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गम्हारिया: बीते रविवार से सरायकेला जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में निकला तेंदुआ पांच दिनों बाद भी वन विभाग और जिला प्रशासन के पकड़ में नहीं आया है. तेंदुआ को पकड़ने के लिए कोलकाता से एक्सपर्ट को बुलाया गया है. बावजूद इसके तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है. अंतिम बार तेंदुआ मंगलवार को बेबको और इंडिगो कंपनी के सीसीटीवी कैमरे में नजर आया उसके बाद से अफवाहों का बाजार गर्म है.

कोई तेंदुआ को कहीं देखे जाने की बात सोशल मीडिया पर फैलाता है तो कोई तेंदुए को रिहायशी इलाकों देखे जाने का विडियो शेयर कर भ्रम फैला रहा है जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है. वन विभाग की पांच टीम तेंदुआ को ढूंढने में लगी है मगर तेंदुआ का सुराग नहीं लगा है. इधर गुरुवार की सुबह गम्हरिया बाजार में मुर्गा मरा हुआ मिला जिसके बाद इस बात का अफवाह फैला कि तेंदुआ गम्हरिया बाजार में पहुंचा था.
इसकी जांच करने पहुंची वन विभाग की टीम ने इसे सिरे से खारिज करते हुए इसे बिल्ली या कुत्ते द्वारा किया गया हरकत बताया. कुल मिलाकर कहें तो रविवार और सोमवार के बाद तेंदुआ को किसी ने नहीं देखा है, मगर इलाके में अफवाहों की वजह से लोग दहशत के साए में जी रहे हैं.


देशभर में लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू करवाने के लिए चुनाव आयोग लगातार निर्देश जारी कर रहा है. इस बीच चुनाव आयोग ने बुधवार (20 मार्च) को वोटरों को लुभाने के लिए लगाए गए तमाम पार्टियों के होर्डिंग, बैनर और पोस्टर 24 घंटे में के भीतर हटाने का आदेश दिया है.
निर्वाचन आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए राज्यों को सरकारी और निजी संपत्तियों से अनधिकृत विज्ञापनों को हटाने के निर्देश को लेकर गुरुवार (21 मार्च) शाम तक अमल की रिपोर्ट भी दाखिल करने को कहा है. चुनाव आयोग ने कैबिनेट सचिव के साथ देश के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर रेलवे स्टेशन से लेकर एयरपोर्ट, सरकारी बसों से लेकर सरकारी भवनों पर लगे सभी सियासी विज्ञापनों को तत्काल हटवाने के निर्देश जारी किए हैं.

शोभा करंदलाजे पर होगी कार्रवाई
चुनाव आयोग ने केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे के खिलाफ बयान के खिलाफ डीएमके की शिकायत का संज्ञान लेते हुए राज चुनाव आयुक्त से नियमों के तहत उचित कार्रवाई करने का निर्देश भी जारी किया. केंद्रीय चुनाव आयोग ने राज्य चुनाव आयुक्त से कहा कि नियमों के हिसाब से उचित कार्रवाई कर 48 घंटे के भीतर केंद्रीय चुनाव आयोग को जानकारी दें. शोभा करंदलाजे ने कहा था कि बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में हुए ब्लास्ट में तमिलनाडु के लोगों का हाथ था. उनके इस बयान पर काफी राजनीतिक बवाल भी हुआ था. हालांकि, बाद में शोभा करंदलाजे ने अपने बयान को लेकर माफी भी मांगी थी.
हिमाचल प्रदेश में नहीं मिलेगी सरकारी योजनाओं को नई मंजूरी
केंद्रीय चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में सरकारी योजनाओं के लिए नई मंजूरी रोकने का भी आदेश जारी किया. इस आदेश में कहा गया है, ”आयोग की पूर्व अनुमति के बिना राज्य के किसी भी हिस्से में जहां चुनाव चल रहा है, कल्याणकारी योजनाओं और कार्यों पर कोई नई धनराशि जारी नहीं की जानी चाहिए या कार्यों के अनुबंध नहीं दिए जाने चाहिए.”

