एक नई सोच, एक नई धारा

जमशेदपुर: मासूम मेंहदी पर खौलती चाय फेंकने के मामले में विधायक पूर्णिमा साहू की बड़ी पहल, TMH प्रबंधन को मिले कड़े निर्देश

जमशेदपुर (बिस्टुपुर): शहर के बिस्टुपुर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों मासूम बच्ची ‘मेंहदी’ पर असामाजिक तत्वों द्वारा खौलती चाय फेंकने की जघन्य वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। इस हृदयविदारक घटना में बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई थी, जिसका वर्तमान में टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में उपचार चल रहा है।

​अब इस मामले में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने हस्तक्षेप करते हुए बच्ची के बेहतर इलाज और परिजनों को राहत दिलाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

परिजनों ने लगाया था दबाव बनाने का आरोप

​अस्पताल में भर्ती बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया था कि मासूम की स्थिति अभी भी नाजुक है और उसे निरंतर चिकित्सकीय देखरेख की आवश्यकता है। बावजूद इसके, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इलाज के लिए लगातार पैसे जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था और बच्ची को समय से पहले ही डिस्चार्ज करने की बात कही जा रही थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिजनों के लिए यह दोहरी मार के समान था।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

विधायक की सक्रियता: DC और टाटा स्टील VPCS से की बात

​मामला संज्ञान में आते ही विधायक पूर्णिमा साहू हरकत में आईं। उन्होंने तुरंत टाटा स्टील के VPCS (Vice President Corporate Services) और पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) से संपर्क साधा। विधायक ने अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट रूप से मांग रखी कि:

  • ​बच्ची का इलाज पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
  • ​बच्ची जब तक पूरी तरह स्वस्थ न हो जाए, उसे डिस्चार्ज न किया जाए।
  • ​परिजनों पर किसी भी तरह का आर्थिक दबाव या शुल्क अदायगी का बोझ न डाला जाए।

अधिकारियों ने दिया भरोसा: “स्वस्थ होने के बाद ही मिलेगी छुट्टी”

​विधायक के हस्तक्षेप के बाद दोनों ही उच्च अधिकारियों ने सकारात्मक रुख अपनाया है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मेंहदी के इलाज में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उसे अस्पताल में हर संभव चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही घर भेजा जाएगा। प्रशासन और प्रबंधन द्वारा मिले इस आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार ने थोड़ी राहत की सांस ली है।

सामाजिक आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल

​गौरतलब है कि बिस्टुपुर जैसे व्यस्त इलाके में एक मासूम पर इस तरह का जानलेवा हमला पुलिस गश्ती और असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौसलों पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हमलावरों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई हो जो नजीर बन सके।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

बोकारो पुलिस में बड़ा हड़कंप: अपहरण मामले में लापरवाही पर थाना प्रभारी समेत 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड

बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। बोकारो पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिंड्राजोरा थाना के कुल 28 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एक ही थाने के इतने बड़े पैमाने पर कर्मियों के निलंबन से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।IMG 20260413 WA0017

क्या है पूरा मामला?

​यह मामला पिछले साल 24 जुलाई 2025 का है, जब पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से एक 18 वर्षीय युवती के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने पुलिस पर शुरू से ही जांच में सुस्ती बरतने का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई SIT (एसआईटी) की जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की भारी लापरवाही की पुष्टि हुई है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

SIT जांच में खुली पोल: नियमों की जमकर हुई अनदेखी

​विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि:

  • ​जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया।
  • ​केस डायरी और अनुसंधान की प्रक्रियाओं में गंभीर नियमों का उल्लंघन पाया गया।
  • ​अपहरण जैसे संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करने के बजाय कर्तव्य में कोताही बरती गई।

पुलिस अधीक्षक की सख्त कार्रवाई

​SIT की रिपोर्ट के आधार पर बोकारो एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों और जवानों को दोषी माना। जारी आदेश के तहत पिंड्राजोरा थाने के 28 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई जिले के अन्य थानों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विभाग में मचा हड़कंप

