एक नई सोच, एक नई धारा

युद्ध की आग के बीच वतन लौट रहा है जमशेदपुर का लाल: शिवालिक जहाज पर तैनात इंजीनियर अंश त्रिपाठी की सुरक्षित वापसी का इंतज़ार

जमशेदपुर: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के संकट ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। इस संघर्ष के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) जैसे तनावपूर्ण क्षेत्र में फंसे जहाजों को लेकर भारी चिंता बनी हुई थी। लेकिन जमशेदपुर के लिए एक राहत भरी खबर है—भारत के दो एलपीजी टैंकर इसी रास्ते से वतन वापसी कर रहे हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण जहाज ‘शिवालिक’ पर जमशेदपुर के अंश त्रिपाठी सेकंड इंजीनियर के तौर पर तैनात हैं।

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मिसाइलों के साये में कर्तव्य की पुकार

​जमशेदपुर के पारडीह काली मंदिर के पास रहने वाले अंश त्रिपाठी जहाज के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। युद्ध की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंश ने अपने परिवार को एक वीडियो भेजा था, जिसमें एक मिसाइल उनके जहाज के ठीक ऊपर से गुजरती दिखाई दी। इस मंजर ने परिवार को डरा दिया था, लेकिन भारत सरकार की सक्रियता और प्रधानमंत्री की पहल ने अब उनकी सुरक्षित वापसी का रास्ता साफ कर दिया है।

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जमशेदपुर से मरीन इंजीनियरिंग तक का सफर

​अंश त्रिपाठी का शैक्षणिक और पेशेवर सफर शहर के युवाओं के लिए मिसाल है:

  • स्कूली शिक्षा: जमशेदपुर से पूरी की।
  • इंजीनियरिंग: BIT से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली।
  • विशेषज्ञता: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (केरल) से मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
  • करियर: श्रीलंका से जहाज पर अपने करियर की शुरुआत की।
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एक समर्पित परिवार की कहानी

​अंश का परिवार सेवा और अनुशासन की पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता मिथिलेश त्रिपाठी भारतीय वायु सेना में देश की सेवा कर चुके हैं और UCIL से रिटायर हुए हैं। उनकी माता चंदा त्रिपाठी एक शिक्षिका हैं, जबकि पत्नी चंदा टाटा स्टील में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के पद पर कार्यरत हैं। घर में उनका डेढ़ साल का बेटा और पूरा परिवार बस टीवी पर नजरें गड़ाए बैठा है कि कब ‘शिवालिक’ भारतीय तट पर सुरक्षित पहुंचे।

“बेटे पर गर्व है”

​पूर्व वायु सेना कर्मी होने के नाते अंश के पिता युद्ध की परिस्थितियों को समझते हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “घबराहट तो होती है, लेकिन मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने वह कर दिखाया जो मैं खुद नहीं कर पाया। हमें भारत सरकार पर पूरा भरोसा है।” उन्होंने देशवासियों से भी अपील की है कि वे धैर्य रखें, जल्द ही स्थितियां सामान्य हो जाएंगी।

भारत की विरासत को सहेजने की बड़ी पहल: 1 करोड़ पांडुलिपियों के लिए शुरू हुआ देशव्यापी डिजिटल सर्वे

नई दिल्ली/जमशेदपुर: भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को सुरक्षित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संस्कृति मंत्रालय ने सोमवार को भारत की विशाल पांडुलिपि विरासत की मैपिंग के लिए एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण (Nationwide Survey) का शंखनाद किया। ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत शुरू हुआ यह अभियान अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा प्रयास है।

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तीन महीने में तैयार होगा ‘डिजिटल खजाना’

​यह अभियान जिला स्तर से शुरू होकर ऊपर की ओर बढ़ेगा। इसका मुख्य उद्देश्य देश के कोने-कोने में बिखरी पांडुलिपियों का पता लगाकर उनका एक एकीकृत डेटाबेस तैयार करना है।

  • जियोटैगिंग और सुरक्षा: सर्वे के दौरान मिलने वाली पांडुलिपियों को जियोटैग किया जाएगा, ताकि उनके संरक्षण और डिजिटलीकरण की सटीक योजना बनाई जा सके।
  • ज्ञान भारतम पोर्टल: सभी रिकॉर्ड ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के केंद्रीय पोर्टल पर बनी एक राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में जमा किए जाएंगे।

