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कोल्हान की गीता कोडा के बाद अब संथाल की सीता सोरेन के द्वारा कमल की सवारी करने की खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि आज दोपहर दो बजे सीता सोरेन औपचारिक रुप से भाजपा ज्वाईन करने की घोषणा कर सकती है. यहां बता दें कि लम्बे अर्से से सीता सोरेन का पार्टी से नाराजगी की खबर सामने आ रही थी. चंपाई मंत्रिमंडल विस्तार के वक्त भी सीता की नजर मंत्रिमंडल पर बनी हुई थी. लेकिन एन वक्त पर यह बाजी बसंत सोरेन के हाथ लगी और इसके बाद भी सीता सोरेन खामोशी की चादर ओढ़े हुई थी. और उनके द्वारा पार्टी के सभी पदों के साथ ही अपनी विधायकी से भी इस्तीफे देने की घोषणा की गयी है. अपने सुसर और झारखंड मुक्ति मोर्चा सुप्रीमो शिबू सोरेन को लिखे पत्र में अपने परिवार के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया है. साथ ही बुझे मन से अपने इस्तीफे की घोषणा की है.

सियासी गलियारों में गर्म था कयासों का बाजार
ध्यान रहे कि जब पश्चिमी सिंहभूम से सांसद गीता कोड़ा ने कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा की सवारी की थी, उस वक्त भी सियासी गलियारों में इस बात के दावे किये जा रहे थें कि गीता कोड़ा के साथ ही बाबूलाल का यह अभियान समाप्त नहीं होने जा रहा, हालांकि जिस तरीके इन खबरों के बीच भी गोड्डा सांसद निशिकांत सीता सोरेन पर आरोपों की बौछार कर रहे थें, इस बात का ताल ठोक रहे थें कि सीता सोरेन के साथ ही पूरा सोरेन परिवार भ्रष्टाचार में संलिप्त है. निशिकांत हाउस ट्रेडिंग का पुराना मामला भी उठा रहे थें और इस बात का दावा ठोक रहे थें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीता के खिलाफ जांच का रास्ता साफ हो गया है, आज नहीं तो कल उनका जेल जाना तय है. अब देखना होगा कि पलटी के बाद भी क्या निशिकांत सीता के खिलाफ जांच की मांग कायम रहते हैं या फिर कमल की इस सवारी के साथ ही सारे मामले दफन हो जाते हैं.

इस पलटी के बाद क्या आसान होने जा रहा है संताल में भाजपा की राह
यहां ध्यान रहे कि संताल में विधान सभा की कुल 16 सीटें आती हैं, जिसमें से छह पर झामुमो, तीन पर कांग्रेस और पांच पर भाजपा का कब्जा है. जबकि झाविमो के द्वारा जीती गयी दो सीटें भी भाजपा के साथ ही है. इस प्रकार संताल के कुल 16 विधान सभा में आज भाजपा के पास सात, जबकि 9 पर महागठबंधन का कब्जा है. हालांकि झामुमो कोटा से एक विधायक लोबिन हेम्ब्रम भी लगातार सरकार को निशाने पर लेते रहे हैं, और अब सीता भी भाजपा के साथ होने वाली है. इस नजरिये से देखे तो सीता के इस बगावत के बाद संताल में भाजपा एक ताकत से साथ सामने आती दिखती है। लेकिन यदि हम सामाजिक समीकरणोँ की बात करें, तो स्थिति बदली नजर आती है, और खासकर तब संताल की सियासत में सीता का कद इतना बड़ा नजर नहीं आता कि वह अपने दम पर कोई कमाल कर सकें, संताल की सियासत पर नजर रखने वालों का मानना है कि सीता की इस पलटी से झामुमो का जो सामाजिक आधार है. उसमें कोई सेंधमारी नहीं होने वाली, क्योंकि संताल की सियासत में सीता का यह सियासी सफर झामुमो के जनाधार के बल पर ही बढ़ता रहा है. इस हालत में भले ही सीता पलटी मार चुकी हों, लेकिन भाजपा के लिए अभी भी संताल का किले भेदना एक मुश्किल चुनौती है.

