एक नई सोच, एक नई धारा

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झारखंड शराब दुकान अपडेट: आज शाम तय होगा कितनी दुकानें होंगी सरेंडर, 1343 दुकानों के भविष्य पर फैसला

रांची: झारखंड में शराब दुकानों के संचालन को लेकर आज यानी शनिवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य की कुल 1343 खुदरा शराब दुकानों के नवीनीकरण (Renewal) के लिए लाइसेंस शुल्क जमा करने की अंतिम समय-सीमा 7 फरवरी को समाप्त हो रही है। आज शाम तक यह साफ हो जाएगा कि कितनी दुकानों का संचालन निजी हाथों में रहेगा और कितनी दुकानें सरकारी नियंत्रण में वापस जाएंगी।

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आज शाम तक की समय-सीमा: क्या है नियम?

​उत्पाद विभाग के नियमों के अनुसार, जिन दुकानों के संचालकों ने आज शाम तक लाइसेंस शुल्क जमा नहीं किया, उनकी दुकानों को ‘सरेंडर’ माना जाएगा।

  • 31 मार्च के बाद का प्लान: सरेंडर की गई दुकानें 1 अप्रैल से झारखंड राज्य बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के अधीन चली जाएंगी।
  • अगली प्रक्रिया: JSBCL इन खाली दुकानों के लिए फिर से लॉटरी प्रक्रिया शुरू करेगा। यदि लॉटरी के माध्यम से बंदोबस्ती नहीं हो पाती है, तो जेएसबीसीएल खुद इन दुकानों का संचालन करेगा।

दुकानों का वर्तमान ढांचा

​राज्य में वर्तमान में शराब दुकानों की स्थिति इस प्रकार है:

  • कुल दुकानें: 1343
  • देसी शराब दुकानें: 159
  • कंपोजिट शराब दुकानें: 1184
  • वर्तमान व्यवस्था: 1 सितंबर 2025 से ये सभी दुकानें निजी लाइसेंसियों द्वारा संचालित की जा रही हैं।

विवादों के घेरे में उत्पाद विभाग: प्लेसमेंट एजेंसियों का मुद्दा

​एक तरफ नई बंदोबस्ती की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ पुरानी व्यवस्था का हिसाब अब तक चुकता नहीं हो पाया है। राज्य में पिछले 7 महीनों से प्लेसमेंट एजेंसियों और उत्पाद विभाग के बीच देनदारी (Liability) का मामला अटका हुआ है।

मुख्य विवादविवरण
JSBCL का आरोपप्लेसमेंट एजेंसियों ने शराब बिक्री के करोड़ों रुपयों का गबन किया है।
एजेंसियों का पक्षजेएसबीसीएल ने मैनपावर आपूर्ति का बकाया भुगतान अभी तक नहीं किया है।
वर्तमान स्थिति1 जुलाई से सभी दुकानें JSBCL के अधीन आने के बावजूद, विभाग अभी तक यह तय नहीं कर पाया है कि किस एजेंसी पर कितनी देनदारी बनती है।

राजस्व पर पड़ सकता है असर

​अगर बड़ी संख्या में दुकानें सरेंडर होती हैं और लॉटरी प्रक्रिया में देरी होती है, तो इसका सीधा असर राज्य के राजस्व पर पड़ेगा। अंधेरे का फायदा उठाकर अवैध शराब की बिक्री बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

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झारखंड की पंचायतों के लिए खुशखबरी: केंद्र से 275.12 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त मंजूर

रांची: झारखंड में ग्रामीण विकास और स्थानीय निकायों के सशक्तीकरण को लेकर एक बड़ी प्रगति हुई है। केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15वें वित्त आयोग की ‘बेसिक ग्रांट’ (Basic Grant) की दूसरी किस्त जारी करने की सिफारिश कर दी है। इसके तहत राज्य को अगले सप्ताह तक 275.12 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।

समय पर शर्तें पूरी करने का मिला लाभ

​झारखंड सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग की अनिवार्य शर्तों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के कारण यह राशि स्वीकृत की गई है। राज्य ने निम्नलिखित मानकों पर सफलता प्राप्त की है:

  • ई-ग्राम स्वराज पोर्टल: योजनाओं की समय पर अपलोडिंग।
  • वित्तीय अनुशासन: खातों का समापन, ऑडिट और पहली किस्त के उपयोग का प्रमाण पत्र।
  • हस्तांतरण: 24 दिसंबर 2025 को मिली पहली किस्त को निर्धारित समय के भीतर पंचायतों को ट्रांसफर किया गया।

फंड का त्रिस्तरीय वितरण ढांचा

​जारी होने वाली अनुदान राशि को राज्य की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में पूर्व निर्धारित फार्मूले के अनुसार बांटा जाएगा:

पंचायत स्तरहिस्सेदारी (%)मुख्य उद्देश्य
ग्राम पंचायत75%स्थानीय बुनियादी ढांचा, स्वच्छता और जल संरक्षण
पंचायत समिति (ब्लॉक)15%ब्लॉक स्तर की विकास योजनाएं
जिला परिषद10%जिला स्तरीय समन्वय और बड़े विकास कार्य

ग्रामीण विकास मंत्री का बयान

​झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य ने सभी वैधानिक और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। उन्होंने बताया:

“हमें केंद्र के व्यय विभाग को की गई अनुशंसा की जानकारी मिली है। राशि प्राप्त होते ही इसे बिना किसी विलंब के सीधे पंचायतों के खातों में हस्तांतरित कर दिया जाएगा ताकि ग्रामीण विकास की योजनाएं प्रभावित न हों।”

विकास कार्यों को मिलेगी गति

​इस ‘अनटाइड ग्रांट’ (Untied Grant) का उपयोग पंचायतें अपनी आवश्यकतानुसार स्थानीय विकास कार्यों के लिए कर सकेंगी। इसमें मुख्य रूप से नालियों का निर्माण, पीसीसी सड़कें, सार्वजनिक भवनों का रखरखाव और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।

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झारखंड के कोडरमा में बड़ी वारदात: बिरहोर समुदाय के 10 आदिवासी बच्चे लापता, मानव तस्करी की आशंका

कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) ‘बिरहोर’ समुदाय के 10 बच्चे पिछले एक सप्ताह से रहस्यमयी ढंग से लापता हैं। 31 जनवरी से गायब इन बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

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श्राद्ध कार्यक्रम में गए थे बच्चे, फिर नहीं लौटे

​घटना जयनगर थाना क्षेत्र के गदियाई बिरहोर टोला (खारियोडीह पंचायत) की है। पुलिस के अनुसार:

  • 31 जनवरी को गांव के लगभग 60-70 लोग 15 किलोमीटर दूर परसाबाद में एक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।
  • ​इन ग्रामीणों के साथ ही ये 10 बच्चे भी कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे।
  • ​कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वयस्क ग्रामीण तो लौट आए, लेकिन ये बच्चे घर वापस नहीं पहुंचे।

मानव तस्करी का गहराता साया

​एक साथ 10 बच्चों का गायब होना सामान्य घटना नहीं मानी जा रही है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने मानव तस्करी (Human Trafficking) की गंभीर आशंका जताई है। बिरहोर समुदाय अपनी मासूमियत और बाहरी दुनिया से कम संपर्क के लिए जाना जाता है, जिसका फायदा उठाकर तस्करों द्वारा उन्हें निशाना बनाए जाने का डर बना हुआ है।

पुलिस की कार्रवाई: CCTV और सर्विलांस पर टिकी उम्मीद

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है:

  • गठित टीमें: डीएसपी (ट्रेनी) दिवाकर कुमार के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया है।
  • CCTV फुटेज: परसाबाद और रेलवे स्टेशन के आसपास के कैमरों की बारीकी से जांच की जा रही है।
  • हाई अलर्ट: बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और नेशनल हाईवे पर चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि बच्चों को जिले से बाहर ले जाने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​बिरहोर टोला में पिछले एक सप्ताह से चूल्हा नहीं जला है। गायब हुए बच्चों के माता-पिता की आंखों के आंसू नहीं सूख रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने रिश्तेदारों और नजदीकी गांवों में काफी तलाश की, लेकिन जब कहीं पता नहीं चला तब पुलिस की शरण ली।