​एक साथ 28 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज ने जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है। फिलहाल, पिंड्राजोरा थाने में कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए नए कर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को पुलिस की कार्यशैली में सुधार और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: IDTR गम्हरिया में छात्रों का भारी बवाल, प्लेसमेंट इंचार्ज के तबादले के विरोध में मुख्य गेट जाम

गम्हरिया/जमशेदपुर: औद्योगिक क्षेत्र गम्हरिया स्थित प्रतिष्ठित इंडो डेनिश टूल रूम (IDTR) में सोमवार को छात्रों ने जमकर हंगामा किया। संस्थान के प्लेसमेंट इंचार्ज सुमित कोली के अचानक किए गए तबादले (ट्रांसफर) से छात्र आक्रोशित हैं। सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने संस्थान के मुख्य द्वार पर धरना देते हुए आवाजाही पूरी तरह ठप कर दी।IMG 20260413 WA0005

शिक्षकों और कर्मचारियों को रोका, गेट पर जड़ा ताला

​सोमवार सुबह से ही छात्र आईडीटीआर के मुख्य गेट पर जुटने लगे थे। उग्र प्रदर्शन के कारण माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि छात्रों ने किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को संस्थान के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया। छात्रों का आरोप है कि प्रबंधन जानबूझकर बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को हटा रहा है, जिससे उनके भविष्य और प्लेसमेंट पर बुरा असर पड़ेगा।

“सुमित कोली वापस लाओ” के लगे नारे

​प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सुमित कोली पिछले काफी समय से छात्रों के प्लेसमेंट और करियर के लिए शानदार कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा:

​”सुमित सर का व्यवहार और उनका कार्य करने का तरीका छात्रों के हित में रहा है। ऐसे समय में जब प्लेसमेंट का दौर महत्वपूर्ण होता है, उनका अचानक ट्रांसफर किया जाना समझ से परे और गलत है। जब तक यह फैसला वापस नहीं होता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।”

 

सुमित कोली ने जोड़ हाथ, छात्रों से की अपील

​हंगामे की सूचना मिलते ही खुद सुमित कोली छात्रों के बीच पहुँचे। उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की और भावुक होकर हाथ जोड़कर छात्रों से आंदोलन समाप्त करने और पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील की। हालांकि, छात्रों पर उनकी अपील का खास असर नहीं दिखा और वे अपनी मांग पर अड़े रहे।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

प्रबंधन की चुप्पी और बढ़ता तनाव

​फिलहाल खबर लिखे जाने तक संस्थान परिसर में विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्रों की जिद है कि प्रबंधन लिखित में सुमित कोली का ट्रांसफर रद्द करने का आश्वासन दे। इस पूरे घटनाक्रम पर IDTR प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मौके पर तनाव को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

सुरों के महासंगम का अंत: लता दीदी के पदचिह्नों पर चलकर ‘आशा ताई’ ने भी दुनिया को कहा अलविदा

मुंबई/जमशेदपुर: भारतीय संगीत जगत के लिए एक युग का अंत हो गया है। ‘स्वर कोकिला’ लता मंगेशकर के निधन के ठीक चार साल बाद, उनकी छोटी बहन और महान पार्श्व गायिका आशा भोसले ने भी 12 अप्रैल, 2026 को दुनिया को अलविदा कह दिया। शनिवार, 11 अप्रैल को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ रविवार को उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली।n708235899177606854286001bfa77701f7ebf5e4b0214ea98115328bf3f825c19f5e493d0b64c3ff4894b0

मृत्यु में भी दिखा अनोखा ‘बहन कनेक्शन’

​आशा भोसले और लता मंगेशकर के बीच केवल खून का रिश्ता ही नहीं था, बल्कि उनके प्रस्थान में भी कुछ ऐसे संयोग रहे जो प्रशंसकों को भावुक कर रहे हैं:

  • समान आयु: दोनों ही बहनों ने 92 वर्ष की आयु में अपनी अंतिम यात्रा पूरी की।
  • अंतिम स्थान: दोनों ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ही अंतिम सांस ली।
  • एक ही दिन: संयोगवश दोनों का निधन रविवार के दिन ही हुआ।
  • निधन का कारण: लता जी की तरह ही आशा ताई का निधन भी मल्टी ऑर्गन फेलियर की वजह से हुआ।

संघर्ष से सफलता तक: जब आशा ने गढ़ी अपनी अलग पहचान

​संगीत जगत में लता मंगेशकर की विशाल छाया के बीच अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं था। लेकिन आशा भोसले ने अपनी आवाज की लचक और साहस से अपना एक अलग साम्राज्य खड़ा किया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

ओपी नय्यर और एसडी बर्मन का साथ:

संगीतकार ओपी नय्यर ने आशा की आवाज की गहराई को पहचाना और ‘नया दौर’ (1957) के जरिए इतिहास रच दिया। वहीं, जब 1957 में लता मंगेशकर और एसडी बर्मन के बीच मनमुटाव हुआ, तो आशा बर्मन दादा के कैंप की मुख्य गायिका बनीं। अगले पांच सालों में उन्होंने किशोर कुमार और मजरूह सुल्तानपुरी के साथ मिलकर ‘हाल कैसा है जनाब का’ और ‘छोड़ दो आंचल’ जैसे सदाबहार नगमे दिए।

पंचम के साथ बदला संगीत का मिजाज:

आरडी बर्मन (पंचम) और आशा की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा में ‘फंक, जैज और रॉक-एन-रोल’ का तड़का लगाया। फिल्म ‘तीसरी मंजिल’ से शुरू हुआ यह सफर भारतीय संगीत की तासीर बदलने वाला साबित हुआ। पंचम की जटिल धुनों को आशा ने अपनी बेबाक आवाज से जीवंत कर दिया।

अभिनय में भी आजमाया था हाथ

​कम ही लोग जानते हैं कि आशा जी ने ‘बड़ी मामी’ (हिंदी) और एक मराठी फिल्म में अभिनय भी किया था। हालांकि, उन्होंने जल्द ही महसूस कर लिया कि उनकी असली दुनिया अभिनय नहीं बल्कि सुरों की साधना है।

​आज ‘आशा ताई’ हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज की कशिश और ‘तीसरी मंजिल’ के वो जादुई नगमे हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में गूंजते रहेंगे।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

अलविदा आशा ताई: सुरों की मल्लिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

मुंबई: भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। अपनी जादुई आवाज से आठ दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें शनिवार को कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आने के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।Ashaji

​उनका अंतिम संस्कार कल यानी सोमवार को किया जाएगा।

अंतिम समय में अस्पताल में थीं भर्ती

​आशा भोसले की पोती, जनाई भोसले ने सोशल मीडिया के जरिए उनके स्वास्थ्य की जानकारी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि अत्यधिक थकान और छाती में संक्रमण (Chest Infection) के कारण उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

आठ दशकों का बेमिसाल सफर

​आशा ताई का जाना न केवल बॉलीवुड बल्कि विश्व संगीत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 1943 में अपने करियर की शुरुआत करने वाली आशा जी ने 12 हजार से भी अधिक गाने रिकॉर्ड किए। उन्होंने हिंदी के अलावा कई क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं में भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा।

उनके कुछ यादगार नगमे:

  • ​पिया तू अब तो आजा
  • ​दम मारो दम
  • ​चुरा लिया है तुमने जो दिल को
  • ​इन आंखों की मस्ती के
  • ​ये मेरा दिल प्यार का दीवाना

सम्मान और उपलब्धियां

​भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया, जिनमें मुख्य हैं:

  • पद्म विभूषण (देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान)
  • दादासाहेब फाल्के पुरस्कार
  • राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (दो बार)
  • फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

