धालभूमगढ़: प्रखंड की रावतरा पंचायत भवन में कृषि सुधार, किसानों के सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और प्रखंड प्रमुख विशेष रूप से उपस्थित थे, जबकि बैठक की अध्यक्षता एलडीएम (LDM) संजीव कुमार चौधरी ने की।
’खेती बचाओ, केसीसी लोन’ और ‘कृषिका ऐप’ पर केंद्रित रही बैठक
इस जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु ‘खेती बचाओ, केसीसी लोन’ अभियान और ‘कृषिका ऐप’ की उपयोगिता रहा। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने उपस्थित किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी कृषि योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
- सस्ते ऋण का लाभ (KCC Loan): एलडीएम संजीव कुमार चौधरी ने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से मिलने वाले सस्ते ऋण और इसके दूरगामी लाभों के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि समय पर ऋण का भुगतान करने से भविष्य में और अधिक वित्तीय सहायता का मार्ग प्रशस्त होता है।
- आधुनिक तकनीक से जुड़ाव (Krishika App): किसानों को डिजिटल युग की आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए ‘कृषिका ऐप’ के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस ऐप के जरिए किसान घर बैठे ही कृषि संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त कर सकते हैं।
- ऑन-द-स्पॉट आवेदन प्रक्रिया: बैठक के दौरान ही कई इच्छुक किसानों ने नए केसीसी लोन के लिए अपने आवेदन जमा किए। इन आवेदनों को संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर ही सत्यापित किया गया ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा पर भी हुई चर्चा
कृषि विकास के साथ-साथ बैठक में वित्तीय समावेशन और साक्षरता पर भी व्यापक चर्चा हुई। ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), अटल पेंशन योजना (APY) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में बताया गया। इसके अलावा, जन धन खाता खोलने, केवाईसी (KYC), डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और वर्तमान समय में बेहद जरूरी साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।
प्रखंड प्रशासन ने दिया सहयोग का आश्वासन
इस अवसर पर ब्लॉक कृषि पदाधिकारी, बैंक प्रबंधन, संबंधित पंचायत के मुखिया, साख फाउंडेशन के सीएफ इंचार्ज, ट्रेनर, किसान मित्र और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण किसान मौजूद थे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए ऐसी जागरूकता बैठकें बेहद जरूरी हैं। प्रखंड के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि कृषि कार्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी या वित्तीय समस्या आने पर वे निसंकोच ब्लॉक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क