थाना प्रभारी का बयान: जयनगर थाना प्रभारी उमा नाथ सिंह ने कहा है कि, “पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ बच्चों की बरामदगी में जुटी है। हम हर संभव तकनीकी और मानवीय इनपुट का सहारा ले रहे हैं।”

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झारखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर: अगले 48 घंटों में गिरेगा पारा, ठिठुरन बढ़ने के आसार

राँची: झारखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र, राँची के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से राज्य के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। अगले 24 से 48 घंटों के भीतर न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है, जिससे सुबह और देर रात की कनकनी बढ़ेगी।

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आसमान साफ होते ही बढ़ेगी ठंड

​मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. बाबूराज पीपी ने बताया कि शनिवार से आसमान साफ होने की उम्मीद है। जैसे ही बादल छंटेंगे, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का प्रवेश राज्य में सुगम हो जाएगा। इससे न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। सुबह के समय राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे का कुहासा (Fog) छाया रहेगा।

क्षेत्रवार तापमान का पूर्वानुमान (अगले 5 दिन)

क्षेत्रजिलेअधिकतम तापमानन्यूनतम तापमान
उत्तर-पश्चिमगढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार25°C – 29°C7°C – 9°C
मध्य झारखंडरांची, बोकारो, हजारीबाग, गुमला25°C – 27°C7°C – 11°C
पूर्वोत्तरदेवघर, धनबाद, गिरिडीह, साहिबगंज26°C – 28°C8°C – 11°C
दक्षिण झारखंडजमशेदपुर, सिमडेगा, सरायकेला29°C – 30°C8

प्रमुख अपडेट्स:

  • सबसे ज्यादा ठंड: गुमला, खूंटी, गढ़वा और पलामू में पारा 7 डिग्री तक गिरने की संभावना है, जिससे यहाँ शीतलहर जैसे हालात बन सकते हैं।
  • दिन और रात के तापमान में अंतर: दक्षिण झारखंड (कोल्हान क्षेत्र) में दिन का तापमान 30 डिग्री तक रहेगा जबकि रात में यह 8 डिग्री तक गिर जाएगा। तापमान में इस बड़े अंतर के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
  • खगोल गणना: 7 फरवरी को सूर्योदय सुबह 06:21 बजे और सूर्यास्त शाम 05:33 बजे होगा। धूप की अवधि कम होने से शाम होते ही ठंड का अहसास तेज होगा।

सावधानी की सलाह

​मौसम विभाग ने लोगों को विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिन में धूप के बावजूद रात के समय अचानक गिरते तापमान से वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

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बोकारो में हाथियों का खूनी तांडव: गोमिया में 48 घंटे के भीतर 5 की मौत, ग्रामीणों में दहशत

गोमिया (बोकारो): झारखंड के बोकारो जिले का गोमिया प्रखंड इन दिनों हाथियों के भीषण आतंक से थर्रा उठा है। पिछले 48 घंटों के भीतर हाथियों ने अलग-अलग गांवों में हमला कर 5 निर्दोष ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया है। गुरुवार रात गांगपुर गांव में दादा-पोते की मौत के साथ ही इस क्षेत्र में मातम और आक्रोश का माहौल है।

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गांगपुर में आधी रात का कहर: दादा और पोते की जान गई

​महुआटांड़ पंचायत के गांगपुर गांव में गुरुवार रात करीब 8:30 बजे तीन हाथियों का झुंड अचानक घुस आया। गांव में बिजली नहीं होने के कारण अंधेरे का फायदा उठाकर हाथियों ने घरों पर हमला करना शुरू कर दिया।

  • मृतक: 60 वर्षीय सोमर साव और उनका 8 वर्षीय पोता अमन कुमार (आयुष)।
  • घायल: हाथियों ने घर की दीवारें तोड़कर अंदर मौजूद लोगों को निशाना बनाया, जिसमें 10 वर्षीय राहुल कुमार, शांति देवी और राशि कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
  • लापता: ग्रामीणों के अनुसार एक व्यक्ति अभी भी लापता है, जिसकी तलाश वन विभाग और स्थानीय लोग कर रहे हैं।

बड़की पन्नू गांव: एक ही परिवार के तीन लोगों को कुचला

​इससे पूर्व बुधवार देर रात करीब 3 बजे बड़की पन्नू गांव में हाथियों के पांच सदस्यीय झुंड ने भीषण तबाही मचाई थी। यहाँ हाथियों ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को बेरहमी से मार डाला:

  1. गंगवा करमाली: घर से बाहर भागते समय हाथियों ने सूंड में लपेटकर पटक दिया।
  2. कमली देवी: पति की चीख सुनकर बाहर निकलीं पत्नी को भी हाथियों ने कुचल दिया।
  3. भगिया देवी: जान बचाने की कोशिश कर रही गंगवा करमाली की भाभी को भी हाथियों ने अपना शिकार बनाया।

प्रशासनिक विफलता और अंधेरे का फायदा

​ग्रामीणों में प्रशासन और वन विभाग के प्रति भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि:

  • ​गांवों में बिजली की अनुपलब्धता के कारण हाथियों की आवाजाही का पता नहीं चल पाता।
  • ​हाथी घरों के दरवाजे और दीवारें तोड़कर सीधे रिहायशी इलाकों में हमला कर रहे हैं।
  • ​वन विभाग की गश्त और हाथियों को भगाने के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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जमशेदपुर में गूंजेगा ‘जय भवानी, जय शिवाजी’: 19 फरवरी को निकलेगी भव्य भगवा शोभायात्रा

जमशेदपुर: हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर इस वर्ष भी जमशेदपुर की सड़कें भगवामय होने वाली हैं। ‘छत्रपति शिवाजी सेना’ द्वारा आयोजित होने वाली यह भव्य शोभायात्रा लगातार तीसरे वर्ष 19 फरवरी 2026 को निकाली जाएगी।

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बारीडीह से एग्रीको तक उमड़ेगा जनसैलाब

​एक प्रेस वार्ता के दौरान आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए छत्रपति शिवाजी सेना के संस्थापक मनीष कुमार प्रसाद (मनीष सिंदे) ने बताया कि शोभायात्रा बारीडीह दुर्गा पूजा मैदान से शुरू होगी और एग्रीको पुराने दुर्गा पूजा मैदान तक जाएगी। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है।

शौर्य और संस्कृति का अनूठा संगम

​शोभायात्रा को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं:

  • पारंपरिक छटा: शोभायात्रा में लहराते भगवा ध्वज, ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु आकर्षण का केंद्र होंगे।
  • राष्ट्रभक्ति का संदेश: देशभक्ति के नारों और शिवाजी महाराज के जीवन दर्शन की झांकियों के माध्यम से युवा पीढ़ी को उनके गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जाएगा।
  • अनुशासन सर्वोपरि: मनीष कुमार प्रसाद ने जोर दिया कि आयोजन पूरी तरह से अनुशासित और सामाजिक सौहार्द के साथ संपन्न होगा।

तीसरे वर्ष भी ऐतिहासिक होगा आयोजन

​संस्थापक ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा:

​”छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि सुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रतीक हैं। हर साल लोगों का उत्साह बढ़ रहा है और यह तीसरा वर्ष जमशेदपुर के इतिहास में ऐतिहासिक होगा। हम सभी को मिलकर इस राष्ट्रभक्ति के उत्सव को सफल बनाना है।”

युवाओं को जोड़ने का संकल्प

​आयोजकों का मुख्य उद्देश्य आधुनिक युवाओं को शिवाजी महाराज के आदर्शों, स्वाभिमान और राष्ट्र सेवा की भावना से जोड़ना है। प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं की टोलियां भी तैनात रहेंगी।

