एक नई सोच, एक नई धारा

कोडरमा: 15 हजार की रिश्वत लेते दारोगा गिरफ्तार, सरकारी क्वार्टर में ACB ने दी दबिश

1002502451

कोडरमा/डेस्क: झारखंड के कोडरमा जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आ रही है। गुरुवार को हजारीबाग स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने चंदवारा थाना में तैनात दारोगा पवन कुमार राम को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरे जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

1002502451

सरकारी आवास में चल रहा था ‘रिश्वत का खेल’

​हैरानी की बात यह है कि दारोगा पवन कुमार राम इतने बेखौफ थे कि वह रिश्वत की यह रकम थाना परिसर के अंदर स्थित अपने सरकारी क्वार्टर में ही ले रहे थे। एसीबी की टीम ने पूरी योजना के साथ दबिश दी और जैसे ही दारोगा ने केमिकल लगे नोटों की पहली किस्त थामी, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने उन्हें दबोच लिया।

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला चंदवारा थाना क्षेत्र में दर्ज अवैध शराब से जुड़ी एक प्राथमिकी से संबंधित है।

  • साजिश: इस केस में फंसे आरोपी पक्ष को राहत देने और मामले को रफा-दफा (मैनेज) करने के नाम पर दारोगा द्वारा मोटी रकम की मांग की जा रही थी।
  • डिमांड: बताया जा रहा है कि शुरुआत में केस मैनेज करने के बदले 1 लाख रुपये मांगे गए थे, जिससे पीड़ित पक्ष काफी दबाव में था।

JKLM नेता की शिकायत पर बिछाया गया जाल

​जब भ्रष्टाचार की मांग हद से बढ़ गई, तो पीड़ित पक्ष ने इसकी जानकारी JKLM नेता प्रेम नायक को दी। प्रेम नायक की पहल पर हजारीबाग एसीबी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। एसीबी ने मामले का गुप्त सत्यापन किया और शिकायत सही पाए जाने पर गुरुवार को जाल बिछाकर दारोगा को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस महकमे में खलबली, आरोपी को ले गई टीम

​गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम दारोगा पवन कुमार राम को अपने साथ हजारीबाग ले गई है। वहाँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनसे पूछताछ की जा रही है। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद कोडरमा पुलिस के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी सहमे हुए हैं।

ACB की अपील: “भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं”

​कार्रवाई के बाद एसीबी अधिकारियों ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जनता का शोषण करने वाले किसी भी सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी सेवक काम के बदले पैसे की मांग करता है, तो डरे नहीं और तुरंत एसीबी को सूचित करें।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़