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लोकासभा चुनाव के लिए राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हैं. कांग्रेस लगातार बीजेपी को तीसरी बार केंद्र की सत्ता में रोकने के लिए जुटी है. राहुल गांधी खुद पूरा जोर लगा रहे हैं और अपने नेताओं को ये संदेश दे रहे हैं की डरो मत लड़ो…, मगर कांग्रेस के दिग्गज नेता ऐसा करना नहीं चाहते. कोई अपनी उम्र का बहाना बना रहा है तो कोई नई पीढ़ी को मौका देने की दुहाई दे रहा है.
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अब तक उम्मीदवारों की दो सूची जारी कर चुकी है, इनमें अब तक 82 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान हो चुका है, लेकिन एक दो नामों को छोड़ दें तो इस सूची में दिग्गज नेताओं का नाम नहीं है. छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को छोड़ दें तो कांग्रेस के अधिकांश वरिष्ठ नेता चुनाव लड़ने में हिचकिचा रहे हैं. इन नेताओं का हौसला बढ़ाने के लिए कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल खुद चुनाव मैदान में उतर रहे हैं, लेकिन वरिष्ठ नेता चुनाव लड़ने से कन्नी काट रहे हैं.
सोनिया गांधी
चुनाव लड़ने से मना करने वाले कांग्रेसी दिग्गजों की एक लंबी फेहरिस्त है, तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा बड़े नेता हैं जो इस बार का लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर रहे हैं. इसमें पहला नाम सोनिया गांधी का है, हालांकि उनकी उम्र हो चली है, तबीयत कम ठीक रहती है, इसलिए वो राज्यसभा चली गईं हैं. उन्होंने राज्यसभा जाने से पहले रायबरेली के जो कार्यकर्ता हैं, उनको बुलाकर के कहा था कि मैं क्षेत्र में नहीं आ पाती हूं, मैं लोगों से मिल नहीं पाती हूं, मैं आपके काम उस तरीके से वहां रहकर वहां के अधिकारियों से मिलकर नहीं करा पा रही हूं जोकि मैं इतने सालों से करती आई हूं, इसलिए मैं लोकसभा चुनाव लड़ना नहीं चाहती.
मल्लिकार्जुन खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे कलबुर्गी से लोकसभा सांसद रह चुके हैं और उस सीट से उनका नाम वहां की राज्य इकाई ने भेजा भी, लेकिन जब Tv9 भारतवर्ष ने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरी उम्र 83 साल हो गई है, इस उम्र में आकर अब मैं कहां चुनाव लडूंगा. चूंकि वे पार्टी अध्यक्ष हैं, इसलिए तमाम जगहों पर जाकर उन्हें देश भर में रैलियां करनी हैं, प्रचार प्रसार करना है, इसलिए वह एक सीट पर फंसना नहीं चाहते.

अशोक गहलोत
अशोक गहलोत का कहना है कि वह खुद नहीं लड़ना चाहते, उनकी भी उम्र हो गई हे, उनका कहना है कि वह, सोनिया गांधी या खरगे उस लीग के नेता हैं, उनके साथ चलने वाले नेता हैं तो अब नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए. स्वास्थ्य भी कम ठीक है, इसलिए अपने बेटे को वैभव गहलोत को टिकट दिलाया, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि जोधपुर से पिछली बार लड़कर वैभव गहलोत हारे थे, इस बार उन्हें जालौर सिरोही लोकसभा सीट पर शिफ्ट किया गया है.
दिग्विजय सिंह
इसके अलावा एक बड़ा नाम दिग्विजय सिंह का है, जो ना खुद लड़ रहे हैं. उनका कहना है कि अब उम्र बहुत हो गई है, नए लोगों को मौका मिलना चाहिए और मैं तो राज्यसभा में भी हूं.
कमलनाथ
कमलनाथ ने साफ कहा कि मुझे छिंदवाड़ा में फोकस करना है और वही उम्र बहुत हो गई है, नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए. नकुलनाथ वहां से सांसद हैं तो नकुलनाथ ही चुनाव लड़ेंगे तो नकुलनाथ का नाम भी वहां से आ गया.
जितेंद्र सिंह
यह गांधी परिवार के काफी काफी करीबी है. उनका कहना था कि अलवर सीट से सांसद रहे हैं, केंद्र मंत्री रहे हैं. उनका यह कहना था कि अलवर सीट में अगर वो लड़ने जाते हैं तो प्रभारी महासचिव हैं, मध्य प्रदेश के भी और असम के भी तो ऐसे में वो चुनाव में फोकस करें या चुनाव लड़े तो वो भी पीछे हट गए.

