एक नई सोच, एक नई धारा

UP में ‘न्याय के मंदिर’: CJI सूर्यकांत ने की मुख्यमंत्री योगी की सराहना, 6 इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की रखी नींव

1002290620

चंदौली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के विजन की जमकर प्रशंसा की। चंदौली जिले में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सीजेआई ने राज्य के छह जिलों के लिए इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स (Integrated Court Complex) की आधारशिला रखी।

1002290620

​इस अवसर पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन परिसरों को स्थापित कर उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

देश के लिए मिसाल बनेगा उत्तर प्रदेश

​मुख्य न्यायाधीश ने उत्तर प्रदेश के इस मॉडल को पूरे देश के लिए एक ‘मानदंड’ बताया। उन्होंने कहा:

  • रोल मॉडल: “मैं जिस भी राज्य में जाऊंगा, उत्तर प्रदेश का उदाहरण जरूर दूंगा।”
  • न्याय के मंदिर: “यह क्षेत्र अपने ऐतिहासिक धार्मिक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, और अब मुख्यमंत्री ने यहाँ ‘न्याय के मंदिर’ स्थापित कर दिए हैं।”
  • सपना साकार: सीजेआई ने संविधान निर्माताओं के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका के मजबूत होने से ही “न्याय तक पहुंच” का सपना सच होगा।

​ये कॉम्प्लेक्स चंदौली के साथ-साथ महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया जिलों में बनाए जाएंगे, जिनके लिए राज्य सरकार ने फंड भी जारी कर दिया है।

CJI की विशेष अपील: महिलाओं और स्वास्थ्य पर जोर

​न्यायालयों को अधिक समावेशी बनाने के लिए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सरकार और हाई कोर्ट से दो प्रमुख आग्रह किए:

  1. महिला अधिवक्ताओं के लिए: हर जिला न्यायालय में महिलाओं के लिए अलग ‘बार रूम’ बनाया जाए।
  2. स्वास्थ्य सुविधा: न्यायालय परिसर में एक ‘प्राइमरी हेल्थ सेंटर’ स्थापित किया जाए ताकि बुजुर्गों और वादियों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

मुख्यमंत्री योगी का विजन: एक छत के नीचे सारा समाधान

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में न्यायपालिका की मजबूती को लोकतंत्र के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा:

​”लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए न्यायपालिका को सशक्त बनाना जरूरी है। आम जनता को सरल और सुलभ न्याय दिलाने के लिए ऐसे मॉडल आवश्यक हैं जहाँ एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएँ हों।”

​सीएम योगी ने घोषणा की कि वर्तमान छह जिलों के बाद, अगले कुछ महीनों में चार अन्य जिलों में भी इसी तरह की इंटीग्रेटेड कोर्ट सुविधाएं शुरू की जाएंगी।