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चाईबासा : वर्ष 1973 में दुनिया ने अपना पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया। हर साल, विश्व पर्यावरण दिवस एक विशिष्ट थीम के साथ मनाया जाता है, जिसका लक्ष्य तात्कालिक समस्याओं – जलवायु परिवर्तन से लेकर ग्लोबल वार्मिंग से लेकर वनों की कटाई तक है। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस का थीम भूमि पुनर्स्थापन, मरुस्थलीकरण और सूखा/परती जमीन है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2024 हेतु निर्धारित थीम के आधार पर नगर परिषद् के प्रशासक प्रतिभा रानी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के दिन शमशान काली मंदिर के समिप डम्प साइट स्थल पर भूमि के पुनर्स्थापन हेतु वृक्षारोपण कार्यक्रम संपादित किया गया। प्रशासक ने पर्यावरण को बचाने के लिए पाँच प्रकार के ‘R’ Refuse (इनकार), Reduce (कम उपयोग ), Reuse (पुन: उपयोग), Repurpose (पुन: प्रयोजन) और Recycle (पुन: चक्रण) के बारे में बताया। प्रशासक द्वारा बताया गया कि साफ सफाई हेतु चयनित एजेन्सी पायोनियर के कर्मिगणों द्वारा कम्पोस्ट पीट के माध्यम से जैविक खाद तैयार किया जा रहा है।

प्रशासक द्वारा वृक्षारोपण के उपरांत शमशान काली मंदिर परिसर में खेल प्रेमी सदस्यों, नगर परिषद् के ब्रांड एम्बेसडरों तथा नगर परिषद् के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पक्षियों के दाना पानी हेतु दो मिट्टी के पात्र एवं आने वाले आगन्तुकों के लिए दो मिट्टी के घडे स्थापीत किये गए। साथ ही, सभी 21 वार्डों में दो-दो मिट्टी के पात्र स्थापित कर वार्ड वासियों से अपिल किया की प्रतिदिन पक्षियों को शीतल जल एवं एक मुठ्ठी अनाज दान करेंगे। कार्यक्रम में सम्मिलित सभी सदस्यों के बीच पर्यावरण संरक्षण हेतु क्वीज कम्पटीशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी गणमान्यों एवं सदस्यों को प्रशासक द्वारा एक-एक नीम का पौधा तथा कम्पोस्ट पीट से तैयार किये गये कम्पोस्ट खाद वृक्षारोपण हेतु उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम में HDFC बैंक द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में HDFC बैंक प्रतिनिधि, पायोनियर के प्रतिनिधि एवं कर्मिगण, खेल प्रेमी समिति के सदस्यगण, नगर परिषद् के ब्रांड एम्बेसडर्स, नगर प्रबंधक संतोष बेदिया, लोकेश सिंह, नगर मिशन प्रबंधक राकेश आनन्द, सभी कर्मिगण तथा सभी सीआरपी उपस्थित रहकर भाग लिये।


लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे सामने आ चुके हैं. बीजेपी अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाई है. मगर एनडीए ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. आज सुबह मोदी कैबिनेट की आखिरी बैठक हुई. इस बैठक में 17वीं लोकसभा भंग करने पर फैसला लिया गया. बैठक खत्म होने के बाद पीएम मोदी कैबिनेट के फैसले की जानकारी और अपना इस्तीफा देने राष्ट्रपति भवन पहुंचे.

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंपा. सात जून को संसद के सेंट्रल हॉल में एनडीए सांसदों की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में पीएम मोदी को बीजेपी और एनडीए के संसदीय दल का नेता चुना जाएगा. इसके बाद पीएम मोदी का संबोधन होगा. इसके बाद पीएम मोदी एनडीए सहयोगियों के साथ राष्ट्रपति से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. अगले दिन 8 जून को शाम को शपथ ग्रहण होगा.



