नई दिल्ली/डेस्क: अगर आपके पास भी सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी इजाफे का कोई मैसेज आया है, तो सावधान हो जाएं। इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रही एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि सरकार ने तेल की कीमतों में 10 रुपये से लेकर 12.50 रुपये तक की वृद्धि कर दी है। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस खबर का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी (Fake) करार दिया है।
क्या है वायरल पोस्ट का दावा?
वायरल हो रही पोस्ट में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का एक कथित ‘आधिकारिक आदेश’ दिखाया गया है। इसमें दावा किया गया है कि:
- पेट्रोल: ₹10 प्रति लीटर महंगा हो गया है।
- डीजल: ₹12.50 प्रति लीटर महंगा हो गया है।
पोस्ट में यह तर्क दिया गया था कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 100% की वृद्धि के कारण यह फैसला लिया गया है। इतना ही नहीं, भ्रम फैलाने के लिए वित्त मंत्रालय की एक फर्जी अधिसूचना का भी सहारा लिया गया।
PIB फैक्ट चेक की सफाई
PIB ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। बयान में कहा गया, “सोशल मीडिया पर चल रहा यह आदेश पूरी तरह फर्जी है। ईंधन की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। नागरिक ऐसी भ्रामक खबरों को शेयर करने से बचें और हमेशा आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी की पुष्टि करें।”
महानगरों में आज के ताजा भाव
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि देश के प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। तीसरी धारा न्यूज आपके संदर्भ के लिए वर्तमान कीमतें साझा कर रहा है:
|
शहर |
पेट्रोल (प्रति लीटर) |
डीजल (प्रति लीटर) |
|---|---|---|
|
दिल्ली |
₹94.77 |
₹87.67 |
|
मुंबई |
₹103.44 |
₹89.97 |
निष्कर्ष
सोशल मीडिया पर तेल की कीमतों में वृद्धि का दावा करने वाला दस्तावेज फर्जी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल आम जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश है।
ऐसी ही सटीक और विश्वसनीय खबरों के लिए पढ़ते रहें “तीसरी धारा न्यूज”।











