टैगोर सोसाइटी के महासचिव आशीष चौधुरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 39वां पुस्तक मेला 14 नवंबर से 23 नवंबर तक रवीन्द्र भवन परिसर, साकची में आयोजित होगा. इसमें दिल्ली, कोलकाता, पटना, गिरीडीह, गोरखपुर, रांची, झाड़ग्राम के नामी प्रकाशकों के साथ ही विश्व प्रसिद्ध प्रकाशनों के वितरक भी भाग लेंगे. ये मेले शहरवासियों के लिए पुस्तकों की एक बड़ी श्रंखला प्रस्तुत करेगा, जिससे पुस्तक प्रेमी अपनी पसंद की किताबों को एक ही जगह देखकर खरीद सकेंगे.
आयोजन में सभी उम्र और रुचि के पाठकों के लिए विविध भाषाओं और विषयों की पुस्तकें उपलब्ध होंगी, जिससे यह मेला ज्ञान और साहित्य का प्रमुख केंद्र बन जाएगा. आशीष चौधुरी ने पाठकों से आग्रह किया है कि वे इस दौरान अपना समय सुनिश्चित करें ताकि वे पूरी तरह से पुस्तक मेला का लाभ उठा सकें और मनपसंद पुस्तकों की खरीददारी कर सकें.
पिछले वर्षों की भांति इस बार भी पुस्तक मेला रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित होगा और यह दस दिन तक चलेगा. यह आयोजन शहर में पुस्तक प्रेमियों के लिए विशेष अवसर होगा जहाँ वे अनेक प्रकार की पुस्तकों को देख और खरीद सकते हैं.
घाटशिला विधानसभा उप निर्वाचन-2025 के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संचालन को लेकर मतदान दलों के दूसरे चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला विश्वविद्यालय, सिदगोड़ा में 30 अक्टूबर से प्रारंभ है । पहले दिन PO, P1 वहीं आज दूसरे दिन मतदान दल में शामिल P2 एवं P3 को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार किया जा रहा है ।
इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान प्रक्रिया लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण आधार है, ऐसे में सभी कर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ करें । उन्होंने कहा कि मतदान दिवस पर लापरवाही या असावधानी की कोई गुंजाइश नहीं है । प्रत्येक मतदान कर्मी को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य है, उन्होने स्षप्ट कहा कि सभी प्रशिणार्थी अपनी शंकाओं को प्रशिक्षण में ही दूर कर लें।
प्रशिक्षण के दौरान मतदान दलों को ईवीएम एवं वीवीपैट का प्रायोगिक अभ्यास (Hands-on Training) कराया गया जिसमें मशीन की कार्यप्रणाली, मॉक पोल, सीलिंग एवं पैकिंग की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। साथ ही मतदान से संबंधित फॉर्म भरने, सील करने एवं लिफाफों की पैकिंग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही PRO एवं ILMS एप के उपयोग की भी जानकारी दी गई ताकि मतदान दिवस पर रिपोर्टिंग, उपस्थित दर्ज करने और अन्य संचार कार्यों में सुगमता रहे।
प्रशिक्षकों द्वारा मतदान दलों द्वारा की जाने वाली सामान्य त्रुटियों (Common Errors) जैसे फॉर्म में त्रुटि, मशीन हैंडलिंग में लापरवाही, सीलिंग के समय क्रम की भूल आदि से बचने के उपायों पर विशेष बल दिया गया। साथ ही मतदान के बाद की प्रक्रिया, स्ट्रॉन्ग रूम तक सुरक्षित परिवहन एवं जमा करने की विधि पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान, मतदान कर्मी, पुलिस बल एवं गृह रक्षक, अनिवार्य सेवा, अन्य श्रेणी, वोटर ऑन इलेक्शन ड्यूटी पोस्टल बैलेट से कर रहे मतदान
02 नवम्बर से होगी होम वोटिंग की शुरुआत
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर जिले के वैसे सरकारी कर्मचारी जिन्हें निर्वाचन कार्य में लगाया गया है वे महिला विश्वविद्यालय स्थित फैसिलिटेशन सेंटर पर पोस्टल बैलेट से मतदान कर रहे हैं । 30 अक्टूबर से मतदान शुरू है जिसमें दो दिनों में 117 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट से अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पहले दिन 56 एवं दूसरे दिन 61 लोगों ने मतदान किया।
