जमशेदपुर | शनिवार, 17 जनवरी 2026
जमशेदपुर: सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (CGPC) के प्रधान भगवान सिंह ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बिष्टुपुर जी टाउन गुरुद्वारा की मौजूदा कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह कदम गुरुद्वारा साहिब के भीतर जारी आंतरिक विवादों को खत्म करने और निष्पक्ष चुनाव का मार्ग प्रशस्त करने के लिए उठाया गया है।

क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
प्रधान भगवान सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा कमेटी के दो गुटों के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही थी। विवाद इतना बढ़ गया था कि:
- कानूनी लड़ाई: दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ न्यायालय में मामले दर्ज करा रखे हैं।
- व्यवस्था प्रभावित: इस आपसी विवाद के कारण गुरुद्वारा साहिब के धार्मिक और प्रशासनिक कार्यों में बाधा आ रही थी।
- अनुशासनहीनता: गुरुद्वारा साहिब की गरिमा और शांति बनाए रखने के लिए पुरानी कमेटी को हटाना आवश्यक हो गया था।
पांच सदस्यीय कमेटी संभालेगी जिम्मेदारी
गुरुद्वारा साहिब के रोजमर्रा के कार्यों, धार्मिक अनुष्ठानों और प्रशासनिक संचालन के लिए एक विशेष पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यही कमेटी आगामी आदेश तक और नए चुनाव संपन्न होने तक पूरी व्यवस्था देखेगी।
नई संचालन एवं चुनाव कमेटी की संरचना:
| पद | नाम |
| चेयरमैन | सरदार शैलेंद्र सिंह |
| सदस्य | नरेंद्र पाल सिंह |
| सदस्य | अमरजीत सिंह |
| सदस्य | सुखविंदर सिंह राजू |
| सदस्य | दलजीत सिंह |
निष्पक्ष चुनाव की तैयारी
सीजीपीसी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि इस समिति का प्राथमिक उद्देश्य न केवल प्रबंधन को सुचारू रूप से चलाना है, बल्कि बिष्टुपुर गुरुद्वारा के प्रधान पद के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव आयोजित करना भी है। उन्होंने दोनों गुटों और संगत से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।
संवाददाता, जमशेदपुर महानगर











