एक नई सोच, एक नई धारा

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सिमडेगा: स्वास्थ्य व्यवस्था की ‘बदहाली’ ने ली भाजपा नेता की जान; CHC में नहीं मिले डॉक्टर, आक्रोशित ग्रामीणों का हंगामा

सिमडेगा (जलडेगा): झारखंड की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड में भाजपा के प्रखंड महामंत्री रामेश्वर सिंह की इलाज के अभाव में हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। परिजनों और भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और प्राथमिक चिकित्सा की कमी के कारण एक लोकप्रिय नेता को अपनी जान गंवानी पड़ी।

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मंच पर अचानक बिगड़ी तबीयत

​मिली जानकारी के अनुसार, जलडेगा के डीपा टोली निवासी रामेश्वर सिंह एक धार्मिक कथा कार्यक्रम में शामिल थे, जहां शंकराचार्य के आगमन की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान वे अचानक मंच के पास गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोग उन्हें तुरंत जलडेगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंचे, लेकिन वहां का नजारा बेहद डरावना था।

खाली अस्पताल और ‘लापता’ डॉक्टर

​परिजनों का गंभीर आरोप है कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तो वहां न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई नर्स। इमरजेंसी वार्ड में सन्नाटा पसरा था। आनन-फानन में डॉक्टरों को फोन किया गया और उन्हें ढूंढा गया, लेकिन घंटों तक कोई उपलब्ध नहीं हो सका।

  • ऑक्सीजन की कमी: आरोप है कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए वहां ऑक्सीजन या बुनियादी उपचार की भी कोई व्यवस्था नहीं थी।
  • रेफर का खेल: स्थिति बिगड़ती देख उन्हें सिमडेगा सदर अस्पताल और फिर बीरू अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

भाजपा का तीखा हमला: स्वास्थ्य तंत्र की विफलता

​घटना की खबर फैलते ही भाजपा कार्यकर्ता और ग्रामीण अस्पताल परिसर में जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा नेता अशोक बराइक ने सीधे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा:

​”यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण स्वास्थ्य तंत्र की विफलता है। ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर ड्यूटी से गायब रहते हैं और सरकार केवल बड़े दावों में व्यस्त है। इस लचर व्यवस्था ने आज हमारे एक साथी को हमसे छीन लिया।”

परिजनों की मांग: ‘हो उच्चस्तरीय जांच’

​शोक संतप्त परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष कड़ी मांगें रखी हैं:

  1. ​ड्यूटी से अनुपस्थित डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई हो।
  2. ​जलडेगा सीएचसी में 24 घंटे चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
  3. ​मामले की उच्चस्तरीय जांच हो ताकि भविष्य में किसी और की जान न जाए।

इलाके में शोक और तनाव

​रामेश्वर सिंह अपने क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक रूप से काफी लोकप्रिय थे। उनके असामयिक निधन से पूरे जलडेगा प्रखंड में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना सरकारी अस्पतालों की कड़वी सच्चाई को बयां करती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कदम उठाता है।

तीसरी धारा न्यूज की विशेष रिपोर्ट।

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भ्रष्टाचार पर ACB का बड़ा प्रहार: पूर्व केंद्रीय मंत्री के बॉडीगार्ड रहे रिटायर्ड जमादार गिरफ्तार, 15 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा

धनबाद: होली के त्योहार से ठीक पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आय से अधिक संपत्ति मामले में रिटायर्ड जमादार लालेश्वर सिंह (63) को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी की धनबाद टीम ने मंगलवार को हीरापुर एक्स कोल बोर्ड कॉलोनी स्थित उनके आवास पर दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया।

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पूर्व केंद्रीय मंत्री के बॉडीगार्ड से 15 करोड़ के मालिक तक का सफर

​गिरफ्तार लालेश्वर सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। बताया जाता है कि सिपाही के पद पर तैनाती के दौरान वे पूर्व केंद्रीय मंत्री रीता वर्मा के अंगरक्षक (बॉडीगार्ड) भी रह चुके हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी सेवा में रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया और अपनी वैध आय से कहीं अधिक, लगभग 15 करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति बनाई।

2016 से चल रही थी जांच की तलवार

​लालेश्वर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की फाइल पिछले कई वर्षों से घूम रही थी:

  • 2016: मामले की शुरुआती गोपनीय जांच शुरू हुई।
  • 2019: फरवरी में उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज की गई।
  • 2020: सितंबर में तत्कालीन एसपी ने 191 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी, जिसमें आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि हुई।
  • 2023: 4 जनवरी को कांड संख्या 1/2023 के तहत औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की गई।

गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

​एसीबी की टीम गिरफ्तारी के बाद लालेश्वर सिंह को मेडिकल जांच के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) लेकर पहुंची। जांच के दौरान उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ पाया गया। डॉक्टरों की सलाह पर एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल में ही भर्ती कराया गया है।

​एसीबी अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिलेगी, उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की रिमांड प्रक्रिया शुरू होगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश

​होली के ठीक पहले हुई इस गिरफ्तारी ने पुलिस महकमे और भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। एसीबी की यह कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि रिटायरमेंट के बाद भी भ्रष्टाचार के पुराने मामले पीछा नहीं छोड़ते।

तीसरी धारा न्यूज की विशेष रिपोर्ट।

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बोड़ाम में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: आइसक्रीम फैक्ट्री की आड़ में चल रहा था गंदा खेल; 7 गिरफ्तार, 2 फरार

बोड़ाम/जमशेदपुर (सुब्रतो सिंह): पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम थाना क्षेत्र अंतर्गत मिर्जाडीह इलाके में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। हैरानी की बात यह है कि यह अनैतिक देह व्यापार एक आइसक्रीम फैक्ट्री की आड़ में धड़ल्ले से चलाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से सात आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जबकि सरगना समेत दो आरोपी भागने में सफल रहे।

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गुप्त सूचना पर दोपहर में हुई छापेमारी

​बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार को मिर्जाडीह स्थित आइसक्रीम फैक्ट्री में अनैतिक गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने दोपहर सवा तीन बजे अचानक फैक्ट्री परिसर में दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कमरे के भीतर से महिला-पुरुषों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा। मौके से कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण (3 राज्यों से जुड़े तार)

​पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 7 आरोपियों में झारखंड के पड़ोसी राज्यों के लोग भी शामिल हैं, जो इस रैकेट के अंतरराज्यीय नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं:

  1. शांतनु कुमार – सासाराम, बिहार
  2. अभिषेक दास – मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल
  3. सरहुल विश्वास – कल्याणी, पश्चिम बंगाल
  4. अनुसुइया दास – नंदापा, ओडिशा
  5. रिंकू दास – बांकुड़ा, पश्चिम बंगाल
  6. आयनु लका – सोनाखली, पश्चिम बंगाल
  7. रेखा शेख – न्यू गुड़िया, पश्चिम बंगाल

मास्टरमाइंड और मकान मालिक फरार

​इस मामले में पुलिस ने कुल 9 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। मुख्य आरोपियों में मानगो मुंशी मोहल्ला (इमामबाड़ा के पास) का रहने वाला परवेज आलम उर्फ मुन्ना मोटू और फैक्ट्री का मकान मालिक फिलहाल फरार हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।

थाना प्रभारी के बयान पर मामला दर्ज

​घटना के संबंध में बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार के बयान पर अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह रैकेट कब से चल रहा था और इसमें स्थानीय स्तर पर और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

तीसरी धारा न्यूज की रिपोर्ट – सुब्रतो सिंह

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जेएन टाटा की 187वीं जयंती: टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन ने रक्तदान से दी ‘संस्थापक’ को श्रद्धांजलि; प्रतिमा का हुआ अनावरण

जमशेदपुर (टेल्को): आधुनिक भारत के शिल्पकार और टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नसरवानजी टाटा (जेएन टाटा) की 187वीं जयंती के अवसर पर आज लौहनगरी में सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला। टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन द्वारा आयोजित विशाल रक्तदान शिविर और प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कर्मचारियों ने हिस्सा लेकर अपने दूरदर्शी संस्थापक को नमन किया।

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प्रतिमा अनावरण और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जमशेदजी टाटा की भव्य प्रतिमा का अनावरण रहा। इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बनने के लिए मुख्य रूप से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू और कांग्रेस जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे। अतिथियों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और यूनियन के इस प्रयास की सराहना की।

रक्तदान: मानव सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि

​प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी टाटा मोटर्स के हजारों कर्मचारियों ने रक्तदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि जमशेदजी टाटा ने जिस ‘सपनों के शहर’ की नींव रखी थी, आज वहां के निवासी उनके दिखाए मार्ग पर चलकर मानव सेवा का पुण्य कार्य कर रहे हैं।

