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जमशेदपुर।
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की दर्जनों महिलाओं ने आज जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंचकर अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने सीधे तौर पर अपने क्लस्टर के पदाधिकारियों को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया है कि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता और अन्य कल्याणकारी लाभों का सही तरीके से वितरण नहीं किया जा रहा है।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी वे अपनी जायज समस्याओं को लेकर क्लस्टर के पदाधिकारियों के पास जाती हैं, तो उनकी बातों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। अधिकारियों द्वारा सिर्फ खोखला आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है। महिलाओं ने यह भी खुलासा किया कि वे पहले भी इस गंभीर मुद्दे को लेकर डीसी कार्यालय के चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन लंबे समय के बाद भी अब तक उनकी समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
पीड़ित महिलाओं ने मीडिया को बताया कि जेएसएलपीएस (JSLPS) का मुख्य उद्देश्य समाज के अति पिछड़े, गरीब और जरूरतमंद वर्ग की महिलाओं को रोजगार से जोड़ना, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर करना है। लेकिन कुछ लापरवाह और असंवेदनशील पदाधिकारियों के कारण इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरा लाभ वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक नहीं पहुंच पा रहा है।
इस बार उपायुक्त से मुलाकात के दौरान महिलाओं की शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना गया। डिप्टी कमिश्नर ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता, पक्षपात या लापरवाही पाई जाती है, तो दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित महिलाओं को उनका हक व न्याय दिलाया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन की इस जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है और अपनी आजीविका के लिए संघर्ष कर रही इन गरीब महिलाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।
– तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर।
लॉ एंड ऑर्डर को चुनौती देते हुए अपराधियों ने एक बार फिर शहर में दुस्साहस दिखाया है। मानगो थाना क्षेत्र स्थित J.P. स्कूल के पास अज्ञात तत्वों ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में युवक के सिर पर बेहद गंभीर चोटें आई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, हमला इतना अचानक और जोरदार था कि युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वारदात के बाद युवक का सिर फट गया और मौके पर ही काफी खून बहने लगा, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद J.P. स्कूल के आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। अत्यधिक खून बह जाने के कारण युवक की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही मानगो थाने की पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमला किस विवाद को लेकर किया गया और इसमें कौन-कौन से अपराधी शामिल थे।
स्थानीय दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही, अपराधियों के हुलिए और उनके भागने के रूट का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
विशेष नोट: यह खबर प्रारंभिक सूचनाओं और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों पर आधारित है। पुलिस प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि और जांच में आने वाले नए तथ्यों के आधार पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
– तीसरी धारा न्यूज
रांची/जमशेदपुर | १७ जुलाई, २०२६
जमशेदपुर (विशेष रिपोर्टर)। झारखंड हाई कोर्ट ने वैवाहिक संबंधों और सोशल मीडिया के दौर में डिजिटल संवादों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल फेसबुक पर किसी संदेश के आने या सोशल मीडिया पर दोस्ती होने को ‘अवैध संबंध’ या ‘क्रूरता’ का सबूत नहीं माना जा सकता। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने चाईबासा के पारिवारिक न्यायालय (फैमिली कोर्ट) द्वारा दिए गए तलाक के फैसले को पलटते हुए शादी को बहाल करने का आदेश दिया है।
दरसअल, पत्नी ने चाईबासा पारिवारिक न्यायालय के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उस पर क्रूरता और अवैध संबंधों के आरोप लगाते हुए पति के पक्ष में तलाक की डिक्री दे दी गई थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने कहा:
”अवैध संबंध का आरोप किसी भी महिला या व्यक्ति पर सामाजिक रूप से बहुत गंभीर कलंक लगाता है। इसलिए, इतने संवेदनशील और गंभीर आरोप को सिर्फ संदेह या अधूरे सबूतों के आधार पर सच नहीं माना जा सकता।”
पारिवारिक न्यायालय ने जिस मुख्य आधार पर तलाक की अनुमति दी थी, उसे हाई कोर्ट ने पूरी तरह गलत ठहराया।

सुनवाई के दौरान पति ने पत्नी पर क्रूरता का आरोप लगाते हुए यह भी कहा था कि वह उसकी जेब से पैसे चुराती थी। इस पर हाई कोर्ट ने बेहद व्यावहारिक और गंभीर टिप्पणी की:
हाई कोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया की खामियों को भी उजागर किया। बेंच ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय ने कथित अवैध संबंध के आरोपी व्यक्ति को इस केस में पक्षकार (पार्टी) बनाए बिना ही फैसला सुना दिया। किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा से जुड़े इतने गंभीर मामले में, उस तीसरे व्यक्ति को बिना सुनवाई का अवसर दिए कोई भी टिप्पणी या फैसला करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
इसके अलावा, अदालत ने इस बात को भी दर्ज किया कि जब पत्नी वापस अपने पति के घर रहने गई, तो किराए के घर पर ताला लगा मिला और उसे जबरन अंदर जाने से रोका गया।
झारखंड हाई कोर्ट ने अंततः निष्कर्ष निकाला कि पति अपनी पत्नी के खिलाफ क्रूरता के आरोपों को साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। उल्टे, पति द्वारा पत्नी के चरित्र पर लगाए गए ऐसे निराधार आरोप खुद पत्नी के प्रति मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आते हैं। इसी आधार पर माननीय उच्च न्यायालय ने तलाक का फैसला रद्द कर दोनों के विवाह को पुनः बहाल करने का आदेश जारी किया।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर | १७ जुलाई, २०२६
जमशेदपुर (रिपोर्टर)। जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ तैनात टाइगर मोबाइल के एक पुलिस जवान पर एक महिला ने छेड़खानी का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने इस संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे दबाव बनाने की रणनीति बताया है।
एसएसपी को सौंपे गए शिकायती पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि संबंधित टाइगर मोबाइल जवान ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया और छेड़खानी की वारदात को अंजाम दिया। महिला का कहना है कि वह इस मामले में पूरी तरह न्याय चाहती है और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।
इस पूरे मामले पर जुगसलाई थाना प्रभारी का रुख बिल्कुल अलग है। उन्होंने महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद, मनगढ़ंत और भ्रामक करार दिया है।

शिकायत दर्ज होने के बाद मामला अब पुलिस के वरीय अधिकारियों की चौखट पर है। पुलिस प्रशासन ने पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है। उच्च अधिकारियों का कहना है कि:
”मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।”
टाइगर मोबाइल जवान पर छेड़खानी के आरोप और पुलिस द्वारा महिला को ड्रग पेडलर बताए जाने के बाद से स्थानीय क्षेत्र में यह मामला भारी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल, सभी की नजरें पुलिस प्रशासन की आधिकारिक जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाले अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर | १७ जुलाई, २०२६
जमशेदपुर (रिपोर्टर)। पर्यटन स्थल डिमना लेक में शुक्रवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ नहाने के दौरान डूबने से सोनारी कागलनगर निवासी 20 वर्षीय पीयूष सिंह की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक पीयूष सिंह एक स्थानीय होटल में शेफ का काम करता था। पीयूष का परिवार पहले से ही काफी संघर्षपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रहा था। लगभग 6 वर्ष पूर्व उसके पिता परिवार को छोड़कर चले गए थे, जिसके बाद से पीयूष ही कड़ी मेहनत कर अपनी माँ और छोटे भाई आयुष का भरण-पोषण कर रहा था। उसकी असमय मौत से माँ और भाई के सिर से रोजी-रोटी का इकलौता साया भी छिन गया है।
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए छोटे भाई आयुष ने बताया कि शुक्रवार सुबह दोनों भाई डिमना लेक घूमने आए थे। लेक के किनारे दोनों ने कुछ तस्वीरें खिंचवाईं और फिर नहाने के लिए पानी में उतर गए।
इसके बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय बोड़ाम थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद पीयूष का शव डैम से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।
”यह बेहद दुखद घटना है। पीड़ित परिवार इस समय गहरे सदमे में है। हम इस कठिन घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं और उन्हें हरसंभव सरकारी व व्यक्तिगत मदद सुनिश्चित कराई जाएगी।”
— सरयू राय, स्थानीय विधायक
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक सरयू राय तुरंत एमजीएम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित माँ और छोटे भाई से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सांत्वना दी। इधर, पोस्टमार्टम हाउस में मृतक की माँ और भाई की चीख-पुकार से वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं।
बोड़ाम थाना पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से पुरजोर अपील की है:
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर:
लौहनगरी जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शनिवार को साकची स्थित टिस्को वाटर टावर के समीप सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। राहगीरों की नजर जब सड़क किनारे पड़े शव पर पड़ी, तो वहां लोगों की भीड़ जुट गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय राहगीरों ने तुरंत इसकी जानकारी साकची थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही साकची थाना प्रभारी बल-मुस्तैद के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने तत्काल शव को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
शुरुआती जांच में मृतक के पास से ऐसा कोई भी सामान या दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसकी पहचान की जा सके। पुलिस घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों, स्थानीय निवासियों और राहगीरों से पूछताछ कर रही है ताकि मृतक की शिनाख्त की जा सके।
पुलिस ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज (MGM Medical College) भेजने की तैयारी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की तफ्तीश कर रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज।
सरायकेला खरसावां। राज्य में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा शुक्रवार को सरायकेला पहुँचीं। उनके साथ कोल्हान प्रक्षेत्र के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा भी मौजूद रहे। सरायकेला आगमन पर स्थानीय परिसदन (गेस्ट हाउस) में पुलिस अधिकारियों ने डीजीपी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।
दौरे के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने जिले में विधि व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर विभिन्न संवेदनशील मामलों और सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
बैठक को संबोधित करते हुए डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा:
”बदलते समय के अनुरूप पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सक्रिय और त्वरित बनाना बेहद आवश्यक है। पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति संवेदनशील और अपराधियों के प्रति सख्त होना चाहिए।”
प्रशासनिक और सुरक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही इस बैठक में सरायकेला के आरक्षी अधीक्षक (एसपी) मनोज सवगिरयरि, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अनुभव भारद्वाज, डीएसपी मुख्यालय सहित जिले के अन्य सभी वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जानकारों का मानना है कि डीजीपी के इस दौरे से जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी और पुलिसिंग के स्तर में सुधार आएगा।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क
सरायकेला/गम्हरिया:
सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला गम्हरिया से सामने आया है। जहां एक तरफ पिछले 8 महीनों से गरीब परिवार राशन में दाल मिलने का इंतजार कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के बीच बंटने वाला कई क्विंटल चना दाल सरकारी गोदाम में रखे-रखे सड़ कर बर्बाद हो गया। इस घटना ने प्रखंड आपूर्ति विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हैरानी की बात यह है कि इस प्रखंड में पिछले 8 महीने से कार्डधारियों को राशन में दाल नहीं दी जा रही थी। अधिकारियों द्वारा लगातार यह दलील दी जा रही थी कि ऊपर से ही आपूर्ति शून्य है और बैक लॉग चल रहा है। इस बात की पुष्टि खुद जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा ने भी पत्रकारों के समक्ष की थी। लेकिन इस बयान के ठीक दूसरे ही दिन सच सामने आ गया, जिससे विभाग की पोल खुल गई। गोदाम में क्विंटल भर चना दाल सड़कर पूरी तरह बर्बाद हो चुका है, जिसे समय रहते गरीबों के बीच बांटा ही नहीं गया।
उचित रखरखाव की कमी और वितरण में जानबूझकर की गई देरी के कारण गरीबों के हक का निवाला गोदाम में ही सड़ गया। इस महालापरवाही को लेकर जब गम्हरिया की प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (MO) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो वह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। हद तो तब हो गई जब उन्होंने पत्रकारों का फोन तक रिसीव करना उचित नहीं समझा और पूरे मामले पर चुप्पी साध ली।
गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले दिनों सरायकेला के ग्रामीण इलाकों में PDS के तहत कार्डधारियों के बीच कीड़े लगी और एक्सपायरी डेट वाली चना दाल बांटे जाने का गंभीर मामला सामने आया था, जिसे लेकर जनता में भारी आक्रोश था। अक्सर उचित निगरानी और वितरण व्यवस्था में खामियों के चलते गरीबों को खराब, घुन लगे या एक्सपायर हो चुके पैकेट थमा दिए जाते हैं।
अब सवाल यह उठता है कि जब जनता दाने-दाने को मोहताज है, तो गरीबों के निवाले को इस तरह गोदाम में सड़ा देने वाली इस घोर लापरवाही का जिम्मेदार आखिर कौन है? क्या ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी, या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
– रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़
मुंबई: मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए उनकी सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अभिनेता को एक बार फिर जेल जाना पड़ेगा।
फैसला सुनाते हुए अदालत ने राजपाल यादव के कोर्ट में बदलते बयानों और आचरण पर कड़ी नाराजगी जताई। माननीय न्यायालय ने उनके आचरण को ‘संदिग्ध’ करार दिया और संबंधित अधिकारियों को उन्हें दोबारा हिरासत में लेकर जेल भेजने का सख्त निर्देश दिया है।
बदलते बयानों के कारण नहीं मिली राहत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई सजा में किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने इस बात को रेखांकित किया कि मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव लगातार अपने बयान बदलते रहे, जिसके कारण अदालत ने उनके खिलाफ यह कड़ा रुख अपनाया है।
आपको बता दें कि राजपाल यादव इस चेक बाउंस मामले में अब तक जमानत (बेल) पर बाहर चल रहे थे। लेकिन अब हाईकोर्ट का अंतिम फैसला आने के बाद न सिर्फ उन्हें इस मामले में पूरी तरह दोषी ठहराया गया है, बल्कि उन्हें 3 महीने की जेल की सजा भी काटनी होगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज): झारखंड सरकार की ‘झारखंड ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम’ के तहत जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी की छात्राओं के एक दल ने बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान छात्राओं ने क्षेत्र में संचालित विभिन्न नवाचारों (Innovations) और विकास कार्यों का गहराई से अध्ययन किया। छात्राओं के इस दल ने विशेष रूप से स्थानीय स्तर पर आजीविका और जल प्रबंधन के क्षेत्र में हो रहे बदलावों को देखा, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी विकास के लिए एक मिसाल बन रहे हैं।
अध्ययन दौरे के दौरान छात्राओं ने कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर-3 स्थित कम्युनिटी सेंटर के समीप स्थापित झारखंड के पहले पायलट आरओ (RO) प्लांट का बारीकी से निरीक्षण किया। छात्राओं को बताया गया कि यह अनूठा प्लांट पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता की अनुशंसा और उनके फंड से लगभग 7.30 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शी और आत्मनिर्भर व्यवस्था है:
आरओ प्लांट के अलावा विमेंस यूनिवर्सिटी की छात्राओं ने गांधीनगर बस्ती का भी रुख किया, जहाँ उन्होंने स्थानीय स्तर पर किए जा रहे बागवानी (सब्जी और पौधों की खेती) कार्यों को देखा। इसके बाद टीम जगदीशपुर रोड के समीप पहुँची, जहाँ कुम्हार समुदाय द्वारा पारंपरिक और आधुनिक तरीके से निर्मित किए जा रहे मिट्टी के उत्पादों और उनकी आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया गया।
इंटर्नशिप टीम की सदस्य और छात्रा राजश्री दास ने बताया कि उनकी चार सदस्यीय टीम ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी), डिजिटल जल प्रबंधन और अन्य स्थानीय नवाचारों से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा और जानकारियां संकलित कर रही है। इस अध्ययन के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे झारखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा ताकि अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे मॉडल लागू किए जा सकें।
इस शैक्षणिक व शोध कार्यक्रम के दौरान पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता और वार्ड सदस्य उमेश पाण्डे ने छात्राओं को पंचायत क्षेत्र में चल रही विभिन्न जनहित योजनाओं की तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी। इस मौके पर मुख्य रूप से छात्रा राजश्री दास, सुचित्रा मलिक, अंजली कुमारी, प्रीति पाल के साथ समाजसेवी मिथिलेश सिंह, शुभम और कई स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
– तीसरी धारा न्यूज