सचिन पायलट
सचिन पायलट एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने कहा था कि मैं चुनाव लड़ना चाहता हूं, लेकिन उन्होंने साथ में यह भी जोड़ दिया कि अगर मैं चुनाव लडूंगा तो जीतने के लिए लडूंगा और ऐसे में जो देशभर में उनकी रैलियां लगाई जा रही हैं उसमें कटौती कर दी जाए, क्योंकि वह अपने क्षेत्र पर फोकस करना चाहेंगे. ऐसे में कांग्रेस आलाकमान ने ही कहा कि हमको आपको देश भर में रैलियां करानी हैं, देश भर में प्रचार-प्रसार करवाना है, आप चुनाव लड़ने की बजाय इस काम में ध्यान दीजिए.
नवजोत सिंह सिद्धू
पत्नी की अस्वस्थता के चलते नवजोत सिंह सिद्धू ने लोकसभा चुनाव लड़ने से मना किया. उन्होंने पत्नी की देखरेख का हवाला दिया है.
जयवर्धन सिंह
जयवर्धन सिंह लगातार राघोगढ़ से लगातार वो विधायक बनते आए हैं. उन्होंने कहा है कि मैं राज्य की राजनीति पहले करना चाहता हूं, अभी मेरी उतनी उम्र नहीं हुई है. मैं चाहता हूं कि मैं राज्य की राजनीति करूं और मैं विधायक के तौर पर ही रहना चाहता हूं. दूसरी अहम बात यह थी कि राजगढ़ जो लोकसभा की सीट है, उसमें एक और विधानसभा से कांग्रेस के कई बार के विधायक प्रियव्रत सिंह चुनाव जीतते रहे हैं तो दिग्विजय सिंह का ये कहना है कि एक ही परिवार की बजाय अगर प्रियव्रत सिंह को टिकट दिया जाए तो बेहतर रहेगा.
क्यों लिस्ट फाइनल नहीं कर पा रही कांग्रेस
कांग्रेस के पुराने नेता राज्यसभा या कोई बड़ा पद चाहते हैं. मंत्री पद है नहीं, राज्यसभा उतनी होती नहीं है, तीन राज्यों में सरकार है, कई जगह एमएलसी नहीं होता है तो अब बाकी राज्यों में नेताओं को कैसे संतुष्ट करे. कहीं पर दो उम्मीदवार हैं, तीन उम्मीदवार हैं. कांग्रेस कश्मकश में कि कहीं ऐसा न हो हमने एक को टिकट दिया और दूसरा कहीं दूसरी पार्टी से जाकर चुनाव लड़ ले. इसलिए धीरे-धीरे कांग्रेस पार्टी आगे बढ़ना चाहती है.