मतपत्र कोषांग से मिली जानकारी के अनुसार फैसिलिटेशन सेंटर पर 30 से 31 अक्टूबर, 03 और 04 नवंबर तथा 06 से 08 नवंबर तक सरकारी पदाधिकारी/ कर्मचारी, चालक कंडक्टर, वीडियोग्राफर मतदान करेंगे। आवश्यक सेवा प्रदाता (AVES) 05 से 11 नवंबर तक तथा निर्वाची पदाधिकारी घाटशिला के कोषांग में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी/ कर्मी 08 से 10 नवंबर तक पोस्टल बैलेट से मतदान करेंगे।
वहीं, घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के 85+ आयु एवं कम से कम 40 फीसदी दिव्यांगता वाले मतदाताओं को पहले चरण में 02-07 नवंबर तक एवं दूसरे चरण में 09-10 नवंबर तक होम वोटिंग माध्यम से पोस्टल बैलेट द्वारा मतदान कराया जाएगा । मतदान कर्मी मतदाताओं के घर जाकर मतदान करायेंगे।
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री कर्ण सत्यार्थी द्वारा सभी कोषागों के वरीय पदाधिकारी के साथ कोषागों के कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में कम्यूनिकेशन प्लान, मॉक ड्रिल, मास्टर ट्रेनर की दक्षता जांच, वाहनों की उपलब्धता एवं जीपीएस ट्रैकिंग, ईवीएम का डिस्पैच एवं रिसिविंग की तैयारी, मतदान केन्द्रों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं (AMF) को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए गए । जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदान में अब 10 दिन शेष हैं, निर्वाचन कार्य के सफल संपादन में किसी भी प्रकार से कोई शिथिलता नहीं हो । सभी कोषांग टीम भावना के साथ निर्वाचन कार्य को संपन्न करें, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश एवं विहित प्रक्रियाओं का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करेंगे । उन्होंने सभी कोषागों को निर्देश दिया कि निर्वाचन कार्य में पारदर्शिता, समन्वय और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के अनुपालन पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी उल्लंघन की सूचना पर समयबद्ध कार्रवाई करें। व्यय निगरानी, उड़नदस्ता टीम, वीडियो सर्विलांस, स्थैतिक निगरानी दल अपने कार्यों में सक्रिय रहें और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करें । मतदान दिवस को लेकर पोलिंग पार्टी की रवानगी, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था एवं बिजली-पानी की उपलब्धता का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
जमशेदपुर : आज सरदार वल्लभ भाई पटेल के 150वें जयंती के अवसर पर टेल्को थाना प्रभारी के द्वारा राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। थाना परिसर से शांति समिति एवं स्थानीय लोगों के साथ रैली निकाली गई, इसका उद्देश्य भारत में रहने वालों के साथ-साथ टेल्को थाना क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के बीच भाईचारा, प्रेम एवं सौहार्द को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना, ताकि जब देश से भेदभाव खत्म होगा तभी हमारा भारत मजबूत और सशक्त बनेगा।
सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति पर भाईचारा एवं एकता का संदेश दिया गया। इस मौके पर केंद्रीय शांति समिति सदस्य नंदलाल सिंह, अमीर अली अंसारी, पीके दास, विकास कुमार शर्मा, शशिकांत, सलीम आलम, रामनरेश प्रसाद, सुनील सिंह, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
अगर आप ट्रू – कॉलर या किसी अन्य कॉल-आइडेंटिटी ऐप के गलत नाम दिखाने से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार की बहुप्रतीक्षित ‘कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP)’ सर्विस का पायलट रन शुरू हो गया है। अब जब कोई आपको कॉल करेगा, तो फोन स्क्रीन पर उसका वही नाम दिखेगा जो उसने सिम कार्ड खरीदते समय दिया था।
हरियाणा में हुई शुरुआत
वोडाफोन – आइडिया (Vi) और जिओ ने हरियाणा में सीएनएपी ट्रायल शुरू कर दिया है। दूरसंचार विभाग (DoT) के सूत्रों के अनुसार, जल्द ही यह सेवा पूरे देश में रोलआउट होगी, और मार्च 2026 तक हर जगह लागू होने की उम्मीद है।
सीएनएपी क्या है और क्यों है यह ट्रू – कॉलर से बेहतर?
