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बिष्टुपुर: चालान काटने वाले हाथों ने थामी घायल की कलाई, ट्रैफिक पुलिस की ‘इंसानियत’ ने जीता शहर का दिल

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जमशेदपुर। लौहनगरी में अक्सर ट्रैफिक पुलिस को केवल सख्त नियमों और चालान काटने के लिए जाना जाता है, लेकिन बिष्टुपुर इलाके में एक पुलिसकर्मी ने अपनी तत्परता और संवेदनशीलता से इस धारणा को बदल दिया है। वोल्टास गोलचक्कर के पास ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी ब्रजेश कुमार ने घायल महिला की मदद कर खाकी का मानवीय चेहरा पेश किया है।

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चेकिंग छोड़, मदद को आगे आए हाथ

​मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को वोल्टास हाउस के समीप ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक महिला सड़क दुर्घटना में घायल हो गई। चेकिंग में व्यस्त होने के बावजूद, ट्रैफिक पुलिसकर्मी ब्रजेश कुमार ने जैसे ही महिला को दर्द में देखा, वे तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े।

मौके पर ही दिया प्राथमिक उपचार

​ब्रजेश कुमार ने बिना समय गंवाए घायल महिला को सड़क किनारे बैठाया और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) उपलब्ध कराई। उन्होंने महिला के घावों पर दवा लगाई और उन्हें सांत्वना दी। इतना ही नहीं, उन्होंने महिला को नजदीकी अस्पताल ले जाने और उचित इलाज सुनिश्चित कराने में भी पूरा सहयोग किया।

समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश

​अक्सर लोग पुलिस को केवल दंडात्मक कार्रवाई से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि वर्दी के भीतर भी एक संवेदनशील इंसान होता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिसकर्मी के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि केवल आलोचना करना सही नहीं है; जब पुलिस ऐसे मानवीय कार्य करती है, तो समाज में सुरक्षा और भरोसे का भाव जागता है।

“बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस द्वारा दिखाई गई यह इंसानियत अन्य पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों के लिए एक मिसाल है।”