दुनिया की पूर्व नंबर एक तीरंदाज दीपिका कुमारी ने रविवार को यहां आगामी विश्वकप और पेरिस ओलंपिक के लिए हुए चयन ट्रायल में शीर्ष स्थान हासिल किया। तीन बार की ओलंपियन दीपिका ने फरवरी में बगदाद एशिया कप में दो स्वर्ण पदक जीतकर वापसी की।
वह दिसंबर 2022 में मां बनने के बाद पिछले साल पूरे सत्र में खेल से बाहर रही थीं।
दीपिका ने भजन कौर अंकिता भक्त और कोमालिका बारी के साथ चार सदस्यीय टीम में जगह बनाई। विश्व यूथ की पूर्व चैंपियन बारी सिमरनजीत की जगह शामिल हुईं। भारत को अभी महिला वर्ग में पेरिस ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करना है। अंताल्या में 18 से 23 जून तक होने वाला विश्वकप ओलंपिक के लिए अंतिम क्वालिफाइंग स्पर्धा है।

भारत के लिए अब तक एकमात्र पेरिस ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले धीरज बोम्मदेवरा पुरुष रिकर्व वर्ग में शीर्ष पर रहे। तरुणदीप राय, प्रवीण जाधव और मृणाल चौहान पुरुष रिकर्व टीम के अन्य सदस्य हैं। राष्ट्रीय हाई परफोरमेंस निदेशक संजीव सिंह ने कहा, ‘यह टीम अस्थायी है (ओलंपिक के लिए) और हम विश्वकप के पहले दो चरणों में उनके प्रदर्शन के आधार पर एक या दो बदलाव कर सकते हैं।’
टीम :
रिकर्व पुरुष: धीरज बोम्मदेवरा, तरूणदीप राय, प्रवीण जाधव और मृणाल चौहान।
रिकर्व महिला: दीपिका कुमारी, भजन कौर, अंकिता भक्त और कोमलिका बारी।
कंपाउंड पुरुष: प्रथमेश फुगे, अभिषेक वर्मा, रजत चौहान और प्रियांश।
कंपाउंड महिला: ज्योति सुरेखा वेन्नम, अदिति स्वामी, परनीत कौर और अवनीत कौर



रिजर्व बैंक ने भारतीय बैंकों को साइबर अटैक के बढ़ते खतरे के प्रति आगाह किया है. सेंट्रल बैंक को आशंका है कि भारत के कुछ बैंकों के ऊपर आने वाले दिनों में साइबर अटैक बढ़ सकते हैं. इस अलर्ट के साथ में रिजर्व बैंक ने बैंकों को साइबर सिक्योरिटी दुरूस्त करने के सुझाव भी दिए हैं.
चेतावनी के साथ दिए गए सलाह
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में बैंकिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के हवाले से ये बात कही गई है. रिपोर्ट के अनुसार, सेंट्रल बैंक ने कुछ बैंकों को साइबर अटैक के बढ़े खतरे के लिए तैयार रहने के लिए कहा है और साथ ही जोखिम को कम करने के लिए सिक्योरिटी बढ़ाने की सलाह दी है. रिजर्व बैंक ने इस चेतावनी के साथ बैंकों को उन पॉइंट के बारे में भी बताया है, जहां उन्हें साइबर सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए काम करने की जरूरत है.

हाल ही में सेंट्रल बैंक ने की समीक्षा
आरबीआई ने हाल ही में बैंकों की जोखिम से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की है. इसके लिए रिजर्व बैंक के द्वारा साइबर सिक्योरिटी एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्जामिनेशन किया जाता है, जिसे सीसाइट भी कहते हैं. सीसाइट में विभिन्न बैंकों की आपदा प्रबंधन की तैयारियां, इंटरनेट व मोबाइल बैंकिंग प्लेटफॉर्म की क्षमताएं, फ्रॉड पकड़ने की व्यवस्था आदि की परख की जाती है.
डिजिटल बैंकिंग में तेजी के साथ बढ़े रिस्क
डिजिटल बैंकिंग में तेजी के साथ-साथ साइबर अटैक के खतरे भी तेज हुए हैं. इस कारण अलग से साइबर व आईटी की समीक्षा करने की जरूरत पड़ी है. सीसाइट के तहत आरबीआई की इंस्पेक्शन टीम तमाम बैंकों के आईटी सिस्टम की अच्छे से जांच करती है. जांच के दौरान उन बातों की पहचान की जाती है, जिनके चलते रिस्क हो सकते हैं. उसके बाद बैंकों को ठीक करने के बारे में सलाह दिए जाते हैं.