निजी संरक्षकों का भी मिलेगा साथ

​अधिकारियों के अनुसार, यह सर्वे केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें विभिन्न मठों, मंदिरों और निजी संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों को भी रिकॉर्ड और डॉक्यूमेंट किया जाएगा। संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि ‘ज्ञान भारतम’ मोबाइल ऐप की मदद से टीमें मौके पर ही जानकारी अपलोड कर सकेंगी, जिससे शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए ये ऐतिहासिक दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे।

‘बौद्धिक चोरी’ पर लगेगी लगाम

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मिशन को “भारत की संस्कृति, साहित्य और चेतना की घोषणा” बताया है।

  • दुनिया का सबसे बड़ा संग्रह: अनुमान है कि भारत के पास लगभग 1 करोड़ पांडुलिपियां हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक हैं।
  • बजट 2025-26: इस मिशन के लिए बजट 2025-26 में विशेष घोषणा की गई थी। पीएम मोदी के अनुसार, डिजिटलीकरण से भारतीय ज्ञान की “बौद्धिक चोरी” (Intellectual Theft) को रोकने में मदद मिलेगी।

प्रशासनिक स्तर पर तैयारी

​सर्वेक्षण को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिवों और जिला स्तर पर जिलाधिकारियों (DC/DM) की अध्यक्षता में विशेष समितियां गठित की गई हैं। मंत्रालय पहले से डिजिटाइज़ हो चुकी लगभग 10 लाख पांडुलिपियों को भी इस नए पोर्टल के साथ एकीकृत करने पर काम कर रहा है।

तीसरी धारा न्यूज की बात: यह मिशन न केवल हमारी प्राचीन लिपियों को बचाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली वैज्ञानिक और साहित्यिक इतिहास से भी रूबरू कराएगा।

सावधान! आधार कार्ड में ये जानकारियां जीवन में सिर्फ एक बार ही बदल सकते हैं, UIDAI ने जारी किए सख्त नियम

जमशेदपुर: आज के डिजिटल युग में आधार कार्ड महज एक दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारी पहचान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बैंक खाता खुलवाना हो, सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो या सिम कार्ड खरीदना—हर जगह आधार अनिवार्य है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आधार में दर्ज हर जानकारी को आप बार-बार नहीं बदल सकते? भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अपडेट को लेकर कुछ बेहद सख्त नियम बनाए हैं।

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इन जानकारियों के लिए मिलता है सिर्फ एक मौका

​UIDAI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आधार कार्ड की कुछ मुख्य जानकारियों को अपडेट करने की एक सीमा तय की गई है। अगर आप इन सीमाओं को पार कर लेते हैं, तो भविष्य में सुधार करवाना लगभग असंभव हो जाता है:

  • जन्मतिथि (Date of Birth): आधार में जन्मतिथि बदलने का मौका जीवन में केवल एक बार मिलता है। इसके लिए वैध दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट की गहन जांच की जाती है। एक बार सुधार होने के बाद दोबारा बदलाव की अनुमति नहीं दी जाती।
  • लिंग (Gender): आधार में जेंडर की जानकारी भी पूरे जीवन में सिर्फ एक बार ही अपडेट की जा सकती है।
  • नाम (Name): नाम में सुधार के लिए अधिकतम दो बार की अनुमति दी गई है।

क्यों जरूरी है सावधानी?

​देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी के पास आधार है। स्कूल एडमिशन से लेकर एयरपोर्ट पर ‘डिजियात्रा’ ऐप के इस्तेमाल तक, हर जगह डेटा का सटीक होना अनिवार्य है। यदि आपकी जन्मतिथि या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी गलत है और आप अपनी अपडेट लिमिट खत्म कर चुके हैं, तो आपको कई सरकारी और वित्तीय सेवाओं से वंचित होना पड़ सकता है।