सुप्रीम कोर्ट ने आयुर्वेदिक कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण और योग गुरु रामदेव को सुनवाई की अगली तारीख पर पेश होने के लिए कहा है। दरअसल, बीमारियों के इलाज पर भ्रामक विज्ञापनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि और बालकृष्ण को अवमानना का नोटिस भेजकर जवाब मांगा था, जिसका इन लोगों ने जवाब नहीं दिया।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने कंपनी और बालकृष्ण की अदालत द्वारा पहले जारी नोटिसों पर जवाब दाखिल करने में विफल रहने पर कड़ी आपत्ति जताई। पीठ ने रामदेव को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए।

पहले लग चुकी है फटकार
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने योगगुरु रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद को उसके उत्पादों के बारे में न्यायालय में दिए गए पूर्व के आश्वासनों के उल्लंघन और दवाओं के असर से जुड़े गलत दावों के मामले में कड़ी फटकार लगाई थी। न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति ए अमानुल्लाह की पीठ ने पतंजलि आयुर्वेद और उसके प्रबंध निदेशक को नोटिस जारी कर पूछा था कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जाए।


कर्नाटक के बेंगलुरु में कथित तौर पर हनुमान चालीसा सुनने पर एक शख्स की पिटाई के मामले में बीजेपी नेता टी राजा सिंह का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि रोड पर नमाज पढ़ सकते हैं, लेकिन दुकान के अंदर हनुमान चालीसा नहीं सुन सकते हैं.
उन्होंने सोमवार (18 मार्च) को अपने X हैंडल से इस बारे में टिप्पणी की. इसके अलावा टी राजा सिंह ने एक वीडियो जारी कर विस्तार से प्रतिक्रिया दी है.
वीडियो मैसेज में टी राजा सिंह ने कहा, ”बेंगलुरु के अंदर एक छोटी सी मोबाइल की दुकान के अंदर एक हिंदू जोकि एक हनुमान भक्त था, वो कल शाम 6:00 बजे हनुमानजी के भजन सुन रहा था तो वहां के स्थानीय लोकल कुछ मुस्लिम उसकी दुकान के पास जाते हैं, आवाज बंद करने के लिए धमकाते हैं, वो नहीं सुनने पर उस पर हमला करते हैं.”

उन्होंने कहा, ”आज कर्नाटक में कोई हिंदू सुरक्षित नहीं है. ये कांग्रेस का राज है कर्नाटक में और इतिहास गवाह है जहां-जहां पर कांग्रेस की सरकार रही है वहां-वहां पर हिंदुओं पर अत्याचार ही हुआ है. तो आने वाले समय में कांग्रेस के राज में हिंदू सुरक्षित है या नहीं है, ये आज के हिंदुओं को सोचने और समझने की आवश्यकता है.”
सेक्युलरिज्म को लेकर टी राजा सिंह ने साधा विरोधियों पर निशाना
टी राजा सिंह ने कहा, ”कुछ ही दिन पहले दिल्ली में रोड पर रोड कब्जा करके नमाज पढ़ने वालों को एक पुलिस का अधिकारी जब हटाने की कोशिश करता है, नहीं सुनने पर जिस भाषा में वो लोग समझते हैं उस भाषा में वो पुलिस का अधिकारी उनको समझाने का प्रयत्न करता है तो तुरंत उस पुलिस के अधिकारी को सस्पेंड किया जाता है. तो अब मैं पूछना चाहता हूं उन सेक्युलरिज्म के नेताओं को कि क्यों इस पर बात नहीं कर रहे? क्यों इस पर आवाज नहीं उठा रहे हैं? क्यों? क्योंकि हिंदू मार खा रहा है, हिंदू पर जुल्म हो रहा है, इसलिए आवाज नहीं उठा रहे हैं?”

टी राजा ने हिंदुओं से की अपील- ‘उस हिंदू भाई के साथ खड़े रहें’
उन्होंने कहा, ”मैं कर्नाटक के हिंदुओं से ये निवेदन करना चाहूंगा कि उस हिंदू भाई के साथ खड़े रहें और जो लोगों ने उस हिंदुओं पर अत्याचार किया है, हमला किया है, जब तक वो लोग अरेस्ट नहीं हो जाते, एक अभियान चलाएं. ये मैं कर्नाटक के हिंदुओं से निवेदन करना चाहूंगा, साथ ही साथ भारत की जनता से निवेदन करना चाहूंगा कि सोचो अगर भूल से भारत में एक बार आ गए इस कांग्रेस की सरकार तो हिंदुओं का क्या होगा? इसलिए अगर हिंदुओं को सुरक्षित रहना है तो तीसरी बार भी भगवा सरकार भारत में बननी ही चाहिए.”

‘राइजिंग भारत 2024’ के मंच से केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि वह भाजपा का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे. नितिन गडकरी ने अपनी जीत कि भविष्यवाणी करते हुए कहा कि एनडीए इस बार 400 का आंकड़ा पार करेगा और पीएम मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे.

मैं अपने क्षेत्र में जितने लोग हैं, सबको परिवार समझता हूं. 10 सालों में मैंने जो काम किया है, उससे लोगों ने मेरा नाम भी जाना है और काम भी. मुझे पोस्टर और बैनर से प्रचार करने की जररूत नहीं. मुझे लोगों को वोट के बदले कुछ सेवा देने की जरूरत नहीं. मैं लोगों से मिलूंगा, लोगों के घर जाऊंगा और उनसे आशीर्वाद लूंगा. मैं हाउस टू हाउस और डोर टू डोर कैंपेन करूंगा.