पहले भी किया जा चुका है आगाह
रिजर्व बैंक इससे पहले भी बैंकों को साइबर खतरों के प्रति आगाह कर चुका है. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने पिछले महीने की शुरुआत में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि बैंकिंग सेक्टर को नए साइबर खतरों के लिए तैयार रहना चाहिए. वह 9 फरवरी को 19वें बैंकिंग टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे.


इंडियन इंटेलिजेंस एजेंसी ने सतर्क करते हुए 5 देशों में स्थित भारतीय उच्चायोग को चेताया है। इसके साथ ही ये भी बताया कि हरदीप सिंह निज्जर खलिस्तानी समर्थक उनकी बरसी पर मिशन के बाहर प्रदर्शन कर सकते हैं और इसके साथ आशंका भी जताई कि कहीं कुछ अनहोनी न हो जाए।
इसके लिए अगले तीन महीने तक उन्हें काफी एलर्ट मोड पर रहना होगा। एजेंसी ने ये भी कहा कि हमले के आसार बने हुए है, इसलिए अगले कुछ महीने सभी को सतर्क रहना बेहद जरुरी है।

इंटेलिजेंस एजेंसी तैनात भारतीय राजनयिक कर्मियों की सुरक्षा को खतरा बढ़ सकता है और यह समस्या ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, यूके और अमेरिका में इसकी संभावना में ज्यादा है। लोकल कानून प्रवर्तन एजेन्सी ने धमकी को लेकर चताते हुए बताया कि खतरे बना हुआ है। इसके अलावा इस बीच खलिस्तानी समर्थकों ने कनाडा के भारतीय उच्चायोग के बाहर भी कई प्रदर्शन किए हैं और यह प्रदर्शन हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर है।
इंडियन इंटेलिजेंस एजेंसी ने ये भी कहा कि खलिस्तानी समर्थक एक बड़ी प्लान कर रहे हैं और इसके अलावा आगामी दिनों में वे प्रदर्शन भी करने जा रहे हैं, जो हरदीप निज्जर की हत्या की सालगिरह के मौके पर कोई बड़ी घटना न हो, इसे देखते हुए पांच देशों में स्थित भारतीय उच्चायोग को एलर्ट कर दिया है। लोकल कानून प्रवर्तन एजेन्सी को भी सतर्क किया है। इसके तहत ये भी बताया कि भारतीय मिशन में काम कर रहे अधिकारी जहां रोजाना काम से जाते रहते हैं, वहां भी खतरे की आशंका जता दी है।

इंडियन एजेंसी ने बताया कि उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन उनके हमले करने की योजना का ही हिस्सा है और यह पूरी तरह से तैयार एक षड्यंत्र है। हालांकि, एनआईए इस बीच अमेरिका में हुए उच्चायोग पर हमले की जांच कर रही है, जून 2022 में गृह मंत्रालय ने यूके और कनाडा में स्थित उच्चायोग को पहले ही एलर्ट पर रहने की बात कही थी। इसके अलावा ये भी बताया था कि अभी तक इस केस में करीब 40 आरोपी की पहचान की जा चुकी है।


निष्पक्ष लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने सोमवार को गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के गृह सचिवों को हटाने का आदेश दिया।
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को हटाने का भी आदेश दिया गया। यह कदम समान अवसर बनाए रखने और चुनावी प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने के आयोग के कोशिशों का हिस्सा है।