सीएनएपी का मतलब है कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन, जो धोखाधड़ी कॉल्स और साइबर क्राइम से बचाने के लिए बनाई गई सरकारी पहल है। ट्रू – कॉलर जैसे ऐप्स अक्सर क्राउड-सोर्स्ड डेटा का उपयोग करते हैं, जो कई बार गलत या भ्रामक हो सकता है। इसके विपरीत, सीएनएपी सीधे वेरिफाइड टेलीकॉम केवाईसी डेटा से काम करता है, जिससे यह अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित है।
अब यह फीचर ‘बाय डिफ़ॉल्ट’ ऑन होगा
ट्राई ने सीएनएपी को सभी यूजर्स के लिए डिफ़ॉल्ट रूप से सक्षम करने का समर्थन किया है। इसका मतलब है कि इसे चालू करने के लिए किसी सेटिंग में जाने की जरूरत नहीं होगी। अगर कोई चाहे तो इसे बंद कर सकता है।
बीएसएनल ने एयरटेल को भी पीछे छोड़ा
ट्राई के सितंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, सरकारी कंपनी बीएसएनल ने नए मोबाइल सब्सक्राइबर जोड़ने में एयरटेल को पछाड़ते हुए 5.24 लाख नए सब्सक्राइबर जोड़े। एयरटेल ने इस दौरान केवल 4.37 लाख नए सब्सक्राइबर जोड़े।
इस नई सुविधा के लागू होने के बाद, कोई भी अब आपकी कॉल पर छुपा नाम नहीं दिखा पाएगा। साइबर धोखाधड़ी और स्पैम कॉल्स पर काबू पाने का यह बड़ा कदम, यूजर्स के लिए राहत और डर का मिश्रण लेकर आया है।
जमशेदपुर : टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन के सीआरएम मैकेनिकल मेंटेनेंस डिपार्टमेंट (CRM Mechanical Maintenance Department) में आज एक भावनात्मक और यादगार पल देखने को मिला। विभाग के दो समर्पित एवं कर्मनिष्ठ सहयोगी — 🔹 श्री एल. रॉबिंसन पीटर (32 वर्षों की सेवा) 🔹 श्री परमजीत सिंह (35 वर्षों की सेवा) को उनके दीर्घ, अनुशासित एवं प्रेरणादायक कार्यकाल के उपलक्ष्य में सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।दोनों वरिष्ठ सहयोगियों ने अपने लंबे कार्यकाल में कंपनी के विकास, कार्य संस्कृति और विभागीय एकता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।उनकी ईमानदारी, सादगी, समयपालन और समर्पण भावना ने सभी के दिलों में गहरी छाप छोड़ी।
इस अवसर पर सीआरएम टिनप्लेट के चीफ श्री उत्तम मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने दोनों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि — “रॉबिंसन पीटर जी और परमजीत सिंह जी जैसे कर्मयोगी हमारी संस्था की असली पूंजी हैं। उनका योगदान आने वाले समय में भी प्रेरणा देता रहेगा।”
कार्यक्रम में T.T.W.U. CRM Mechanical Maintenance के सदस्य श्री नवजोत सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों — श्री वरुण जौहर, श्री अरविंद पुनीत, श्री जी. एल. राव, श्री केवल कुमार, श्री देवाशीश ढल, श्री अवीक मंडल, श्री आमिर खान, श्री धनंजय कुमार, श्री ललन कुमार, श्री ओम प्रकाश, श्री सुखविंदर सिंह, श्री लालजीत कुमार, श्री संतोष कुमार टुडू, श्री एम. डी. दाऊद, श्री राजेश कुमार, श्री ए. डी. मिश्रा, श्री जे. के. सिन्हा, श्री जीवन कुमार, श्री नीरज सिंह, श्री नाथ मुंडा, श्री जयप्रकाश, श्री प्रसनजीत, श्री संतु मुखी, श्री रंजीत सिंघा, श्री नीलेश कुमार, श्री कृष्णा कुमार, श्री हरजीत सिंह एवं श्री अभिषेक कुमार ने अपने विचार और अनुभव साझा किए।