कार्यक्रम का विवरण:

  • दिनांक: 19 फरवरी 2026
  • प्रारंभ: बारीडीह दुर्गा पूजा मैदान
  • समापन: एग्रीको पुराना दुर्गा पूजा मैदान
  • आयोजक: छत्रपति शिवाजी सेना
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प्रतिभा का महाकुंभ: नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल राखामाइंस में वार्षिकोत्सव की धूम, बच्चों ने बिखेरे संस्कृति के रंग

राखामाइंस: नेताजी सुभाष पब्लिक स्कूल, राखामाइंस के सभागार में आयोजित वार्षिक समारोह (Annual Day) में छात्र-छात्राओं की रचनात्मकता और भारतीय संस्कृति की अनुपम झलक देखने को मिली। दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को भक्ति और उत्साह से सराबोर कर दिया।

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दिग्गजों की मौजूदगी में निखरी बच्चों की कला

​समारोह के मुख्य अतिथि नेताजी सुभाष ग्रुप ऑफ स्कूल के संस्थापक श्री मदन मोहन सिंह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने की। इस दौरान शिक्षा जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मंचासीन रहीं, जिनमें डॉ. आर. एन. शर्मा, तनवीर आलम और विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल्स शामिल थे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

​विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नृत्य, संगीत और नाटकों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छोटे-छोटे बच्चों का आत्मविश्वास और उनकी टीमवर्क देख अभिभावकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। विद्यालय की प्रिंसिपल वाई. मांगा लक्ष्मी ने स्पष्ट किया कि स्कूल का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें ‘संस्कारवान नागरिक’ बनाना है।

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अतिथियों के विचार: शिक्षा और सर्वांगीण विकास

​कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा के बदलते स्वरूप और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के महत्व पर जोर दिया:

  • मदन मोहन सिंह (संस्थापक): “वार्षिकोत्सव बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम है।”
  • मृत्युंजय कुमार झा (अध्यक्ष): “नैतिक मूल्यों के बिना शिक्षा अधूरी है, और हमारे बच्चे सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
  • तनवीर आलम (मार्केटिंग हेड): “ऐसे आयोजनों से बच्चों में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता (Leadership) का विकास होता है।”

सराहनीय रहा शिक्षकों का मार्गदर्शन

​नेताजी सुभाष हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि डॉ. आर. एन. शर्मा और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रस्तुतियों का स्तर विद्यालय में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को दर्शाता है।

समापन और आभार: कार्यक्रम का समापन शिक्षक समन्वयक सतीश झा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विशेष रूप से कड़ी मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों ने भी विद्यालय के इस प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

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जमशेदपुर: अपहरण कर कोरे कागज पर कराए हस्ताक्षर, कार भी छीनी; 20 दिन बाद भी ‘करणदीप’ पुलिस की पकड़ से बाहर

जमशेदपुर: लौहनगरी में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े अपहरण और लूट जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सोनारी निवासी नरेश कुमार के साथ हुई खौफनाक वारदात को 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बिष्टुपुर पुलिस और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को लिखित शिकायत देने के बावजूद अब तक न तो आरोपी करणदीप सिंह की गिरफ्तारी हुई है और न ही पीड़ित की कार बरामद की जा सकी है।

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बातों में फंसाया, फिर साथियों संग किया अपहरण

​पीड़ित नरेश कुमार (निवासी: सीपी क्लब, सोनारी) ने बताया कि घटना 11 जनवरी की शाम की है। वे बिष्टुपुर स्थित जुडिओ मॉल जाने के लिए अपनी कार (JH-05DD-9486) पार्क कर रहे थे। तभी करणदीप सिंह नामक युवक उनके पास आया और बातों में उलझा लिया। देखते ही देखते एक दूसरी कार में करणदीप के 5-6 साथी वहां आ धमके।