जमशेदपुर : मानवाधिकार सहायता संघ अंतरराष्ट्रीय के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि यूनियन होम मिनिस्ट्री का डेटा से प्राप्त जानकारी अनुसार वर्ष 2019 से 2021 तक के दौरान साढ़े तेरह लाख लड़की गायब हुई है। इस पर भारतीय आंतरिक मामले सुरक्षा खुफिया एजेंसी के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। इस रहस्यमई रूप से गायब हुई लड़कियों के ऊपर क्या बीत रही होगी।

सुमन कारूवा ने इस रहस्यमई रूप से गायब हुई लड़कियों के मामले पर अंतरराष्ट्रीय महिला आयोग एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के द्वारा संज्ञान लेने की मांग की है, साथ ही इस मामले पर भारत सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गंभीरता पूर्वक आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है।
उन्होंने कहा कि रहस्यमई रूप से गायब हुई लड़कियों को कहां-कहां, किस – किस माध्यम से, किसके इशारे पर अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय गैंग गिरोह के द्वारा अपहरण कर अन्यत्र ले जाकर गायब करने का काम कर रही है। यह भारत सरकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। अब इस गोरखधंधे का रहस्य कब तक उजागर होगी। हमारे देश में विश्व के खुफिया एजेंसी विश्वस्तरीय होते हुए भी कामयाबी हासिल नहीं हुई है, यह चिंता का विषय है।


सुप्रीम कोर्ट आज यानी मंगलवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, जिसमें केंद्र को नागरिकता संशोधन नियम, 2024 के कार्यान्वयन पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की गई है, जब तक कि शीर्ष अदालत नागरिकता (संशोधन) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं कर लेती।
साल 2019 में सीएए प्रावधान पारित होने के बाद से इस मामले पर शीर्ष अदालत में 230 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गई हैं।
अधिसूचित नियमों पर रोक लगाने की मांग
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच मामले में सुनवाई करेगी। इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग (IUML) ने 12 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA), 2019 और 11 मार्च, 2024 को सरकार द्वारा अधिसूचित इसके नियमों पर रोक लगाने के लिए तत्काल सुनवाई की मांग की थी। लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी सीएए के प्रावधानों को लागू करने पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

गैर-मुस्लिम प्रवासियों को मिलेगी नागरिकता
गृह मंत्रालय ने 11 मार्च को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के नियमों के कार्यान्वयन को अधिसूचित किया था। यह कानून अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और पारसी शरणार्थियों के लिए इन देशों के वैध पासपोर्ट या भारतीय वीजा के बिना भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है।
IUML ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की है याचिका
केंद्र की ओर से सीएए के तहत नियम जारी करने के एक दिन बाद केरल के राजनीतिक दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने नियमों के कार्यान्वयन पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। आईयूएमएल ने मांग की कि विवादित कानून और नियमों पर रोक लगाई जाए और मुस्लिम समुदाय के उन लोगों के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाए जो इस कानून के लाभ से वंचित हैं। आईयूएमएलएल के अलावा अन्य पार्टियों और व्यक्तियों जैसे डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI), असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैका, असम से कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक ने भी आवेदन दायर किया है।

कुछ क्षेत्रों पर लागू नहीं होंगे ये नियम
नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 दिसंबर 2019 में संसद में पारित किया गया था। लोकसभा ने 9 दिसंबर को विधेयक पारित किया, जबकि राज्यसभा ने 11 दिसंबर को इसे पारित किया। अवैध प्रवासियों के लिए नागरिकता पर संशोधन कुछ क्षेत्रों पर लागू नहीं होंगे। इनमें संविधान की छठी अनुसूची में शामिल असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्र शामिल हैं। बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन 1873 के तहत जिन राज्यों में ‘इनर लाइन परमिट’ व्यवस्था लागू है, वहां भी सीएए लागू नहीं होगा। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड में ‘इनर लाइन परमिट’ की व्यवस्था लागू है।

लोकसभा चुनाव में अब सिर्फ कुछ ही समय बचा है. ऐसे में देश में सियासी माहौल चरम पर पहुंच गया है. इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस को लेकर एक बार फिर तंज कसा.
उन्होंने कहा है कि कांग्रेस को वोट देकर कोई फायदा नहीं है क्योंकि कोई अगर जीतता भी है तो वह बीजेपी में आ जाएगा. कांग्रेस के लोग कांग्रेस में रहेंगे या नहीं, इस पर भी संदे है. क्योंकि हर कोई बीजेपी में आना चाहता है.

