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ईरान संकट: ‘ऑपरेशन वापसी’ शुरू, तेहरान से दिल्ली पहुँचा भारतीयों का पहला जत्था

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नई दिल्ली | शनिवार, 17 जनवरी 2026

नई दिल्ली: ईरान में गहराते राजनीतिक संकट, हिंसक प्रदर्शनों और अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की धमकियों के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर निकासी अभियान (Evacuation Drive) शुरू कर दिया है। देर रात ईरान की राजधानी तेहरान से विशेष उड़ान के जरिए भारतीय नागरिकों का पहला जत्था दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुँचा।

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एयरपोर्ट पर भावुक दृश्य: अपनों का इंतज़ार खत्म

​जैसे ही विशेष विमान दिल्ली पहुँचा, वहां पहले से मौजूद परिजनों की आँखों में आँसू और चेहरे पर राहत साफ दिखाई दी। उत्तर प्रदेश के अमरोहा, संभल और बिजनौर से बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों को लेने पहुँचे थे। जियारत के लिए ईरान गए इन परिवारों की वापसी को लेकर पिछले कई दिनों से घरवाले चिंतित थे।

ग्राउंड जीरो का आंखों देखा हाल: क्या कह रहे हैं यात्री?

​ईरान से लौटे यात्रियों ने वहां के हालातों पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है:

  • हिंसक प्रदर्शन: यात्रियों ने पुष्टि की कि वहां बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, आगजनी और गाड़ियों को जलाने की घटनाएं हो रही हैं।
  • राजनीतिक संघर्ष: वहां रजा पहलवी (प्रदर्शनकारी गुट) और अयातुल्ला खामनेई (सत्ता पक्ष) के समर्थकों के बीच भारी टकराव देखा जा रहा है।
  • डिजिटल ब्लैकआउट: ईरान में इंटरनेट सेवाएं और आईएसडी कॉल पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, जिससे वहां फंसे लोग अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे।

“डर का माहौल नहीं, पर दहशत है”

​वापस लौटे एक यात्री ने बताया, “हमारी फैमिली जियारत के लिए गई थी। उपद्रव हो रहा है, लेकिन ईरानी लोग हमें नुकसान नहीं पहुँचा रहे हैं। उपद्रव के पीछे कुछ बाहरी तत्वों का हाथ बताया जा रहा है।” वहीं एक अन्य यात्री ने कहा कि “मीडिया में हालात थोड़े बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए जा रहे हैं, लेकिन दहशत का माहौल जरूर है।”

दूतावास और भारत सरकार की भूमिका

​यात्रियों ने भारतीय दूतावास की सक्रियता और प्रधानमंत्री मोदी की सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दूतावास के अधिकारी 24/7 सक्रिय हैं और भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव मदद कर रहे हैं। दूतावास ने सभी भारतीयों को सलाह दी है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक बाहर न निकलें।

​”भारत सरकार ने समय रहते कदम उठाया और हमारे अपनों को वापस ले आए। दूतावास ने हर मोड़ पर हमारा साथ दिया।”

एक लौटे हुए यात्री का बयान