एक नई सोच, एक नई धारा

आकस्मिक खाद्य कोष का हो नियमानुसार व्यय, मानवाधिकार संघ ने उपायुक्त से की मांग

1002206715

सरायकेला: मानवाधिकार सहायता संघ (अंतरराष्ट्रीय) की सरायकेला-खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष, श्रीमती सुमन कारूवा ने जिला उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत संचालित योजनाओं की मासिक समीक्षा करने का आग्रह किया है।1002206715

​श्रीमती कारूवा ने जिले की खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और जन वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने हेतु कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया।1002518072

प्रमुख मांगें और सुझाव:

  • आकस्मिक कोष का सदुपयोग: झारखंड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष के तहत आवंटित राशि का पंचायत स्तर पर नियमानुसार व्यय सुनिश्चित किया जाए।
  • नियमित समीक्षा: जिले में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की हर माह अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाए ताकि जमीनी स्तर पर हो रही प्रगति का आकलन हो सके।
  • शिकायतों का त्वरित निष्पादन: खाद्य आपूर्ति से संबंधित आम जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द दूर किया जाए।
  • PDS दुकानों का निरीक्षण: जन वितरण प्रणाली की दुकानों का समय-समय पर औचक निरीक्षण हो, ताकि कालाबाजारी पर रोक लगे और कार्डधारियों को नियमित रूप से राशन मिल सके।
  • बजट का आकलन: यदि आकस्मिक कोष में अतिरिक्त राशि की आवश्यकता हो, तो जिला आपूर्ति पदाधिकारी अविलंब इसकी अधियाचना विभाग को भेजें।

​श्रीमती सुमन कारूवा ने कहा कि इन कदमों से न केवल सरकारी व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुलभ और पारदर्शी तरीके से पहुँच सकेगा।

error: Content is protected !!