एक नई सोच, एक नई धारा

रामगढ़: सीसीएल सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई, कोइहारा गांव में अवैध डीजल के बड़े स्टॉक का भंडाफोड़

रामगढ़: एक ओर जहां क्षेत्र में डीजल की किल्लत से हाहाकार मचा है, वहीं दूसरी ओर डीजल चोरी का काला खेल भी धड़ल्ले से जारी है। ताज़ा मामला रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोइहारा गांव का है, जहां सीसीएल (CCL) की सुरक्षा टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध डीजल के एक बड़े कारोबार का पर्दाफाश किया है।AddText 05 05 11.39.17

गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई

​जानकारी के अनुसार, सीसीएल के क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी आशीष झा को सटीक सूचना मिली थी कि कोइहारा गांव के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सीसीएल क्षेत्र से प्रतिदिन भारी मात्रा में डीजल की चोरी की जा रही है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी की योजना बनाई गई।

600 लीटर डीजल और उपकरण जब्त

​सुरक्षा टीम ने जब कोइहारा गांव के एक संदिग्ध घर में दबिश दी, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से लगभग 600 लीटर अवैध डीजल बरामद किया गया। इसके साथ ही चोरी और भंडारण में इस्तेमाल होने वाले 30 खाली गैलन और पाइप भी जब्त किए गए हैं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

चोरों और सिंडिकेट में हड़कंप

​सीसीएल सुरक्षा विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के डीजल चोरों और अवैध धंधेबाजों में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा टीम की इस सक्रियता ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

“सरकारी संपत्ति की चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी ऐसे अवैध ठिकानों पर छापेमारी अभियान और तेज किया जाएगा।” > — सुरक्षा विभाग, सीसीएल

 

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

‘बंगाल चुनाव अवैध और असंवैधानिक’: झामुमो ने निर्वाचन आयोग और केंद्र पर बोला हमला, चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल

रांची: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बंगाल और असम के चुनाव परिणामों को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) को कठघरे में खड़ा किया है। रांची स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने चुनाव की निष्पक्षता पर कड़े प्रहार किए।n71104532717779566133337b0be073ca039a2b2ae61c85ae2b255096ee539dbf30a5905597ba1332993932

“लोकतंत्र का गला घोंटा गया” – सुप्रियो भट्टाचार्य

​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने बंगाल चुनाव की पूरी प्रक्रिया को ‘अवैध और असंवैधानिक’ करार दिया। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर संदेह जताते हुए निम्नलिखित प्रमुख आरोप लगाए:

  • केंद्रीय बलों का दुरुपयोग: भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल में जिस स्तर पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई, वह देश के इतिहास में अभूतपूर्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी तैनाती लोकतांत्रिक प्रक्रिया को डराने और प्रभावित करने के लिए की गई थी।
  • मतदान के अधिकार से वंचित: झामुमो नेता का दावा है कि लाखों मतदाताओं को उनके वोट देने के अधिकार से जानबूझकर दूर रखा गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आयोग का नारा ‘एक भी वोटर छूटे नहीं’ पूरी तरह विफल रहा।
  • न्यायाधिकरण की साजिश: आरोप है कि बड़ी संख्या में वोटरों को ट्रिब्यूनल और कानूनी प्रक्रियाओं में उलझा दिया गया, ताकि वे मतदान न कर सकें। भट्टाचार्य के अनुसार, यही वो ‘वोटों का अंतर’ है जिसने अंततः नतीजों को सत्ता पक्ष के पक्ष में मोड़ दिया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

असम के नतीजों पर ‘परिसीमन’ का साया

​असम विधानसभा चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए झामुमो महासचिव ने कहा कि वहां के नतीजे अप्रत्याशित नहीं हैं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं।

​उन्होंने आरोप लगाया कि:

​”असम में चुनाव से पहले परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया के जरिए जानबूझकर सीटों की जनसांख्यिकी को बदला गया। चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने के लिए यह कदम उठाया गया था, जिसका असर अब नतीजों में साफ दिख रहा है।”

 

चुनाव की वैधता पर प्रश्नचिह्न

​झामुमो ने स्पष्ट किया कि जिस तरह से जनादेश को प्रभावित करने की कोशिश की गई है, उसने पूरे चुनाव की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी का मानना है कि विपक्ष को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है।

