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एक नई सोच, एक नई धारा

एनआईटी जमशेदपुर में ‘श्री अन्न’ की धूम: उद्यमिता प्रशिक्षण के जरिए आत्मनिर्भर बन रहे प्रतिभागी

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​जमशेदपुर, 31 जनवरी 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर का यांत्रिक अभियंत्रण विभाग इन दिनों “मिलेट (श्री अन्न) की खेती, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन” के माध्यम से स्थानीय लोगों को स्वावलंबन का पाठ पढ़ा रहा है। एमएसएमई (MSME) द्वारा प्रायोजित यह छह-साप्ताहिक कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम (ESDP) 22 जनवरी से शुरू होकर 2 मार्च 2026 तक चलेगा।

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​कुट्टू के पकौड़े और कटलेट: स्वाद के साथ सेहत की ट्रेनिंग

​कार्यक्रम के नवीनतम सत्र में प्रतिभागियों ने डॉ. पद्मजा त्रिपाठी के मार्गदर्शन में कुट्टू (Buckwheat) आधारित व्यंजनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान आलू, ब्रोकोली, बैंगन और फूलगोभी के साथ पौष्टिक पकौड़े और कटलेट बनाने की विधियां सिखाई गईं। प्रत्येक सत्र में नई रेसिपी, वैज्ञानिक पैकेजिंग और मार्केटिंग के गुर सिखाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

​खेती से लेकर स्टार्टअप तक का सफर

​यह कार्यक्रम केवल खाना पकाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मिलेट्स से जुड़े संपूर्ण व्यापार चक्र (Business Cycle) को कवर किया जा रहा है:

  • ​वैज्ञानिक खेती: कटाई-उपरांत प्रसंस्करण और भंडारण की उन्नत तकनीक।
  • ​मशीनरी ज्ञान: मिलेट्स के प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारी।
  • ​व्यापार रणनीति: बिजनेस प्लान तैयार करना, बाजार के अवसरों की पहचान और वित्तीय सहायता योजनाओं (Start-up Guidance) की जानकारी।

​निदेशक ने चखा मिलेट्स का स्वाद

​सत्र के समापन पर एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने उप निदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा और विभागाध्यक्ष डॉ. परमानंद कुमार के साथ तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद लिया। प्रो. सूत्रधार ने कहा:

​”एनआईटी जमशेदपुर सामुदायिक विकास और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी राष्ट्रीय पहलों के लिए प्रतिबद्ध है। मिलेट्स जैसे जलवायु-अनुकूल और पोषक तत्वों से भरपूर अनाज खाद्य सुरक्षा और स्वरोजगार के लिए अपार संभावनाएं रखते हैं।”

​समन्वय और सहभागिता

​इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का समन्वय डॉ. दुलारी हांसदाह, डॉ. विशेष रंजन कर और डॉ. अशोक बारिक द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसान, इच्छुक उद्यमी, स्वयं सहायता समूह (SHGs) और बेरोजगार युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

​प्रमुख बिंदु एक नज़र में:

  • ​विषय: मिलेट प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन।
  • ​लक्ष्य: ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत उद्यमिता विकास।
  • ​प्रशिक्षक: डॉ. पद्मजा त्रिपाठी (खाद्य उत्पाद एवं पैकेजिंग विशेषज्ञ)।
  • ​अवधि: 22 जनवरी – 02 मार्च 2026।
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