गाढ़ाबासा में बंधक बनाकर मारपीट और जबरन हस्ताक्षर

​अपराधियों ने नरेश को जबरन अपनी कार में बैठा लिया और साकची के गाढ़ाबासा स्थित एक कमरे में ले गए। पीड़ित के अनुसार:

  • मारपीट: कार के अंदर और कमरे में उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनके चेहरे, आंख और छाती पर गंभीर चोटें आईं।
  • जबरन वसूली का तरीका: डरा-धमकाकर अपराधियों ने एक कोरे कागज पर यह लिखवा लिया कि नरेश ने पैसे के एवज में अपनी कार बेच दी है। साथ ही कई सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर भी करवा लिए गए।
  • धमकी: अपराधियों ने नरेश और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी, जिसके डर से पीड़ित ने वही किया जो हमलावरों ने कहा।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल

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​नरेश कुमार ने न्याय के लिए कानून का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन मिला है:

  1. 11 जनवरी: बिष्टुपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
  2. 14 जनवरी: वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को मामले की गंभीरता से अवगत कराया।

​20 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना पुलिस की गश्ती और अनुसंधान पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। पीड़ित अब भी डरा हुआ है और अपनी संपत्ति (कार) वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।

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मुख्य बिंदु:

  • आरोपी: करणदीप सिंह और उसके 5-6 अज्ञात साथी।
  • कार नंबर: JH-05DD-9486 (अभी तक बरामद नहीं)।
  • चोटें: पीड़ित के चेहरे और छाती पर हमले के निशान।
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“काम ही मेरी पहचान”: वार्ड-14 से युवा प्रत्याशी राकेश कुमार सिंह ने भरी हुंकार, विकास के ‘मॉडल’ का दिया ब्लूप्रिंट

जमशेदपुर (मानगो): मानगो नगर निगम के वार्ड संख्या-14 की चुनावी फिजां अब पूरी तरह बदल चुकी है। शिक्षित, कर्मठ और युवाओं के बीच लोकप्रिय प्रत्याशी राकेश कुमार सिंह ने “काम ही मेरी पहचान” के संकल्प के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल कर चुनावी बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति का आधार केवल वादे नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाला विकास होगा।

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भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन का वादा

​नामांकन के बाद समर्थकों के हुजूम को संबोधित करते हुए राकेश कुमार सिंह ने कहा कि वार्ड-14 की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने अपने विजन में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को शामिल किया:

  • सरल सरकारी प्रक्रिया: विधवा, वृद्धा और दिव्यांग पेंशन के साथ-साथ राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को इतना पारदर्शी बनाया जाएगा कि किसी भी जरूरतमंद को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
  • भ्रष्टाचार पर वार: वार्ड स्तर पर होने वाले कार्यों में पारदर्शिता लाना और बिचौलिया संस्कृति को खत्म करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।

गरीबों की आजीविका और सामाजिक सरोकार

​राकेश कुमार सिंह ने छोटे दुकानदारों और फुटपाथ विक्रेताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा:

​”सब्जी विक्रेताओं और अस्थायी दुकान लगाने वाले गरीब परिवारों की आजीविका की रक्षा करना मेरी नैतिक जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही, गरीब बच्चों की उच्च शिक्षा और उनकी शादियों जैसे सामाजिक दायित्वों में मैं और मेरी टीम सदैव ढाल बनकर खड़ी रहेगी।”

स्वच्छता और स्वास्थ्य: ‘हर घर जल’ का लक्ष्य

​वार्ड की बुनियादी समस्याओं पर प्रहार करते हुए राकेश ने “स्वस्थ और स्वच्छ वार्ड-14” का नारा दिया है। उनके मुख्य वादों में शामिल हैं:

  1. आधुनिक कचरा प्रबंधन: कचरे के सही निपटान के लिए एक आधुनिक प्रणाली विकसित करना।
  2. बीमारियों से बचाव: नियमित फॉगिंग और नालियों की गहरी सफाई सुनिश्चित करना।
  3. पेयजल आपूर्ति: पाइपलाइन के विस्तार के जरिए हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना।