मिजोरम-हिमाचल प्रदेश के कई सचिव को हटाया
साथ ही मिजोरम और हिमाचल प्रदेश के सामान्य प्रशासनिक विभागों के सचिव को हटा दिया गया है। लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के कुछ दिनों बाद मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की अध्यक्षता वाले चुनाव पैनल ने बृहन्मुंबई नगर आयुक्त इकबाल सिंह चहल, अतिरिक्त आयुक्तों और उपायुक्तों को हटाने का भी आदेश दिया।
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों को दिए थे निर्देश
आयोग ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया था कि वे चुनाव संबंधी कार्यों से जुड़े उन अधिकारियों का तबादला करें, जो तीन साल पूरे कर चुके हैं या अपने गृह जिलों में हैं। महाराष्ट्र ने कुछ नगर निगम आयुक्तों और कुछ अतिरिक्त और उप नगर आयुक्तों के संबंध में निर्देशों का पालन नहीं किया था। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को सोमवार शाम छह बजे तक रिपोर्ट देने के निर्देश के साथ बीएमसी और अतिरिक्त एवं उपायुक्तों का स्थानांतरण करने का निर्देश दिया।

मुख्य सचिव को महाराष्ट्र में समान रूप से पदस्थापित सभी नगर निगम आयुक्तों और अन्य निगमों के अतिरिक्त या उप नगर आयुक्तों को स्थानांतरित करने का भी निर्देश दिया गया। यह कदम मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू की सोमवार को बैठक के बाद आया है।


सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा चौक के पास सोमवार की शाम करीब 4.30 बजे हुए एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गयी है. जमशेदपुर से सटे डोबो को पार करने के बाद ही यह हादसा हुआ है. बताया जाता है कि जमशेदपुर की ओर से एक वरना कार सड़क पर खड़ी ट्रक में घुस गयी. सीधी टक्कर में चारो लोगों की हादसे में मौत हो गयी. घटना।के बाद सड़क पर कोहराम मच गया. वहीं मामले की सूचना मिलते ही चांडिल थाना पुलिस मौके पर पहुंचे गई है. जहां।स्थानीय लोगों के सहयोग से युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है. फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है. पुलिस सबकी पहचान करने की कोशिश कर रही है.




जमशेदपुर : जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भुइयांडीह मेन रोड पर उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब एक चलती कार डिवाइडर से टकराते ही आग के तब्दील हो गयी. कार डिवाइडर से टकराई ही उसमें आग लग गयी. आग लगने की सूचना तत्काल अग्नि समन विभाग को दिया गया, जिसके बाद अग्नि समन विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग को बुझाया. आग इतनी भयावह थी कि जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक कार पूरी तरह जल कर राख हो गयी थी.

आप को बता दें कि कार में तीन युवक सवार होकर मानगो से एग्रिको की ओर जा रहे थे, उस समय अचानक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गयी और कार पूरी तरह जल कर राख हो गयी. हालांकि इस कार में मौजूद युवक कार से बाहर निकल गए थे, जिससे उन्हें किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ, मगर कार पूरी तरह जल कर राख हो गया है. सीतारामडेरा थाना पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गयी है. घटना देर रात की बताई जा रही है.



टाटानगर स्टेशन के सेकेंड एंट्री गेट के पास सब्जी बिक्रेता सड़क पार कर रहा था इस बीच ही एक तेल टैंकर ने उन्हें रौंद दिया. घटना के बाद सब्जी बिक्रेता को ईलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.




अजमेर में देर रात्रि में एक बड़ा रेल हादसा हो गया. अजमेर रेलवे स्टेशन से 12:50 पर रवाना हुई ट्रेन संख्या 12548 साबरमती आगरा कैंट सुपर फ़ास्ट ट्रेन मदार स्टेशन से पहले उसी ट्रैक पर चल रही मालगाड़ी से टकरा गई और इंजन ओर 4 डिब्बे बेपटरी हो गए.
पटरी के पास खड़े खम्भों से टकरा गए..हादसा इतना भीषण हुआ कि ट्रैक के भी परखच्चे उड़ गए लेकिन गनीमत रही की हादसे में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ.