सभी वक्ताओं ने दोनों सेवानिवृत्त सहयोगियों की कार्यशैली, सादगी, नेतृत्व क्षमता और मिलनसार स्वभाव की सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान विभाग के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। समारोह के दौरान दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों को गुलदस्ता और शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही सीआरएम मैकेनिकल मेंटेनेंस (CRM Mechanical Maintenance) विभाग की ओर से अनेक उपहार भेंट किए गए, जो उनके समर्पण और सेवा के प्रति सम्मान का प्रतीक रहे।
कार्यक्रम के अंत में पूरे विभाग ने तालियों की गड़गड़ाहट और शुभकामनाओं के बीच उन्हें भावभीनी विदाई दी। वातावरण में जहां एक ओर विदाई की भावनात्मक गूंज थी, वहीं दूसरी ओर उनके नए जीवन की शुरुआत के प्रति शुभेच्छा की गरमाहट भी महसूस की गई। “विदाई कोई अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। आपकी निष्ठा, मेहनत और सादगी सदैव हम सभी को प्रेरणा देती रहेगी।”
ट्रेन स्टेशन पर स्टेशन के प्लेटफार्म पर पहुंच चुकी थी और धीमी होकर रुक गयी. मंजिल पहुंचते ही यात्रियों के चेहरे खिल उठे. कुछ लोग गेट पर सामान लेकर पहले से खड़े थे.
सबसे पहले ये लोग नीचे उतरे. इसके बाद धीरे-धीरे पीछे वाले यात्री उतर रहे थे. तभी अचानक तेज झटका लगा और लोग छिटक कर दूर गिरे. प्लेटफार्म में कोहराम मच गया. इस ट्रेन पीछे से दूसरी जोर टक्कर मारी दी थी. दक्षिण भारत का एक बड़ा रेल हादसा था, जिसमें काफी संख्या में लोग हताहत हुए थे.
ट्रेन हादसा 31 अक्तूबर 1970 में हुआ था. चेन्नई (तब मद्रास) के पेंरबूर रेलवे स्टेशन में शाम सात बजे कोचिन मेल प्लेटफार्म नंबर 4 पर खड़ी थी. बताया गया कि ट्रेन मरम्मत के लिए रुकी थी. यात्री इससे उतर रहे थे. मद्रास-मंगलौर मेल ने पीछे से इसी ट्रैक पर स्पीड से दौड़ती हुई आयी और कोचिन एक्सप्रेस में जोरदार टक्कर मारी दी. टक्कर मारते ही यात्री उछलकर आसपास गिरे. चारों तरफ कोहराम मच गया. खून से लथपथ मदद की गुहार लगा रहे थे, जिसमें 16 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोग घायल हो गए.
इंजन और बोगी ट्रैक से उतरे
हादसे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोचिन मेल के तीन कोच पटरी से उतर गए, जबकि मंगलौर मेल का इंजन और दो कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. हादसे के बाद चारों धुआं-धुआं हो गया. शाम होने की वजह से अंधेरा हो गया था. इस वजह से बचाव कार्य में परेशानी हुई. हादसे के बाद घायलों को तुरंत पास के जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया. मृतकों में ज्यादातर दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों से लौट रहे यात्री थे.
तमाम ट्रेनें हुई थीं डायवर्ट
मंगलौर मेल और कोचिन मेल केरल के तटीय इलाकों को जोड़ती है. ये ट्रेनें लाखों यात्रियों का सहारा हैं. इस हादसे से यात्रा प्रभावित होने के कारण सैकड़ों ट्रेनें रद्द या डायवर्ट की गयीं. दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.
