ताजा खबर
जमशेदपुर में त्योहारी सीजन में सक्रिय हुआ ठग गिरोह: पुलिसकर्मी बनकर सोने के गहने उड़ा रहे शातिर, जिला पुलिस ने जारी की चेतावनी•शहीद देवेंद्र माझी की 32वीं पुण्यतिथि: गोईलकेरा में उमड़ा जनसैलाब, जल-जंगल-जमीन के नायक को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि•टाटा स्टील यूटिलिटी सर्विसेज के जीएम आर.के. सिंह ने किया कालीमाटी विद्यालय का दौरा, बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ करने का दिया भरोसा•बागबेड़ा दुर्गा पूजा पंडाल: प्रकृति की रक्षा, आंतरिक शक्ति और शिव-शक्ति के अटूट संबंध का मिलेगा दर्शन, डॉ. कविता परमार ने दी जानकारी•जमशेदपुर के जुबिली पार्क के पास हंगामा: युवक-युवती के विवाद के बाद पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में•जमशेदपुर में दुर्गापूजा पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव: 15 से 21 अक्टूबर तक लागू रहेगा नया रूट चार्ट और पार्किंग नियम•फेस्टिव सीजन में व्यापारियों को बड़ी राहत: 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर चार्ज दिवाली तक टालने का फैसला•शिक्षा जगत की अनमोल धरोहर: डीबीएमएस परिवार ने श्रीमती के. उमा को दी भावुक विदाई, मुंबई के लिए करेंगी प्रस्थान•सरायकेला में कोल्हान आयुक्त ने की राजस्व विकास और मतदाता पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा, पेंडिंग योजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश•शारदीय नवरात्रि 2026: तीसरे दिन होती है मां चंद्रघंटा की पूजा, जानिए स्वरूप, महत्व और संपूर्ण पूजा विधिजमशेदपुर में त्योहारी सीजन में सक्रिय हुआ ठग गिरोह: पुलिसकर्मी बनकर सोने के गहने उड़ा रहे शातिर, जिला पुलिस ने जारी की चेतावनी•शहीद देवेंद्र माझी की 32वीं पुण्यतिथि: गोईलकेरा में उमड़ा जनसैलाब, जल-जंगल-जमीन के नायक को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि•टाटा स्टील यूटिलिटी सर्विसेज के जीएम आर.के. सिंह ने किया कालीमाटी विद्यालय का दौरा, बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ करने का दिया भरोसा•बागबेड़ा दुर्गा पूजा पंडाल: प्रकृति की रक्षा, आंतरिक शक्ति और शिव-शक्ति के अटूट संबंध का मिलेगा दर्शन, डॉ. कविता परमार ने दी जानकारी•जमशेदपुर के जुबिली पार्क के पास हंगामा: युवक-युवती के विवाद के बाद पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में•जमशेदपुर में दुर्गापूजा पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव: 15 से 21 अक्टूबर तक लागू रहेगा नया रूट चार्ट और पार्किंग नियम•फेस्टिव सीजन में व्यापारियों को बड़ी राहत: 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर चार्ज दिवाली तक टालने का फैसला•शिक्षा जगत की अनमोल धरोहर: डीबीएमएस परिवार ने श्रीमती के. उमा को दी भावुक विदाई, मुंबई के लिए करेंगी प्रस्थान•सरायकेला में कोल्हान आयुक्त ने की राजस्व विकास और मतदाता पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा, पेंडिंग योजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश•शारदीय नवरात्रि 2026: तीसरे दिन होती है मां चंद्रघंटा की पूजा, जानिए स्वरूप, महत्व और संपूर्ण पूजा विधि

एक नई सोच, एक नई धारा

भारतीय रेलवे का क्रांतिकारी कदम: अब स्टेशनों पर सुरक्षा संभालेगा ‘ह्यूमनॉइड रोबोट ASC अर्जुन’

1002310775

​विशाखापत्तनम: भारतीय रेलवे ने आधुनिकीकरण और सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर देश का पहला हाई-टेक ह्यूमनॉइड रोबोट ‘ASC अर्जुन’ तैनात किया है। यह भारतीय रेलवे में अपनी तरह की पहली पहल है, जहाँ एक रोबोट न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि यात्रियों की मदद भी करेगा।

​स्वदेशी तकनीक का कमाल: विशाखापत्तनम में ही हुआ निर्माण

​’ASC अर्जुन’ की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। आरपीएफ के आईजी (IG) आलोक बोहरा और डीआरएम (DRM) ललित बोहरा ने इस रोबोट का अनावरण किया। सीनियर डिवीजन सिक्योरिटी कमिश्नर एके दुबे के नेतृत्व में एक टीम ने पिछले एक साल से अधिक समय की मेहनत के बाद इसे डिजाइन और डेवलप किया है।

1002310775

​क्यों खास है ‘ASC अर्जुन’? (प्रमुख विशेषताएं)

​1. फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने की क्षमता):

यह रोबोट उन्नत फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से लैस है। यह स्टेशन पर मौजूद किसी भी अपराधी, घुसपैठिए या संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत पहचान कर सकता है। पहचान होते ही यह सीधे आरपीएफ कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा।

​2. AI तकनीक से क्राउड मैनेजमेंट:

इसमें लगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक प्लेटफॉर्म पर भीड़ के घनत्व का विश्लेषण करती है। यदि भीड़ अनियंत्रित होती है, तो यह तुरंत सुरक्षा कर्मियों को सूचना देता है।

​3. आग और धुएं की पहचान:

सुरक्षा के लिहाज से इसमें फायर और स्मोक डिटेक्टर लगे हैं। स्टेशन परिसर में कहीं भी धुआं या आग दिखने पर यह तुरंत चेतावनी जारी करता है।

​4. त्रिभाषी मददगार (Hindi, English, Telugu):

यात्रियों की सुविधा के लिए यह रोबोट हिंदी, अंग्रेजी और तेलुगु में बात कर सकता है। यह न केवल यात्रियों के सवालों के जवाब देता है, बल्कि सुरक्षा निर्देश भी जारी करता है।

​यात्रियों के प्रति ‘संस्कारी’ व्यवहार

​सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, ‘ASC अर्जुन’ व्यवहार में भी कुशल है। यह यात्रियों को ‘नमस्ते’ करता है और वरिष्ठ आरपीएफ अधिकारियों को सैल्यूट भी करता है। यह बिना किसी बाधा के स्टेशन पर 24 घंटे स्वायत्त (Autonomous) रूप से गश्त (Patrol) करने में सक्षम है।

आरपीएफ के आईजी आलोक बोहरा के अनुसार, यह रेलवे सुरक्षा को अभेद्य बनाने और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। आने वाले समय में ऐसे रोबोट देश के अन्य बड़े स्टेशनों पर भी देखे जा सकते हैं।

​एक नजर में ‘ASC अर्जुन’ की खूबियां

फीचरविवरण
नामASC अर्जुन
तकनीकAI, फेशियल रिकग्निशन, स्मोक डिटेक्टर
भाषाएंहिंदी, अंग्रेजी और तेलुगु
मुख्य कार्यसंदिग्ध की पहचान, भीड़ नियंत्रण, यात्री सहायता
ऑपरेशन24×7 स्वायत्त गश्त (Patrol)
CCTV 2 CAMERA TWISTER 1
error: Content is protected !!