​”टाटा साहब के लिए इससे सुंदर श्रद्धांजलि और क्या हो सकती है कि उनके जन्मदिन पर हजारों लोग रक्तदान कर किसी का जीवन बचाने का संकल्प ले रहे हैं।”

शहर में उत्सव का माहौल

​टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के इस भव्य आयोजन से पूरे टेल्को क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप बालमुचू ने कहा कि टाटा समूह ने हमेशा व्यापार से ऊपर मानवता को रखा है और आज का यह शिविर उसी विचारधारा का जीवंत उदाहरण है।

​इस अवसर पर यूनियन के अध्यक्ष, महासचिव सहित भारी संख्या में मजदूर नेता और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने कतारबद्ध होकर रक्तदान किया।

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जमशेदपुर: जुगसलाई में ट्रैफिक चेकिंग के दौरान बड़ी सफलता, स्कूटी से भारी मात्रा में देसी शराब बरामद; एक गिरफ्तार

जमशेदपुर (जुगसलाई): शहर में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जुगसलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे फाटक गोलचक्कर के पास ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक स्कूटी से भारी मात्रा में अवैध देसी शराब जब्त की है।

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पुलिस को देख भागने का प्रयास

​घटना मंगलवार दोपहर की है। रेलवे स्टेशन की ओर से आ रही स्कूटी (नंबर: JH 05D-1903) को जब पुलिसकर्मियों ने रुकने का इशारा किया, तो चालक ने रुकने के बजाय भागने की कोशिश की। मौके पर तैनात इंस्पेक्टर ने मुस्तैदी दिखाते हुए दौड़कर स्कूटी को पकड़ लिया।

शराब की गंध ने खोला राज

​जांच के दौरान जब एएसआई (ASI) और हवलदार शमशाद आलम ने स्कूटी सवार से ड्राइविंग लाइसेंस मांगा, तो उन्हें शराब की तेज गंध आई। शक होने पर जब स्कूटी की तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। स्कूटी से लगभग 70 से 80 लीटर अवैध देसी शराब बरामद की गई।

एक गिरफ्तार, दूसरा फरार

​पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान स्कूटी पर सवार एक आरोपी मौके से भागने में सफल रहा, जबकि दूसरे को पुलिस ने दबोच लिया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान रवि कुमार दास के रूप में हुई है। जब्त शराब और आरोपी को तुरंत ट्रैफिक थाना लाया गया।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

​ट्रैफिक प्रभारी संजय जनक मूर्ति को मामले की सूचना दे दी गई है। ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की यह खेप कहाँ ले जाई जा रही थी।

तीसरी धारा न्यूज की विशेष रिपोर्ट।

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महाविनाश की ओर पश्चिम एशिया: युद्ध के चौथे दिन खामेनेई की मौत से भड़का ईरान; 787 शव, बंद हुआ होर्मुज जलडमरूमध्य

तेहरान/दुबई: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब अपने चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है और यह आधुनिक इतिहास के सबसे भयावह मानवीय संकट में बदल गया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीधी जंग में अब तक 787 लोगों की जान जा चुकी है। इस संघर्ष ने तब सबसे भीषण मोड़ लिया जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की उनके परिवार सहित हत्या कर दी गई।

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ईरान का ‘ऑपरेशन प्रतिशोध’: अमेरिकी ठिकानों पर प्रहार

​खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • सैन्य ठिकानों पर हमला: बहरीन, इराक, कुवैत और यूएई में स्थित कम से कम 6 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइलों और सुसाइड ड्रोनों से निशाना बनाया गया है।
  • रियाद में दूतावास पर हमला: मंगलवार सुबह सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी हमला हुआ। हालांकि, यहाँ किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों में ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचते देखा जा सकता है।

दुबई और अबू धाबी में गिरी मिसाइलें; एयरस्पेस बंद

​जंग की आग अब शांत माने जाने वाले खाड़ी देशों (Gulf Countries) तक पहुँच गई है। दुबई और अबू धाबी जैसे आधुनिक शहरों में मिसाइलों के मलबे गिरने से नागरिकों की मौत हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर यूएई सहित कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक विमानन सेवाएं ठप हो गई हैं और लाखों यात्री फंसे हुए हैं।

दुनिया की ‘लाइफलाइन’ पर नाकेबंदी: तेल संकट गहराया

​ईरान ने रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर दिया है।

तेहरान की चेतावनी: “इस मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया जाएगा।”

इस नाकेबंदी से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हड़कंप मच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मार्ग बंद रहा, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी और ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच जाएँगी।

मिनाब में मातम: 165 मासूमों को दी गई अंतिम विदाई

​शनिवार को मिनाब शहर के एक बालिका विद्यालय पर हुए हमले ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। इस हमले में मारी गईं 165 छात्राओं और स्टाफ का मंगलवार को सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। हजारों की भीड़ के बीच गम और गुस्से का माहौल था। ईरान ने इस ‘कत्लेआम’ के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।

तीसरी धारा न्यूज विश्लेषण: क्या विश्व युद्ध की आहट है?

​अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र लगातार युद्धविराम की अपील कर रहे हैं, लेकिन दोनों पक्षों के तेवर नरम नहीं पड़ रहे। कूटनीतिक रास्ते बंद होते दिख रहे हैं और तनाव का स्तर यह संकेत दे रहा है कि यदि तुरंत हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो यह एक विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो जाएगा।

तीसरी धारा न्यूज की अपील: खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिक दूतावास के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

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गोड्डा: महागामा में बैंक ऑफ इंडिया में दिनदहाड़े डकैती की कोशिश; गार्ड की बहादुरी और अलार्म ने बचाए करोड़ों, मुठभेड़ में गार्ड घायल

गोड्डा (महागामा): झारखंड के गोड्डा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ महागामा अनुमंडल मुख्यालय स्थित बैंक ऑफ इंडिया (BOI) की शाखा में हथियारबंद अपराधियों ने लूट का दुस्साहसिक प्रयास किया। हालांकि, सुरक्षा गार्ड की जांबाजी और शाखा प्रबंधक की सूझबूझ के आगे डकैतों के मंसूबे फेल हो गए।

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हेलमेट हटाने को कहा, तो चला दी गोली

​घटना सोमवार दोपहर की है, जब केचुआ चौक स्थित बैंक की शाखा में चार अपराधी लूट की नीयत से पहुंचे थे। दो अपराधी हेलमेट पहनकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। बैंक में तैनात 50 वर्षीय सुरक्षा गार्ड विनोद कुमार सिंह ने जब उन्हें सुरक्षा नियमों के तहत हेलमेट हटाने को कहा, तो अपराधियों ने उन पर सीधी फायरिंग कर दी।

​गोली गार्ड के कंधे को छूते हुए निकल गई। घायल होने के बावजूद विनोद कुमार सिंह ने हिम्मत नहीं हारी, जिसके बाद बदमाशों ने उनसे बंदूक छीनने की कोशिश की और दो राउंड फायरिंग की।

मैनेजर की ‘इमरजेंसी अलार्म’ रणनीति आई काम

​गोलीबारी की आवाज सुनते ही बैंक परिसर में चीख-पुकार मच गई। इसी बीच शाखा प्रबंधक ने अपनी जान की परवाह किए बिना इमरजेंसी अलार्म बजा दिया और तुरंत लॉकर रूम को सुरक्षित लॉक कर दिया। अलार्म के शोर से घबराकर अपराधी बैंक के अंदर कैश काउंटर तक नहीं पहुंच सके और मौके से फरार हो गए। भागते समय भी अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए दो राउंड हवाई फायरिंग की।

बहादुर गार्ड अस्पताल में भर्ती, स्थिति स्थिर

​वीरेंद्र कुमार सिंह को तत्काल महागामा रेफरल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, गार्ड अब खतरे से बाहर हैं। स्थानीय लोगों और बैंक कर्मियों ने विनोद कुमार सिंह को ‘असली हीरो’ बताया है, जिनकी मुस्तैदी के कारण बैंक में जमा करोड़ों रुपए सुरक्षित रहे।

बिहार सीमा पर नाकेबंदी, जांच में जुटी पुलिस

​घटना की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर उपेंद्र महतो और थाना प्रभारी मनोज पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

  • जांच: पुलिस बैंक के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
  • चुनौती: महागामा इलाका बिहार सीमा से सटा होने के कारण अपराधियों के पड़ोसी राज्य में भागने की आशंका है। पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन छापेमारी शुरू कर दी है।

तीसरी धारा न्यूज का सवाल: क्या सीमावर्ती इलाकों में बैंक सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने की जरूरत नहीं है? अपराधियों के बढ़ते हौसले प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

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जमशेदपुर: टाटा मोटर्स फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा, आग की चपेट में आने से बची क्रेन