​बंगाल और असम के इन घटनाक्रमों पर झामुमो की यह तीखी प्रतिक्रिया राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ सकती है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

झारखंड में कुदरत का कहर: रांची समेत 8 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

रांची: झारखंड में मौसम के मिजाज ने अचानक तल्खी अख्तियार कर ली है। राजधानी रांची सहित राज्य के कई हिस्सों में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, खूंटी, रामगढ़, धनबाद और बोकारो जिलों में भारी तबाही की आशंका जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।n71105763617779559733986ba173ef7f6971bf45d7bb0af0f180c2d2ef7aae5ec07dbe1a0a23118109e165

50-60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

​मौसम केंद्र के अनुसार, इन आठ जिलों में तेज आंधी, ओलावृष्टि (Hailstorm) और वज्रपात (Lightning) के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में बादल छाए रहने और 40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिसके लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

बारिश के आंकड़े: लातेहार में सबसे ज्यादा वर्षा

​पिछले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है:

  • लातेहार: 70.5 मिमी (सर्वाधिक)
  • तेनुघाट (बोकारो): 22.4 मिमी
  • मेदिनीनगर: छिटपुट बारिश (अधिकतम तापमान 39.6°C)

आंधी-बारिश से राजधानी में ‘ब्लैकआउट’

​सोमवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने रांची की बिजली व्यवस्था की कमर तोड़ दी। हटिया और नामकुम ग्रिड से जुड़े दर्जनों सब-स्टेशन ट्रिप कर गए, जिससे शहर का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब गया।

  • प्रभावित इलाके: बेड़ो, ब्राम्बे, धुर्वा, ओरमांझी, कोकर, लालपुर, नामकुम और चुटिया।
  • स्थिति: कई इलाकों में रात 2 बजे तक बिजली गुल रही। हाई वोल्टेज की समस्या के कारण बिजली उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा है।
  • मरम्मत: बिजली वितरण निगम की टीमें रात से ही पेड़ों की डालियों में फंसे तारों को ठीक करने और फॉल्ट सुधारने में जुटी हैं।

सुरक्षा के लिए जारी दिशा-निर्देश

​खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने आम लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है:

  1. घरों में रहें: वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
  2. खंभों से दूरी: बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  3. यात्रा से बचें: अनावश्यक यात्रा न करें, क्योंकि तेज हवाओं से पेड़ गिरने का खतरा है।
  4. उपकरणों का ध्यान: हाई वोल्टेज की समस्या को देखते हुए कीमती बिजली उपकरणों को अनप्लग कर दें।

​झारखंड की इस बदलती मौसम परिस्थिति और अन्य स्थानीय खबरों के लिए तीसरी धारा न्यूज के साथ जुड़े रहें।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

क्रिकेट के मैदान के बाद अब राजनीति में भी छाए अशोक डिंडा: मोयना से दोबारा दर्ज की ऐतिहासिक जीत

कोलकाता/मिदनापुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद तृणमूल कांग्रेस के किले को ढहाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। इस बड़ी राजनैतिक उथल-पुथल के बीच, खेल जगत से राजनीति में आए टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा ने एक बार फिर अपनी चमक बिखेरी है।Ashoke Dinda

​अशोक डिंडा ने पूर्वी मिदनापुर जिले की मोयना विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार जीत हासिल कर यह साबित कर दिया है कि वह अब एक परिपक्व राजनेता बन चुके हैं।

15 हजार वोटों के अंतर से दी मात

​बीजेपी के भरोसे पर खरे उतरते हुए अशोक डिंडा ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी टीएमसी उम्मीदवार चंदन मंडल को लगभग 15,000 वोटों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी।

​गौरतलब है कि 2021 के पिछले विधानसभा चुनाव में डिंडा की जीत का अंतर काफी कम था, जहां उन्होंने टीएमसी के संग्राम कुमार दोलाई को महज 1260 वोटों से हराया था। इस बार की बड़ी जीत उनके बढ़ते प्रभाव और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को दर्शाती है।

क्या बनेंगे बंगाल के नए खेल मंत्री?

​बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि खेल जगत के उनके अनुभव और लगातार दूसरी जीत के इनाम के तौर पर उन्हें नई सरकार में खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। युवाओं और खिलाड़ियों के बीच डिंडा की छवि एक प्रेरणा के रूप में रही है, जिसका लाभ पार्टी उठाना चाहेगी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

अशोक डिंडा: खेल से सियासत तक का सफर

​मैदान पर अपनी रफ्तार और उछाल के लिए मशहूर अशोक डिंडा का क्रिकेट करियर शानदार रहा है:

  • टीम इंडिया: उन्होंने भारत के लिए 13 वनडे (12 विकेट) और 9 टी-20 (17 विकेट) मैच खेले।
  • फर्स्ट क्लास क्रिकेट: डिंडा ने 116 मैचों में 420 विकेट लेकर घरेलू क्रिकेट में अपनी धाक जमाई।
  • IPL: 2008 से 2017 तक आईपीएल के विभिन्न सत्रों में उन्होंने 78 मैचों में 68 विकेट चटकाए।

​राजनीति के गलियारों में अब यह चर्चा आम है कि जिस तरह डिंडा ने क्रिकेट की पिच पर बल्लेबाजों को अपनी गेंदों से छकाया, उसी तरह उन्होंने राजनीतिक पिच पर भी विरोधियों को चारों खाने चित कर दिया है।

बने रहें ‘तीसरी धारा न्यूज’ के साथ हर बड़ी खबर के लिए।

‘यह जनादेश नहीं, चुनाव चोरी है’: बंगाल और असम के नतीजों पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, ममता बनर्जी का किया समर्थन

नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देश की सियासत में उबाल आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इन परिणामों पर गंभीर सवाल उठाते हुए भाजपा पर ‘चुनाव चोरी’ का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग की मदद से जनादेश को लूटा है।n7110312571777953593405977d2d8ba29fd9b6a0e8655c3d4ee7955739ab91b8d1185684a9f9e5d29c64df

राहुल गांधी के तीखे आरोप: “100 से ज्यादा सीटें चुराई गईं”

​सोमवार रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सुर में सुर मिलाया। उन्होंने लिखा:

“असम और बंगाल ऐसे साफ मामले हैं, जहां भाजपा ने चुनाव आयोग के सहयोग से चुनाव चुराया है। हम ममता जी से सहमत हैं कि बंगाल में 100 से अधिक सीटें चुराई गई हैं।”

 

​राहुल गांधी ने आगे तंज कसते हुए कहा कि चुनाव चोरी का यह पैटर्न नया नहीं है। उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और 2024 के लोकसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए इसे ‘संस्थाओं की चोरी’ करार दिया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

ममता बनर्जी ने बताया ‘अनैतिक जीत’

​इससे पहले तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी भाजपा की जीत को ‘अनैतिक’ करार दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मिलीभगत से केंद्रीय बलों का गलत इस्तेमाल किया गया और चुनाव आयोग की गतिविधियां पूरी तरह अवैध थीं।

चुनावी नतीजों पर एक नजर

​सोमवार को घोषित परिणामों ने बंगाल की सत्ता का पूरा समीकरण ही बदल दिया है:

  • पश्चिम बंगाल (कुल 294 सीटें): भाजपा ने ऐतिहासिक 206 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि 15 साल से सत्ता में काबिज TMC मात्र 81 सीटों पर सिमट गई।
  • असम (कुल 126 सीटें): भाजपा ने 82 सीटें जीतकर अपनी सत्ता बरकरार रखी, वहीं कांग्रेस केवल 19 सीटों तक ही पहुंच पाई।
  • पुडुचेरी: भाजपा गठबंधन ने 30 में से 18 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।

तमिलनाडु में विजय को दी बधाई

​एक तरफ जहां राहुल गांधी ने बंगाल-असम के नतीजों को नकारा, वहीं दूसरी ओर उन्होंने तमिलनाडु में राजनीति के नए सितारे थलपति विजय की पार्टी (TVK) के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। विजय की पार्टी ने तमिलनाडु की 234 में से 107 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया है। राहुल गांधी ने विजय से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी और इसे युवाओं की आवाज की जीत बताया।

केरल में कांग्रेस गठबंधन का प्रदर्शन

​अन्य राज्यों की बात करें तो केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 140 में से 63 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत की है, जबकि CPI(M) को केवल 26 सीटें मिलीं।

​चुनाव परिणामों के बाद अब विपक्षी दल एकजुट होकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता और केंद्रीय बलों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में राजनैतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

असम में ‘तीर-धनुष’ का कमाल: सीमित संसाधनों में JMM ने दर्ज कराई धमक, हेमंत सोरेन ने जताया आभार

गुवाहाटी/रांची: असम विधानसभा चुनाव के परिणामों ने पूर्वोत्तर की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने असम के चुनावी रण में अपनी पहली ही एंट्री से सभी को चौंका दिया है। बिना किसी बड़े गठबंधन और सीमित संसाधनों के बावजूद पार्टी ने कई सीटों पर प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी राजनैतिक जड़ें जमाने के संकेत दे दिए हैं।n71101835517779533763997914fa1b2dce6a07863053a48e2b26d36835d660fd6db1c365368ef2c77d4a12

चुनावी आंकड़े: पहली ही कोशिश में कड़ा मुकाबला

​झामुमो ने असम की 16 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। परिणामों के विश्लेषण से पता चलता है कि पार्टी ने केवल उपस्थिति दर्ज नहीं कराई, बल्कि जीत-हार के समीकरणों को भी प्रभावित किया:

  • दो सीटों पर नंबर 2: पार्टी दो विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे स्थान पर रही, जो एक नई पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि है।
  • 7 सीटों पर 15 हजार से ज्यादा वोट: सात प्रमुख सीटों पर पार्टी को 15,000 से अधिक मतदाताओं का साथ मिला।
  • प्रमुख प्रदर्शन वाले क्षेत्र: * मजबत: 29,172 वोट
    • भेरगांव: 21,997 वोट
    • गोसाईगांव: 20,831 वोट
    • रंगापारा: 20,301 वोट
    • अन्य: डिगबोई, मार्गेरिटा, खुमताई और सोनारी में भी पार्टी को सम्मानजनक मत प्राप्त हुए।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

हेमंत सोरेन का संदेश: ‘यह अधिकारों की लड़ाई है’

​इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा:

​”इतने कम समय और सीमित संसाधनों के बीच असम की जनता ने जो विश्वास दिखाया है, वह हमारे लिए हौसला बढ़ाने वाला है। यह केवल एक चुनावी प्रयास नहीं, बल्कि आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों के अस्तित्व, पहचान और अधिकारों की लड़ाई है। यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।”

 

इन मुद्दों ने दिलाई पहचान

​असम में झामुमो की सफलता के पीछे स्थानीय और सामाजिक मुद्दों को प्रमुख माना जा रहा है। पार्टी ने मुख्य रूप से इन विषयों को उठाया:

  1. चाय बागान मजदूरों की कम मजदूरी का मुद्दा।
  2. ​राज्य के आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिलाने की मांग।
  3. ​भूमि अधिकार और स्थानीय पहचान की रक्षा।

भविष्य की राह: पूर्वोत्तर में विस्तार की संभावना

​राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिना गठबंधन के चुनाव लड़कर झामुमो ने अपनी स्वतंत्र ताकत का अहसास कराया है। इस प्रदर्शन ने पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी पार्टी के विस्तार के लिए नए दरवाजे खोल दिए हैं। आने वाले समय में मजबूत संगठन और रणनीति के साथ झामुमो असम की राजनीति में एक ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ सकती है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

सरायकेला: जच्चा-बच्चा की मौत पर डीसी सख्त, जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित

सरायकेला: राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्रसव के दौरान हुई विनिता नामक महिला और उनके नवजात शिशु की मौत के मामले को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। उपायुक्त (DC) नितीश कुमार सिंह ने इस दुखद घटना पर संज्ञान लेते हुए तत्काल एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है।IMG 20260505 WA0002

जांच टीम में शामिल अधिकारी

​उपायुक्त द्वारा गठित इस विशेष जांच टीम में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है:

  • अभिनव प्रकाश: अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), सरायकेला
  • डॉ. सरयू प्रसाद सिंह: सिविल सर्जन, सरायकेला
  • डॉ. प्रीति मांझी: स्त्री रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल सरायकेला

मौके पर पहुंचे डीसी, सीसीटीवी फुटेज खंगालने के निर्देश

​मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त नितीश कुमार सिंह स्वयं जांच कमेटी के साथ राजनगर सीएचसी पहुंचे। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और घटना के समय की परिस्थितियों की जानकारी ली।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

डीसी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा:

​”अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच की जाए। प्रसव के दौरान हुई प्रक्रिया और इलाज के हर तथ्य का सूक्ष्म परीक्षण करें। स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

 

प्रशासन की प्राथमिकता: बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

​उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिले के आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में किसी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है, वहीं प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

बंगाल में ‘कमल’ खिलने के बाद अब सीएम की बारी: रेस में ये 5 दिग्गज, क्या महिला चेहरे पर दांव खेलेगी बीजेपी?

