पिंड्राजोरा (बोकारो): जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आमतल काशीझरिया स्थित गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बीती रात असामाजिक तत्वों ने तांडव मचाया। देर रात करीब 10:30 बजे स्कूल परिसर में खड़ी तीन बड़ी स्कूल बसों और एक टाटा मैजिक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। इस सुनियोजित घटना में स्कूल की लगभग 1.80 करोड़ रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई है।

साजिश के तहत वारदात: बाहर से बंद कर दिया कमरा
घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उपद्रवियों ने न केवल आग लगाई, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि कोई बचाव न कर सके। वारदात के समय स्कूल स्टाफ और चौकीदार परिसर में ही सो रहे थे। चौकीदार के अनुसार, जब उसने संदिग्ध आवाजें सुनीं और बाहर झांका, तो वाहन धू-धू कर जल रहे थे। जब उसने बाहर निकलने की कोशिश की, तो पता चला कि उसका कमरा बाहर से बंद कर दिया गया था। बाद में हॉस्टल के बच्चों ने शोर सुनकर दरवाजा खोला।
CCTV के तार काटे, सबूत मिटाने की कोशिश
स्कूल के निदेशक गोपाल कृष्ण पांडेय ने इस घटना को एक गहरी साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आगजनी से पहले अपराधियों ने CCTV कैमरों के तार काट दिए थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। इससे यह साफ जाहिर होता है कि अपराधी क्षेत्र और स्कूल के सुरक्षा इंतजामों से पूरी तरह वाकिफ थे।
पुलिस का बयान: “भीतरी सूत्र का हो सकता है हाथ”
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि वाहनों को बचाया नहीं जा सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए चास एसडीपीओ (SDPO) प्रवीण कुमार सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया।
एसडीपीओ प्रवीण कुमार सिंह ने कहा, “शुरुआती जांच में यह चोरी का मामला नहीं लग रहा है क्योंकि कोई सामान गायब नहीं है। जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे संकेत मिलते हैं कि इसमें स्कूल से जुड़े किसी जानकार व्यक्ति का हाथ हो सकता है। पुलिस हर पहलू की गंभीरता से तहकीकात कर रही है।”
दहशत में स्कूल प्रबंधन और अभिभावक
इस घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। शिक्षा संस्थान जैसे सुरक्षित स्थान पर इस तरह की आगजनी ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रबंधन ने जिला प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की है।