हादसे की वजह सिग्लन का फेल होना
जांच में हादसे का कारण सिग्नल फेल होना पाया गया था. यह दुर्घटना 1970 में ही दक्षिण रेलवे पर हुई चौथी बड़ी घटना है. मृतकों के परिवारों को 5,000 रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है.
रांची: झारखंड सरकार ने युवाओं को बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूरे होने पर 29 नवंबर को रांची में लगभग 10 हजार अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग लेटर देंगे। इस आयोजन के साथ ही “आपकी योजना, आपकी सरकार” अभियान का समापन भी किया जाएगा। नियुक्तियों में सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा विभाग को मिलेगा, जहां हजारों सहायक आचार्यों को नियमित पदों पर नियुक्त किया जाएगा।
रांची में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन बताया जा रहा है कि यह ऐतिहासिक नियुक्ति समारोह राजधानी रांची में आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। कार्यक्रम “आपकी योजना, आपकी सरकार” अभियान के समापन अवसर पर होगा, जो 18 नवंबर से 29 नवंबर तक पूरे राज्य में आयोजित किया जा रहा है।इस दौरान विभिन्न जिलों में सरकार की योजनाओं की समीक्षा, जनता से संवाद और विकास कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाएगा। समारोह के अंतिम दिन राजधानी में युवाओं के हाथ में रोजगार के अवसर सौंपे जाएंगे।
शिक्षा विभाग में सर्वाधिक नियुक्तियां
इस नियुक्ति प्रक्रिया में सबसे अधिक लाभ शिक्षक अभ्यर्थियों को मिलने जा रहा है। करीब 8 हजार सहायक आचार्य (Assistant Teachers) सहित विभिन्न विभागों में कुल 10 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।इनमें झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से सिविल सेवा परीक्षा में चयनित 342 अभ्यर्थी, दंत चिकित्सक (Dental Surgeons) और अन्य विभागों के चयनित उम्मीदवार भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग के भीतर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों पर बड़े पैमाने पर पद भरे जा रहे हैं।
दो चरणों में पहले भी दिए जा चुके हैं नियुक्ति पत्र राज्य सरकार इससे पहले भी दो चरणों में 1,218 सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर चुकी है। इनमें 1,040 गणित-विज्ञान विषय के स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य और गोड्डा जिले के 170 इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य शामिल थे।
अब तीसरे चरण में 6वीं से 8वीं कक्षा तक के लिए स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 3,945 पद (गणित-विज्ञान – 414, भाषा – 813, सामाजिक विज्ञान – 2,718) और पहली से पांचवीं कक्षा तक के लिए इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 4,263 पदों पर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
काउंसिलिंग और दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया जारी शिक्षा विभाग के अनुसार, सहायक आचार्य के संशोधित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग और दस्तावेज़ जांच प्रक्रिया जारी है। यह कार्य पूरा होने के बाद, योग्य अभ्यर्थियों को भी इसी मुख्य कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।राज्य सरकार का कहना है कि इस नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
रांची: झारखंड में लंबे समय से टल रहे नगर निकाय चुनाव अब दिसंबर तक हर हाल में कराए जाएंगे। झारखंड हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और चुनाव आयोग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तय समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएं।
इस मामले पर अगली सुनवाई 10 नवंबर को निर्धारित की गई है, जहां चुनाव की तैयारियों की स्थिति रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी।
हाईकोर्ट के रुख के बाद राज्य के राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। सभी दलों ने अपने स्तर पर प्रत्याशियों की सूची और रणनीति तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।
राज्य के प्रमुख दलों — झामुमो, भाजपा, कांग्रेस और आजसू — ने अपने-अपने जिलों में बैठकें बुलाई हैं ताकि नगर निकाय चुनाव को लेकर बूथ स्तर तक की तैयारी सुनिश्चित की जा सके।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर में होने वाला यह चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है, क्योंकि यह 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले जनता के मूड का बड़ा संकेत होगा।