानीय जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष कुमार से बात की गई, तो उन्होंने माना कि यह योजना उनकी प्राथमिकताओं और महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। उन्होंने काम में हो रही देरी की वजह स्पष्ट करते हुए कहा:
”योजना के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ठेकेदार का चयन कर उसे कार्य भी आवंटित कर दिया गया था। इसके बावजूद संबंधित ठेकेदार ने अब तक धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है। इस लापरवाही को देखते हुए ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है और विभागीय स्तर पर लगातार उससे संपर्क कर काम शुरू करने का दबाव बनाया जा रहा है।”
प्रतिभा केंद्र के अध्यक्ष रमाकांत गिरि ने इस मुद्दे पर कहा कि क्षेत्र के विकास और युवाओं को नशे व गलत संगति से दूर रखकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए इस ओपन जिम का निर्माण बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ओपन जिम बनने से स्थानीय लोगों को एक अच्छा माहौल मिलेगा। वे इस मामले को लेकर लगातार जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष कुमार के संपर्क में हैं, ताकि विभागीय अड़चनों को दूर कर जल्द से जल्द योजना को धरातल पर उतारा जा सके और युवाओं का इंतजार खत्म हो।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: जिले में निष्पक्ष पत्रकारिता की आड़ में चल रहे फर्जीवाड़े और फील्ड में काम करने वाले असली पत्रकारों को जानबूझकर झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश के खिलाफ ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वैलफेयर एसोसिएशन ने आवाज बुलंद की है। आज एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया के नेतृत्व में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) राजीव रंजन से मिला और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया ने उपायुक्त को जिले में असली और नकली पत्रकारों की पहचान न हो पाने के कारण उत्पन्न हो रही गंभीर समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से एसोसिएशन के जिला महासचिव आशीष गुप्ता का मामला उठाते हुए कहा:
”एक ही विशेष सिंडिकेट के इशारे पर जिला महासचिव आशीष गुप्ता पर लगातार तीन बार फर्जी मामले दर्ज कराए गए हैं। यह सीधे तौर पर सच की आवाज को दबाने की कोशिश है।”
उपायुक्त राजीव रंजन ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और आवश्यक जानकारी लेने के बाद इस मामले को जांच और उचित कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को अग्रसारित (फॉरवर्ड) करने का आश्वासन दिया।
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बिनोद सिंह ने इस दौरान तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज शहर में अजीब स्थिति बन गई है। जो लोग खुद फर्जी पत्रकारिता का हिस्सा हैं, वही दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं। उन्होंने कहा:
”कुछ फर्जी पत्रकार खुद को पाक-साफ दिखाकर जिला प्रशासन को लगातार गुमराह कर रहे हैं। ये लोग न सिर्फ फील्ड में ईमानदारी से काम करने वाले पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मामले दर्ज करवाते हैं, बल्कि अधिकारियों को दिग्भ्रमित कर असली-नकली का झूठा भेद समझाने का ढोंग भी कर रहे हैं।”
पीड़ित जिला महासचिव आशीष गुप्ता ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पत्रकारिता का चोला ओढ़कर अवैध धंधा करने वालों के खिलाफ जब उन्होंने खबरें चलाईं, तो उन्हें निशाना बनाया गया। आशीष गुप्ता ने बताया:
”मैंने पत्रकारिता की आड़ में चल रहे फर्जीवाड़े और अवैध धंधों को बेनकाब किया था। मेरी खबरों के असर के कारण ही UCIL जैसी बड़ी कंपनी ने अवैध ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर दिया। इसी बौखलाहट में मेरे खिलाफ गहरी साजिश रची गई और मुझे जेल भिजवाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए गए।”

प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर सौंपे गए इस ज्ञापन के दौरान बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। मौके पर मुख्य रूप से: