तीसरी धारा न्यूज | 25 सितंबर 2026 | जमशेदपुर
खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार, निचले इलाकों में घुसा पानी
बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन और लगातार मूसलाधार बारिश के कारण लौहनगरी जमशेदपुर में बाढ़ की आहट तेज हो गई है। शुक्रवार सुबह आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी खतरे के निशान (129.00 मीटर) को पार कर 129.010 मीटर पर पहुंच गई और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। स्वर्णरेखा और खरकई के उफनाने से बागबेड़ा नया बस्ती, बड़ौदा घाट, कदमा के शास्त्रीनगर व रामनगर, मानगो, जुगसलाई और भुइयांडीह के निचले इलाकों में नालियों के जरिए बैक-वाटर आने से पानी जमा होने लगा है। स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोग गृहस्थी का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगे हैं और प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
जलाशयों में बढ़ा पानी का दबाव, गंजिया के पांचों और चांडिल के नौ फाटक खुले
क्षेत्र के प्रमुख डैमों में तेजी से बढ़े जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। चांडिल डैम का जलस्तर 181.00 मीटर पहुंचने पर इसके कुल 13 में से नौ रेडियल गेट एक-एक मीटर खोल दिए गए हैं। वहीं, झारखंड के गंजिया बैराज के सभी पांचों गेट खोलकर 999.32 क्यूमेक पानी का तेज बहाव जारी है। इसके अलावा ओडिशा के बांकबल डैम से दो फाटक खोलकर 144.42 क्यूमेक और खरकई डैम से दो फाटक खोलकर 61.02 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदियों पर दबाव और ज्यादा बढ़ गया है।
बीते 24 घंटों में भारी वर्षा दर्ज, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में जमशेदपुर में 17 मिमी, चक्रधरपुर में 29.2 मिमी, गोईलकेरा में 33.4 मिमी, बहरागोड़ा में 43.5 मिमी और खरकई तटीय क्षेत्र में 38 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार हो रही इस बारिश और डैमों से छोड़े जा रहे पानी के कारण तटीय बस्तियों में जलभराव की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें नदियों के मुहाने पर बसे इलाकों में स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हैं।
अगले पांच दिनों तक जमशेदपुर में रुक-रुक कर बारिश और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए भारी बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में शहर में 64.5 से 115.5 मिमी तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही 26 से 28 सितंबर के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। अगले पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है, जिससे नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है।
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