लोकसभा चुनाव की तस्वीर अब साफ हो चुकी है। बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए ने बहुमत तो पा ली है लेकिन बीजेपी अकेले अभूमत के आंकड़े से दूर रह गई है। ऐसे में बीजेपी को सरकार बनाने के लिए अपने सहयोगी दलों, तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) पर निर्भर होना पड़ रहा है। ऐसे में ये चर्चा तेज है कि विपक्षी गठबंधन के सहयोगी दल रह चुके जेडीयू और टीडीपी एकबार फिर अपने पुराने गठबंधन में लौट सकते हैं।
पाला बदलने की इन खबरों के बीच टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू का बयान सामने आया है। उन्होंने पाला बदलने की सभी संभावनाओं से इनकार करते हुए एनडीए के साथ बने रहने की बात की है। उनका कहना है कि उनकी वफादारी एनडीए के साथ बनी रहेगी।

चंद्रबाबू नायडू एनडीए बैठक के लिए आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से दिल्ली के लिए रवाना हुए
टीडीपी और उसके सहयोगियों ने आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव में 175 सदस्यीय राज्य विधानसभा में 164 सीटें जीतकर भारी जनादेश हासिल किया। जबकि लोकसभा चुनाव में टीडीपी को आंध्रा में 25 में से कुल 16 सीटें मिली हैं।
‘एनडीए के साथ रहेगी हमारी वफादारी’
अमरावती के उंदावल्ली स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए नायडू ने टीडीपी को इंडिया ब्लॉक गठबंधन से निमंत्रण मिलने की अटकलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
नायडू ने कहा, “मैं कई वर्षों से राजनीति में हूं और मैंने देश में कई राजनीतिक बदलाव देखे हैं। हम एनडीए में हैं और मैं एनडीए सहयोगियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए आज दोपहर नई दिल्ली जा रहा हूं। नई दिल्ली से लौटने के बाद मैं आपको सारी जानकारी बताऊंगा।”
टीडीपी प्रमुख ने विधानसभा चुनाव में होनी जीत का श्रेय अपने गठबंधन सहयोगियों, भाजपा और जनसेना पार्टी (जेएसपी) को दिया है। उन्होंने कहा, “यह एक संयुक्त प्रयास है, और हम सभी समान हैं। मैं सत्ता विरोधी वोटों के बंटवारे को रोकने के लिए गठबंधन बनाने की पहल करने के लिए जन सेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण को धन्यवाद देता हूं। भाजपा भी लोकतंत्र बचाने के मिशन में शामिल हो गई।”

’45 साल के राजनीतिक जीवन में यह चुनाव ऐतिहासिक’
विधानसभा चुनाव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अपने 45 साल के राजनीतिक करियर में जितने भी चुनाव देखे उसमें से यह चुनाव एक ऐतिहासिक चुनाव था। नायडू ने कहा कि 1994 के बाद यह सबसे बड़ा जनादेश था जब टीडीपी भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई थी और सदन में विपक्ष का कोई नेता नहीं था।
उन्होंने कहा, “एनडीए को 55.38% वोट मिले, जिसमें टीडीपी को 45.60% वोट मिले, जबकि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को केवल 39.37% वोट शेयर मिले।” उन्होंने बताया कि विदेशों से भी मतदाता वोट देने के लिए अपने गृहनगर लौट आए। उन्होंने कहा, “जो लोग काम की तलाश में पड़ोसी राज्यों में गए थे वे भी वोट डालने के लिए अपने गांव वापस आए। मैं हर उस मतदाता को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने टीडीपी और सहयोगियों पर भरोसा जताया।”
पार्टी और गठबंधन पर भरोषा जताने के लिए किया जनता का धन्यवाद
नायडू ने एकजुट रहने और टीडीपी की जीत सुनिश्चित करने के लिए अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने आगे कहा, “ऐसी स्थिति में भी जब उन्हें जय जगन कहने के लिए परेशान किया गया, वे अपने “जय टीडीपी” और “जय चंद्रबाबू” नारे पर अड़े रहे। हमने पिछले पांच साल लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए बिताए, हम आज सफल हुए हैं।”

नायडू ने जोर देकर कहा कि अंततः लोगों की जीत होनी चाहिए और राज्य के विकास के लिए खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम राज्य पर जिम्मेदार तरीके से शासन करेंगे और आंध्र प्रदेश का पुनर्निर्माण करेंगे और उसका गौरव बहाल करेंगे।”
टीडीपी ने विधानसभा चुनाव में 135 तो लोकसभा में जीतीं 16 सीटें
175 सीटों में से, टीडीपी ने अकेले 135 सीटें जीतीं, जबकि सहयोगी जेएनपी को 21 और बीजेपी को 8 सीटें मिलीं हैं। युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) को 11 सीटें मिलीं। जबकि लोकसभा में, टीडीपी ने 16 सीटें जीतीं, बीजेपी को 3 और जेएनपी ने 2 सीटें जीतीं, जिससे गठबंधन की राज्य में कुल सीटें 21 हो गईं।

लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद छोटे सहयोगी दलों की निकल पड़ी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं, टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू भी दोपहर तक दिल्ली आने वाले हैं।

इस बीच सबसे बड़ी खबर महाराष्ट्र से आ रही है। शिवसेना (यूबीटी) चीफ ने परिणाम सामने आने के बाद अपनी रणनीति बदल ली है। वह इंडिया गठबंधन की आज शाम दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे।
वहीं, महाराष्ट्र से एक और बड़ी खबर यह है कि एनसीपी चीफ अजीत पवार भी एनडीए की बैठक से किनारा कर लिया है। हालांकि, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जरूर दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए मुंबई से आ रहे हैं।

आपको बता दें कि इंडिया गठबंधन में शामिल शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसद हैं। वहीं, एकनाथ शिंदे की शिवसेना के सात सांसद जीतकर संसद पहुंचने वाले हैं। अगर दोनों गुट फिर एकजुट हो जाता है तो दोनों के 16 सांसद हो जाएंगे। शिवसेना की एनडीए में वापसी बीजेपी के लिए भी राहत की खबर होगी।

इससे पहले चुनाव की शुरुआत से पहले भी उद्धव ठाकरे की वापसी की अटकलें लगती रही हैं। ऐसा कहा जाता है कि उद्धव ठाकरे और पीएम मोदी के संबंध काफी अच्छे हैं। बीजेपी बैक चैनल इस रिश्ते के बदौलत उद्धव की वापसी की कोशिश कर सकती है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद बुधवार को राज्यपाल रघुबर दास से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया। सीएम पटनायक अपने दो दशक से अधिक लंबे राजनीतिक करियर में पहली बार विधानसभा में विपक्ष की बेंच पर बैठेंगे।

पटनायक बुधवार सुबह राज्यपाल के घर गए और अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की पटनायक के आवास पर एक बैठक हुई जिसमें भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। पटनायक ने पहली बार 5 मार्च, 2000 को ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तब उनकी पार्टी अपने पिता और पूर्व सीएम बीजू पटनायक की लोकप्रियता पर सवार होकर सत्ता में आई थी।
नवीन पटनायक 24 साल तक सत्ता में रहने के बाद सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे। छठी बार मुख्यमंत्री बनने का उनका सपना सत्ता विरोधी लहर के कारण चकनाचूर हो गया। बीजद इस बार सिर्फ 51 सीटें ही हासिल कर पाई, जबकि 2019 के विधानसभा चुनाव में उसे 112 सीटें मिली थीं। भारतीय जनता पार्टी ने 147 सदस्यीय विधानसभा में 78 सीटें जीतकर बीजद से सत्ता छीन ली है।

मंगलवार 4 जून को लोकसभा चुनाव के साथ ओडिशा और आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे भी आए। दोनों राज्यों में मौजूदा सरकारों को सत्ता गंवानी पड़ी। ओडिशा में BJP को 147 में से 78, तो BJD को 51 सीटें मिलीं। राज्य में भाजपा पहली बार पूर्ण बहुमत से अकेले सरकार बनाएगी। भाजपा ने अब तक मुख्यमंत्री की घोषणा नहीं की है। पार्टी ने PM नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा। बहुत जल्द भाजपा नई सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है।


बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बुधवार को होने वाली बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मिल सकते हैं. पीएम मोदी इस दौरान सरकार गठन का समर्थन पत्र राष्ट्रपति मुर्मू को सौंप सकते हैं.
सूत्रों ने साथ ही कहा कि एनडीए सांसदों की बैठक शुक्रवार (7 जून, 2024) को संसद भवन में दोपहर 2.30 बजे होगी. इस मीटिंग में एनडीए (NDA) शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और विभिन्न पार्टी के अध्यक्ष मौजूद रहेंगे. इसके अगले दिन यानी 8 जून को नरेंद्र मोदी तीसरी बार लगातार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. ये शपथ ग्रहण कार्यक्रम शाम को 7 से 8 बजे के बीच हो सकता है.