शिक्षित प्रत्याशी पर युवाओं का भरोसा

​राकेश कुमार सिंह की शिक्षित और युवा छवि वार्ड के मतदाताओं, खासकर युवाओं को काफी आकर्षित कर रही है। समर्थकों का मानना है कि एक पढ़ा-लिखा जनप्रतिनिधि ही मानगो की जटिल समस्याओं का तकनीकी और प्रशासनिक समाधान निकाल सकता है।

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रेवंत रेड्डी की भाजपा को खुली चुनौती: ‘हिम्मत है तो तेलंगाना में सरकार बनाकर दिखाएं, 4% आरक्षण कोई नहीं छीन सकता’

हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए उन्हें राज्य में सत्ता हासिल करने की चुनौती दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेलंगाना में अल्पसंख्यकों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण बरकरार रहेगा और भाजपा का इसे खत्म करने का सपना कभी पूरा नहीं होगा।

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हेट स्पीच के खिलाफ ‘कर्नाटक मॉडल’ पर बनेगा कानून

​हैदराबाद में जमीयत उलमा तेलंगाना की बैठक में मुख्यमंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार जल्द ही हेट स्पीच (नफरती भाषण) के खिलाफ एक सख्त कानून लाने जा रही है।

  • मसौदा तैयार: इस कानून के ड्राफ्ट के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस सुदर्शन रेड्डी से मदद मांगी गई है।
  • लक्ष्य: नफरत फैलाने वाले बयानों पर रोक लगाना और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को कड़ी सजा दिलाना।
  • बजट सत्र: सरकार इस विधेयक को आगामी विधानसभा बजट सत्र में पेश करने की तैयारी में है।

अमित शाह और मोदी से सीधे सवाल

​मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस पुराने बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने भाजपा के सत्ता में आने पर मुस्लिम आरक्षण खत्म करने की बात कही थी। रेवंत रेड्डी ने तीखे लहजे में कहा:

​”अगर आपमें हिम्मत है, तो तेलंगाना में सरकार बनाकर दिखाइए। दिल्ली से आकर महबूबनगर में बड़ी-बड़ी बातें करने से कुछ नहीं होगा। हमने जातिगत सर्वेक्षण के जरिए डेटा पुख्ता कर लिया है, जिससे 4% आरक्षण को स्थायी बनाने में मदद मिलेगी।”

भाजपा-बीआरएस पर ‘वोट ट्रांसफर’ का आरोप

​रेवंत रेड्डी ने भाजपा की चुनावी जीत पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि तेलंगाना में भाजपा को जो भी सफलता मिली है, वह बीआरएस (BRS) द्वारा किए गए ‘वोट ट्रांसफर’ का नतीजा है। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति के बजाय देश को अमेरिका और चीन जैसी शक्तियों के सामने खड़ा करने के लिए सभी समुदायों को एकजुट होना होगा।

सियासी टकराव की पृष्ठभूमि

​हाल ही में भाजपा अध्यक्ष नितिन नाबिन ने रेवंत सरकार पर ‘तुष्टीकरण’ का आरोप लगाया था। भाजपा का तर्क है कि अल्पसंख्यक आरक्षण का लाभ काटकर अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और पिछड़े वर्गों को दिया जाना चाहिए। वहीं, कांग्रेस सरकार इसे अल्पसंख्यकों का संवैधानिक अधिकार बता रही है।

मुख्य बिंदु:

  • जाति सर्वेक्षण: राज्य सरकार का दावा है कि उनके पास अब मुस्लिम आबादी का सही डेटा है।
  • कानूनी लड़ाई: मुस्लिम आरक्षण का मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है, जहाँ राज्य सरकार मजबूती से अपना पक्ष रखने की तैयारी में है।
  • नगर निकाय चुनाव: आगामी 11 फरवरी को होने वाले निकाय चुनावों से पहले इस बयानबाजी को काफी अहम माना जा रहा है।
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