देर रात्रि में मदार स्टेशन से पहले सुपर फ़ास्ट ट्रेन और मालगाड़ी की भिड़ंत हो गई. भिड़ंत होने के तुरंत बाद ही अजमेर रेलवे स्टेशन सहित आसपास के सभी स्टेशन पर इमरजेंसी हूटर बजाया गया और भिड़ंत की जानकारी सभी अधिकारीयों को दी गई. इसके बाद बचाव राहत दल मौके पर पंहुचा और रेस्क्यू में लग गया.
मौके पर पहुचे एडिआरएम बलदेव राम ने बताया कि अजमेर स्टेशन से समय पर निकली साबरमती आगरा कैंट सुपर फ़ास्ट गाड़ी की भिड़ंत मदार स्टेशन से पहले उसी ट्रैक पर चल रही माल गाड़ी से होना प्रतीत होता है हलाकि ट्रैक पूरी तरह से बिगड़ने के कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि ये पूरा हादसा कैसे हुआ. हादसे को लेकर जांच की जाएगी कि ये पूरा हादसा क्यों हुआ है?

सुरक्षित हैं यात्री
भीषण भिड़ंत में ये गनीमत रही कि किसी भी यात्री या लोको पायलट की जान नहीं गई. कुछ यात्री के हल्की-फुल्की चोटें आई हैं और सभी यात्रियों को अजमेर रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया. ट्रैक क्लियर होने के बाद उन्हें अपने अपने गंतव्यों तक पहुंचाया जाएगा.
हेल्पलाइन नंबर भी जारी
साथ ही रेलवे के द्वारा इस हादसे को लेकर एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया गया है. वहीं, मेन लाइन पर हुए हादसे मे पटरी पूरी तरह से तहस-नहस हो गई, जिसके चलते कई गाड़ियों को नजदीकी स्टेशन पर ही रोक दिया गया है और इस रूट से गुजरने वाली सभी ट्रेनों का टाइम रीशेडूल किया गया है, जिसके चलते गाड़ियां अब करीब 3 या 4 घंटे की देरी से चलेंगी. साथ ही ट्रैक को दुरुस्त करने में करीब 7 से 8 घंटे का समय लगेगा.


भारत मंडपम में सोमवार से शुरू हो रहे स्टार्टअप महाकुंभ में सफलता की कहानियां देखने को मिलेंगी। दो हजार स्टार्टअप इसमें शामिल हो रहे हैं।
इसमें 10 थीम पवेलियन, एक हजार से अधिक निवेशक, 300 इनक्यूबेटर और एक्सेलेरेटर, तीन हजार सम्मेलन प्रतिनिधि, 20 से अधिक देश के प्रतिनिधिमंडल, सभी भारतीय राज्यों के तीन हजार भावी उद्यमी, 50 से अधिक यूनिकार्न और 50,000 से अधिक व्यावसायिक आगंतुक शामिल होंगे।
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआइआइटी) के सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार से शुरू हो रहे तीन दिवसीय स्टार्टअप महाकुंभ का दौरा कर सकते हैं।

ये दिग्गज कंपनियां करा रही हैं आयोजन
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम एसोचैम, नैसकाम, बूटस्ट्रैप इनक्यूबेशन एंड एडवाइजरी फाउंडेशन, टीआइई और इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन (आइवीसीए) के सहयोगात्मक प्रयासों से संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।
इस आयोजन को डीपीआइआइटी, इलेक्ट्रोनिक्स और इंफार्मेशन टेक्नोलाजी मंत्रालय स्टार्टअप हब (एमएसएच) और इन्वेस्ट इंडिया का भी समर्थन प्राप्त है। डीपीआइआइटी के संयुक्त सचिव संजीव ने कहा कि इस आयोजन में 23 राज्य भाग ले रहे हैं।