इससे पहले 19 मार्च को बीजेपी ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए राज्य चुनाव आयोग में कांग्रेस के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज कराई थीं. बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस की ओर से मतदाताओं को लुभाने के लिए इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के तहत 1,500 रुपये प्रति माह पाने के लिए फॉर्म भरे जा रहे हैं.
बीजेपी ने लगाए गंभीर आरोप
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने बीजेपी प्रतिनिधिमंडल के साथ शिमला में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दो शिकायतें दर्ज कराईं. जय राम ठाकुर ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर महिलाओं को 1500 रुपये मानदेय का लाभ देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी एजेंसियां योजनाओं के लिए फॉर्म भर रही हैं और उनका उपयोग कर रही हैं, जिनमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तस्वीरें हैं.

जमशेदपुर:- भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में लौहनगरी के युवा सिख नेता जन अभियान चलाएंगे। इस आशय की पूर्ति के लिए सामाजिक एवं धार्मिक संगठन से जुड़े लोगों तक पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कार्यों को उनके समक्ष रखेंगे।
युवा सिख नेता सतबीर सिंह सोमू, चंचल सिंह भाटिया, रविंद्र सिंह रिंकू सरीखे नेताओं ने कहा कि केवल जमशेदपुर नहीं बल्कि रांची हजारीबाग बोकारो के साथ उड़ीसा के राउरकेला भुनेश्वर कटक पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, आसनसोल, बर्नपुर में रहने वाले सिख परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे और उन्हें भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील करेंगे।

सतवीर सिंह सोमू के अनुसार जमशेदपुर में होनहार साथी विद्युत वरण महतो को पार्टी नेतृत्व ने तीसरी बार मैदान में उतारा है और उनकी जीत का रिकॉर्ड पूरे देश में बनेगा। पिछली बार में 3 लाख से ज्यादा मतों से जीते थे और इस बार अंतर का आंकड़ा 5 लाख से पार होगा।
इस सिख नेता के अनुसार कुछ लोग धार्मिक मुद्दों के आधार पर भड़का रहे हैं लेकिन उनका कोई जोर नहीं चलेगा।
नरेंद्र भाई मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जो बिना ताम झाम के एक आम श्रद्धालु की तरह गुरुद्वारों में खामोशी के साथ जाते हैं। नतमस्तक होते हैं और देश दुनिया की खुशहाली मांगते हैं। ऐसा दृश्य अनेकों बार देखा गया है।
गुरु तेग बहादुर की शहादत से पूरे भारत ही नहीं पूरी दुनिया को उन्होंने अवगत कराया है। सरकारी स्तर पर गुरु तेग बहादुर जी की शहादत, गुरु गोबिंद सिंह के चारों शहीद बेटों का शहीद बाल दिवस के तौर पर राष्ट्रीय दिवस, पाकिस्तान के करतारपुर गुरुद्वारा साहब के लिए कॉरिडोर निर्माण, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष पहली बार किसी सिख को बनाना, कई राज्यों में सिख को राज्यपाल बनाना, सिखों के प्रति उनके आदर समर्पण भाव को दिखाता है।
ऐसे में अब सिखों का यह नैतिक दायित्व है कि वह उनके द्वारा किए गए कामों से आम लोगों को अवगत कराए।
सतबीर सिंह सोमू एवं चंचल भाटिया के अनुसार झारखंड उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के स्तर पर सिखों की टीम बन रही है। जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं पंजाब भी जाएगी।



राइजिंग भारत समिट में शिरकत करने के लिए पहुंचे. राइजिंग भारत समिट के मंच से उन्होंने भ्रष्टाचार और इसमें शामिल लोगों पर तीखा हमला बोला.
उन्होंने कहा कि 2014 के पहले हालात कुछ ऐसे थे कि घर-घर में भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा था. देश की साख गिर रही थी. तब की सरकार झूठे तर्कों के आधार पर अपने घोटालों का बचाव करने में जुटी रहती थी. आज देश की स्थिति बिलकुल अलग है. आज सरकार भ्रष्टाचार पर कार्रवाई कर रही है. साथ ही जो भी कार्रवाई की जा रही है, उसका पूरा हिसाब भी दे रही है.

