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नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में देशभक्ति और भक्ति का संगम; नेताजी की जयंती और सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन

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​जमशेदपुर: पोखारी स्थित नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय (NSU) में शुक्रवार, 23 जनवरी को एक अद्वितीय दृश्य देखने को मिला। विश्वविद्यालय परिसर में जहाँ एक ओर ‘आजाद हिंद फौज’ के नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर राष्ट्रभक्ति की लहर दौड़ी, वहीं दूसरी ओर विद्या की देवी माँ सरस्वती की वंदना से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।

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​श्रद्धांजलि सभा: “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा”

​कार्यक्रम का शुभारंभ नेताजी सुभाष चंद्र बोस को समर्पित एक विशेष श्रद्धांजलि सभा से हुआ। विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, अधिकारियों और विद्यार्थियों ने नेताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम में उनके अतुलनीय योगदान और उनके “साहस, त्याग और आत्मनिर्भरता” के मंत्र को याद किया।

​कुलाधिपति का संदेश: “ज्ञान और गौरव का संकल्प”

​विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति श्री एम. एम. सिंह ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा:

​”नेताजी केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी क्रांतिद्रष्टा थे। आज सरस्वती पूजा के इस पावन अवसर पर हम ज्ञान और राष्ट्रीय गौरव से युक्त ऐसी शिक्षा प्रणाली के निर्माण का संकल्प लेते हैं, जो नेताजी के सपनों का भारत बना सके।”

​विद्या की देवी का आह्वान और सांस्कृतिक छटा

​सरस्वती पूजा के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर को फूलों और पारंपरिक कलाकृतियों से भव्य रूप से सजाया गया था। मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों के बीच माँ शारदे की विधिवत पूजा संपन्न हुई। विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर माँ सरस्वती का आशीर्वाद लिया।

​विशेष आकर्षण: डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘प्रतिमा’ का प्रदर्शन

​दिन के कार्यक्रमों में सबसे प्रमुख आकर्षण विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘प्रतिमा’ का प्रदर्शन रहा। इस फिल्म के माध्यम से विद्यार्थियों को देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से रूबरू कराया गया।

​अनुशासन और सौहार्द की मिसाल

​कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में अनुशासन और सामाजिक सौहार्द का वातावरण बना रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उत्सव के आनंद को दोगुना कर दिया। अंत में सभी के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस सफल आयोजन के लिए छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

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