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NEET पेपर लीक मामले पर एक्शन में केंद्र: दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट; जानें 2024 के नए सख्त कानून में क्या हैं कड़े प्रावधान

नई दिल्ली | तीसरी धारा न्यूज

​देशभर के लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को झटका देने वाले नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा रुख अपनाया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जा सके।file 000000007d9882069d4f4d0f9805ed89

​पीएम की घोषणा का कानूनी महत्व: ‘पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024’ को मिलेगी नई गति

​प्रधानमंत्री की यह घोषणा महज एक बयान नहीं, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 [Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024] को धरातल पर कड़ाई से लागू करने की प्रशासनिक पहल है।

​यह कानून 21 जून 2024 से प्रभावी है और इसके नियम 23 जून 2024 को अधिसूचित किए गए थे। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा माफिया पर नकेल कसना और केंद्र सरकार की सभी प्रमुख भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना है।

​क्या हैं इस कानून में सख्त सजा और जुर्माने के प्रावधान?

​नए कानून के तहत पेपर लीक, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़, हैकिंग और संगठित धोखाधड़ी को गंभीर संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य अपराध बनाया गया है:

  • ​व्यक्तिगत संलिप्तता पर: यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक या अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है, तो उसे 3 से 5 वर्ष तक की कैद और ₹10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
  • ​संगठित गिरोह (सिंडिकेट) पर: यदि अपराध किसी संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दिया जाता है, तो दोषियों को 5 से 10 वर्ष तक की कठोर कैद और न्यूनतम ₹1 करोड़ का जुर्माना देने का प्रावधान है।
  • ​संस्थागत कार्रवाई: यदि किसी परीक्षा कराने वाली एजेंसी या कोचिंग संस्थान की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनकी संपत्ति जब्त करने के साथ-साथ परीक्षा आयोजन में हुआ पूरा खर्च वसूला जाएगा।

​किन-किन परीक्षाओं पर लागू होता है यह कानून?

​यह कानून केवल नीट (NEET) ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी प्रमुख परीक्षाओं पर प्रभावी है:

परीक्षा एजेंसी / संस्था

कवर की जाने वाली प्रमुख परीक्षाएं

NTA (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी)

NEET, JEE, CUET आदि

UPSC (संघ लोक सेवा आयोग)

सिविल सेवा, CDS, NDA आदि

SSC (कर्मचारी चयन आयोग)

CGL, CHSL, जीडी कांस्टेबल आदि

RRB (रेलवे भर्ती बोर्ड)

रेलवे की सभी तकनीकी व गैर-तकनीकी भर्तियां

IBPS (बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान)

बैंक पीओ और क्लर्क भर्ती परीक्षाएं

नोट: राज्य सरकारों की परीक्षाओं पर यह कानून स्वतः लागू नहीं होता, लेकिन राज्य सरकारें चाहें तो अपने स्तर पर इसे अपना सकती हैं या नया कानून बना सकती हैं।

 

​सख्त क्रियान्वयन और त्वरित न्याय ही सबसे बड़ी चुनौती

​कानून में 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान यह साबित करता है कि सरकार पेपर लीक को सामान्य लापरवाही नहीं, बल्कि देश के खिलाफ एक संगठित अपराध मानती है। अब सबसे बड़ी चुनौती इन कानूनी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू कर नीट पेपर लीक के असली गुनाहगारों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द से जल्द सजा दिलाने की है।

​– तीसरी धारा न्यूज

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