नई सरकार कैसे होगी?
राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार नई सरकार की सूरत बदली-बदली नजर आ सकती है क्योंकि बीजेपी 2014 के बाद पहली बार बहुमत के जादुई आंकड़े 272 से पीछे रह गई है. इस कारण बीजेपी को एनडीए में शामिल अन्य दलों पर निर्भर रहना होगा.
किसे कितनी सीटें मिली?
बीजेपी के खाते में 240 सीटें गई है. तेलुगू देशम पार्टी (TDP) ने 16, जेडीयू ने 12, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 7 और चिराग पासवान नीत लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 5 सीटें जीती हैं. ये सरकार गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

एबीपी न्यूज़ को सूत्रों ने बताया कि इसको देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू और बिहार के सीएम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से संपर्क साधा है. हालांकि, जेडीयू और टीडीपी साफ कर चुकी है कि वो एनडीए में ही रहेगी.
किसने क्या कहा?
चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में कहा, ”आप चिंता मत करिए. आप न्यूज़ चाहते हैं. मैंने इस देश में कई राजनीतिक बदलाव देखे हैं, लेकिन मैं एनडीए में ही रहूंगा. मैं एनडीए की मीटिंग में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहा हूं.”



जमशेदपुर:- आज विश्व पर्यावरण दिवस पर समाजसेवी करनदीप सिंह ने अपने जम्को आजाद बस्ती स्थित घर के बगल बागान पर बच्चों के संग मिलकर पौधारोपण किया वहीं करनदीप सिंह ने बताया की पूर्वजों के समय से ही वृक्ष हमें फल , फूल आयुर्वेद आदि में सहायक रहा है। उन्होंने अपील की है की प्रदूषण करना बंद करो जीना शुरू करो प्रदूषण रोके प्राकृतिक की रक्षा करें अपने पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक पेड़ अवश्य लगाएं।

कार्यक्रम में फलदार वृक्ष के साथ-साथ शो पीस के भी पेड़ हम सब ने मिलकर लगाए। और वृक्ष हमारा जीवन दाता, विश पीकर अमृत बरसता इस संदेश को हमें सामाजिक स्तर पर ले जाना है। और साथ ही पर्यावरण दिवस पर बच्चों ने पोस्ट के माध्यम से लोगों से अपील भी की है की एक पेड़ अवश्य लगाएं सेव एनवायरनमेंट।




जमशेदपुर : बारीडीह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एवं केंद्रीय गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के उपाध्यक्ष कुलविंदर सिंह ने इंडी गठबंधन प्रत्याशी समीर कुमार मोहंती की करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार भगवान सिंह को इस्तीफा देने की सलाह दी है।
कुलविंदर सिंह के अनुसार शहर में ऐसा पहली बार हुआ जब सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी ने अपनी बैठक में समीर मोहंती को वोट देने का फैसला लिया। वह फैसला भी एक तरफा था और सभी प्रधान इस फैसले के साथ सहमत नहीं थे।

निजी हित, तुष्टि और पहचान के लिए प्रधान भगवान सिंह जिद पर उतर आए। यहां तक की झारखंड मुक्ति मोर्चा की चुनावी बैठकों और सभाओं में शामिल होकर इंडी गठबंधन के प्रत्याशी को वोट देने की अपील करते रहे। पूर्व में ऐसा किसी प्रधान ने नहीं किया था। ऐसा करते समय वे यह भूल गए कि कांग्रेस के खिलाफ सिखों की भावना है। वे अपने गुरुद्वारा मानगो के हाल में लगी तस्वीरें को देखें और सोचें कि उन्होंने क्या किया है? उनमें थोड़ी भी नैतिकता बची है तो वह अपने पद पर नहीं रहेंगे? उनको लगा था कि समीर मोहंती का चुनाव सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की चुनाव की तरह है जहां विपक्ष में कोई नहीं रहेगा और जैसा रिजल्ट वे चाहेंगे वैसा मिल जाएगा।

