जमशेदपुर: इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में देश के प्रतिष्ठित संस्थान एनआईटी जमशेदपुर में सामग्री विज्ञान (Materials Science) के प्रति नई ऊर्जा का संचार हुआ है। संस्थान में इंडियन सिरेमिक सोसाइटी (ICS) के छात्र चैप्टर ने “सामग्री अभियांत्रिकी में नवाचार और नवीनतम रुझान” (Innovations and Latest Trends in Materials Engineering) विषय पर एक विशेष सेमिनार आयोजित कर अपनी गतिविधियों का आधिकारिक पुनरुद्धार किया।
शिक्षा और उद्योग जगत का अनूठा संगम
डायमंड जुबली लेक्चर हॉल (DJLHC 212) में आयोजित इस आधे दिवसीय सेमिनार में शिक्षा जगत और कॉर्पोरेट जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और एमएमई (MME) विभाग के प्रमुख सह चैप्टर के संरक्षक प्रोफेसर अशोक कुमार के स्वागत भाषण से हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रोफेसर गौतम सूत्रधार ने छात्रों को संबोधित करते हुए सामग्री इंजीनियरिंग की भविष्य की संभावनाओं और नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया।
टाटा स्टील के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
सेमिनार का मुख्य आकर्षण उद्योग विशेषज्ञों का सत्र रहा, जिसमें टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान दिया:
- डॉ. अतानु रंजन पाल (CTO, प्रोसेस विभाग, टाटा स्टील) ने अध्यक्षीय भाषण दिया और छात्रों के साथ एक संवादात्मक सत्र के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
- श्री प्रशांत पाणिग्राही (प्रमुख, रिफ्रैक्टरी टेक्नोलॉजी ग्रुप, टाटा स्टील) और डॉ. सुजात अली खान (चीफ रिफ्रैक्टरीज, टाटा स्टील) ने रिफ्रैक्टरी टेक्नोलॉजी और अत्याधुनिक सामग्रियों पर विशेष व्याख्यान दिए।
सफलतापूर्वक संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस डॉ. सीतांदु मंडल ने परिचयात्मक भाषण दिया। पूरे आयोजन का सफल समन्वय प्रभारी प्रोफेसर डॉ. संजय वाजपेयी के देखरेख में संपन्न हुआ।
सेमिनार का समापन राष्ट्रगान और गणमान्य व्यक्तियों व उत्साही छात्रों की सामूहिक तस्वीर के साथ हुआ। इस पुनरुद्धार से एनआईटी के छात्रों को अब सिरेमिक और सामग्री विज्ञान के क्षेत्र में रिसर्च और प्लेसमेंट के नए अवसर प्राप्त होंगे।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क