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों और नतीजों ने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 124 सीटों पर जीत और कई अन्य पर बढ़त के साथ पूर्ण बहुमत की ओर कदम बढ़ा चुकी है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर बंगाल की सत्ता का ताज किसके सिर सजेगा?n7110520631777952749974aeec34e364e2dc9578341ffc591e81f6e36f319c26105542da4730f90241077a

​बीजेपी की रणनीति हमेशा से ‘सरप्राइज’ देने वाली रही है, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह के ‘बंगाली सीएम’ वाले वादे ने स्थानीय नेताओं की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। आइए नजर डालते हैं उन चेहरों पर जो मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे हैं:

1. शुभेंदु अधिकारी: जमीन से जुड़े कद्दावर नेता

​ममता बनर्जी को नंदीग्राम में धूल चटाने वाले शुभेंदु अधिकारी इस पद के सबसे स्वाभाविक दावेदार माने जा रहे हैं। उनका सांगठनिक कौशल और जमीनी पकड़ बेजोड़ है। हालांकि, विरोधियों द्वारा नारदा स्टिंग जैसे पुराने मुद्दों को उछाले जाने की चुनौती उनके सामने हो सकती है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

2. दिलीप घोष: संगठन के शिल्पकार

​बंगाल में बीजेपी को फर्श से अर्श तक ले जाने का श्रेय काफी हद तक दिलीप घोष को जाता है। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता और आक्रामक भाषण शैली उन्हें एक मजबूत विकल्प बनाती है।

3. समीक भट्टाचार्य: संतुलित और सौम्य चेहरा

​मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य को पार्टी के भीतर एक ‘सबको साथ लेकर चलने वाले’ नेता के रूप में देखा जाता है। उनकी साफ-सुथरी छवि और बौद्धिक क्षमता उन्हें आलाकमान की पसंद बना सकती है।

4. अग्निमित्रा पॉल: ‘नारी शक्ति’ का नया चेहरा

​फैशन की दुनिया से राजनीति में आईं अग्निमित्रा पॉल ने अपनी बेबाकी से खास पहचान बनाई है। चूंकि बीजेपी ने महिला सुरक्षा को चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था, इसलिए अग्निमित्रा को सीएम बनाकर पार्टी एक बड़ा संदेश दे सकती है।

5. रूपा गांगुली: अनुभव और लोकप्रियता का संगम

​पूर्व राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली न केवल बंगाल बल्कि देश भर में एक जाना-पहचाना नाम हैं। महिला मोर्चा की अध्यक्ष के तौर पर उनके पास जमीनी काम का लंबा अनुभव है, जो उन्हें इस दौड़ में बनाए रखता है।

क्या होगा बीजेपी का ‘प्लान बी’?

इतिहास गवाह है कि बीजेपी कई बार स्थापित नामों के बजाय किसी नए और चौंकाने वाले चेहरे को कमान सौंप देती है। पार्टी का लक्ष्य एक ऐसे ‘ताकतवर मुख्यमंत्री’ को चुनना है जो अगले पांच सालों तक बंगाल में बीजेपी की जड़ों को और गहरा कर सके।

 

तीसरी धारा न्यूज इस खबर पर पल-पल की अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा। बंगाल की इस नई राजनीतिक पारी से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहें।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

जमशेदपुर: नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के 3 छात्रों का ‘किया मोटर्स’ में चयन, 2.6 लाख के पैकेज पर मिली नियुक्ति

जमशेदपुर: शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत करते हुए, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) के तीन विद्यार्थियों ने ऑटोमोबाइल जगत की प्रतिष्ठित कंपनी ‘उत्कल किया’ (किया मोटर्स) में सफलता के झंडे गाड़े हैं। यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित कैंपस ड्राइव के माध्यम से इन छात्रों का चयन सेल्स और टेक्नीशियन के पदों पर हुआ है।IMG 20260504 WA0051