अपडेट कराते समय इन बातों का रखें ध्यान

  1. वैध दस्तावेज: हमेशा मूल (Original) और अधिकृत दस्तावेजों का ही उपयोग करें।
  2. डाटा क्रॉस-चेक: आधार केंद्र पर ऑपरेटर द्वारा जानकारी दर्ज करते समय स्क्रीन पर खुद डेटा चेक करें।
  3. सटीकता: स्पेलिंग और तारीखों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही फाइनल सबमिट करें।

तीसरी धारा न्यूज की सलाह: आधार कार्ड में किसी भी तरह का बदलाव करवाते समय पूरी सावधानी बरतें, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपके लिए भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।

साकची में झामुमो की इफ्तार पार्टी: साझा विरासत और अमन-चैन के लिए उठी दुआएं, सैकड़ों लोग हुए शामिल

जमशेदपुर: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला संयोजक मंडली की ओर से सोमवार को साकची स्थित संपर्क कार्यालय में भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। झामुमो के वरिष्ठ नेता प्रमोद लाल और शेख बदरुद्दीन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में गंगा-जमुनी तहजीब का अनूठा नजारा देखने को मिला।

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देश की साझा विरासत का प्रतीक

​इफ्तार के दौरान पार्टी के पूर्व उपाध्यक्ष फैयाज खान ने संबोधित करते हुए कहा कि “यह आयोजन देश की साझा विरासत का प्रतीक है। यहाँ सभी धर्म और जाति के लोग एक साथ बैठकर खुदा से अपने राज्य और देश की खुशहाली के लिए दुआ करते हैं।”

​वहीं, प्रमोद लाल और शेख बदरुद्दीन ने कहा कि वर्तमान में विश्व के कई हिस्सों में अशांति का माहौल है। इफ्तार के अवसर पर विशेष रूप से दुआ मांगी गई कि ईश्वर मानव जाति को सद्बुद्धि प्रदान करें, ताकि पूरी दुनिया में अमन-चैन और भाईचारा कायम रहे।

इन दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

​इफ्तार पार्टी में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नेता उपस्थित रहे:

मोहन कर्मकार, राजू गिरी, देवजीत मुखर्जी, लालटू महतो, मानवर हुसैन, अजय रजक, उमानाथ झा, अभय पांडेय, प्रीतम हेंब्रम, विजय महतो, अरुण प्रसाद, संजय लकड़ा, गुरमीत सिंह गिल, झरना पाल, नीता सरकार, उज्ज्वल दास, पिंटू लाल, उमर खान, कन्हैया रजक, परमेश्वर दास, बबलू अख्तर, मोहम्मद अजहर उद्दीन, तनवीर अहमद, उमेश गिरी, सद्दाम हुसैन, विशु कुमार, मोहम्मद सलाम, गोपाल महतो, सपन राय, प्रभात सिंह, प्रहलाद लोहरा और विष्णु प्रधान।

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नमाज के बाद दुआओं के साथ खुला रोजा

​रोजा खोलने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से नमाज अदा की और देश की अखंडता व शांति के लिए प्रार्थना की। आयोजन में महिलाओं और युवाओं की भी खासी भागीदारी रही, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना भरपूर सहयोग दिया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

रेलवे का बड़ा फैसला: तेजस राजधानी और वंदे भारत समेत 12 ट्रेनों का रूट बदला, अब मूरी के बजाय चांडिल-पुरुलिया होकर चलेंगी

धनबाद/जमशेदपुर: रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। रेलवे ने गोमो और बोकारो होकर चलने वाली कई प्रीमियम और महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में स्थाई बदलाव (Permanent Diversion) करने का निर्णय लिया है। अब भुवनेश्वर-नई दिल्ली तेजस राजधानी, टाटा-पटना वंदे भारत और नीलांचल एक्सप्रेस जैसी 12 ट्रेनें अपने पुराने रूट ‘मूरी’ के बजाय चांडिल और पुरुलिया होकर चलेंगी।

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​रेलवे ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। मार्ग परिवर्तन के बाद अब इन ट्रेनों की दूरी लगभग 6 किलोमीटर कम हो जाएगी।

क्यों बदला गया रूट?