पीएम मोदी ने कहा कि इस समय भ्रष्टाचारी खुद झूठ बोल-बोलकर बचाव की मुद्रा में हैं. पहले आम लोग पूछते थे कि सत्ता में बैठे हुए पावरफुल लोगों पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी, केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई जैसी एजेंसियां कार्रवाई क्यों नहीं करती हैं? आज पावरफुल और भ्रष्ट लोग पूछ रहे हैं कि एजेंसियां उन पर कार्रवाई क्यों कर रही हैं? उन्होंने कहा कि बीते 10 साल में देश के अंदर ये बड़ा अंतर आया है. साथ ही कहा कि अगर सरकार की नीयत सही होगी तो काम भी सही ही होगा.
‘हमने सरकारी दफ्तरों को सत्ता के बजाय सेवा का केंद्र बनाया’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार पर कार्रवाई मेरी प्रतिबद्धता है. इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में भ्रष्टाचार इसलिए भी अधिक था क्योंकि सरकारी दफ्तर सर्विस सेंटर के बजाय पावर सेंटर बन गए थे. हर काम के लिए देशवासियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे. हमने सरकारी दफ्तरों को सत्ता के बजाय सेवा का केंद्र बनाया. इसके लिए हमने ज्यादा से ज्यादा सरकारी सेवाओं को फेसलेस करने का काम किया. हमने पूरी कोशिश की है कि बिल से लेकर टैक्स जमा करने तक की सभी सेवाएं ऑनलाइन हों.

‘टेक्नोलॉजी से भी किया जा रहा है भ्रष्टाचारियों का इलाज’
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार तिकड़में और दिमाग लगाने वाले भ्रष्टाचारियों का इलाज टेक्नोलॉजी से भी कर रही है. तकनीक के इस्तेमाल से आज भ्रष्टाचारियों की धरपकड़ आसान हुई है. आज कैश और मनीट्रेल को छुपाना मुश्किल हो गया है. इसीलिए किसी सरकारी बाबू के घर, बिस्तर और दीवारों से नोटों की गड्डियां निकलती हैं. कभी टीएमसी के किसी मंत्री के घर से करोड़ों के नोटों की गड्डियां निकलती हैं. कभी कांग्रेस के किसी सांसद के घर से सैकड़ों रुपये की गड्डियां निकलती हैं. इसलिए अब चारों तरफ भ्रष्टाचारियों में बौखलाहट नजर आती है.
पीएम मोदी ने पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार पर बोला हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘देश के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से 1 रुपया भेजता हूं तो सिर्फ 15 पैसा गांव के गरीब तक पहुंचता था. साफ है कि सरकारी खजाने से पैसा निकल तो रहा था, लेकिन जा किसी और की जेब में जा रहा था. ये ऐसा भ्रष्टाचार था, जो सीधे सामान्य लोगों पर बुरा असर डाल रहा था.’ उन्होंने कहा कि मनरेगा का पैसा सरकारी खजाने से निकलता था, लेकिन मजदूर को मजदूरी नहीं मिलती थी. गैस की सब्सिडी किसी और के खाते में पहुंच जाती थी. अपनी स्कॉलरशिप पाने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ती थी.
‘हमने त्रिशक्ति बनाकर सरकारी खजाने की लूट को बंद किया’
पीएम मोदी ने कहा कि 10 साल पहले तक जो सरकार में थे, उनकी राजनीति को ये भ्रष्टाचार सूट करता था. लेकिन, हमने सरकारी खजाने की लूट को पूरी तरह से बंद कर दिया. हमने जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति बनाई. वहीं, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के जरिये 34 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंचाए. अगर पहले वाला हाल होता तो 27 से 28 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों तक पहुंचते ही नहीं. हमने 10 करोड़ फर्जी लाभार्थियों के नाम सूचियों से हटाए हैं. उसका लाभ लेने वाले कभी मोदी की जय-जयकार नहीं करेंगे