​आशा भोसले ने ओ.पी. नैयर, आर.डी. बर्मन (पंचम दा) और ए.आर. रहमान जैसे दिग्गजों के साथ मिलकर संगीत के नए कीर्तिमान स्थापित किए। उनके निधन की खबर से सोशल मीडिया पर शोक की लहर है और बॉलीवुड से लेकर खेल जगत तक की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं।

तीसरी धारा न्यूज की ओर से सुर साम्राज्ञी आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि।

एनआईटी जमशेदपुर में ‘इंडियन सिरेमिक सोसाइटी’ के छात्र चैप्टर का भव्य पुनरुद्धार, सामग्री इंजीनियरिंग पर हुआ मंथन

जमशेदपुर: इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में देश के प्रतिष्ठित संस्थान एनआईटी जमशेदपुर में सामग्री विज्ञान (Materials Science) के प्रति नई ऊर्जा का संचार हुआ है। संस्थान में इंडियन सिरेमिक सोसाइटी (ICS) के छात्र चैप्टर ने “सामग्री अभियांत्रिकी में नवाचार और नवीनतम रुझान” (Innovations and Latest Trends in Materials Engineering) विषय पर एक विशेष सेमिनार आयोजित कर अपनी गतिविधियों का आधिकारिक पुनरुद्धार किया।IMG 20260412 WA0007

शिक्षा और उद्योग जगत का अनूठा संगम

​डायमंड जुबली लेक्चर हॉल (DJLHC 212) में आयोजित इस आधे दिवसीय सेमिनार में शिक्षा जगत और कॉर्पोरेट जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और एमएमई (MME) विभाग के प्रमुख सह चैप्टर के संरक्षक प्रोफेसर अशोक कुमार के स्वागत भाषण से हुआ।

​इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रोफेसर गौतम सूत्रधार ने छात्रों को संबोधित करते हुए सामग्री इंजीनियरिंग की भविष्य की संभावनाओं और नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया।1002518072

टाटा स्टील के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

​सेमिनार का मुख्य आकर्षण उद्योग विशेषज्ञों का सत्र रहा, जिसमें टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान दिया:

  • डॉ. अतानु रंजन पाल (CTO, प्रोसेस विभाग, टाटा स्टील) ने अध्यक्षीय भाषण दिया और छात्रों के साथ एक संवादात्मक सत्र के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
  • श्री प्रशांत पाणिग्राही (प्रमुख, रिफ्रैक्टरी टेक्नोलॉजी ग्रुप, टाटा स्टील) और डॉ. सुजात अली खान (चीफ रिफ्रैक्टरीज, टाटा स्टील) ने रिफ्रैक्टरी टेक्नोलॉजी और अत्याधुनिक सामग्रियों पर विशेष व्याख्यान दिए।

सफलतापूर्वक संपन्न हुआ कार्यक्रम

​कार्यक्रम के दौरान रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस डॉ. सीतांदु मंडल ने परिचयात्मक भाषण दिया। पूरे आयोजन का सफल समन्वय प्रभारी प्रोफेसर डॉ. संजय वाजपेयी के देखरेख में संपन्न हुआ।

​सेमिनार का समापन राष्ट्रगान और गणमान्य व्यक्तियों व उत्साही छात्रों की सामूहिक तस्वीर के साथ हुआ। इस पुनरुद्धार से एनआईटी के छात्रों को अब सिरेमिक और सामग्री विज्ञान के क्षेत्र में रिसर्च और प्लेसमेंट के नए अवसर प्राप्त होंगे।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

श्रीनाथ विश्वविद्यालय के 13 छात्रों का ‘ब्लैक एप्पल टेक्नोलॉजी’ में चयन, दिल्ली में बनेंगे सॉफ्टवेयर डेवलपर