​रेलवे के अनुसार, यह निर्णय यात्री सुविधाओं और रेल परिचालन को सुगम बनाने के लिए लिया गया है। मूरी रेल खंड पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए चांडिल-पुरुलिया रेल मार्ग का उपयोग किया जाएगा, जो अतिरिक्त ट्रेनों के परिचालन के लिए पूरी तरह सक्षम है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैक पर ट्रेनों का दबाव भी कम होगा।

इन 12 ट्रेनों का बदला रास्ता:

  1. 22823/22824 भुवनेश्वर-नई दिल्ली-भुवनेश्वर तेजस राजधानी एक्सप्रेस
  2. 22805/22806 भुवनेश्वर-आनंद विहार-भुवनेश्वर सुपरफास्ट
  3. 18427/18428 पुरी-आनंद विहार-पुरी एक्सप्रेस
  4. 12875/12876 पुरी-आनंद विहार-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस
  5. 21895/21896 टाटा-पटना-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस
  6. 20893/20894 टाटा-पटना-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस

नोट: रेलवे जल्द ही इन ट्रेनों का नया टाइम टेबल और बदलाव की प्रभावी तिथि जारी करेगा।

धनबाद स्टेशन का होगा कायाकल्प: सुविधाओं पर जोर

​दूसरी ओर, धनबाद स्टेशन के पुनर्विकास (Redevelopment) को लेकर हलचल तेज हो गई है। बुधवार को पूर्व मध्य रेल के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (CCM) अमिताभ प्रभाकर ने डीआरएम कार्यालय में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।

बैठक के मुख्य बिंदु:

  • ​स्टेशन के दोनों छोर पर दो चरणों में होने वाले कार्यों के मास्टर प्लान पर चर्चा।
  • ​यात्री सुविधा, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश।
  • ​स्टेशन परिसर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने पर जोर।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

जमशेदपुर: बिस्टुपुर बाजार की साइकिल दुकान में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी

जमशेदपुर: शहर के व्यस्ततम इलाके बिस्टुपुर थाना अंतर्गत बिस्टुपुर बाजार में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ‘भारत साइकिल कंपनी’ नामक दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते दुकान से धुएं का गुबार और आग की लपटें उठने लगीं, जिससे पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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शॉर्ट सर्किट से भड़की आग

​प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण दुकान में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के दुकानदार और राहगीर अपनी सुरक्षा को देखते हुए दुकानों से बाहर निकल आए।

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही टाटा स्टील फायर ब्रिगेड की तीन दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। समय रहते दमकल टीम के पहुँचने से एक बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा आग बाजार की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।

नुकसान का आकलन जारी

​इस अगलगी में दुकान के भीतर रखी साइकिलें और अन्य कीमती सामान जलकर खाक हो गए हैं। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फिलहाल दुकान मालिक और प्रशासन की ओर से हुए कुल नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

सीनी: आरपीएफ बैरैक में गूँजे माँ गायत्री के मंत्र, विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ भव्य यज्ञ

सीनी/सरायकेला: सीनी स्थित रेलवे सुरक्षा बल (RPF) बैरैक परिसर में माँ गायत्री यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

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​यज्ञ के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। पूजा की समाप्ति के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद (भोग) का वितरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आरपीएफ के ‘सरकार सर’ द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई।

इन क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की रही सहभागिता

​इस आध्यात्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में विभिन्न क्षेत्रों से आए सेवादारों और श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा:

  • सरायकेला से: राजेश साहू, रेखा साहू, गोप दी, मोनिका मंडल और जयराज दास।
  • चक्रधरपुर से: मनोज महतो।
  • आदित्यपुर से: श्याम जी, दीक्षा बालचंद साहू और संजना मुखी।
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युवाओं और महिलाओं में दिखा उत्साह

​यज्ञ के आयोजन में स्थानीय महिलाओं और युवा वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आरपीएफ बैरैक में आयोजित इस शांति पाठ और यज्ञ का मुख्य उद्देश्य लोक कल्याण और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना था। कार्यक्रम के सफल संचालन में आरपीएफ कर्मियों और स्थानीय भक्तों का विशेष सहयोग रहा।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर: अब घर बैठे मोबाइल से करें e-KYC, जानें नए नियम और बढ़ी हुई कीमतें

