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बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट ठगी के आरोप में भी गिरफ्तार

बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट को राजस्थान पुलिस और मुंबई पुलिस ने एक जॉइंट ऑपरेशन में मुंबई के यारी रोड इलाके से गिरफ्तार कर लिया है.

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विक्रम भट्ट पर उदयपुर के एक डॉक्टर से फिल्मों के नाम पर 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है. राजस्थान पुलिस अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए बांद्रा कोर्ट में अर्जी देगी, जिसके बाद उन्हें आगे की पूछताछ के लिए उदयपुर ले जाया जाएगा.

करीब 20 दिन पहले, उदयपुर के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और 6 अन्य आरोपियों के खिलाफ 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था. भूपालपुरा स्थित पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के मुताबिक, आरोपियों ने डॉ. मुर्डिया को फिल्मों में निवेश करने पर 200 करोड़ रुपये की मोटी कमाई का झांसा दिया था. जांच में सामने आया है कि डॉ. अजय मुर्डिया ने अपनी दिवंगत पत्नी की याद में एक फिल्म प्रोजेक्ट के लिए विक्रम भट्ट की कंपनी के साथ डील की थी. ये भी आरोप है कि चार फिल्मों के लिए एग्रीमेंट हुआ, जिसमें से केवल दो ही बनीं और उनके राइट्स भी डॉक्टर को नहीं दिए गए. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, फर्जी बिल और ओवरवैल्यूड बिल बनाकर पैसों का गलत इस्तेमाल किया गया.

सात दिन पहले जारी हुआ था लुकआउट नोटिस

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए, उदयपुर पुलिस ने सात दिन पहले ही विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट समेत सभी 8 आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था. नोटिस में सभी आरोपियों को 8 दिसंबर तक उदयपुर पुलिस के सामने पेश होने का आदेश दिया गया था. इस नोटिस के बाद आरोपी बिना इजाजत देश छोड़कर बाहर यात्रा नहीं कर सकते थे.

क्यों पुलिस ले रही है ट्रांजिट रिमांड?

विक्रम भट्ट की गिरफ्तारी महाराष्ट्र (मुंबई) में हुई है, जबकि केस राजस्थान (उदयपुर) में दर्ज है. जब किसी आरोपी को अपराध क्षेत्र से बाहर किसी दूसरे राज्य या शहर से गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे कानूनी रूप से वापस लाने के लिए स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड की अनुमति लेनी पड़ती है. पुलिस को उम्मीद है कि उदयपुर ले जाकर पूछताछ करने पर इस पूरे 30 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड्स और लेनदेन से जुड़े अन्य अहम खुलासे हो सकते हैं.

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