‘राइजिंग भारत 2024’ के मंच से बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जब भी देश का इतिहास लिखा जाएगा, मोदी सरकार के इन 10 साल को स्वर्णिम अक्षर में लिखा जाएगा.
अमित शाह ने कहा कि भारत को दुनिया की तीसरी आर्थिक ताकत बनाना मोदी की गारंटी है और तीसरे कार्यकाल में यह पूरा किया जाएगा. अमित शाह ने कहा, ‘मोदी जी के शासन के ये 10 साल स्वर्णिम अक्षरों से अंकित होने वाले हैं. 10 साल में भारत की जनता अनुभव कर रही है कि देश की नई पहचान पूरी दुनिया के सामने खड़ी हुई है. देश का हर नागरिक सम्मान और गर्व के साथ कहता है कि हां मैं भारतीय हूं. दुनिया में जहां-जहां भी भारतीय पास्टपोर्ट के साथ कोई भी जाता है, इसका बड़ा सम्मान होता है.’

राइजिंग अमित शाह ने कहा, ’10 सालों में 60 करोड़ गरीब, जिनको 70 साल की आजादी के बाद भी बैंक अकाउंट नसीब नहीं हुआ था, घर में टॉयलेट-गैस नहीं था, बिजली नहीं मिली थी, नल से पानी नहीं आता था, खाने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी, स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं थीं…10 साल के अंदर हर एक को बैंक अकाउंट, हर एक घर में नल से जल, हर एक घर में शौचालय और हर एक घर में गैस और 60 करोड़ लोगों को 5 लाख तक की स्वास्थ्य की सारी सुविधाएं पूरी की है और हर गरीब को प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलो मुफ्त में मिल रहा है. एक तरह से इन 60 करोड़ लोगों को भारत के अर्थतंत्र के साथ जोड़ने का काम नरेंद्र मोदी जी ने किया है.’

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा, ‘तीसरे कार्यकाल का आशीर्वाद दे दीजिए, मोदी की गारंटी है कि हम दुनिया की तीसरी आर्थिक ताकत बनकर रहेंगे. 10 साल में भारत मैनुफैक्चरिंग का हब बना है, 10 सालों में डिजिटल क्रांति हुई है, 10 सालों में भारत के स्टार्टअप्स दुनिया में धूम मचा रही है. 10 सालों के भीतर भारत सुरक्षित हुआ है. आयदिन बम धमाके कर जाने वाले पड़ोसियों को संदेश दिया है. सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक करके, घर में घुसकर आतंकवाद का सफाया करने का दम भारत में है.’
अमित शाह ने कहा, ’10 साल के अंदर सालों पुराने मसले, जैसे- धारा 370 हटाना, 35ए हटाना, राम मंदिर का निर्माण करना, बाबा विश्वनाथ का कॉरिडोर बनाना, तीन तलाक समाप्त करना, सीएए लाना, यूसीसी लाना, ढेर सारे मसले जिसको छूने की कोई हिम्मत नहीं करता था, मोदी जी ने हिम्मत के साथ उसे निरस्त किया है और सुचारू रूप से शांति पूर्ण तरीके से जमीन पर उतारने का काम किया है. ये 10 साल भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी स्वर्णिण अक्षर से लिखे जाएंगे.’


दिल्ली में बीजेपी के साथ डील फाइनल होने के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पटना लौट आए हैं और अब वे जल्द ही क्षेत्र की जनता के बीच जाएंगे। कुशवाहा की नाराजगी की खबरों के बीच दिल्ली में बिहार बीजेपी के प्रभारी विनोद तावड़े ने उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी और बीजेपी की तरफ से नया ऑफर देने के बाद कुशवाहा मान गए थे हालांकि उन्होंने कहा है कि नाराजगी की कोई बात ही नहीं थी।
दरअसल, एनडीए में शामिल उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा को लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए सिर्फ एक सीट मिली है। सीटों के बंटवारे के बाद से कुशवाहा ने चुप्पी साध ली थी। माना जा रहा था कि सिर्फ एक सीट मिलने से कुशवाहा नाराज हैं। कुशवाहा की नाराजगी की खबर मीडिया में आने के बाद बिहार बीजेपी के प्रभारी विनोद तावड़े उनके आवास पहुंचे थे और डील पक्की कर दी। इस डील के मुताबिक बीजेपी ने बिहार में एमएलसी की एक सीट कुशवाहा को ऑफर की है।