जमशेदपुर/नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश के सभी 33 करोड़ घरेलू एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक e-KYC प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता अब अपनी तेल कंपनी के मोबाइल ऐप और ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप के जरिए घर बैठे ही यह वेरिफिकेशन पूरा कर सकते हैं।

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​यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और घरेलू गैस की कीमतों में उछाल आया है।

घर बैठे कैसे करें e-KYC? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

​डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए सरकार ने प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है:

  1. ​अपने स्मार्टफोन पर संबंधित गैस कंपनी (Indane, HP, या Bharatgas) का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें।
  2. ​गूगल प्ले स्टोर से ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप इंस्टॉल करें।
  3. ​गैस कंपनी के ऐप में ‘e-KYC’ विकल्प चुनें और चेहरे के बायोमेट्रिक्स (Face Authentication) के जरिए प्रक्रिया पूरी करें। नोट: जो लोग डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं कर सकते, वे अपने नजदीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर बायोमेट्रिक मशीन के जरिए वेरिफिकेशन करा सकते हैं।

उज्ज्वला योजना लाभार्थियों के लिए विशेष नियम

​प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के 10.5 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए साल में एक बार e-KYC कराना अनिवार्य है।

  • सब्सिडी के लिए जरूरी: सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है।
  • रिफिल नियम: e-KYC न होने पर भी एक वित्तीय वर्ष में 7 रिफिल तक की आपूर्ति नहीं रोकी जाएगी, लेकिन 7 से अधिक सिलेंडर के लिए e-KYC अनिवार्य होगा।

महंगी हुई रसोई गैस: दिल्ली में ₹913 हुआ दाम

​वैश्विक संकट के चलते 7 मार्च 2026 को घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है।

  • सामान्य उपभोक्ता: दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत अब 913 रुपये हो गई है।
  • उज्ज्वला लाभार्थी: सब्सिडी के बाद इन्हें सिलेंडर 613 रुपये में मिलेगा।

बुकिंग के बदले नियम: अब करना होगा लंबा इंतजार

​जमाखोरी रोकने और आपूर्ति प्रबंधन के लिए सरकार ने दो सिलेंडरों के बीच ‘लॉक-इन पीरियड’ बढ़ा दिया है:

  • शहरी क्षेत्र: अब 25 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं होगा।
  • ग्रामीण क्षेत्र: अब 45 दिन से पहले दूसरी बुकिंग नहीं की जा सकेगी।

क्यों कड़े किए गए नियम?

​ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे समुद्री मार्गों से गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कालाबाजारी रोकने और वास्तविक उपभोक्ताओं तक गैस पहुँचाने के लिए e-KYC और नए बुकिंग नियमों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

हैरान कर देने वाला मामला: एआई ने ट्रेडर को रात 3 बजे जगाया, चंद घंटों में 11 लाख के निवेश को बनाया 40 लाख

न्यूयॉर्क/राँची: वित्तीय बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने विशेषज्ञों को भी अचंभे में डाल दिया है. अमेरिका के एक ट्रेडर ने दावा किया है कि उसके पूरी तरह स्वायत्त एआई एजेंट (Autonomous AI Agent) ने उसे तड़के 3:47 बजे जगाकर एक बड़े निवेश की मंजूरी मांगी, और फिर चंद घंटों में ही लाखों का मुनाफा कमा कर दे दिया.

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कैसे हुआ यह करिश्मा? टाइमज़ोन आर्बिट्राज का खेल

​ट्रेडर के अनुसार, अनुमति मिलने के बाद इस एआई बॉट ने महज कुछ घंटों के भीतर 12,000 डॉलर (लगभग 11.11 लाख रुपये) के शुरुआती निवेश को 43,800 डॉलर (लगभग 40.55 लाख रुपये) में बदल दिया. इस भारी-भरकम मुनाफे के पीछे एआई की ‘टाइमज़ोन आर्बिट्राज’ (Timezone Arbitrage) तकनीक का हाथ था.

​दरअसल, यह एआई एजेंट लगातार एशियाई और यूरोपीय बाजारों से सूचनाएं एकत्र कर रहा था. जब अमेरिका में रात थी और अधिकांश निवेशक सो रहे थे, तब एआई ने उन वैश्विक खबरों को ट्रैक किया जिनका सीधा असर प्रेडिक्शन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ‘पॉलीमार्केट’ (Polymarket) पर पड़ना तय था. एआई ने समय के इस अंतर (Time Gap) का चतुराई से फायदा उठाया और खबर के सार्वजनिक होने से पहले ही दांव लगा दिया.

