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बड़ी खबर: RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस किया रद्द, बैंकिंग कारोबार पर तत्काल प्रभाव से रोक

मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने यह कड़ी कार्रवाई बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रावधानों के उल्लंघन और नियमों की लगातार अनदेखी के कारण की है। इस फैसले के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब किसी भी प्रकार का बैंकिंग परिचालन नहीं कर सकेगा।paytm payments bank license

​क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?

​RBI द्वारा जारी बयान के अनुसार, ऑडिट रिपोर्ट में पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा नियमों की गंभीर अनदेखी पाई गई थी। लाइसेंस रद्द करने के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • ​डेटा सुरक्षा उल्लंघन: बैंक के कामकाज में डेटा सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनमने ढंग से पालना।
  • ​ग्राहकों के हितों की अनदेखी: मैनेजमेंट का रवैया जमाकर्ताओं और जनहित के प्रतिकूल पाया गया।
  • ​लगातार विफलता: गवर्नेंस, कंप्लायंस और ऑपरेशंस को लेकर बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद बैंक में सुधार नहीं देखा गया।

​ग्राहकों पर क्या होगा असर?

​RBI के इस आदेश के बाद अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक में किसी भी प्रकार का डिपॉजिट स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • ​ग्राहक अब अपने बैंक खाते या वॉलेट में नया पैसा जमा नहीं कर पाएंगे और न ही फंड जोड़ पाएंगे।
  • ​हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि बैंक के पास वाइंडिंग-अप (बंद होने की प्रक्रिया) के दौरान अपनी देनदारियों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त फंड मौजूद है, जिससे ग्राहकों के मौजूदा बैलेंस पर सुरक्षा बनी रहेगी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​2022 से चल रही थी निगरानी

​पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर RBI की कार्रवाई कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। यह प्रक्रिया साल 2022 में शुरू हुई थी, जब पहली बार बैंक पर कुछ पाबंदियां लगाई गई थीं। साल 2024 की शुरुआत में इन पाबंदियों को और सख्त कर दिया गया था। बार-बार सुपरवाइज़री चिंताएं सामने आने के बाद अब अंततः लाइसेंस रद्द करने का ‘आखिरी कदम’ उठाया गया है।

​मैनेजमेंट के रवैये पर सख्त टिप्पणी

​रेगुलेटर ने अपनी टिप्पणी में बेहद सख्त लहजे में कहा कि बैंक के मैनेजमेंट का रवैया जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदेह था। नियमों की लगातार अनदेखी के कारण बैंक अब बैंकिंग कारोबार करने की योग्यता खो चुका है।

​इस फैसले ने फिनटेक सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है और यह उन सभी डिजिटल बैंकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो रेगुलेटरी नियमों को हल्के में लेते हैं।

​ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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