पटना पहुंचने पर उपेन्द्र कुशवाहा ने अपनी सफाई दी है। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि नाराजगी जैसी बात दूर-दूर तक थी ही नहीं। मीडिया के लोग दिखा रहे थे कि नाराज हैं लेकिन कोई नाराजगी नहीं थी। एनडीए के साथ बात चल रही थी और हर पार्टी चाहती है कि अधिक से अधिक सीटें मिलें। बातचीत में जो चीजें तय हुई हैं अब तो पब्लिक डोमेन में है कि किस पार्टी का कितना शेयर तय हुआ है। सारी चीजें तय हो गई हैं, हम लोग बिहार में सभी चालीस सीटों पर कैसे जीतें इस संकल्प को पूरा करने के लिए जनता के बीच में जा रहे हैं।
इंडी गठबंधन की तरफ से उम्मीदवारों के चयन के लिए लालू प्रसाद को अधिकृत किए जाने पर कुशवाहा ने कहा है कि विपक्ष के लोगों को भी अच्छी तरह से पता है कि रिजल्ट क्या आने वाला है। उन लोगों को पता है कि नरेंद्र मोदी ही इस बार भी देख के प्रधानमंत्री बनेंगे। देश की जनता के साथ साथ बिहार की जनता ने भी सभी 40 की 40 सीटें एनडीए के खाते में देने का मन बना लिया है। महागठबंधन के लोग क्या करेंगे इसका कोई मतलब नहीं है।

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सुलह के सवाल पर कुशवाहा ने कहा कि हम तो पहले से कह रहे थे कि नीतीश कुमार गलत जगह चले गए हैं और अब जब गलत जगह से वापस लौट आएं हैं तो स्वभाविक रूप से यह खुशी की बात है। अब हम सबलोग एक साथ हैं और जनता के बीच जा रहे हैं। पिछले चुनावों से अधिक मार्जिन से इसबार सभी 40 सीटों पर एनडीए गठबंधन जीतेगा।






जमशेदपुर : देश भर के पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए लगातार संघर्षरत रहने वाली संस्था आल इंडिया स्माल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया एक बार फिर बिहार की कानून व्यवस्था पर हमलावर है . मामला रविवार को बिहार के नालंदा जिले में पत्रकार दीपक विश्वकर्मा पर अपराधियों द्वारा दिन दहाड़े गोली चालन का है . रविवार की शाम दीपक विश्वकर्मा अपनी पत्नी के साथ राजगीर से बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे. इसी बीच नालंदा थाना और दीपनगर थाना क्षेत्र के बॉर्डर पर अज्ञात अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी.

दीपक विश्वकर्मा की पत्नी रागिनी विश्वकर्मा ने बताया कि वह अपने पति के साथ बाइक पर सवार होकर राजगीर से घर लौट रही थी। इसी बीच अचानक राजगीर-बिहारशरीफ मुख्य मार्ग पर बदमाशों ने पति के ऊपर गोली चला दी. गोली लगते ही दोनों सड़क किनारे गड्ढे में गिर गए खून से लथपथ हालत में स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया.
प्रीतम भाटिया ने बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल करते हुए कहा की अब बिहार में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं . उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए यह भी कहा की पत्रकरों पर हमला करने वाले अपराधियों का पुलिस सीधे एनकाउंटर करे . साथ ही बिहार और झारखण्ड में पत्रकार आयोग का गठन हो और साथ -साथ पत्रकार सुरक्षा कानून भी लागू किया जाये . उन्होंने कहा की पूरा संगठन दीपक विश्वकर्मा के परिवार के साथ खड़ा है . पत्रकारों पर होने वाले जुल्म का हर तरीके से विरोध किया जायगा .
उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा है की ,देश के सभी राज्यों में पत्रकार आयोग का गठन कर सुरक्षा कानून लागु हो . पत्रकरों को निशाना बनाने वाले अपराधियों का सीधे एनकाउंटर हो .



