
जमशेदपुर, शनिवार: शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और चरमराती कानून-व्यवस्था के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत निकाली गई इस ‘आक्रोश रैली’ का नेतृत्व जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने किया।

मुख्यालय से एसएसपी दफ्तर तक गूंजा आक्रोश
रैली की शुरुआत साकची स्थित भाजपा जिला मुख्यालय से हुई। हाथ में तख्तियां और झंडे लिए हजारों की संख्या में कार्यकर्ता जिला प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। रैली जब वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंची, तो वहां कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया।

32 साल पुराना इतिहास दोहराया गया
आंदोलन के दौरान भाजपा नेताओं ने इस प्रदर्शन को ऐतिहासिक बताया। नेताओं ने याद दिलाया कि ठीक 32 वर्ष पहले (1992 में) भी भाजपा ने इसी तरह कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर तत्कालीन एसपी परवेज हयात के कार्यकाल में कार्यालय का घेराव किया था। आज एक बार फिर अपराधियों के बढ़ते मनोबल ने पार्टी को उसी तरह के बड़े आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है।
प्रमुख आरोप और मांगें:
- प्रशासन की विफलता: विधायक पूर्णिमा दास साहू ने आरोप लगाया कि शहर में हत्या, रंगदारी और चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
- जनता में भय: नेताओं ने कहा कि आम नागरिक और व्यापारी वर्ग खौफ के साये में जी रहा है, जबकि अपराधियों को पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है।
- बड़े आंदोलन की चेतावनी: भाजपा ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अपराध पर शीघ्र नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह चिंगारी पूरे झारखंड में एक बड़े जनांदोलन का रूप लेगी।
पुलिस की प्रतिक्रिया
प्रदर्शन को देखते हुए एसएसपी कार्यालय के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी और गश्ती बढ़ाने की मांग की।