जमशेदपुर (टेल्को): टेल्को थाना क्षेत्र के जेम्को से रामाधीन बागान ग्वाला बस्ती जाने वाले मुख्य मार्ग पर सोमवार को एक बड़ी दुर्घटना होने से बाल-बाल बच गई। छठ घाट के समीप झाड़ियों में लगी भीषण आग ने वहां खड़ी एक विशालकाय ‘वोल्टास’ क्रेन को अपनी चपेट में ले लिया था, जिसे समय रहते काबू कर लिया गया।

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झाड़ियों की आग क्रेन तक पहुंची

​मिली जानकारी के अनुसार, छठ घाट के पास स्थित झाड़ियों में अज्ञात कारणों से आग लग गई थी। चिलचिलाती धूप और सूखी घास की वजह से लपटें तेजी से फैलीं और पास ही खड़ी एक वोल्टास क्रेन को घेर लिया। आग क्रेन के टायरों तक पहुँच चुकी थी, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

राहगीर की जागरूकता और त्वरित कार्रवाई

​हादसे के वक्त वहां से गुजर रहे एक जागरूक नागरिक ने बिना देर किए स्थिति की गंभीरता को समझा और तुरंत टाटा मोटर्स कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही टाटा मोटर्स की फायर ब्रिगेड टीम सायरन बजाती हुई मौके पर पहुँची।

मशक्कत के बाद पाया काबू

​दमकल कर्मियों ने युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए आग बुझाना शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। फायर ब्रिगेड की इस तत्परता की वजह से आग क्रेन के इंजन या अन्य संवेदनशील हिस्सों तक नहीं पहुँच सकी, वरना एक बड़ा धमाका या लाखों का नुकसान हो सकता था।

​स्थानीय निवासियों ने टाटा मोटर्स की फायर टीम और उस जागरूक राहगीर की जमकर प्रशंसा की है, जिनकी सतर्कता से यह हादसा टल गया।

तीसरी धारा न्यूज की अपील: गर्मी के मौसम में सूखी झाड़ियों और कूड़े के ढेर में जलती हुई बीड़ी या माचिस न फेंकें, आपकी एक छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

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मिडिल ईस्ट में महाजंग का खौफ: दुबई छोड़ रहे रईस, एक ‘प्राइवेट जेट’ के लिए खर्च कर रहे 3.2 करोड़ रुपए

दुबई/अबू धाबी: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने अब खाड़ी देशों के ‘लक्जरी’ जीवन को दहशत में बदल दिया है। दुबई और अबू धाबी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहरों में मिसाइलों के मलबे गिरने के बाद वहां रहने वाले दुनिया के सबसे अमीर लोग किसी भी कीमत पर क्षेत्र छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग सुरक्षा खरीदने के लिए अपनी तिजोरियां खोल रहे हैं।

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3.2 करोड़ की एक फ्लाइट: सुरक्षा अब सबसे बड़ी लक्जरी

​युद्ध के चलते एयरस्पेस बंद होने और अनिश्चितता के बीच प्राइवेट जेट (निजी विमानों) की मांग में भारी उछाल आया है।

  • चार्टर उड़ानों की कीमत: यूरोप जाने के लिए एक निजी जेट का खर्च अब 350,000 डॉलर (लगभग 3.2 करोड़ भारतीय रुपए) तक पहुंच गया है।
  • सऊदी अरब बना ‘एग्जिट पॉइंट’: रईस लोग सीधे उड़ान न लेकर पहले 10 घंटे की सड़क यात्रा कर सऊदी अरब पहुंच रहे हैं और फिर वहां से चार्टर विमानों के जरिए सुरक्षित देशों का रुख कर रहे हैं।

दुबई के आसमान में धमाके और दहलाने वाला मंजर

​शनिवार को ईरान के जवाबी हमले के बाद दुबई का नजारा बदल गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान में इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों के धुएं के निशान देखे गए।

  • होटल के पास गिरा मलबा: मशहूर लक्जरी होटल फेयरमोंट द पाम के पास मिसाइल का मलबा गिरने से आग लगने की खबर आई, जिससे विदेशी निवासियों में घबराहट फैल गई।
  • एयरपोर्ट पर असर: दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक हिस्से (कॉनकोर्स) को मामूली नुकसान पहुंचा है और 4 कर्मचारी घायल हुए हैं।

मल्टीनेशनल कंपनियां भी कर रही हैं ‘इवेकुएशन’