नींद के दौरान ही बन गए लाखों

​ट्रेडर ने बताया कि एआई द्वारा जगाए जाने के बाद उन्होंने केवल निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी और वापस सो गए. सुबह उठने पर उन्होंने देखा कि उनके पोर्टफोलियो में 40 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा थी. एआई की इस अचूक तेजी ने बाजार के उन उतार-चढ़ाव को पकड़ लिया, जो मानवीय क्षमता के लिए उस समय पर मुमकिन नहीं थे.

क्या है पॉलीमार्केट और एआई की भूमिका?

​पॉलीमार्केट एक लोकप्रिय प्रेडिक्शन मार्केट है जहां लोग भविष्य की घटनाओं, जैसे चुनाव परिणाम या आर्थिक आंकड़ों पर सट्टा लगाते हैं. एआई एजेंट अब इतने उन्नत हो चुके हैं कि वे दुनिया भर की न्यूज फीड और डेटा को इंसानों से कई गुना तेजी से प्रोसेस कर सकते हैं. इस मामले में, एआई ने सूचनाओं को पॉलीमार्केट तक पहुंचने और कीमतों में प्रतिबिंबित होने से पहले ही प्रोसेस कर लिया, जिससे उसे कम कीमत पर ट्रेड करने और अधिकतम मुनाफा कमाने का मौका मिला.

भविष्य की ट्रेडिंग का संकेत, लेकिन जोखिम भी बरकरार

​बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना निवेश के भविष्य की एक झलक है. जहां पहले केवल बड़े हेज फंड्स इस तरह की अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते थे, वहीं अब व्यक्तिगत ट्रेडर्स भी एआई बॉट्स का सहारा ले रहे हैं.

​हालांकि, विशेषज्ञों ने आगाह भी किया है कि इस तरह की ट्रेडिंग में जोखिम बहुत अधिक होता है, क्योंकि एल्गोरिदम में एक छोटी सी तकनीकी गलती भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है.

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

असम विधानसभा चुनाव: 20 से अधिक सीटों पर ताल ठोकने की तैयारी में झामुमो, कांग्रेस के साथ गठबंधन पर फंसा पेंच

राँची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने इस बार असम विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरने का मन बना लिया है। पार्टी विशेष रूप से उन 20 से अधिक सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है, जहाँ ‘टी-ट्राइब्स’ (चाय बागान श्रमिक) मतदाताओं का दबदबा है। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने स्पष्ट किया है कि यदि कांग्रेस गठबंधन के तहत सम्मानजनक सीटें नहीं देती है, तो पार्टी वहां के स्थानीय छोटे दलों के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरेगी।

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हेमंत सोरेन और गौरव गोगोई के बीच हुई अहम चर्चा

​पिछले दिनों असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने राँची का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ करीब एक घंटे तक गहन चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान ने असम में झामुमो की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए ही गोगोई को राँची भेजा था। बैठक में मुख्य रूप से उन 35-40 सीटों पर चर्चा हुई जहाँ झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से जाकर बसे आदिवासी समुदाय के लोग निर्णायक भूमिका में हैं।

ग्राउंड लेवल पर झामुमो की सक्रियता

​मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पिछले छह महीनों में दो बार असम का दौरा कर चुके हैं। अपनी रैलियों में उन्होंने टी-ट्राइब्स की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। इसके अलावा, झामुमो की नजर वहां के मुस्लिम मतदाताओं पर भी है, जिसका संकेत मुख्यमंत्री के इफ्तार पार्टी में शामिल होने से मिला है।

नेताओं ने डाला डेरा

​पार्टी की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और राजमहल सांसद विजय हांसदा असम में लगातार कैंप कर रहे हैं। झामुमो की एक विशेष टीम वहां हफ्तों रहकर जमीनी स्तर पर होमवर्क कर रही है ताकि चुनाव में मजबूती से उतरा जा सके।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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