कुलविंदर सिंह के अनुसार जब लंगर में कमी होने से बारीडीह की संगत में बदनामी हुई और उन्हें पद से चले जाना चाहिए, यह दलील दी जाती है। यहां तो सरदार भगवान सिंह ने पूरी सिख कौम को दांव पर लगा दिया, यह उनके विवेक पर है कि वह बने रहते हैं अथवा पद छोड़ते हैं?
सरदार भगवान सिंह औद्योगिक शहर में किसानों की समस्या को लेकर चल रहे थे। उनके कारण सिखों के खिलाफ प्रतिक्रिया हुई और समीर महंती को नुकसान उठाना पड़ गया। उन्हें इतिहास से सबक लेना चाहिए था कि सिखों की गोलबंदी के कारण बलदेव सिंह, दीनानाथ पांडे, इंदर सिंह नामधारी, शैलेंद्र सिंह, कमलजीत कौर गिल को हार का मुंह देखना पड़ा था।



अयोध्या : लोकसभा चुनावों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। यूपी में बीजेपी को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा है। बीजेपी राम मंदिर के मुद्दे पर सत्ता में आई थी, लेकिन अयोध्या सीट से वह चुनाव हार गई। जिसके बाद चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया है, कुछ भाजपा के रणनीति के खिलाफ बोल रहे तो कुछ अयोध्या के जनता पर तंज कस रहे हैं। इस बीच हनुमान गढ़ी के महंत ने भी अपना दर्द अपने एक्स हैंडल के द्वारा बयान किया।

महंत राजूदास ने क्या कहा?
हनुमान गढ़ी के महंत राजूदास ने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, ‘अच्छा हुआ रामायण में रामजी रावण से युद्ध करने के लिए बंदरों और भालुओं को ही ले गए थे! अगर अयोध्या वालों को ले जाते तो सोने की लंका में सोने के चक्कर में रावण से भी समझौता कर लेते।’
अखिलेश यादव की भविष्यवाणी सच साबित हुई

अयोध्या में सपा उम्मीदवार अवधेश प्रसाद की जीत की भविष्यवाणी सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पहले ही कर दी थी। अखिलेश ने चुनाव प्रचार के दौरान ही कहा था कि सपा के उम्मीदवार (अवधेश प्रसाद) अब विधायक से सांसद बनने जा रहे हैं।

इस वाकये का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। दरअसल चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव अयोध्या में अवधेश प्रसाद के पक्ष में प्रचार करने गए थे। इस दौरान उन्होंने मंच से अवधेश प्रसाद की तरफ देखते हुए उन्हें पूर्व विधायक कहा था। हालांकि बाद में अखिलेश ने उनकी चिंता दूर करते हुए कहा कि पूर्व विधायक इसलिए कहा क्योंकि अब आप विधायक नहीं रहेंगे, अब आप सांसद बनने जा रहे हैं।


जमशेदपुर : लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम के बाद भाजपा समर्थकों में उत्साह और उल्लास देखते बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। वहीं जमशेदपुर लोकसभा से भी लगातार तीसरी बार विजयी होकर सांसद विद्युत वरण महतो ने भी इतिहास रच दिया है।


भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और जमशेदपुर लोकसभा के अल्पसंख्यक मोर्चा के सहप्रभारी रविंदर सिंह रिंकू ने विद्युत वरण महतो के हैट्रिक जीत पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी। रविंदर सिंह रिंकू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा को विजयी बनाने के लिए देश की जनता का बहुत बहुत धन्यवाद और साथ ही जमशेदपुर की ओजस्वी जनता का भी दिल से आभार कि उन्होंने अपना प्रेम मत के रूप में श्री विद्युत वरण महतो जी को दिया और उन्हें विजय बनाया। यह जीत सिर्फ भाजपा की नहीं बल्कि उन सभी लोगों का है जिन्होंने भाजपा के कार्यों को देखते हुए विश्वास किया और अपना अनमोल मत दिया। यह जीत जनता के विश्वास की जीत है, लोकतंत्र की जीत है।

श्री सिंह ने कहा कि यह दुख की बात कुछ क्षेत्र में भाजपा ने जीत दर्ज नहीं किया और यह चिंता का नहीं चिंतन का विषय है और हम इस पर चिंतन भी करेंगे कि आखिर जनता से जुड़ने में हमलोगों से क्या चूक हुई। लेकिन खुशी की बात यह है कि जनता के प्रेम और विश्वास की वजह से आज केंद्र और जमशेदपुर लोकसभा में भाजपा ने हैट्रिक जीत दर्ज की है। इस जीत के लिए मैं पुनः जमशेदपुर की जनता के साथ साथ पूरे देश को धन्यवाद कहता हूँ।