रांची: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य में बिजली चोरी के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है। निगम ने न केवल पिछले नौ महीनों के चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं, बल्कि आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे बिजली चोरों की सूचना देकर राज्य के ऊर्जा संसाधनों को बचाने में मदद करें।

2025-26 के चौंकाने वाले आंकड़े
वित्तीय वर्ष 2025-26 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 के बीच राज्यभर में 23,494 परिसरों पर बिजली चोरी के मामले दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान चोरी के मुख्य तरीके निम्नलिखित पाए गए:
- हुकिंग: सीधे तारों पर हुक लगाकर बिजली का अवैध उपयोग।
- मीटर बाइपास: मीटर को दरकिनार कर सीधे बिजली खींचना।
- मीटर टेम्परिंग: मीटर की रीडिंग रोकने या कम करने के लिए उससे छेड़छाड़।
कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान
निगम ने स्पष्ट किया है कि मुख्यालय स्तर पर हर महीने 5 दिनों का विशेष सघन अभियान चलाया जाता है। बिजली चोरी पकड़े जाने पर परिणाम गंभीर हो सकते हैं:
- प्राथमिकी (FIR): संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज।
- जुर्माना: बिजली के नुकसान की भरपाई के लिए भारी आर्थिक दंड।
- जेल की सजा: दोषी पाए जाने पर अधिकतम 5 साल तक की कैद।
- कनेक्शन विच्छेद: मौके पर ही बिजली आपूर्ति काट दी जाती है।
इस नंबर पर दें सूचना, नाम रहेगा गुप्त
JBVNL ने बिजली चोरी रोकने के लिए जनता की भागीदारी मांगी है। यदि आप अपने आसपास, किसी फैक्ट्री, दुकान या ग्रामीण क्षेत्र में बिजली चोरी होते देखते हैं, तो इसकी जानकारी यहाँ दे सकते हैं:
- मोबाइल नंबर: 9431135515 (जीएम, एटी-पावर शेड)
- माध्यम: संपूर्ण पते के साथ व्हाट्सएप (WhatsApp) या सामान्य मैसेज।
- गोपनीयता: निगम ने वादा किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
जेबीवीएनएल की अपील
निगम के अनुसार, बिजली चोरी से न केवल राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि इससे ट्रांसफार्मर जलने और लो-वोल्टेज जैसी समस्याएं भी पैदा होती हैं जिससे ईमानदार उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। राज्य के सभी 24 जिलों में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।










