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अलविदा ‘सुरों की मलिका’: आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

मुंबई: भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। अपनी जादुई आवाज से सात दशकों तक दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाली महान गायिका आशा भोसले आज हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्षीय आशा ताई के निधन की खबर ने न केवल उनके करोड़ों प्रशंसकों, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को गहरे शोक में डुबो दिया है।n7083014021776082981245397422cf9c5509d7ec870e2bb9e28c55274a1c4b98ed1cc6e66f10b1179b3175

निधन का कारण और अंतिम सफर

​सूत्रों के अनुसार, आशा भोसले पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर (शरीर के कई अंगों का काम बंद करना) की वजह से उनका निधन हो गया।

  • अंतिम दर्शन: आज सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके मुंबई स्थित आवास ‘कासा ग्रांडे’ में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया, जहाँ फिल्मी हस्तियों और राजनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • राजकीय सम्मान: भारत सरकार ने उनके अद्वितीय योगदान को देखते हुए राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर सलामी दी गई।
  • अंतिम संस्कार: ताजा जानकारी के अनुसार, आशा ताई का पार्थिव शरीर श्मशान घाट पहुंच चुका है, जहाँ कुछ ही देर में उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

एक अद्वितीय करियर: 12,000 गानों का सफर

​आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से ज्यादा गाने गाकर एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया जिसे तोड़ पाना नामुमकिन लगता है।

  • सबसे महंगी गायिका: वह अपने दौर की सबसे महंगी और व्यस्त सिंगर थीं। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में उनके म्यूजिक टूर हमेशा ‘हाउसफुल’ रहते थे।
  • सफल बिजनेसवुमन: गायकी के अलावा, आशा जी एक कुशल बिजनेसवुमन भी थीं। उनके कई सफल रेस्टोरेंट बिजनेस (Asha’s) दुनिया के विभिन्न शहरों में फैले हुए हैं, जिससे उनकी एक अलग पहचान बनी।

संगीत जगत की अपूरणीय क्षति

​उनकी आवाज में वो खनक थी जो शास्त्रीय संगीत से लेकर आधुनिक पॉप और कैबरे गानों तक, हर विधा में फिट बैठती थी। आज भले ही वह भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गाए कालजयी गीत आने वाली कई पीढ़ियों के कानों में रस घोलते रहेंगे।

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