जमशेदपुर: शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से उभरते श्रीनाथ विश्वविद्यालय के छात्रों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। विश्वविद्यालय के कुल 13 छात्रों का चयन देश की प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी ‘ब्लैक एप्पल टेक्नोलॉजी’ (Black Apple Technologies) में हुआ है। ये सभी चयनित छात्र देश की राजधानी नई दिल्ली में सॉफ्टवेयर डेवलपर के पद पर अपनी सेवाएं देंगे।IMG 20260412 WA0006

इन छात्रों ने हासिल की सफलता

​विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट हेड श्री सुभोदीप भद्रा ने बताया कि चयनित छात्रों में डिप्लोमा, बी.टेक और बीसीए संकाय के विद्यार्थी शामिल हैं। चयन का विवरण इस प्रकार है:

  • डिप्लोमा (कंप्यूटर साइंस) 2023–26: खुशी सिंह और सकीना खातून।
  • बी.टेक (CSE) 2022–26: मृणालिनी कुमारी महतो।
  • बीसीए (2023–26): अमन कुमार सिंह, अपर्णा साव, दिवाकर पांडा, रानी कुमारी, रोहित साह, पिंकी बिसाई, प्रणय मैती, प्रिया महाराणा, आदित्य कुमार और आदित्य राज सिंह।1002518072

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का परिणाम: कुलपति

​इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. एस. एन. सिंह ने कहा:

​”यह सफलता संस्थान के गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, कौशल विकास और उद्योगोन्मुख (Industry-oriented) प्रशिक्षण का जीवंत परिणाम है। हमारे शिक्षकों और ट्रेनिंग टीम ने छात्रों को आधुनिक तकनीक और इंटरव्यू की बारीकियों के लिए पूरी तरह तैयार किया है।”

 

छात्रों में उत्साह

​सफलता का परचम लहराने वाले छात्रों ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने शिक्षकों और विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन को दिया है। छात्रों का कहना है कि कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से करियर की यह शुरुआत उनके लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। संस्थान की इस उपलब्धि से अन्य विद्यार्थियों में भी उत्साह का माहौल है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

जमशेदपुर की घटना में मेरा नाम घसीटना निराधार और भ्रामक – पं० अभिषेक पाठक

जमशेदपुर / बनारस: शहर के चर्चित “बजरंग चाय वाले” अंकित की बहन मेहंदी कुमारी के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर राष्ट्रीय मानस प्रचारक पं० अभिषेक पाठक ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। बनारस से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अमानवीय बताया है।IMG 20260412 WA0005

षड्यंत्र के तहत नाम जोड़ने का आरोप

​पं० अभिषेक पाठक ने स्पष्ट किया कि कुछ शरारती और षड्यंत्रकारी तत्व इस आपराधिक घटना में जबरन उनका नाम और उनकी गाड़ी को घसीटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा:

​”सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से मेरी गाड़ी पर किसी विशेष दल का झंडा होने या इस घटना से मेरे संबंध की जो भी बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार, असत्य और भ्रामक हैं। मैं इस दुष्प्रचार का घोर खंडन करता हूँ।”1002518072

 

आरोपियों से तोड़ा नाता

​विज्ञप्ति में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि घटना में जिन व्यक्तियों के नाम सामने आ रहे हैं, वे पूर्व में उनकी मंडली का हिस्सा जरूर थे, लेकिन उनके आचरण को देखते हुए उन्हें पहले ही पदों से मुक्त किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ऐसी किसी भी मानसिकता या कृत्य का समर्थन नहीं करते हैं।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

​पंडित पाठक ने जमशेदपुर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर विश्वास जताते हुए मांग की है कि दोषियों को चिन्हित कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह से न्याय के पक्ष में हैं और किसी भी अपराधी को उनका संरक्षण प्राप्त नहीं है।

पीड़ित परिवार से करेंगे मुलाकात

​वर्तमान में बनारस में एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण उन्होंने बताया कि कार्यक्रम संपन्न होते ही वे जमशेदपुर लौटेंगे और पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। उन्होंने ईश्वर से मेहंदी कुमारी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है और आम जनता से अपील की है कि बिना किसी पुष्टि के अफवाहों पर ध्यान न दें।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