चयन और पैकेज का विवरण

​यूनिवर्सिटी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चयनित विद्यार्थियों को कंपनी की ओर से 2.6 लाख रुपये प्रति वर्ष का आकर्षक शुरुआती पैकेज दिया गया है। इस प्लेसमेंट ड्राइव में बीबीए (BBA), एमबीए (MBA) और बी.टेक (B.Tech) के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

  • चयनित पद: सेल्स और टेक्नीशियन।
  • प्रक्रिया: शैक्षणिक पृष्ठभूमि और तकनीकी कौशल के आधार पर चयन।

कुलाधिपति और कुलपति ने जताया गर्व

​विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा:

​”उत्कल किया जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में हमारे मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग छात्रों का चयन यह दर्शाता है कि हमारा पाठ्यक्रम उद्योग की व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुरूप है। यह छात्रों के लिए एक बेहतरीन करियर की शुरुआत है।”

 

​वहीं, कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि मैनेजमेंट और तकनीकी कौशल का सही समन्वय ही आज की सफलता की कुंजी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये छात्र भविष्य में संस्थान का नाम रोशन करेंगे।

कैंपस में उत्साह का माहौल

​इस चयन के बाद संबंधित विभागों के शिक्षकों और छात्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट विभाग ने पुष्टि की है कि कंपनी जल्द ही चयनित छात्रों को जॉइनिंग प्रक्रिया के लिए आमंत्रित करेगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

बंगाल चुनाव 2026: भाजपा की ऐतिहासिक जीत और पानीहाटी में ‘न्याय’ की गूंज

कोलकाता/पानीहाटी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की सियासत में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। 15 वर्षों के ममता बनर्जी के शासन को पीछे छोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 200 से अधिक सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 80-90 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है।1777914437343

रत्ना देवनाथ: दुख से जीत तक का सफर

​इस चुनाव की सबसे भावुक और बड़ी खबर उत्तर 24 परगना की पानीहाटी सीट से आई। यहाँ भाजपा उम्मीदवार रत्ना देवनाथ ने टीएमसी के कद्दावर नेता तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी। रत्ना देवनाथ उस ट्रेनी डॉक्टर की माँ हैं, जिनकी 9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज में नृशंस हत्या कर दी गई थी।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

जीत का समीकरण:

  • शुरुआती दौर: टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष ने बढ़त बनाई हुई थी।
  • आठवां राउंड: यहाँ से पासा पलटा और रत्ना देवनाथ ने करीब 20,463 वोटों की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।
  • नारा: “हमें न्याय चाहिए” (We Want Justice) के नारे के साथ उन्होंने पूरे चुनाव में जनता की भावनाओं को जोड़े रखा।

चुनावी नतीजों का मुख्य आकर्षण

पार्टी

सीटें

स्थिति

भारतीय जनता पार्टी (BJP)

 208

प्रचंड बहुमत

तृणमूल कांग्रेस (TMC)

 79

भारी नुकसान

अन्य/वाम दल

नगण्य

प्रभावहीन

सोशल मीडिया पर भावनाओं का सैलाब

​रत्ना देवनाथ की जीत की खबर फैलते ही सोशल मीडिया ‘जस्टिस फॉर आरजी कर’ के संदेशों से भर गया।

  • ​एक यूजर ने लिखा, “यह केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि एक माँ के धैर्य और इंसाफ की पुकार की जीत है।”
  • ​दूसरे ने कहा, “जनता ने दिखा दिया कि वे अब व्यवस्था में बदलाव और सुरक्षा चाहते हैं।”

आरजी कर मामला: जो चुनाव का केंद्र बना

​अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना ने न केवल बंगाल बल्कि पूरे भारत को आंदोलित कर दिया था। डॉक्टरों के लंबे विरोध प्रदर्शन और परिवार द्वारा जांच पर उठाए गए सवालों ने सरकार विरोधी लहर पैदा की। भाजपा ने इसी ‘संस्थानिक विफलता’ को मुद्दा बनाया और पीड़िता की माँ को चुनावी मैदान में उतारकर इसे एक नैतिक लड़ाई में बदल दिया।

निष्कर्ष:

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही पानीहाटी की यह जीत प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश दे रही है कि जनता ने “विकास” के साथ-साथ “न्याय” और “सुरक्षा” को भी प्राथमिकता दी है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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