पटना/डेस्क: बिहार की राजनीति इस वक्त एक बड़े ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली (राज्यसभा) जाने की चर्चाओं के बीच एक तस्वीर ने पूरे प्रदेश के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। मधेपुरा से आई इस तस्वीर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हाथ उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कंधे पर है, जिसे सत्ता के हस्तांतरण के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

तस्वीर के मायने: क्या सम्राट होंगे अगले ‘सरताज’?
मधेपुरा की जनसभा में नीतीश कुमार द्वारा सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखना और सम्राट का हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन करना, भाजपा समर्थकों के बीच उत्साह भर गया है। हालांकि, भाजपा की कार्यशैली हमेशा ‘सरप्राइज’ देने वाली रही है। चाहे मध्य प्रदेश हो या छत्तीसगढ़, भाजपा ने हमेशा अंतिम समय में चौंकाने वाले नाम सामने रखे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय या विजय सिन्हा में से कोई चेहरा सामने आएगा, या फिर दिल्ली से कोई नया नाम ‘पर्ची’ के जरिए मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचेगा।
16 मार्च को राज्यसभा चुनाव: गणित हुआ दिलचस्प
बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। मैदान में 6 उम्मीदवार होने के कारण मुकाबला काफी रोचक हो गया है।
- मैदान में दिग्गज: नीतीश कुमार, नितिन नवीन (भाजपा), रामनाथ ठाकुर, शिवेश राम और अमरेंद्र धारी सिंह (RJD)।
- फंसी है 5वीं सीट: असली मुकाबला उपेंद्र कुशवाहा और राजद के एडी सिंह के बीच है। जीत के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। वर्तमान गणित के हिसाब से कुशवाहा को 3 और एडी सिंह को 6 वोटों की कमी खल रही है।
अगली सरकार भी नीतीश की मर्जी से?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद भी बिहार की अगली सरकार उनकी मर्जी और मार्गदर्शन में ही चलेगी। ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान सीमांचल में घूम रहे सम्राट चौधरी भी बार-बार दोहरा रहे हैं कि एनडीए सरकार नीतीश के नेतृत्व में काम करती रहेगी, लेकिन भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है, इसका फैसला 16 मार्च के बाद ही होगा।