लोकपाल ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा के खिलाफ जांच के आदेश दिए. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) धारा 20(3)(ए) के तहत यह जांच करेगी। लोकपाल ने अपने आदेश में कहा कि जांच की रिपोर्ट 6 महीने के भीतर दाखिल की जानी चाहिए।
जांच एजेंसी द्वारा समय-समय पर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी: लोकपाल लोकपाल ने अपने आदेश में कहा, “हम धारा 20(3)(ए) के तहत सीबीआई को शिकायत में लगाए गए आरोपों के सभी पहलुओं की जांच करने और 6 महीने की अवधि के भीतर जांच रिपोर्ट की एक प्रति जमा करने का निर्देश देते हैं।” लोकपाल ने सीबीआई को इस मामले में समय-समय पर अंतरिम रिपोर्ट दाखिल करने का भी आदेश दिया है. उन्हें हर महीने भ्रष्टाचार निरोधक लोकपाल को जांच की स्थिति बतानी होगी। दरअसल लोकपाल के आदेश पर सीबीआई पहले से ही मोइत्रा के खिलाफ प्रारंभिक जांच कर रही है। इनमें कैश फॉर क्वेरी घोटाला भी शामिल है।


महुआ मोइत्रा पर आरोप महुआ मोइत्रा पर मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी के कहने पर गौतम अडानी को निशाना बनाते हुए संसद में सवाल पूछे थे. हालांकि टीएमसी नेता ने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि अडानी समूह के अवैध सौदों पर सवाल उठाने के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
हालाँकि जांच के दौरान उसने बताया कि उसने अपने संसदीय लॉगिन क्रेडेंशियल हीरानंदानी के साथ साझा किए थे। उन्होंने बिजनेसमैन को अपना ‘दोस्त’ बताया। जब हिरणंदानी से पूछताछ की गई तो उन्होंने इस बात से भी इनकार नहीं किया कि उन्होंने मोइत्रा के लॉगिन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल किया था। उन्होंने संसद के निचले सदन में जमा किए गए एक हस्ताक्षरित हलफनामे में स्वीकार किया कि उन्होंने वास्तव में अदानी के खिलाफ सवाल उठाने के लिए मोइत्रा के लॉगिन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल किया था। हीरानंदानी ने कथित तौर पर ऐसा तब किया जब सरकार द्वारा संचालित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का हीरानंदानी समूह के बजाय अडानी के साथ सौदा हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘स्टार्टअप महाकुंभ’ को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में वे उद्यमियों और सभी हितधारकों से बात करेंगे। कार्यक्रम के बारे में पीएम मोदी ने एक्स पर ट्वीट करते हुए जानकारी दी।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि स्टार्टअप की दुनिया में भारत की प्रगति पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व रही है। ट्वीट में पीएम ने आगे कहा कि आज सुबह 10:30 बजे, मैं स्टार्टअप महाकुंभ को संबोधि करुंगा। बता दें, स्टार्टअप महाकुंभ एक मंच है, जो स्टार्टअप, इनोवेटर्स और उभरते उद्यमियों को एक साथ लाता है।

कार्यक्रम का थीम- भारत इनोवेट्स
स्टार्टअप महाकुंभ- 2024 का शुभारंभ 18 मार्च को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ था। कार्यक्रम का थीम है- भारत इनोवेट्स। स्टार्टअप महाकुंभ भारत का सबसे बड़ा और अपनी तरह का पहला स्टार्टअप इवेंट है। वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि हितधारकों और विशेषज्ञों के संगम से डीपटेक, एग्रीटेक, बायोटेक, मेडटेक, एआई, गेमिंग आदि जैसे उभरते क्षेत्रों को और विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम 2000 से अधिक स्टार्टअप, 1000+ निवेशक, 100+ यूनिकॉर्न, 300+ इनक्यूबेटर और एक्सेलेरेटर की मेजबानी कर रहा है। 3,000 से अधिक सम्मेलन प्रतिनिधि, 10 से अधिक देश के प्रतिनिधिमंडल, 3000 से अधिक भावी उद्यमी और देश भर से 50,000 से अधिक व्यापारिक मेहमान कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