उन्होंने करीमगंज जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस का कोई भी उम्मीदवार पार्टी में नहीं रहना चाहता, सभी को बीजेपी में शामिल होना है. एक को छोड़कर जितने भी उम्मीदवार कांग्रेस से जीतेंगे, मैं सबको बीजेपी में लाऊंगा.
उन्होंने कहा कि इस बार कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए वोट करेंगे. हम अल्पसंख्यकों के विकास के लिए काम कर रहे हैं. आज अल्पसंख्यक युवाओं को बिना रिश्वत दिए काम मिल रहा है. अल्पसंख्यक भी हमें वोट करेंगे. इस बार बीजेपी करीमगंज और नगांव सीटों पर भी जीतेगी.

बता दें कि पिछले हफ्ते चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान किया था. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए कहा था कि देश में आम चुनाव 7 चरणों में होंगे. चुनाव की प्रक्रिया 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून तक चलेगी. जबकि मतगणना 4 जून को होगी. देश के तीन राज्य यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल में सभी 7 चरणों में मतदान होगा.

जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र के पिपला इलाके के पास अनियंत्रित कार के पलटने से घायल तीन युवकों में से दो की मौत हो गयी. एक घायल की हालत गंभीर है. मरने वालों में टुइलाडुंगरी निवासी अस्मित छाबरा और दूसरा युवक मानगो का आशिफ कमाल है. घायल युवक शुभम है. बताया जाता है कि दोनों मृतक केरला समाजम मॉडल स्कूल साकची के 12वीं का छात्र था. इस साल ही इन लोगों ने परीक्षा दी थी और कार लेकर घुमने निकले थे. सोमावार की शाम करीब 5 बजे उनकी कार अचानक से पलट गयी. वे लोग घाटशिला की ओर से जमशेदपुर वापस आ रहे थे कि अचानक कार पलट गयी, जिससे दोनों दोस्त की मौत हो गयी.

एक युवक घायल है. तीनों को घायल हालत में तत्काल एमजीएम अस्पताल ले जाया गया था, जहां से टीएमएच रेफर कर दिया गया था, जहां दो को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है. घटना की जानकारी मिलने के बाद सबसे पहले अस्मित की मां मौके पर पहुंची और बेटे के शव को देखकर रोने लगी. उनके क्रंदन से हर लोगों की आंखे नम हो गयी. दोनों का पोस्टमार्टम कराया जायेगा.


लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में एनडीए के सीट शेयरिंग फॉर्मूला का सोमवार को ऐलान हो गया. सीट न मिलने केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस नाराज बताए जा रहे हैं. वे मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सकते हैं.
पशुपति पारस ने आज 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. इसमें वे आगे की रणनीति का ऐलान करेंगे.

लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में सोमवार को NDA में सीट शेयरिंग का ऐलान हुआ. बीजेपी 17 सीटों के साथ बड़े भाई की भूमिका रहेगी. जबकि 40 लोकसभा सीटों वाले बिहार में सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जदयू 16 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं, चिराग पासवान 5 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे. इसके अलावा एक-एक सीट उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की पार्टी के खाते में गई है. वहीं, केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस को एक भी सीट नहीं मिली है. एनडीए में सीट न मिलने से पशुपति पारस नाराज बताए जा रहे हैं.
पशुपति पारस ने पहले ही दिखा दिए थे बगावती तेवर
एनडीए में सीट न मिलता देख पशुपति पारस ने पहले ही बगावती तेवर दिखा दिए थे. हाल ही में पशुपति पारस ने बगावती तेवर दिखाते हुए कहा था, मैं पीएम मोदी का बहुत सम्मान करता हूं. हम 2014 से बहुत ईमानदारी से एनडीए का साथ देते आ रहे हैं. लेकिन हमारे साथ अन्याय हुआ है. हमें लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं दी गई. उन्होंने बीजेपी से लिस्ट पर दोबारा विचार करने की मांग की थी. इतना नहीं उन्होंने कहा था कि हमारे सामने विकल्प खुला था. पशुपति पारस ने कहा था, मैं बीजेपी की लिस्ट के बाद फैसला लूंगा.

हाजीपुर सीट पर फंसा पेच
पशुपति पारस बिहार की हाजीपुर सीट पर चुनाव लड़ने पर अड़े हैं. सूत्रों के मुताबिक, उन्हें राज्यपाल पद का ऑफर दिया गया था. हालांकि, वे इस पर राजी नहीं है. उधर, सीट शेयरिंग के बाद चिराग पासवान ने हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया. हाजीपुर सीट रामविलास पासवान की सीट रही है. अभी इस सीट से उनके भाई पशुपति पारस सांसद हैं.