​सुरक्षा फर्मों के अनुसार, केवल अमीर परिवार ही नहीं बल्कि बड़ी वैश्विक कंपनियां (Corporations) भी अपने अधिकारियों को वहां से निकालने के लिए संपर्क कर रही हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ इयान मैककॉल ने बताया कि मांग इतनी अधिक है कि संसाधन कम पड़ रहे हैं।

विमानन सेवाओं पर ब्रेक: यात्री परेशान

​युद्ध के चलते वैश्विक एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं:

  • भारतीय एयरलाइंस: इंडिगो और अकासा एयर ने कई उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
  • कतर एयरवेज और अमीरात: इन बड़ी कंपनियों ने भी सुरक्षा कारणों से अपने संचालन में भारी कटौती की है।

तीसरी धारा न्यूज का विशेष विश्लेषण: यह घटना दिखाती है कि युद्ध केवल सरहदों तक सीमित नहीं रहता। दुबई जैसे ग्लोबल हब में करोड़ों खर्च कर सुरक्षा खरीदना यह संकेत है कि मिडिल ईस्ट में अस्थिरता अब गहरे आर्थिक और सामाजिक संकट की ओर बढ़ रही है।

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ईरान-इजरायल युद्ध: कैसे ढेर हुए अयातुल्ला खामेनेई? ट्रैफिक कैमरों की हैकिंग और AI ने लिखी मौत की पटकथा

तेहरान/तेल अवीव: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। शनिवार की सुबह, जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई तेहरान स्थित अपने सुरक्षित किलेनुमा दफ्तर में शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे, तभी अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में उनकी मौत हो गई।

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​यह ऑपरेशन इतना सटीक था कि इसने ईरान के सुरक्षा घेरे की धज्जियां उड़ा दीं। आइए जानते हैं कैसे इजरायली खुफिया एजेंसी ने इस असंभव मिशन को अंजाम दिया।

ट्रैफिक कैमरों से मिली ‘किलर’ लोकेशन

​फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली इंटेलिजेंस ने तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को सालों पहले ही हैक कर लिया था।

  • ​इन कैमरों की फुटेज एन्क्रिप्ट होकर सीधे इजरायल के सर्वर पर जा रही थी।
  • ​एक विशेष कैमरा एंगल सीधे खामेनेई के ‘पाश्चर स्ट्रीट’ स्थित कंपाउंड पर नजर रख रहा था।
  • ​इससे इजरायल को यह पता चल गया कि कौन सा बॉडीगार्ड कब आता है, गाड़ियां कहां पार्क होती हैं और खामेनेई के ऑफिस में रहने का सटीक समय क्या है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल

​इस मिशन में AI एल्गोरिदम ने रीढ़ की हड्डी का काम किया। AI की मदद से सुरक्षाकर्मियों के पते, उनकी ड्यूटी के घंटे और उनके आने-जाने के रास्तों का डेटा तैयार किया गया। एक इजरायली अधिकारी ने गर्व से कहा, “हम तेहरान की गलियों को यरुशलम की तरह जानते थे।”

‘स्पैरो मिसाइल’: डाइनिंग टेबल जितना सटीक निशाना

​इजरायल ने इस हमले में अपनी अत्याधुनिक ‘स्पैरो’ (Sparrow) मिसाइल का इस्तेमाल किया। यह मिसाइल 1000 किलोमीटर दूर से किसी डाइनिंग टेबल जितने छोटे लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह मिसाइल ईरान के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम की पकड़ में भी नहीं आई।

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बंकर के बजाय ऑफिस में क्यों थे खामेनेई?

​विशेषज्ञों के लिए यह सबसे बड़ा सवाल है कि युद्ध के तनाव के बीच 86 वर्षीय खामेनेई सुरक्षित अंडरग्राउंड बंकर के बजाय अपने ऑफिस में क्यों थे। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने हमले के लिए शनिवार सुबह का समय इसलिए चुना क्योंकि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि खामेनेई और उनके सभी सीनियर अधिकारी एक साथ कंपाउंड में मौजूद होंगे। अगर वे एक बार बंकर में चले जाते, तो उन्हें ढूंढना और मारना नामुमकिन हो जाता।

पहले छीनी ईरान की ‘आंखें’

​इस हमले से पहले इजरायल ने साइबर हमलों और ड्रोन के जरिए ईरान के एयर डिफेंस को पंगु बना दिया था। एक सैन्य अधिकारी के शब्दों में, “हमने हमला करने से पहले उनकी आंखें (रडार) छीन ली थीं।”

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