बारीडीह हाई स्कूल को मिला प्लस टू का दर्जा, अभिभावकों और छात्रों में हर्ष: ‘तीसरी धारा न्यूज’ की विशेष रिपोर्ट

जमशेदपुर: शिक्षा के क्षेत्र में बारीडीह और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक सुखद खबर सामने आई है। जमशेदपुर के बारीडीह हाई स्कूल को अब सीनियर सेकेंडरी (प्लस टू) का दर्जा मिल गया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद विद्यालय परिवार और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अब छात्रों को 10वीं के बाद उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूर-दराज के स्कूलों का रुख नहीं करना पड़ेगा।IMG 20260411 WA0041

विद्यालय परिसर में संगोष्ठी का आयोजन

​इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में गुरुवार को विद्यालय परिसर में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई।

कला और वाणिज्य संकाय की मिलेगी सुविधा

​प्रधानाचार्या संगीता हालदार ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों को नए सत्र की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि:

  • ​प्लस टू स्तर पर कला (ह्यूमेनिटीज) और वाणिज्य (कॉमर्स) संकाय के अंतर्गत विभिन्न विषयों की पढ़ाई शुरू की जा रही है।
  • नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत छात्र अब अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विषयों का चयन कर सकेंगे।
  • ​विद्यालय का लक्ष्य रटंत विद्या के बजाय छात्रों के कौशल विकास (Skill Development) पर ध्यान केंद्रित करना है।1002518072

जिज्ञासाओं का हुआ समाधान

​संगोष्ठी में बड़ी संख्या में अभिभावक और छात्र शामिल हुए। इस दौरान पाठ्यक्रम, करियर के विकल्प और भविष्य की संभावनाओं को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिनका प्रधानाचार्या और शिक्षकों ने संतोषजनक उत्तर दिया। विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि आधुनिक संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से छात्रों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर

​बारीडीह हाई स्कूल को सीनियर सेकेंडरी का दर्जा मिलना क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल स्कूल का शैक्षणिक स्तर ऊंचा होगा, बल्कि स्थानीय छात्रों के लिए बेहतर भविष्य के द्वार भी खुलेंगे।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

गोविंदपुर: भीषण सड़क हादसा टला, खड़े हाइवा से टकराई अनियंत्रित कार, तीन लोग बाल-बाल बचे

जमशेदपुर: गोविंदपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते रह गया। गोविंदपुर से NH-33 को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे पर छोटा गोविंदपुर पानी टंकी के समीप एक तेज रफ्तार डस्टर कार सड़क किनारे खड़े हाइवा से जा टकराई। इस घटना में कार सवार तीन युवक चमत्कारिक रूप से बच गए।IMG 20260411 WA0024

तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह!

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक डस्टर कार (संख्या UP 32FV 7298) गोविंदपुर की ओर से आ रही थी। पानी टंकी के पास सड़क किनारे एक हाइवा (संख्या JH 07C 3611) खड़ा था। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे हाइवा के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।1002518072

तीन लोग हुए घायल, पुलिस कर रही पूछताछ

​हादसे के वक्त कार में तीन लोग सवार थे। गनीमत रही कि कार के एयरबैग्स और सुरक्षा मानकों के कारण तीनों को मामूली चोटें ही आईं। घटना की सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हिरासत में लेकर थाने ले गई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।

अवैध पार्किंग पर ग्रामीणों का आक्रोश

​इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि:

  • ​छोटा गोविंदपुर पानी टंकी के पास सड़क पर अक्सर बालू लदे हाइवा और बड़े ट्रक अवैध रूप से खड़े रहते हैं।
  • ​इन वाहनों के कारण सड़क संकरी हो जाती है, जिससे आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
  • ​ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इन खड़े वाहनों को नहीं हटवाया गया, तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

​फिलहाल, पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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